कोरोना संक्रमण काल में नवजात शिशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि को ले रहें सजग

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मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता – नवजात शिशु को कई संक्रामक बीमारियों से भी रखता है दूर
– जन्म के एक घंटा बाद से छह महीने तक माताएं नवजात शिशु को कराएं सिर्फ स्तनपान
– लगातार स्तनपान से ही नवजात बच्चों में विकसित होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

मुंगेर-

नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर के निर्माण और विकास के लिए उसका उचित देखभाल करना सबसे महत्वपूर्ण है। इसे सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा योगदान नवजात शिशु के माँ का ही होता है। किन्तु, इसमें थोड़ी सी लापरवाही नहीं करनी चाहिए | लापरवाही करने से नवजात बार-बार बीमार होने लगता है। जिससे वो शारीरिक रूप से भी कमजोर होने लगता है। उसका बार-बार बीमार होना उसके कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का भी बड़ा संकेत है। इसीलिए, जन्म के बाद नवजात की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सहित अन्य देखभाल को लेकर पूरी सजगता आवश्यक है| ताकि नवजात को स्वस्थ रखा जा सके जिससे उसके स्वस्थ शरीर का निर्माण हो सके। इसके लिए नवजात के उचित देखभाल के साथ-साथ जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इससे ना सिर्फ बच्चे स्वस्थ रहते हैं, बल्कि, उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

माँ के दूध से बच्चों में विकसित होती रोग-प्रतिरोधक क्षमता :-
सदर अस्पताल मुंगेर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रौशन कुमार ने बताया, उचित पोषण से ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक के साथ- साथ सर्वांगीण विकास संभव है। इसलिए, शिशु को जन्म के पश्चात छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही दूध सेवन कराएं। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है और स्वस्थ शरीर के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। इसके साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, मां के दूध को शिशु का प्रथम टीका भी कहा गया है। जो छह माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, छह माह के बाद बच्चे के सतत विकास के लिए ऊपरी आहार की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस दौरान यह ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है कि उसे कैसा आहार दें।

मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी रखता है दूर :-
उन्होंने बताया मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता संक्रामक बीमारी से भी दूर रखता है। इसलिए, बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर सजग रहें। दरअसल, अगर शुरुआती दौर से ही बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो नवजात के स्वस्थ शरीर का निर्माण होगा और वह आगे भी शारीरिक रूप से मजबूत होगा। इसके लिए बच्चे का उचित पोषण बेहद जरूरी है।

जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को पिलाएं माँ का दूध :-
केयर इंडिया मुंगेर की डीटीओएफ डॉ. नीलू ने बताया, नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए जन्म के बाद एक घंटे के अंदर नवजात को माँ का दूध पिलाएं। इसके सेवन से नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। किन्तु, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इसे गंदा या बेकार दूध समझकर नवजात को नहीं पिलाते हैं जो महज एक अवधारणा है। जबकि, सच यह है कि माँ का पहला गाढ़ा-पीला दूध ही नवजात शिशु के लिए काफी फायदेमंद होता है।

छह माह के बाद ही नवजात को दें ऊपरी आहार :-
उन्होंने बताया, नवजात को छह माह के बाद ही किसी प्रकार का बाहरी या ऊपरी आहार दें। छह माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही स्तनपान कराएं। इसके बाद अगले कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ माँ का स्तनपान भी जारी रखें। ताकि बच्चे का पूरी तरह से सर्वांगीण विकास हो सके |

साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल :-
इसके साथ ही नवजात के लालन-पालन के दौरान साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें। जैसे कि बच्चों को गोद लेने के पहले खुद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें, बच्चों को हमेशा साफ कपड़ा पहनाएं, गीला व गंदा कपड़ा से बच्चे को हमेशा दूर रखें। इससे बच्चे संक्रामक बीमारी से दूर रहेंगे ।

संम्पूर्ण टीकाकरण पर दें बल :-
उन्होंने बताया संम्पूर्ण टीकाकरण बच्चे को कई तरह के बीमारियों से दूर रखता है और बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इसलिए, बच्चे का संम्पूर्ण टीकाकरण कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बिलकुल नहीं करें।

