मिथिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उद्योग मंत्री से मुलाकात

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उद्योग मंत्री श्री समीर महासेठ ने दिया मिथिला को आर्थिक रूप से सशक्त करने का भरोसा

नकारात्मक सोच को अपने प्रयासों से बदल सकते हैं मिथिलावासी

पटना-

आर्थिक रूप से मिथिला का क्षेत्र आज भी पिछड़ा हुआ है। राज्य सरकार की योजनाओं का उस रूप में असर नहीं दिख रहा है, जितना अपेक्षित है। मिथिला में आर्थिक परिदृश्य सदृढ़ किया जा सकता है और सतत नकारात्मक सोच को अपने प्रयासों और दखल से बदला जा सकता है। इसी सोच से प्रेरित एक बहुआयामी रुपरेखा/ब्लुप्रिंट, मिथिला एंजेल नेटवर्क और सेंटर फॉर स्टडीज आफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स के संयुक्त तत्वावधान में तैयार की गई है। मिथिला एंजेल नेटवर्क के श्री अरविंद कुमार और सेंटर फॉर स्टडीज आफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स की निदेशक डॉ सविता झा ने बिहार सरकार के उद्योग मंत्री श्री समीर महासेठ से मुलाकात की और अपनी बात रखीं। मंत्री ने ब्लूप्रिंट को प्राथमिकता के आधार पर देखने और उसके अनुरूप कार्ययोजना बनाने की बात कही है।
मिथिला एंजेल नेटवर्क के श्री अरविंद कुमार के अनुसार, मिथिला के आर्थिक मसले पर बनाए गए इस ब्लूप्रिंट में जमीनी हकीकत और केंद्र-राज्य के आर्थिक नीतियों का गहन अध्ययन कर योजना बनाई गई है। इसी सिलसिले में राज्य सरकार के उद्योग मंत्री श्री समीर महासेठ के साथ पटना में तीन घंटे की मैराथन बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन और सीटिजन काउंसिल के गठन सीईएसीओएम ( सिटीजन इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल फॉर मिथिला) संबंधित योजनाओं और आगामी संभावनाओं पर विमर्श किया गया। राज्य को उपभोक्ता संस्कृति से उत्पादक संस्कृति की तरफ ले जाना होगा।
सेंटर फॉर स्टडीज आफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स की निदेशक डॉ सविता झा ने कहा कि हमने सरकार के मंत्री के सामने पूरी बात रखी है। अभी भले ही मिथिला के लोगों को आर्थिक रूप से रात का आभास होता हो, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि कभी तो भोर होगा। हम अपने साथियों के साथ मिलकर उजास लाएंगे। डॉ सविता झा ने बताया कि बीते दिनों हमने दरभंगा में एक नेशनल सेमिनार का आयोजन किया था। उसमें भी उद्योग मंत्री श्री समीर महासेठ आए थे और अपनी बातों को विशेषज्ञों और आम लोगों के समक्ष रखा था। सेंटर फॉर स्टडीज आफ ट्रेडिशन एंड सिस्टम्स और मिथिला एंजेल नेटवर्क पटना, दरभंगा के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में भी ऐसे लोगों से मशविरा ले रहा है, जो इस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं और जिनके दिल में मिथिला के लिए हूक उठती है।

ऑल मीडिया काउंसिल जैसे इवेंट समाज में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है- डॉ शंकर अदानी, सीए

