फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में पत्रकारों को भी लगेगा कोविड-19 का टीका

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• वेब पोर्टल के पत्रकारों को भी मिलेगी सुविधा

• राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक ने जारी किया निर्देश

• फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं पत्रकार

भागलपुर, 3 मई-

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में हर कोई एक योद्धा के रूप में अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। इस संक्रमण के खिलाफ चिकित्सक, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी के साथ साथ जिले के पत्रकार भी योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में पत्रकारों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंतित स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम निर्णय लिया है। इसको लेकर पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में शामिल कर कोविड-19 का टीकाकरण किए जाने का आदेश दिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी कर सभी सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा एक्रेडिटेड सभी पत्रकारों के साथ साथ जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर उन्हें कोविड-19 का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। कार्यपालक निदेशक ने निर्देश दिया है कि जिला अंतर्गत ऐसे सभी चिन्हित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

कोविड के दोनों टीके हैं जरूरी:

कोविड-19 का टीका दो डोज में पूरा किया जाएगा। सभी लाभार्थियों को दोनों डोज लेना अनिवार्य है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड-19 का टीकाकरण कारगर हथियार साबित हो रहा है। वैक्सीन के दोनों डोज लेने के करीब 4 सप्ताह बाद कोविड-19 के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। ऐसे में टीका लेने के बाद भी सावधानी बरतना अति आवश्यक है। पहला डोज लेने के बाद समय अंतराल पूरा होने पर दूसरा डोज भी अवश्य लें। तभी आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकेंगे।

ऑनलाइन करना होगा रजिस्ट्रेशन:

कोविड-19 का टीका लेने के लिए पत्रकारों को भी कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु एप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं। टीकाकरण केंद्रों पर अपने और अपनों की भलाई के लिए सब से दूरी बनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।

सुरक्षा नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी:

संकट की इस घड़ी में हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। एक-दूसरे के प्रति करुणा और दया का भाव रखें और जहां तक हो सके एक-दूसरे की मदद करें। मास्क का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। जब भी आप बाहर जाएँ, दूसरों से मिलें या किसी कोविड संक्रमित व्यक्ति के पास जाएं, त्रिस्तरिए मास्क का प्रयोग करें। घर से बाहर निकालने की स्थिति में शारीरिक दूरी (कम-से-कम दो गज) का पालन अत्यंत जरूरी है तथा साबुन से कम-से-कम 60 सेकेंड तक अपने हाथों को नियमित धोते रहें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें और सभी पात्र-लाभार्थी समय पर कोविड का टीका अवश्य लें।

भारत में कोरोना की स्थिति से दुनिया स्तब्ध, मोदी का ब्रांड बनाने पर ध्यान: राहुल

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नयी दिल्ली-

भारत में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के चार लाख से अधिक मामले सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यहां की स्थिति से पूरी दुनिया चिंतित है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब दूसरी लहर जारी थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘‘कोविड-19 के खिलाफ जंग’’ जीतने का पहले ही श्रेय ले लिया और अब वह ‘‘गेंद राज्यों के पाले में डाल’’ रहे हैं।

गांधी ने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य है। कोई आपकी सहायता के लिए नहीं आएगा, प्रधानमंत्री भी नहीं।’’ उन्होंने आरोप लगाए कि मोदी सरकार के लिए कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई है और आश्चर्य जताया कि क्या राज्यों और नागरिकों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने का उनका यह तरीका है।

कोविड केयर सेंटर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट करने की दी गई प्रशिक्षण

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– केयर इंडिया की टीम द्वारा खगड़िया सदर अस्पताल परिसर में संचालित कोविड केयर सेंटर में दी गई प्रशिक्षण

– ऑक्सीजन सिलेंडर के बेहतर तरीके से ऑपरेट करने की दी गई विस्तृत जानकारी

खगड़िया, 01 जून, 2021
जिले के कोविड-19 संक्रमण वायरस से संक्रमित मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध मिले, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध और सजग है। साथ ही संक्रमितों के ईलाज की बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत भी है। इसी कड़ी में खगड़िया सदर अस्पताल परिसर में संचालित कोविड केयर सेंटर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट करने की प्रशिक्षण दी गई। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया की टीम द्वारा कोविड केयर सेंटर में तैनात सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया। जिसमें बेहतर तरीके से ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन के साथ कोविड केयर सेंटर में इलाजरत सभी मरीजों का इलाज सुनिश्चित हो, इसपर भी बल दिया गया। ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकें और मरीजों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