कोरोना काल में इन मानकों का करें पालन, कोविड 19 के संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से करें उपयोग ।
– लगातार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से धोएं हाथ।
– यात्रा के दौरान हमेशा सैनिटाइजर को रखें अपने पास ।
– घर से बाहर लोगों से बातचीत के दौरान हमेशा शारीरिक दूरी के नियम का करें पालन।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों पर जाने से करें परहेज ।
– मुँह, नाक, ऑख को अनावश्यक छूने से बचें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

कोविड-19 संक्रमण से लक्षणयुक्त मरीजों के लिए जिले में बनाया जाएगा डेडिकेटेड वार्ड

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– स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र जारी कर दिए आवश्यक निर्देश
– राज्य के सभी सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 25 तो कोविड हेल्थ सेंटर में 10 बेड की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध

लखीसराय-

कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है| इसपर रोकथाम को लेकर प्रत्येक दिन आवश्यकतानुसार नये-नये फैसले लिए जा रहे हैं । ताकि हर हाल में इस वैश्विक महामारी को रोका जा सके और पूरे समाज को सुरक्षित रखा जा सके | इसी कड़ी में कोविड-19 संक्रमण से लक्षणयुक्त मरीजों के समुचित इलाज के लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाने का निर्णय लिया गया है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमृत प्रत्यय ने पत्र जारी कर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य, जिला सिविल सर्जन के अलावा सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिसमें इसे हर हाल में सुनिश्चित कराने को कहा है।

– शीघ्र शुरू होगी डेडिकेटेड वार्ड की सुविधा :-
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, पत्र मिलते ही डेडिकेटेड वार्ड की सुविधा शुरू कराने के लिए आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही यह सुविधा शुरू कराई जाएगी। इसे सुनिश्चित करने को लेकर को जिले के सभी अनुमंडल, सीएचसी एवं पीएचसी प्रभारी को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ताकि हर हाल में जल्द से जल्द डेडिकेटेड वार्ड की सुविधा बहाल की जा सके ।

– मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 25 तो कोविड हेल्थ सेंटर में 10 बेड की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध :-
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बनने वाले डेडिकेटेड वार्ड में 25 बेड होंगे । जबकि, कोविड-19 हेल्थ सेंटर में 10 बेड होंगे और भर्ती होने वाले मरीजों के उचित एवं समुचित इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके लिए मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी । साथ ही इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इसके लिए विभाग के वरीय पदाधिकारी भी लगातार डेडिकेटेड वार्ड का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लेंगे।

– कोविड-19 संक्रमण से लक्षणयुक्त मरीजों को किया जाएगा भर्ती :-
डेडिकेटेड वार्ड में ऐसे मरीजों को भर्ती किया जाएगा जिसमें कोविड-19 संक्रमण वायरस का लक्षण होगा । किन्तु, उनकी कोविड-19 जाँच रिपोर्ट निगेटिव है पर उनमें लक्षण का गंभीर रूप देखा जा रहा है। दरअसल, लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे थे कि रिपोर्ट निगेटिव है। किन्तु, मरीजों की शारीरिक पीड़ा काफी तेज थी। जो कोविड-19 के लक्षण से मिल रहे थे। जिसके मद्देनजर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सुविधा का निर्णय लिया गया। ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और उनका समुचित इलाज संभव हो सके ।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– शारीरिक दूरी का पालन करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से दूर रहें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और मास्क का उपयोग एवं सैनिटाइजर पास रखें।

महाराष्ट्र में पालघर जिले के अस्पताल में लगी भयानक आग, 13 कोरोना मरीजों की जिंदा जलने से मौत