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नईदिल्ली-
ऑल मीडिया काउंसिल अवार्डस 2023 का आयोजन दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सीए डॉ शंकर अंदानी ने संबोधित किया। डॉ शंकर अंदानी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में सकारात्मक ऊर्जा की जरूरत है। ऑल मीडिया काउंसिल जैसे इवेंट ही इसकी पूर्ति करता है।
डॉ शंकर अदानी ने कहा कि आज देश में सहकारिता व स्वंय सेवी संस्था की भूमिका बढ़ गई है जिससे की समाज का उत्थान हो सके। ऑल मीडिया काउंसिल इसी दिशा में कार्य कर रहा है। आज युवाओं को आगे बढ़ने के लिए एक दिशा की जरूरत है। जिस प्रकार से यह संस्थान विगत दस वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है यह अद्भूत है। खासकर वैसे पत्रकारों को जिनकी सरकार से मान्यता नहीं मिली है उन्हें सम्मानित करना एवं उनकी पहचान को बनाना एक अतुलनीय कार्य है जिसे यह संस्था कर रही है।
डॉ शंकर अंदानी ने कहा कि आज जब मैं यहां विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित होते देख रहा हूं तो अच्छा लग रहा है इन युवाओं में उत्साह है और अपने कार्य को दोगुने तरीके से आगे करेंगे। मैं अपनी ओर से इन्हें बधाई देता है। ऐसे मौके पर गेस्ट ऑफ ऑनर का सम्मान होना भी एक बड़ा सम्मान है। इसके लिए मैं ऑल मीडिया काउंसिल का बड़ा आभारी हूं।
गौरतलब है कि ऑल मीडिया काउंसिल अवार्डस 2023 का कार्यक्रम नईदिल्ली के कांस्टिट्यूसन क्लब में आयोजन किया गया था। जहां डॉ शंकर अंदानी को पद्मश्री अवार्डी जितेंद्र सिंह शंटी ने सम्मानित किया। (डॉ.) शंकर अंदानी एक चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, अहमदनगर-महाराष्ट्र में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी फर्म M/S एसएएआई एंड कंपनी है, जो एक चार्टर्ड एकाउंटेंट्स फर्म है जिसका पंजीकृत कार्यालय अहमदनगर में है। उनकी कंपनी ने कलेक्टर कार्यालय, जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय और नगर निगम से महत्वपूर्ण कार्य असाइनमेंट करते हैं। खास बात है कि (डॉ.) शंकर अंडानी एक प्रतिष्ठित नाम हैं। वह वर्ष 2023 के वित्तीय पेशेवर, इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्राप्तकर्ता और महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं।

फाइलेरिया उन्मूलन • जिला  में नाइट ब्लड सर्वे को लेकर  कार्यशाला का आयोजन 

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– जिला  के 14 सत्र स्थल पर किया जाएगा सर्वे
   -चयनित स्थल पर  मेडिकल टीम सैंपल करेगी संग्रह
लखीसराय-
जिला में  फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सरकार के साथ स्थानीय स्वास्थ्य विभाग भी काफी सजग मोड में दिख रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार के दिन सदर अस्पताल के मंत्रणा हॉल में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती की अध्यक्षता में जिले के  सभी लैब टेक्नीशियन के साथ  नाइट ब्लड सर्वे हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।  इस अभियान हेतु पूर्व में भी 8  जून को जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सभी प्रभारी ,बीचएम एवं बीसीएम के साथ किया गया था।
इस अभियान की  शुरुआत के लिए प्रस्तावित तिथि  आगामी 19 जून है। जिसमे चयनित स्थल पर   जाकर मेडिकल टीम बीस वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्ति का ब्लड संग्रह करेगी। इस बात की जानकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने दी। डॉ भारती ने बताया  कि ये सर्वे रात के 8 बजे से लेकर रात्रि 12.00  तक  किया जाना है। दरअसल फाइलेरिया का परजीवी इस बीच ही सक्रिय होता है । सर्वे जिला के सभी प्रखंड के चयनित सत्र स्थल पर किया जाएगा ।
क्यों जरूरी है नाइट ब्लड सर्वे :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी गौतम प्रसाद ने बताया कि जब लोगों का ब्लड संग्रह कर जाँच की जाती है व अगर उस व्यक्ति के खून में फाइलेरिया  का जीवाणु माइक्रोफाइलेरिया  सक्रिय रहता  है तो उसके बाद उस व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से 12 दिन की दवा दी जाती है। जिसके बाद वो  व्यक्ति ठीक हो जाता  है। फिर जब एमडीए अभियान चलाया जाता है तो  दवा सेवन करने के बाद उसे कभी भी इस संक्रमण की चपेट में आने का खतरा नहीं रहता है।
फाइलेरिया के लक्षण:
कई दिन तक रुक-रुक कर बुखार आना।
शरीर में दर्द एवं लिम्फ नोड (लसिका ग्रंथियों) में सूजन।
हाथ, पैरों में सूजन (हाथी पांव) एवं पुरुषों के अंडकोष में सूजन (हाइड्रोसील)।
महिलाओं के ब्रेस्ट में सूजन, पहले दिन में पैरों में सूजन रहती है और रात में आराम करने पर कम हो जाती है।
संक्रमित व्यक्ति में बीमारी के लक्षण पांच से 15 साल तक में दिख सकते हैं।
 बचाव :
 लक्षण लगने पर समय से जांच कराकर इलाज शुरू कर दें।
 फाइलेरिया की दवा का सेवन पांच वर्ष तक हर साल कर बचा जा सकता है।
 फाइलेरिया के मच्छर गंदी जगह पर पनपते हैं। इसलिए मच्छरों से बचाव करें।
 साफ़ सफाई रखकर मच्छर से बचने के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।
 रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