बेहतर तरीके से ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट की दी गई विस्तृत जानकारी :-
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, कोविड केयर सेंटर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को केयर इंडिया के मेंटर सलीला एवं डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। जिसके दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर तरीके से ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया, मरीजों को ऑक्सीजन लगाने के बाद ऑक्सीजन लेवल कितना रखना, ऑक्सीजन फेस मास्क कैसे लगाना है. ताकि वहाँ तैनात कर्मी इलाजरत संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें।

खुद का एहतियात के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दी गई जानकारी:
प्रशिक्षक सह केयर इंडिया के मेंटर सलीला ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान कोविड केयर सेंटर में तैनात कर्मियों को सुरक्षा के मद्देनजर किस तरह खुद को सुरक्षित रहकर एवं एहतियात का पालन करते हुए मरीजों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। किस स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध करानी है आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि तैनात कर्मी खुद भी सुरक्षित रह सकें और सुरक्षा हर मानकों का पालन करते हुए इलाजरत मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें।

खुद का सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रशिक्षण जरूरी :-
वहीं, प्रशिक्षक सह केयर इंडिया के डीटीओ-एफ हरे कृष्णा नायक ने बताया, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए खुद के सुरक्षा का मद्देनजर यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी था। इससे ना सिर्फ कर्मी सुरक्षित रहेंगे। बल्कि, तैनात कर्मी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करते हुए मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे.

ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट के अलावा मरीजों की अन्य देखरेख को भी दी गई जानकारी :-
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान कोविड केयर सेंटर में तैनात कर्मियों को ऑक्सीजन सिलेंडर ऑपरेट करने की जानकारी के अलावा खुद के सुरक्षा का ख्याल रखते हुए मरीजों को अन्य देखरेख किस तरह करना है, इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई। जैसे कि, समय पर दवाई का सेवन समेत अन्य जानकारियाँ दी गई।

इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-

– सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें और यात्रा के दौरान सेनेटाइजर का उपयोग करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें और समय पर खाना खाएं।

सीएस और डीआईओ ने कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण

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– जिले के नोनगढ़ स्थित पारा मेडिकल संस्थान परिसर में संचालित सेंटर का निरीक्षण
– कोविड केयर सेंटर में 10 संक्रमित मरीज हैं इलाजरत, दाधिकारियों ने मरीजों का जाना हाल

लखीसराय, 01 मई-

शनिवार को जिला सिविल सर्जन (सीएस) डॉ देवेंद्र चौधरी एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती निरीक्षण को जिले के नोनगढ़ स्थित पारा मेडिकल संस्थान परिसर में संचालित कोविड केयर सेंटर पहुँचे। जहाँ दोनों पदाधिकारियों ने बारीकी के साथ सेंटर का निरीक्षण किया एवं सेंटर के बेहतर संचालन के लिए मेडिकल टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान दोनों पदाधिकारियों ने कोविड केयर सेंटर में इलाजरत मरीजों से मुलाकात कर उनका स्वास्थ्य हाल जाना और धैर्य के साथ मजबूत इच्छाशक्ति की बदौलत इस महामारी को मात देने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के आश्वासन दिए। वहीं, निरीक्षण के पश्चात सेंटर की व्यवस्था देखकर दोनों पदाधिकारी संतुष्ट दिखे।

– कोविड केयर सेंटर में 300 बेड की है व्यवस्था :-
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, कोविड केयर सेंटर में संक्रमित मरीजों के 300 बेड की व्यवस्था है। इसके अलावा मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके मद्देनजर पर्याप्त सुविधा की व्यवस्था की गई है। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो और सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी जा सके , इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही कोविड केयर सेंटर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के मद्देनजर भी सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है। ताकि कर्मी भी खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें।