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विरार (महाराष्ट्र)-

महाराष्ट्र में पालघर जिले के विरार में शुक्रवार तड़के एक अस्पताल में आग लगने से कोविड-19 से पीड़ित 13 मरीजों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आग तड़के तीन बजे अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में लगी। जिले के आपदा नियंत्रण केंद्र के प्रमुख विवेकानंद कदम ने पीटीआई-को बताया कि आग लगने से पहले आईसीयू की वातानुकूलन इकाई में विस्फोट हुआ था। कदम ने बताया कि अस्पताल में 16 मरीजों का इलाज चल रहा था।

उन्होंने बताया कि घटना के वक्त आईसीयू में 17 मरीज थे। चार मरीजों को बचा लिया गया और उन्हें इलाके के अन्य अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। दो दिन पहले ही महाराष्ट्र में नासिक के एक अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने के बाद कोविड-19 के 22 मरीजों की मौत हो गई थी। जिले के आपदा नियंत्रण केंद्र के प्रमुख विवेकानंद कदम ने पीटीआई-को बताया कि आग लगने से पहले आईसीयू की वातानुकूलन इकाई में विस्फोट हुआ था। हादसे के शिकार लोगों के परिजन सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गृह भ्रमण कर नवजात शिशु का केयर इंडिया की टीम ने किया स्वास्थ्य अवलोकन, दी गई आवश्यक सलाह

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– चौथम पीएचसी के नीरपुर गाँव मे स्थानीय सेविका व आशा के साथ किया गृह भ्रमण
– नवजात शिशु के सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए दी गयी आवश्यक जानकारी

खगड़िया-

सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं का लोगों को बेहतर लाभ मिल सके, इसको लेकर केयर इंडिया टीम अग्रसर है। इसी कड़ी में गुरुवार को केयर इंडिया की टीम एएनएम के साथ चौथम पीएचसी के नीरपुर गाँव पहुँची। जहाँ स्थानीय सेविका व आशा कार्यकर्ता के सहयोग से गृह भ्रमण कर नवजात शिशु का अवलोकन करते हुए जच्चा-बच्चा का स्वास्थ्य का हाल जाना। इस दौरान शिशु के माता-पिता से शिशु के स्वास्थ्य संबंधित विस्तृत जानकारी ली और उसके सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास के साथ स्वस्थ शरीर निर्माण को लेकर आवश्यक जानकारी दी और किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने को कहा। ताकि शिशु का आवश्यकतानुसार समय पर उचित इलाज हो सके और किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा शिशु की माँ से भी उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ली। इस दौरान खासकर शारीरिक रूप से कमजोर जन्म लेने वाले नवजात के स्वास्थ्य से संबंधित विशेष जानकारी ली गई। इस टीम में चौथम पीएचसी में तैनात केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार, एएनएम लवली कुमारी, सेविका शांति कुमारी, आशा अंजनी कुमारी शामिल थी।
– कमजोर जन्म लेने वाले शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए गृह भ्रमण कर जाना जाता है स्वास्थ्य हाल :-
गृह भ्रमण का नेतृत्व कर रहे केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक करण कुमार ने बताया, शारीरिक रूप से कमजोर जन्म लेने वाले नवजात शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए गृह भ्रमण कर जन्म बाद पहला और दूसरा दिन लगातार उनका हाल जाना जाता है। इस दौरान यह देखा जाता है, शिशु में जन्म के बाद से कितना शारीरिक विकास हुआ, उसके वजन में कितनी वृद्धि हुई समेत अन्य स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी ली जाती है। जिसके बाद आवश्यकतानुसार आवश्यक सलाह दी जाती है। वहीं, बताया, इसके बाद भी लगातार ऐसे शिशु का ध्यान रखा जाता है।
– स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए किया गया प्रेरित :-
वहीं, एएनएम लवली कुमारी ने बताया, इस दौरान शिशु की माँ को शिशु के बेहतर और मजबूत तथा स्वस्थ शरीर निर्माण को लेकर स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। जिसमें बताया गया, रात में कम से कम शिशु को तीन से चार बार और दिन में 10 से 12 बार स्तनपान कराएं और इस सिलसिले को बच्चे के जन्म के बाद छः माह तक जारी रखें। इसके बाद ही ऊपरी आहार दें। तभी शिशु का सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास होगा और वह आगे भी ना सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत रहेगा। बल्कि, शिशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होगी।
– साफ-सफाई की भी दी गई जानकारी :-
वहीं, सेविका शांति कुमार ने बताया, इस दौरान शिशु की माँ समेत अन्य परिवार वालों को साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखने की जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया, खासकर बीमार लोग शिशु को छूने के पूर्व निश्चित रूप से अपने हाथों की सफाई अच्छी तरीके से कर लें, शिशु को गीला कपड़ा पर नहीं सुलाएं और ना ही पहनाएं, आवश्यकतानुसार शिशु का कपड़ा बदलते रहें, व्यक्तिगत साफ-सफाई का भी ख्याल रखें, घर समेत अन्य आसपास परिसर को भी साफ रखें। इससे ना सिर्फ शिशु सुरक्षित रहेंगे बल्कि, अन्य लोग भी सुरक्षित रहेंगे। साफ-सफाई हर किसी के लिए जरूरी है और इससे लोग कई प्रकार की बीमारियों से भी दूर रहते हैं।
– किसी प्रकार की शारीरिक पीड़ा होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराएं :-
वहीं, आशा अंजनी कुमारी ने बताया, इसके बावजूद जच्चा-बच्चा किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी हो तो तुरंत मुझे जानकारी दें। जिसके बाद मैं अपने स्तर से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दूँगी। फिर आपको आवश्यक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा इस दौरान कोविड-19 से बचाव को लेकर भी जागरूक किया गया और बचाव से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अफवाहों से दूर रहें और एहतियात जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।