भाजपा को मिलेंगी 300 से अधिक सीटें, मोदी जी बनेंगे तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री: शाह

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सुनहरे भविष्य की तैयारी वर्तमान में करने वाले भाजपा के प्रमुख चुनाव प्रचारक अमित शाह एक सच्चे दूरदर्शी हैं। आम चुनाव में करीब एक साल का समय बचा है, लेकिन शाह केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तीसरा कार्यकाल सुनिश्चित करने में निरंतर जुटे हुए हैं और देश भर में चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं।

चिलचिलाती धूप का सामना करते हुए शाह देश भर में पार्टी नेताओं से मिल रहे हैं और कई सार्वजनिक रैलियों में भाग ले रहे हैं, जिसमें वह प्रधानमंत्री मोदी के सक्षम नेतृत्व में एक मजबूत सरकार की वकालत और 300 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट व पूर्ण जनादेश का दावा कर रहे हैं।

जहाँ एक ओर शाह स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें कर के अपनी रणनीतियों से चुनाव जीतने और संगठन को मजबूत बनाने में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक रैलियों में मोदी शासन के नौ साल के तहत देश में हुए बड़े बदलाव पर प्रकाश डालकर यह बताने में लगे हैं कि कैसे कांग्रेस की चार पीढ़ियों के शासन की तुलना में मोदी ने नौ वर्षों में गरीबों के लिए अधिक अच्छा किया है। अमृतकाल में देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

उम्मीद के मुताबिक कांग्रेस और उसके पूर्व सांसद राहुल गांधी को हार का सामना करना पड़ रहा है। एक अनुभवी प्रचारक के रूप में, शाह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कांग्रेस सरकार की चार पीढ़ियों के दौरान देश में गरीबी कैसे बनी रही।

गुजरात के पाटन में एक रैली में शाह ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा, ‘राहुल बाबा गर्मी से बचने के लिए छुट्टियाँ मनाने विदेश जा रहे हैं। वह विदेश की धरती पर देश की आलोचना करते रहते हैं। मैं राहुल गांधी को अपने पूर्वजों से सीखने का सुझाव देना चाहता हूँ।’

मोदी जी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के नौ साल पूरे होने पर भाजपा के संपर्क कार्यक्रम के तहत शनिवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि गांधी परिवार के शासनकाल में गरीबों को उनकी बुनियादी जरूरतें जैसे आवास, शौचालय, रसोई गैस और अन्य सुविधाएँ कभी नहीं मिलीं।
रविवार को तमिलनाडु में शाह ने राज्य के लिए मोदी सरकार की उदारता पर प्रकाश डालते हुए स्टालिन सरकार पर तंज़ कसा। राज्य में द्रमुक-कांग्रेस सरकार की घोर विफलता की भाजपा नेता ने तीखी आलोचना की।
उन्होंने वेल्लोर में कहा, ‘तमिलनाडु के युवाओं के पास तमिल में परीक्षा देने का विकल्प नहीं था। हालाँकि अब ऑल इंडिया सर्विसेज, सीएपीएफ और एनईईटी की परीक्षाएँ तमिल भाषा में दी जा सकती हैं।’ विजाग में भी शाह ने कांग्रेस सरकार की खामियों को रेखांकित किया और दिखाया कि कैसे मोदी सरकार ने समाज की बेहतरी के लिए बुनियादी बदलाव किए हैं।
भाजपा नीत राजग ने 2019 में 542 लोकसभा सीटों में से 303 पर जीत दर्ज की थी। शाह ने उम्मीद जताया कि 2024 के आम चुनाव में भी राजग 300 से अधिक सीटें हासिल करेगा, जिससे केंद्र में तीसरी बार मोदी सरकार बनने का रास्ता साफ होगा। नांदेड़ में, उन्होंने समर्थकों से पूछा, ‘आप नरेंद्र मोदी जी और राहुल गांधी में से किसे प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं? रैली में शामिल हजारों की भीड़ ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाते हुए शाह के आह्वान का समर्थन किया।