– कोविड केयर सेंटर में 10 संक्रमित मरीज हैं इलाजरत :-
वहीं, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, वर्तमान में 10 संक्रमित मरीज कोविड केयर सेंटर में इलाजरत हैं। सभी मरीजों की मेडिकल टीम द्वारा बेहतर तरीके से देखरेख की जा रही है और लगातार स्वास्थ्य अवलोकन कर आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। ताकि जल्द से जल्द मरीज ठीक हो सके । वहीं, उन्होंने बताया, सेंटर में तैनात स्वास्थ्य टीम को खुद की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

– शिफ्ट वाइज तीन सदस्यीय स्वास्थ्य टीम की तैनाती :-
कोविड केयर सेंटर में पालीवार (शिफ्ट वाइज़ ) तीन सदस्यीय स्वास्थ्य टीम की तैनाती की गई है। जिसमें एक चिकित्सक, एक एएनएम एवं एक फार्मासिस्ट को शामिल किया गया। आठ घंटे की शिफ्ट निर्धारित की गई है। वहीं, मरीजों की संख्या में वृद्धि होने पर आवश्यकतानुसार टीम की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके और सभी मरीजों की उचित देखरेख एवं इलाज हो सके । वहीं, इस दौरान गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी मरीजों को स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है। ताकि संक्रमण की संभावना नहीं हो।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– जरूरी नहीं हर सर्दी-खांसी कोरोना ही है, इसलिए, निर्भीक होकर सकारात्मक सोच के साथ कराएं जाँच।
– अधिक जरूरी पड़ने पर ही घर से बाहर निकले।
– घर में सकारात्मक माहौल बनाएं और रचनात्मकता कार्य करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।

चीनी राष्ट्रपति का आश्वासन, भारत को हरसंभव मदद देने को तैयार

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बीजिंग।-
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए भारत के साथ सहयोग मजबूत करने और देश में कोविड-19 मामलों में वर्तमान बढ़ोतरी से निपटने के लिए समर्थन और सहायता प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की। सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग ने मोदी को एक संदेश भेजकर भारत में कोरोना वायरस महामारी पर संवेदना व्यक्त की।

राष्ट्रपति शी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए संदेश के अनुसार,मैं भारत में कोविड-19 महामारी की हाल की स्थिति से बहुत चिंतित हूं। चीन की सरकार और लोगों की ओर से तथा अपनी ओर से मैं भारत सरकार और लोगों के प्रति ईमानदारी से सहानुभूति व्यक्त करना चाहूंगा।

शी ने कहा चीनी पक्ष महामारी से लड़ने में भारतीय पक्ष के साथ सहयोग को मजबूत करने और इस संबंध में सहायता एवं सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है। मुझे विश्वास है कि भारत सरकार के नेतृत्व में भारतीय लोग निश्चित रूप से महामारी पर विजय प्राप्त करेंगे।

चीनी राष्ट्रपति ने कहा मानवता साझा भविष्य वाला समुदाय है। केवल एकजुटता और सहयोग से दुनिया भर के देश महामारी को हरा सकते हैं। भारत में शुक्रवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3,86,452 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,87,62,976 हो गयी।

संक्रमित मरीज एवं उनके परिजनों की स्क्रीनिंग करेंगी आशा, दिया गया प्रशिक्षण

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– जिले के सभी पीएचसी में केयर इंडिया की टीम द्वारा आशा फैसिलिटेटर को दिया गया प्रशिक्षण
– खुद की सुरक्षा के मद्देनजर एहतियात के साथ कार्य करने की दी गई जानकारी

खगड़िया, 30 अप्रैल-

जिले के होम क्वारेंटाइन में रहने वाले संक्रमित मरीज एवं उनके परिजनों तथा संपर्क के दायरे में आने वाले लोगों की स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता द्वारा स्क्रीनिंग समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच की जाएगी। ताकि संक्रमित व्यक्तियों के परिजनों समेत अन्य लोगों को सही समय पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके । इसको लेकर जिले के सभी पीएचसी में आशा फैसिलिटेटर को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण केयर इंडिया की टीम द्वारा दिया गया। जिसमें खुद की सुरक्षा के साथ लोगों की स्वास्थ्य जाँच कैसे करेंगे, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। जिससे संक्रमण की संभावना उत्पन्न नहीं हो और सभी आशा कार्यकर्ता खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

– घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करेंगी आशा कार्यकर्ता, पीएचसी को देंगी सूचना :-
केयर इंडिया के डीटीएल अभिनंदन आनंद ने बताया, जिले की सभी आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर संक्रमित मरीजों की लगातार 10 दिनों तक स्वास्थ्य जाँच करेंगी एवं उनकी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी स्थानीय पीएचसी को उपलब्ध कराएंगी । इसके अलावा संक्रमित मरीजों के परिजनों की भी स्क्रीनिंग समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच करेंगी और मरीजों की कान्टैक्ट हिस्ट्री की भी जानकारी लेंगी । जिसके बाद उन व्यक्तियों की भी स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जाँच की जाएगी, जो किसी ना किसी तरह मरीजों के संपर्क में आए होंगे। इन सबकी सूचना स्थानीय पीएचसी को देंगी । जिसके बाद उनका पीएचसी स्तर पर समुचित कोविड-19 जाँच कराई जाएगी। वहीं, बताया, जाँच के दौरान खुद की सुरक्षा के मद्देनजर कार्य करने की विस्तृत जानकारी दी गई।

– संक्रमित मरीजों की सूची कराई गई उपलब्ध :-
केयर इंडिया के डीटीओ-ऑन चंदन कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान सभी आशा फैसिलिटेटर को संक्रमित मरीजों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। जिसे अपने-अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता के बीच वितरित करेंगी । ताकि आशा कार्यकर्ता आसानी के साथ मरीजों के घर जाकर उनके परिजनों समेत अन्य व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एवं अन्य स्वास्थ्य जाँच कर सकें। सूची में कब मरीज संक्रमित हुए हैं, मरीजों का मोबाइल नंबर समेत पूरा पता दर्ज है।

– प्लस ऑक्सीमीटर ऑपरेट करने की भी दी जानकारी :-
चौथम पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक सह प्रशिक्षक करण कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान प्लस ऑक्सीमीटर ऑपरेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई। जबकि, थर्मल स्क्रीनिंग के ऑपरेट की जानकारी पूर्व में ही दी जा चुकी है। बताया, प्रशिक्षण प्राप्त सभी आशा फैसिलिटेटर अब अपने-अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को भी इसकी जानकारी देंगी । ताकि वह आसानी के साथ खुद की सुरक्षा करते हुए जाँच कर सकें।

– बीपी, पल्स व ऑक्सीजन समेत होगी अन्य स्वास्थ्य जाँच :-
इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संक्रमित मरीजों के परिजनों को चिह्नित कर उनका पल्स व ऑक्सीजन रेट, बीपी, तापमान समेत अन्य स्वास्थ्य जाँच करेंगी । ताकि सभी व्यक्ति को समय पर स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके । इस दौरान जिस व्यक्ति में लक्षण पाए जाएंगे उन्हें स्थानीय पीएचसी में समुचित जाँच कराने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। साथ ही आशा कार्यकर्ता अपने स्तर से भी इसकी सूचना पीएचसी को देंगी ।

– कोविड-19 संक्रमण वायरस से बचाव की भी दी जाएगी जानकारी :-
इस दौरान कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए भी आशा कार्यकर्ता द्वारा आवश्यक जानकारी दी जाएगी और बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ताकि हर हाल में इस महामारी के बढ़ते प्रभाव को रोका जा सके और लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें, गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें।

मुंगेर जिले में 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में 6139 कोरोना संक्रमित मरीज हुए स्वस्थ

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– जिले में कुल 2270 एक्टीव केस, कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 457618 लोगों का सैम्पल