लखीसराय जिले के चार प्रखंडों में कालाजार उन्मूलन को लेकर चल रहा है अभियान

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कालाजार से बचाव के लिए हो रहा है सिंथेटिक पाइराथाइराइड का छिड़काव
जिले के सूर्यगढ़ा एवं पिपरिया प्रखंड में चल रहा है अभियान

लखीसराय-

जिले में कोरोना संकट गंभीर स्थिति से जिला स्वास्थ्य विभाग बहुत मुस्तैदी से लड़ रहा है । इसी क्रम में जिले में कालाजार की रोकथाम को लेकर छिड़काव का अभियान चलाया जा रहा है । इस अभियान की शुरुआत सूर्यगढ़ा एवं लखीसराय प्रखंड से की गई है | वर्तमान मे सूर्यगढ़ा प्रखंड के मुस्तफापुर गाँव के साथ पियारिया के रामचन्द्रपुर गाँव में छिड़काव किया जा रहा है । जिले के 8 सबसे अधिक कालाजार प्रभावित गांवों में कालाजार उन्मूलन के लिए अभियान चलाया जाएगा| इनमें मसुदन ,मुस्तफापुर, माहा हैवतगंज, ओलीपुर रामचंदर्पूर ,रजोना गाँव के वार्ड न॰-1 ,एवं रेहूआ गांव आदि शामिल हैं| अभियान के लिए दो टीमें बनायी गयी हैं | हर टीम में छह स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं| ये स्वास्थ्यकर्मी गांवों में नली- नालों व घरों की दीवार पर सिंथेटिक पाइराथाइराइड का छिड़काव करेंगे|

माइक्रोप्लानिंग के तहत किया जा रहा छिड़काव

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कालाजार की रोकथाम व इसके सौ फीसदी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है| प्रभावित गांवों में इस अभियान की शुरुआत हुई है। . इसी क्रम में माइक्रोप्लान के तहत पुन: इस अभियान की शुरुआत की गयी है| इस अभियान के दौरान गांव के हर एक घरों में छिड़काव किया जायेगा| अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी सभी घरों में जायेंगे| उन्होंने लोगों से अपील की है कि बीमारी के बचाव के लिए घर के आसपास जलजमाव नहीं करें| फिर भी यदि जलजमाव की स्थिति है तो उसमें किरासन तेल डालने और सोते समय मच्छरदानी लगा कर ही सोने की सलाह दी है| साथ ही बच्चों को पूरा कपड़ा पहनाने व शरीर पर मच्छर रोधी क्रीम लगाने के लिए भी कहा है| कालाजार को देखते हुए अपने घरों की भीतरी दीवारों और बथानों में कीटनाशक का छिड़काव करने व आस-पास के हिस्से को सूखा व स्वच्छ रखने के लिए कहा गया है|