दिल्ली :: अणुव्रत एवं प्रेक्षाध्यान विश्वशान्ति और जनकल्याण के महत्वपूर्ण साधन : अर्जुनराम मेघवाल

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दिल्ली:
मैं आचार्य तुलसी द्वारा प्रवर्तित अणुव्रत आन्दोलन से छात्र जीवन से परिचित हूँ।
वर्तमान में आचार्य श्री महाश्रमणजी की अणुव्रत यात्रा अत्यन्त महत्वपूर्ण है और विश्वशान्ति व जनकल्याण का महत्त्वपूर्ण साधन है।
उक्त आशय के विचार नव मनोनीत केंद्रीय कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनरामजी मेघवाल ने जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा – दिल्ली जैन विश्व भारती, अणुविभा सोसाइटी, जै०वि० भा० संस्थान, अग्रवाल मित्र परिषद और अखिल भारतीय अणुव्रत न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अणुव्रत भवन प्रांगण में व्यक्त किए।
चर्तुविध धर्मसंघ की उपस्थिति में आयोजित इस संघ प्रभावक कार्यक्रम में उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमारजी, शासनश्री साध्वी संघमित्राजी साध्वश्री शीलप्रभाजी के प्रेरक उद्बोधन हुए ।
साध्वी वृन्द द्धारा गीत की प्रस्तुति हुई ।
मंगलाचरण अणुव्रत गीत द्वारा अणुव्रत समिति दिल्ली व गाजियाबाद के सदस्यों ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शासन सेवी कन्हैयालालजी जैन (पटावरी) ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो० संजीव शर्मा (प्रबन्ध मण्डल सदस्य जै०वि०भा० संस्थान) ने अभिनन्दन वक्तव्य प्रस्तुत किया ।
जैन विश्व भरती की ओर से ट्रस्टी पन्नालाल बैद,अग्रवाल मित्र परिषद के अध्यक्ष संजय जैन
तेरापंथी सभा के अध्यक्ष सुखराज सेठिया,अणुविभा महामंत्री l भीखमचन्द सुराणा, अणुव्रत के न्यास प्रबन्ध न्यास के. सी. जैन
आदि ने सम्मान – वक्तव्य दिया।
डा. कुसुम लूणिया ने अभिनन्दन पत्र का वाचन किया।
तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती मंजू जैन,तेयुप के अध्यक्ष विकास सुराणी,टी०पी०एफ० अध्यक्ष राजेश गेलड़ा,
अणुव्रत समिति अध्यक्ष शान्तिलाल पटावरी (दिल्ली),
श्रीमती कुसुम सुराणा (गाजियाबाद )आदि ने संस्थागत रूप से अर्जुनराम जी मेघवाल का शाल्यार्पण, अंगवस्त्र और सहित्या से सम्मान किया ।
साहित्यकार ललितजी गर्ग की पुस्तक “जीवन का कल्पवृक्ष” का अर्जुनराम मेघवाल ने लोकार्पण किया।
कुशलता से संचालन दिल्ली सभा के महामंत्री प्रमोद घोड़ावत ने किया।
कार्यक्रम में
समाज भूषण मांगीलालजी सेठिया,महासभा उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन नाहटा,प्रसिद्ध मोटिवेटर टी. एस. मदानअन्तराष्ट्रीय कवि राजेश चेतन,जीतो नोर्थजोन से सोनाली जैनसहित दिल्ली सभा के अनेक पदाधिकारी, अणुव्रत न्यास के न्यासी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।बड़ी संख्या दिल्ली – एन. सी. आर. क्षेत्र के श्रावक समाज की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।