मुंगेर, 30 अप्रैल-

जिले में शुक्रवार तक कुल 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 6139 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना संक्रमण को हराकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। इसके अलावा जिले के कुल 73 लोग कोरोना से लड़ाई हार चुके हैं| इसके साथ ही मुंगेर से बाहर मुंगेर के कुल 14 लोगों ने भी कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां दी है।
अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने बताया जिले में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की तुलना में अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया, शुक्रवार को एक बार फिर से जिले में कुल 192 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं जिसमें 128 पुरुष और 64 महिलाएं हैं। जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटर में या होम आइसोलेशन में शुक्रवार तक कुल 1312 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 46 मरीज मुंगेर के आइसोलेशन में भर्ती हुए जबकि 57 मरीज को दूसरे जगह रेफर भी किया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को 7 मरीज आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किए गए हैं।
अभी कुल 2270 एक्टिव केस-
उन्होंने बताया जिले में शुक्रवार तक कोरोना जांच के लिए कुल 457618 लोगों का सैम्पल लिया गया है। जिसमें से अभी कुल 2270 एक्टिव केस हैं । जिले में एंटीजेन कोरोना जांच के लिए पिछली तिथि तक कुल 1047 लोगों का सैम्पल लिया गया था। इसी तरह पीएमसीएच लैब पटना के लिए कुल 572 लोगों का सैम्पल संग्रहित किया गया। इसके अलावा ट्रूनेट जांच के लिए मुंगेर लैब में कुल 75 सैम्पल लिए गए थे ।
कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, एक दूसरे से दो गज या छह फीट की दूरी रखें –
उन्होंने बताया अभी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सभी जिले वासी अनिवार्य रूप से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें। इसके साथ ही सभी लोग अपने हाथों कि नियमित साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करें तभी कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरीके से हराया जा सकता है।

कोरोना संक्रमण के दौरान डायरिया से भी रहें सजग व सावधान

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प्रदूषित भोजन व संक्रमित जल से होती है डायरिया की बीमारी
पेट मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी है डायरिया की पहचान
सभी आयु वर्ग के लोगों को समान रूप से प्रभावित करता है डायरिया
लखीसराय, 30 अप्रैल-

इस समय मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है| कोरोना संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों की भी संभावना समान रूप से है |. इनमें डायरिया एक गंभीर बीमारी है| ऐसे में जरूरी है कि आवश्यक सावधानी बरती जाये और दवाइयों का प्रबंधन घर पर कर लिया जाये| ताकि अनावश्यक रूप से परेशान होने से बचा जा सके| डायरिया के मामले अधिकांशत: गर्मियों में बढ़ जाते हैं| यह किसी भी आयुवर्ग व्यक्ति को हो सकता है| थोड़ी सभी भी लापरवाही बरतने पर यह समस्या विशेष तौर पर शारीरिक रूप से कमजोर लोगों जैसे बुजुर्ग व बच्चों में अधिक गंभीर हो जाती है|

डायरिया होने का कारण बैक्ट्रीरिया और वायरस से होने वाला संक्रमण है.
प्रदूषित खानपान, बासी भोजन, साबुन से हाथ नहीं धोना, साफ पेयजल का इस्तेमाल नहीं करना आदि डायरिया की वजह हैं| डायरिया होने पर पेट मरोड़ व दर्द के साथ दस्त व उल्टी होती है| कभी कभी मल में खून या म्यूकस भी आने की शिकायत हो सकती है| डायरिया पीड़ित को इस दौरान तेज बुखार, सिरदर्द और हाथ व पेरों में दर्द होता है| चूंकि दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसलिए मरीज को तरल पदार्थ जरूर दिया जाना चाहिए|

शरीर में पानी की कमी के लक्षणों की ऐसे करें पहचान:
• गला सूखना व मुंह में सूखापन.
• कमजोरी और सुस्ती का एहसास.
• गाढ़े रंग का पेशाब होना.
• बहुत कम पेशाब होना.
• प्यास लगना.

जब शरीर में पानी की कमी हो निम्न तरीका अपनायें:
• पर्याप्त मात्रा में पानी पीयें .
• नारियल पानी पीना लाभप्रद है.
• ओआरएस का इस्तेमाल करें.
• चिकित्सक की सलाह से आवश्यक दवाई लें.
• पानी को उबाल कर ठंडा कर लें और पीयें
• अधपके खाद्य पदार्थों, कटे और खुले फलों से परहेज.
• फलों व सब्जियों को अच्छी तरह धो कर इस्तेमाल.

नवजात व छोटे बच्चों का इस तरह रखें ध्यान:
नवजात व दूध पीते छोटे बच्चों में डायरिया की समस्या की रोकथाम के लिए उनका नियमित स्तनपान कराया जाना जरूरी है| इसके अलावा इसका भी पालन अवश्य रूप से करें.
• ओआरएस का घोल बना कर छोटे छोटे घूंट में पिलायें.
• वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद मां साबुन से हाथ धोएं
• बच्चे के नियमित स्तनपान व संतुलित आहार का ध्यान रखें.
• आवश्यक होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जायें.