कालाजार की ऐसे करें पहचान

कालाजार एक वेक्टर जनित रोग है| कालाजार के इलाज में लापरवाही से मरीज की जान जा सकती है| यह बीमारी लिश्मैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण होता है| कालाजार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने वाली बीमारी है| यदि व्यक्ति को दो सप्ताह से बुखार और तिल्ली और जिगर बढ़ गया हो तो यह कालाजार के लक्षण हो सकते हैं| साथ ही मरीज को भूख न लगने, कमजोरी और वजन में कमी की शिकायत होती है| यदि इलाज में देरी होने से हाथ, पैर व पेट की त्वचा काली हो जाती है| बाल व त्वचा की परत भी सूख के का झड़ते हैं| कालाजार के लक्षणों के दिखने पर रोगी को तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल या पीएचसी भेजा जाना चाहिए।

  •  इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर रहें 
  •  मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
  •  बिना मास्क पहनें घर से बाहर नहीं निकलें।
  •  ना भीड़ का हिस्सा बनें और ना ही दूसरों को बनने दें।
  •  गाइडलाइन का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें।
  • लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
  • बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

सीएस और डीआईओ ने कोविड केयर सेंटर का किया निरीक्षण

मुंगेर जिला मे 107 स्थानों पर बनाए गए हैं माइक्रो कंटेंमेंट जोन

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– मुंगेर सदर क्षेत्र में बनाए गए हैं सर्वाधिक 52 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन

– जिले में अभी 104 एक्टिव केस, 3 को किया गया है डिनोटिफाइड

– जिले में पॉज़िटिव केस की कुल संख्या है 350

मुंगेर-

जिले में कोरोना जांच के बाद लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद मुंगेर जिला मुख्यालय सहित जिले के कुल 107 स्थानों को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित करते हुए बांस- बल्ले से घेर दिया गया है। मुंगेर सदर प्रखंड में सर्वाधिक 52 स्थानों को माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित करते हुए बांस-बल्ले से घेर दिया गया है।

जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया, मुंगेर में जहां से कोरोना संक्रमित मरीज मिलते हैं उस स्थान को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित करते हुए बांस- बल्ले से घेरकर रास्ते को बंद कर दिया जाता है । ताकि कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में कोई और न आ जाए। उन्होंने बताया, पूरे मुंगेर जिले में कुल 107 माइक्रोकंटेन्मेंट ज़ोन बनाये गए हैं जिसमें सर्वाधिक 52 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन सदर प्रखंड मुंगेर के साथ ही शहरी क्षेत्र में बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया, असरगंज प्रखंड के कुल सात स्थानों पर माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन बनाया गया है। यहां कुल 24 कोविड पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके साथ ही बरियारपुर प्रखंड के गाँधीपुर और नीरपुर में दो माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है।यहां कुल 5 पॉजिटिव केस मिले हैं। धरहरा प्रखंड के औरा बगीचा सहित कुल 6 स्थानों पर माइक्रोकंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। यहां कुल 13 पॉज़िटिव केस मिले हैं। जमालपुर प्रखंड के कुल 23 स्थानों चंदनपुरा, वलीपुर, मुगरौरा, बाराट कॉलोनी, रामपुर कॉलोनी, दौलतपुर, नया गांव सिकंदरपुर, छोटी केशोपुर, वलीपुर नया शिव मंदिर, बड़ी दरियापुर,फरीदपुर और वलीपुर मस्जिद के नजदीक के साथ ही कुल 23 स्थानों पर यहां के पूर्व रेलवे जमालपुर में सर्वाधिक 10 एक्टिव पॉजिटिव केस मिले हैं। मुंगेर सदर क्षेत्र के फोर्ट एरिया, लाल दरवाज़ा, शास्त्रीनगर, संदलपुर, सुभाष नगर, रायसर, राजीव गांधी चौक, रायसर समर्पण अस्पताल के नजदीक, होटल कर्ण विहार, लाल दरवाजा जुलुस यादव के घर के पास , छोटी मिर्जापुर, शंकरपुर नवादा, माधोपुर विषहरी स्थान, बड़ी बाजार इंडिया मार्ट के पास, लाल दरवाजा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के पास एवं बेकापुर मयूर चौक के पास सहित कुल 52 स्थानों पर बांस- बल्ले से घेरकर माइक्रोकंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। यहां के नीलम चौक गुलज़ार पोखर के पास सर्वाधिक 6 पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके ही संग्रामपुर प्रखंड के जानकीपुर सहित 5 स्थानों और तारापुर प्रखंड के दौलतगंज के साथ ही 6 स्थानों पर माइक्रोकंटेन्मेंट ज़ोन बनाया गया है। इसमें से दौलतपुर में सर्वाधिक 8 पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके अलावे हवेली खड़गपुर में भी 6 स्थानों पर माइक्रोकंटेन्मेंट ज़ोन बनाया गया है। यहां के प्रसनडो वार्ड संख्या 10 में सर्वाधिक 15 एक्टिव केस मिले हैं।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बरतें ये सावधानी :
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण कि दूसरी लहर के बीच सभी लोग विशेष सावधानी बरतें ताकि जल्द से जल्द कोरोना वायरस के संक्रमण से जिले को मुक्त किया जा सके।
सभी लोग अपने- अपने घरों से निकलने वक्त मास्क, गमछा, रुमाल या अन्य किसी कपड़े से अपने नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढंकें क्योंकि नाक और मुंह से निकलने वाले माइक्रो ड्रॉपलेटस से ही सबसे अधिक कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने की संभावना रहती है। इसके साथ ही सभी घर से बाहर निकलने की स्थिति में अनिवार्य रूप से शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें। इसके अलावे सभी लोग एक निश्चित अंतराल पर हाथों की साफ- सफाई के अपने साथ साबून या हैंड सैनिटाइजर अवश्य लेते जाएं।

ऑक्सिजन के नाम परखेली जा रही घटिया राजनीति ने मरीजों के परिजनों के उड़ाए नींद, चैन;- अलका लांबा

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नई दिल्ली –

 

 

दिल्ली प्रदेश काँग्रेस कमिटी द्वारा आयोजित वर्चुअल प्रेसवार्ता के जरिये पूर्व विधायक श्रीमती अलका लांबा ने पत्रकारों को संबोधित किया। दिल्ली में ऑक्सिजन की कमी से मचे हाहाकार व कोरोना संक्रमण को रोकने में पूरी तरीके से फैल हो चुकी दिल्ली सरकार को नाकाम बता सवाल उठाया।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि कल शाम उपमुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया ने ट्वीट के जरिये दिल्ली के कई प्रमुख निजी व सरकारी अस्पतालों में शाम 6 बजे के सूचना अनुसार 4 घंटे से 2 दिनों तक का ऑक्सिजन सप्लाइ होने की सूचना साझा किया, इनमें से अधिकांश में मात्र कुछ घंटों का ही सप्लाइ होने की बात सामने आई, उनके इस ट्वीट से हाहाकार मच गया; मरीजों  के परिजन पूरी रात चैन से सो नहीं सके; दिल्ली कॉंग्रेस लागतार हालात पर नज़र बनाई हुई थी।

श्रीमति अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पत्रकार वार्ता के समय तक यह स्पष्ट नहीं किया कि उन अस्पतालों में ऑक्सिजन पहुँची है  या नहीं; जबकि एक दिन पूर्व ख़ुद मुख्यमंत्री समेत तमाम आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों ने दिल्ली में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी हालात पैदा कर दिए थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए उन्होने कहा कि ट्वीट-ट्वीट खेलकर सोयी हुई सरकारों  ने दिल्ली की आम जनता व मरीजों को सदमे में डालने का काम किया।