शेखपुरा जिले के तीन राजस्व गाँव में चलाया गया कालाजार उन्मूलन अभियान

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    -98 प्रतिशत घरों में किया गया छिड्काव
-जिले के दो प्रखंड में चलाया गया अभियान
शेखपुरा-
जिले में कालाजार उन्मूलन हेतु सदर प्रखंड शेखपुरा  एवं बरबीघा में एसपी पाउडर का छिडकाव किया गया। इस अभियान में इन दो प्रखंडों  के तीन राजस्व  गाँवों के  98 प्रतिशत घरों में  छिड्काव किया गया । जिसमें  सदर शेखपुरा के कोसरा ,औंधे एवं बरबीघा के  पिंजरी  राजस्व गाँव में अभियान चलाया गया। .कालाजार उन्मूलन हेतु जिला में समय -समय पर छिड्काव के साथ कालाजार के संभावित रोगियों का खोजी अभियान चलाया जाता है।  इस अभियान का  मकसद है कि  जिले को कालाजार जैसी बीमारी से मुक्त किया जाय।  उक्त बातें जिला के सिविल -सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने बतायी । ,उन्होंने कहा कि  हम सभी को इस बीमारी से बचने हेतु बचाव के साथ जागरूक होने की जरूरत है।  उसका कारण ये है कि  अगर हम किसी बीमारी से उन्मूलन चाहते हैं  तो जागरूकता ही सबसे जरूरी  कदम है।  . उन्होंने बतया कालाजार एक संक्रमण बीमारी है।  इस बीमारी का परजीवी बालू मक्खी के द्वारा फैलता है।  अगर हम अपने घरों के आसपास पानी जमा ना होने दें।  ,कूलर के  पानी को रोज बदलें।  .घर के अन्दर भी साफ -सफाई रखने से इस परजीवी के फैलने का खतरा कम रहता है।
सदर अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की सुविधा है उपलब्ध :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुन्दर  ने बताया, कालाजार मरीजों की  जाँच की सुविधा जिले के सभी पीएचसी में नि:शुल्क उपलब्ध है। जबकि, सदर अस्पताल में समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध है। जिसके कारण संक्रमित मरीज मिलने पर उन्हें संबंधित पीएचसी द्वारा सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के प्रावधान की जानकारी उन्हें दी जायेगी। साथ ही पाॅजिटिव मरीजों का सहयोग करने पर प्रति मरीज 500  रुपये संबंधित आशा कार्यकर्ता को दी जाती है। 15 दिनों से अधिक समय तक बुखार का होना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। भूख की कमी, पेट का आकार बड़ा होना, शरीर का काला पड़ना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। वैसे व्यक्ति जिन्हें बुखार नहीं हो लेकिन उनके शरीर की त्वचा पर सफेद दाग व गांठ बनना पीकेडीएल के लक्षण हो सकते हैं।
कालाजार के लक्षण :
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– बालू  मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।

जो काम कांग्रेस की चार पीढ़ियाँ नहीं कर सकीं, पिछले 9 साल में मोदी जी ने कर दिखाया वह काम: शाह

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नईदिल्ली-

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गरीबी दूर करने में विफल रहने के लिए केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोलते कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले नौ साल में देश के गरीबों के लिए पिछली चार पीढ़ी की कांग्रेस सरकार की तुलना में अधिक अच्छा काम किया है। मोदी जी के नेतृत्व में राजग सरकार के नौ साल पूरे होने पर भाजपा के संपर्क कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि गांधी परिवार के शासनकाल में गरीबों को उनकी बुनियादी जरूरतें जैसे आवास, शौचालय, बिजली, रसोई गैस कभी नहीं मिलीं। कांग्रेस ने केवल गरीबी को बढ़ावा दिया।

मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 9 साल में भारत के गौरव, भारत के विकास और गरीबों के कल्याण की दिशा में अतुलनीय काम हुआ है। सोनिया-मनमोहन सरकार की समाप्ति के बाद मोदी जी के कमान संभालते ही भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ। सोनिया-मनमोहन का 10 साल का शासन सबसे भ्रष्ट था। उनका बेलगाम भ्रष्टाचार 12 लाख करोड़ रुपये का था। जबकि दूसरी ओर विपक्ष को पिछले नौ वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने का अवसर तक नहीं मिला है। पिछले 9 वर्षों में अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रौद्योगिकी आदि सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। वैश्विक स्तर पर आज देश नेतृत्वकारी भूमिका में है और पूरी दुनिया भारत का सम्मान कर रही है। शाह ने कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी पर उनकी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर विदेश में देश की छवि खराब करने का भी आरोप लगाया और कहा कि देशवासी उनके घृणित कृत्य को कभी नहीं भूलेंगे। नांदेड़ और महाराष्ट्र की जनता 2024 में इसका करारा जवाब देगी।

भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकार शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। 2019 में, उद्धव ठाकरे ने एक बैठक में अपनी सहमति व्यक्त की थी कि अगर एनडीए सत्ता में आती है तो देवेंद्र फड़णवीस मुख्यमंत्री होंगे। लेकिन सत्ता और मुख्यमंत्री पद की लालच के लिए उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस-एनसीपी का साथ दिया।  उद्धव ठाकरे आज भी समान नागरिक संहिता पर अपनी नीति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। क्या वह कांग्रेस के वीर सावरकर विरोधी रुख से सहमत हैं? क्या उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी का साथ देकर औरंगाबाद, उस्मानाबाद और अहमदनगर का नाम बदलने का समर्थन कर सकते हैं? क्या वह मुस्लिम आरक्षण का समर्थन करते हैं जो संविधान के खिलाफ है? उद्धव की राजनीति दो नावों पर सवार है। इससे पहले दिन में शाह ने गुजरात के पाटन में एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने वहाँ भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा, ‘राहुल बाबा गर्मी से बचने के लिए छुट्टियाँ मनाने विदेश जा रहे हैं। वह वहाँ देश की आलोचना करते रहते हैं। उन्हें अपने पूर्वजों से सीखना चाहिए। किसी भी देशभक्त व्यक्ति को भारत के भीतर भारतीय राजनीति पर चर्चा करनी चाहिए। किसी भी पार्टी के नेता को विदेश जाकर देश की राजनीति पर चर्चा करना और देश की आलोचना करना शोभा नहीं देता।

टीबी चैंपियन्स और राज्य स्वास्थ्य समिति के बीच फ्रेंडली मैच आयोजित

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– राज्य स्वास्थ्य समिति ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए टीबी चैंपियन्स को दिया मौका
पटना-
राज्य स्वास्थ्य समिति और टीबी चैंपियन्स के बीच शनिवार को राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में 20-20 फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। सबसे पहले क्रिकेट मैच का उद्घाटन स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहली बार इस तरह का नवाचार देखने को मिला हैं। जब टीबी रोग मुक्त हो चुके टीबी चैंपियन्स एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के बीच 20-20 फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट मैच को देखने के लिए इतनी भीषण गर्मी के बावजूद राज्य के विभिन्न जिलों से तीन सौ से ज्यादा की संख्या में टीबी रोगियों का आना अपने आप में एक उत्साह जनक है। इस उत्साह को देखते अब हर साल टीबी चैंपियन्स और राज्य स्वास्थ्य समिति के बीच टीबी मुक्त बिहार क्रिकेट कप का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। ताकि आमजनों के बीच जो टीबी रोगियों के प्रति व्याप्त भ्रांतियां या भेदभाव है उसमें कमी आएगी।
 बता दें कि बीते 12 मई को उप मुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव द्वारा टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य है राज्य के सभी जिलों के दो- दो पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने का कि सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि लोगों में इस तरह के आयोजन से निश्चित रूप से टीबी रोग के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सह स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और टीबी विभाग के एसपीओ बीके मिश्रा समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। बता दें कि इससे पहले राज्य स्वास्थ्य समिति की टीम ने पहले टास जीतकर टीबी चैंपियन्स टीम को बल्लेबाजी करने का मौका दिया। जिसमें टीबी चैंपियन्स की टीम ने बीस ओवर में 74 रन बनाकर आउट हो गई। वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी राज्य स्वास्थ्य की टीम ने तीन ओवर में तीन विकेट खोकर 17 रन बनाकर खेल रही है।