आशा व आंगनबाड़ी सेविकाएं से लें मदद:
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं की मदद ली जा सकती है| उनके पास ओआरएस व जिंक की गोली मौजूद होती है| इसका सेवन डायरिया को रोकता है| साथ ही लॉकडाउन के समय में जब अस्पताल जाने में असुविधा हो रही है तो आशा व आंगनबाड़ी सहित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक का फोन नंबर अवश्य रखें| ताकि फोन पर ही सलाह ली जा सके|
[30/04, 17:30] Shyam: जिले में 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में 6139 कोरोना संक्रमित मरीज हुए स्वस्थ

– जिले में कुल 2270 एक्टीव केस, कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 457618 लोगों का सैम्पल

मुंगेर, 30 अप्रैल| जिले में शुक्रवार तक कुल 8482 कोरोना संक्रमित मरीजों में से 6139 कोरोना संक्रमित मरीज कोरोना संक्रमण को हराकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। इसके अलावा जिले के कुल 73 लोग कोरोना से लड़ाई हार चुके हैं| इसके साथ ही मुंगेर से बाहर मुंगेर के कुल 14 लोगों ने भी कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां दी है।
अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र आलोक ने बताया जिले में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की तुलना में अच्छी खासी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से जीतकर स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया, शुक्रवार को एक बार फिर से जिले में कुल 192 लोग कोरोना संक्रमित हो गए हैं जिसमें 128 पुरुष और 64 महिलाएं हैं। जिले के विभिन्न आइसोलेशन सेंटर में या होम आइसोलेशन में शुक्रवार तक कुल 1312 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 46 मरीज मुंगेर के आइसोलेशन में भर्ती हुए जबकि 57 मरीज को दूसरे जगह रेफर भी किया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को 7 मरीज आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किए गए हैं।
अभी कुल 2270 एक्टिव केस-
उन्होंने बताया जिले में शुक्रवार तक कोरोना जांच के लिए कुल 457618 लोगों का सैम्पल लिया गया है। जिसमें से अभी कुल 2270 एक्टिव केस हैं । जिले में एंटीजेन कोरोना जांच के लिए पिछली तिथि तक कुल 1047 लोगों का सैम्पल लिया गया था। इसी तरह पीएमसीएच लैब पटना के लिए कुल 572 लोगों का सैम्पल संग्रहित किया गया। इसके अलावा ट्रूनेट जांच के लिए मुंगेर लैब में कुल 75 सैम्पल लिए गए थे ।
कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, एक दूसरे से दो गज या छह फीट की दूरी रखें –
उन्होंने बताया अभी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सभी जिले वासी अनिवार्य रूप से कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी के नियम के तहत एक दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें। इसके साथ ही सभी लोग अपने हाथों कि नियमित साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल करें तभी कोरोना वायरस के संक्रमण को पूरी तरीके से हराया जा सकता है।

कोविड संक्रमित बच्चों की देखभाल के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

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• ‘प्रोटोकॉल फॉर मैनेजमेंट ऑफ़ कोविड-19 इन द पेडियाट्रिक ऐज ग्रूप’ में दी है जानकारी

• कोविड संक्रमित गंभीर बच्चों में बढ़ता है न्यूमोनिया का खतरा, शिशुओं के लिए स्तनपान जरूरी

बांका, 30 अप्रैल:

बच्चों में कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम व संक्रमित के उपचार के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है. ‘प्रोटोकॉल फॉर मैनेजमेंट ऑफ़ कोविड—19 इन द पेडियाट्रिक ऐज ग्रूप’ नाम से जारी इस एडवाइजरी में संक्रमित बच्चों के देखभाल के विषय में विस्तार से महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि अभी तक कोविड संक्रमण का बहुत कम प्रभाव बच्चों पर देखा गया है. हालांकि, बच्चों में संकमण के बहुत हल्के लक्षण देखे गये हैं.10% से 20% बिना लक्षण वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है. एक से 3 प्रतिशत कोविड लक्षण वाले बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ते हैं ,जिन्हें इंटेसिव केयर में भर्ती कराने की आवश्यकता होती है.