भीषण गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में समय का किया गया बदलाव

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– अब सुबह सात बजे से लेकर पूर्वाह्न नौ बजे तक आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा संचालन

पटना।‌

पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ-साथ हीट-वेव का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 20 जून तक प्रदेश में लू का प्रभाव बना रहेगा। इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की संभावनाओं को देखते हुए आईसीडीएस के निदेशक कौशल किशोर ने पत्र जारी कर राज्य के सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव के लिए निर्देश दिया है. पत्र में बताया गया है कि बीते 8 जून से लेकर अगले बीस जून तक आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन अब सुबह सात बजे से लेकर पूर्वाह्न नौ बजे तक ही संचालित किया जाएगा। इस अवधि के दौरान ही बच्चों को नाश्ता और गर्म खाना खिलाना सुनिश्चित किया जाय।

विदित हो कि वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्रातः सात बजे से 10.30 बजे तक पूर्वाह्न निर्धारित था। लेकिन अब बीत आठ जून से लेकर अगले बीस जून तक आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में समय का बदलाव किया गया है।

राहुल गांधी की कुंठित मन:स्थिति और दंभी मनोदशा से परेशान ना केवल देशभक्त बल्कि स्वयं कॉंग्रेसी ..

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-आनन्द शंकर

विश्व के सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्र को प्रत्येक दिन किसी ना किसी प्लेटफॉर्म से या विदेशी धरती पर जाकर भारत के प्रति विष वमन कर देश और लोकतंत्र का अपमान राहुल गांधी के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।
राहुल गांधी अपने अहंकार के सामने यह भूल जाते हैं कि भारत विविधता में एकता के विचार को लेकर चलने वाला दुनिया का एकमात्र देश है जहां विभिन्न पंथ संप्रदाय के लोग अमन चैन से रहते हैं। परंतु कुंठित मानसिकता के शिकार राहुल गांधी को यहां दलित और मुस्लिम खतरे में नज़र आ रहे हैं। राहुल गांधी यह भूल जाते हैं कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसके लोकतांत्रिक मानदंड को पूरा विश्व अनुसरण करता है।

चाहे हमारे देश का चुनावी प्रबंधन है या वसुधैव कुटुंबकम् की निति, पूरी दुनिया के सभी विकसित देश के प्रतिनिधि भारत को अपनी पाठशाला मानते हैं और समय समय पर यहां आकर ज्ञानवर्धन करते हैं।
हमारे देश के चुनावी प्रबंधन और कौशल की सराहना तो कई विकसित देशाें और वैश्विक संगठनों ने ना जाने कितनी ही बार सभी बड़े प्लेटफॉर्म से की है लेकिन लगातार लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हुए आम चुनाव से मिली शिकस्त तथा अपनी विरासत में मिली राजनीति के अहंकार के शिकार राहुल गांधी को आत्ममंथन करने के बजाय भारत की छवि को धुमिल करना तथा लोकतंत्र को कलंकित करने में ज्यादा मज़ा आता है। वो यह भूल जाते हैं कि विपक्ष द्वारा सत्तापक्ष का वैचारिक विरोध करना हर राजनीतिक दल का कर्त्तव्य व अधिकार होता है परंतु उनको यह समझ कब आयेगी कि भारत का विरोध करना ही भाजपा का विरोध नहीं होता है। इससे देश की किरकिरी तो होती ही है परंतु उससे ज्यादा कॉंग्रेस और स्वयं राहुल गांधी की किरकिरी होती है और परिणामस्वरूप जनता की अदालत में उनको मुंह की खानी पड़ती है। मुझे तो डर है कि कहीं वो अपने इस अल्पज्ञान और विष वमन से अपने सबसे पुरानी पार्टी को ही ना विलुप्त कर दें।
भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे राहुल गांधी यह भूल जाते हैं हमारा समूचा तंत्र संविधान के आधार पर चलता है जो हमें हमारे कर्त्तव्यों और अधिकारों के बीच संतुलन बना कर रखने का एक मज़बूत दस्तावेज़ भी है जिसकी गाहे बिगाहे राहुल और उनके पूर्वज आपने सुविधानुसार अवहेलना करते आए हैं।