संक्रमित होने के बावजूद नहीं दिख पाते लक्षण:
बच्चों में कोविड संक्रमण अधिकतर माइल्ड यानि हल्के या एसिम्टोमेटिक होते हैं. एस्मिटोमेटिक मामले में बच्चे संक्रमित तो होते हैं लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखते हैं. जबकि माइल्ड केस में कुछ सामान्य लक्षण नजर आते हैं. कोरोना संक्रमण के सामान्य लक्षणों में बुखार, कफ, सांस लेने में समस्या, थकान, गले में खराश, डायरिया, सुगंध और स्वाद नहीं मिलना, मांसपेशियों में दर्द व नाक बहना आदि शामिल हैं. कुछ बच्चों में पाचन संबंधी समस्या आदि भी मिलते हैं. बच्चों में इन लक्षणों के अलावा एक नये लक्षण देखने को मिले हैं जिसे मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंडोम कहते हैं. इनमें लंबे समय तक लगातार 100 डिग्री बुखार रहता है.

कोविड-19 संक्रमित बच्चों का उपचार प्रबंधन:

एडवाइजरी में कोविड 19 संक्रमित बच्चों के उपचार प्रबंधन के विषय में बताया गया है कि परिवार में किसी सदस्य के कोरोना संक्रमित होने के बाद बच्चों के स्क्रीनिंग कराये जाने पर उनमें संक्रमण की पुष्टि की जाती है. ऐसे बच्चों में लक्षणों के विकसित होने पर खास नजर रखी जाती है तथा संक्रमण की गंभीरता के आधार पर उपचार किया जाता है.

होम आइसोलेशन में बच्चों का रखना है विशेष ख्याल:
माइल्ड व एस्मिटोमेटिक मामले में बच्चों को होम आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जा सकता है. होम आइसोलेशन से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवश्यक सभी सुविधाएं, बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए देखभालकर्ता की हर समय मौजूदगी, आरोग्य सेतु, माता—पिता या देखभालकर्ता बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी कर सूचना सर्विलांस पदाधिकारी या चिकित्सक को देने की व्यवस्था हो. साथ ही माता—पिता या देखभालकर्ता द्वारा सेल्फ आइसोलेशन तथा होमआइसोलेशन या क्वारेंटाइन गाइडलाइन के पालन करने में सक्षम हों.

गंभीर रोग वाले संक्रमित बच्चों का खास ख्याल:
एडवाइजरी में कहा गया है कि दिल की बीमारी, गंभीर फेफड़ों के रोग या अंग विकार, मोटापा आदि जैसे गंभीर रोग से ग्रसित बच्चों में हल्के लक्षण होने पर उनका उपचार प्रबंधन घर पर भी किया जा सकता है. लेकिन ऐसी स्थिति में यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्वास्थ्य की बिगड़ने की स्थिति में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उन्हें आसानी से उपलब्ध हो सके. अन्यथा ऐसा करना उचित नहीं है.

बच्चों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ ही दें दवाई:
माइल्ड लक्षण वाले बच्चों में चिकित्सीय परामर्श के साथ बुखार की दवाई दी जा सकती है. बच्चों को पौष्टिक आहार व शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अधिकाधिक पानी व जूस दिया जाना चाहिए. एडवाइजरी में कहा गया है कि हल्के लक्षण वाले बच्चों के श्वसन दर को दिन में दो से तीन बार रिकॉर्ड करें. साथ ही ऑक्सीजन स्तर की भी जांच करें.

माइल्ड, मोडेरेट व सिवियर स्थिति पर रखें नजर:
एडवाइजरी में माइल्ड, मोडेरेट तथा सिवियर तीनों स्थिति में संक्रमित बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए चिकित्सक को इसकी जानकारी देते रहने के लिए कहा गया है और सलाह दी गयी है कि कोविड संक्रमण के मोडेरेट मामलों में बच्चों को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया जाये. मोडेरेट मामलों में कोविड संक्रमित बच्चे की श्वसन गति पर इन स्थिति में ध्यान रखें. यदि शिशु दो माह से कम है तो उनकी श्वसन दर 60 प्रति मिनट या इससे अधिक हो, 2 माह से 12 माह तक के शिशु का श्वसन दर 50 प्रति मिनट या इससे अधिक हो तथा एक से पांच साल के बच्चों का श्वसन दर 40 प्रति मिनट या इससे अधिक हो तथा पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों का श्वसन दर 30 प्रति मिनट या इससे अधिक हो. ऐसे बच्चों में न्यूमोनिया हो सकता है जो साफ तौर पर नहीं दिखता है. बच्चों के शरीर में इलेक्ट्रोलाइन संतुलन बना रहे इसका ध्यान दिया जाना चाहिए. इसके लिए शिशुओं को नियमित स्तनपान कराती रहें.