मेरे कुछ वरीय काॅंग्रेसी मित्र भी राहुल गांधी के इन अमर्यादित व देश विरोधी बयानों व करतूतों से अपने को असहज महसूस करते हैं तथा व्यक्तिगत बातचीत के दौरान अपने इस थोपे हुए अल्पज्ञानी नेता की राजनीतिक और नैतिक समझ पर अफ़सोस करते हैं।
राहुल गांधी के लगातार दिए जाने वाले विष बुझे बयान को आप इस प्रकार समझें कि भारत की प्रबुद्ध जनता ने जब लगातार चुनाव – दर – चुनाव मोदी जी को चुना और काॅंग्रेस को सिरे से नकार दिया है तब फिर से आपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए अपनी चिरपरिचित छद्मी तुष्टिकरण की चासनी में देश की जनता को ख़ासकर मुस्लिम समुदाय को लपेटना चाहते हैं तथा उनको अपने खेमे में लाने के लिए उनके प्रताड़ना की बेबुनियाद ख़बर परोस रहे हैं ताकि फिर से मुस्लिम समाज गोलबंद होकर कॉंग्रेस के झांसे में आ जाए और इनकी डूबी हुई नैया को पार लगाए।

आज जब भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश नित नई ऊंचाईयों को छु रहा है चाहे वह आर्थिक आधार हो जिसमें भारत विश्व में 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के साथ पांचवें स्थान पर पहुंचा हो, रक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल सुदृढ़ता हो, स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लाने की सोच के साथ दर्जनों एम्स का निर्माण हो, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुदृढ़ करने की बेहतरीन पहल हो, सड़क के मामले में तो कहने ही क्या जिसके स्थापित मानदंड के अध्ययन के लिए पूरे विश्व के सभी विकसित देश भारत का लोहा मान रहे हैं, रेल की विश्वस्तरीय परियोजनाएं धरातल पर दिखाई दे रही हों, हवाई क्षेत्र हो, विदेश मंत्रालय की अभेद्य कूटनीति हो, सामान्य मानवीय जीवन मूल्यों को ध्यान में रखकर सभी के लिए जीवनोपयोगी सुरक्षा योजनाएं हों, कृषि क्षेत्र में नई क्रांति हो, राष्ट्रवाद की मज़बूत बुनियाद हो या फिर सांस्कृतिक विकास हो इन सभी क्षेत्र में पिछले 9 वर्षों में मोदी सरकार ने जो मानक तय कर दिया है वह निश्चित रूप से अतुलनीय है।

हम इन्हीं कालखण्ड में कोविड जैसी वैश्विक महामारी को कैसे भूल सकते हैं जब एक तरह से पृथ्वी के समूचे मानवजाति की जीवन गति थम सी गई थी, जब पूरी दुनिया नाउम्मीद हो चुकी थी तब भारत उस चुनौती को स्वीकार कर दो कदम आगे बढ़कर पूरे विश्व को दिशा दिखाता है मजबूती से निपटता भी है और पुरी दुनिया को हर वो मुमकिन जीवन रक्षक सहायता करता है जिसके लिए आज पूरा विश्व भारत के सामने नत्मस्तक है।

इसलिए विपक्ष को ख़ास कर राहुल गांधी को विश्व पटल पर अपनी कुंठित मनोदशा का उद्गार करने से पहले थोड़ा अध्य्यन और आत्मचिंतन करना चाहिए और कैसे देश को और अधिक सशक्त बनाया जा सके कभी कभी उसकी चिंता करनी चाहिए तब जाकर कहीं राहुल गांधी और उनके परिवार के क़रीब 6 दशक के शासन के बावजूद विलुप्त होती कॉंग्रेस को भारत की सहनशील जनता कहीं माफ़ कर दे।