गंभीर मामले में न्यूमोनिया होने की बढ़ती है संभावना:

यदि कोविड संक्रमित गंभीर मामलों में बच्चों का ऑक्सीजन स्तर 90 प्रतिशत से कम होती है तो ऐसे बच्चों को गंभीर न्यूमोनिया की शिकायत होती है. साथ ही गंभीर श्वसन समस्या एवं कई अंगों का काम नहीं करना आदि की भी समस्या हो सकती है. ऐसे बच्चों को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भर्ती किये जाने की सलाह दी जाती है.

कोरोना पीड़िता की करें देखभाल लेकिन संभलकर

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परिवार के दूसरे सदस्य संक्रमित नहीं हो जाए, इसलिए रहे संभलकर
सतर्कता बरतने से कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे

बांका, 30 अप्रैल

कोरोना की दूसरी लहर में एक परिवार के भी कई सदस्य संक्रमित होते दिख रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार संक्रमण की रफ्तार पिछले बार के मुकाबले काफी तेज है. पिछली बार अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होता था तो घर के सदस्यों को संक्रमित होने का जितनी संभावना रहती थी , इस बार उससे कई गुना अधिक है. इसलिए अगर घर में कोई संक्रमित हो जाए या फिर कोई जान पहचान के व्यक्ति को कोरोना हो जाए तो उसकी देखभाल संभलते हुए करनी चाहिए.
देखभाल करते हुए काफी सावधानी बरतने की जरूरत-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं दूसरी लहर तेज होती जा रही है. इस बार परिवार के परिवार पीड़ित होते जा रहे हैं. इस वजह से इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अगर कोई एक व्यक्ति पीड़ित हो जाता है तो उससे दूसरे में संक्रमण नहीं हो. इसके लिए घर के सदस्यों को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर देखभाल करते हुए काफी सावधानी बरतने की जरूरत है.

अलग से हवादार कमरे में रखें पीड़ित को:
डॉ चौधरी कहते हैं अगर घर में कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाए तो उसके लिए एक अलग से हवादार कमरे में उसे रखें. साथ ही जो व्यक्ति उसकी देखभाल करे वह लगातार हाथ की धुलाई और सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहे. ऐसा करते रहने से संक्रमित होने की संभावना कम रहेगी. इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के लिए खाना का बर्तन भी अलग हो तो सही रहेगा. अगर घर में एक ही शौचालय हो तो संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल करने के बाद उसे सैनिटाइज करें.

घर के अंदर में करोना की गाइडलाइन का पालन करें: डॉ चौधरी कहते हैं अक्सर देखा जाता है कि लोग घर के बाहर है कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हैं, लेकिन जब कोई मरीज घर में हो तो गाइडलाइन का पालन घर में भी करें. घर में भी मास्क लगाकर रहें और सामाजिक दूरी का पालन करें. एक से दूसरे के बीच 2 गज की दूरी बना कर रहें.

खाने पीने पर दें ध्यान:
डॉ र चौधरी कहते हैं कि खाने- पीने पर जो व्यक्ति ध्यान देते हैं, वह बीमारियों की चपेट में कम आते है. कोरोना के मामले में भी ऐसा देखा जा रहा है. जो व्यक्ति हरी साग- सब्जियों का सेवन करते हैं और प्रोटीनयुक्त आहार लेते हैं, उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. ऐसे लोग कम ही कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और अगर आ भी रहे हैं तो जल्दी स्वस्थ हो जा रहे हैं. इसलिए खाने-पीने पर जोर दें. हरी साग- सब्जी खाएं और प्रोटीनयुक्त भोजन पर ध्यान दें. दूध का सेवन करें.