 

श्रीमति अलका लांबा ने कहा कि 20 april की मध्यरात्री लगभग डेढ़ बजे मीडिया के माध्यम से यह खबर पहुँचाई  गयी कि जीटीबी अस्पताल में 10 मेट्रिक टन ऑक्सिजन की सप्लाइ पहुँच चुकी है, लेकिन हैरतंअंगेज करने वाली बात है कि जब जीटीबी अस्पताल में शाम छः बजे तक उपमुख्यमंत्री के द्वारा जारी लिस्ट मुताबिक कोई कमी नहीं थी तो फिर बाद में ऐसा क्या हुआ की इस 500 मरीज भर्ती हुए इस अस्पताल में मध्यरात्री को ऑक्सिजन पहुंचाया गया? इससे साफ तय है कि ऑक्सिजन के नाम पर औछी राजनीति खेली जा रही, इस राजनीति का दिल्ली के आम जनमानस डरे व सहमे हुए है।

 

श्रीमति अलका लांबा ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में अब से पहले भी तीन लहर आने के बाबजूद सोये रहे, कोई तैयारी नहीं की। उन्होने दिल्ली प्रदेश कॉंग्रेस अध्यक्ष द्वारा लागातार सर्वदलीय मीटिंग बुला व दिल्ली की वास्तविक हालात से विपक्षी पार्टियों को अवगत नहीं कराने पर भी केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि केजरीवाल अहंकारी है, दिल्ली उनसे संभल नहीं रही , दूसरी तरफ कॉंग्रेस जो जनहित में समय पूर्व तैयारी से जुड़ी राय देना चाहती है उसे भी लेने से मना कर रहे; हालाँकि उनमें से अधिकांश राय को विलंब से लागू भी करते है, उन्होने उदाहरण के लिए कॉमनवैल्थ गाँव व सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में विलंब से शुरू किए गयी सुविधा का जिक्र किया।

 

 

*श्रीमति अलका लांबा ने कहा कि केजरीवाल बेड बढ़ाने की घोषणा करते है लेकिन उसके अनुपात से आईसीयू, वेंटिलेटर पर चुप रहते है। दिल्ली सरकार द्वारा जारी कोरोना एप्प के हवाले से कहा कि इस एप्प पर पिछले कुछ दिनों से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में एक भी आईसीयू, वेंटीलेटर खाली नहीं है, इसको लेकर क्यूँ दिल्ली सरकार चुपचाप तमाशा देख रही; जबकि गंभीर मरीज हस्पतालों के चक्कर काट रहे।

 

श्रीमति अलका लांबा ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले एक साल के दौरान 9294 मेट्रिक टन निर्यात करने व 50,000 मेट्रिक टन आयात करने को लेकर एचएलएल के द्वारा जारी टेंडर पर श्रीमति प्रियंका गाँधी के ट्वीट के हवाले से मोदी सरकार की नीति पर भी सवाल उठाया उन्होने कहा कि कोरोना की लहर से पूर्व व बाद के एक साल में भारत सरकार ने ऑक्सिजन की निर्यात दोगुनी कर दिया। आज ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का जिम्मेदार कौन है?

केयर इंडिया के सहयोग से शारीरिक रूप से कमजोर नवजात को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवा

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– जन्म के वक्त नवजात का मात्र 900 ग्राम था वजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवा से हो रहा है सुधार
– आशा कार्यकर्ता के सहयोग से केयर इंडिया की टीम कर रही है नवजात का स्वास्थ्य अवलोकन

खगड़िया-

जिले के अलौली पीएचसी में सोमवार को इसी प्रखंड के हरिपुर निवासी टुनटुन कुमार की पत्नी रूबी कुमारी ने एक नवजात को जन्म दिया । नवजात शारीरिक रूप से काफी कमजोर और उसका वजन मात्र 900 ग्राम था। जिसे देख नवजात के परिजन काफी घबरा गये। किन्तु, मौके पर मौजूद केयर इंडिया की टीम ने नवजात के परिजनों को ना सिर्फ सकारात्मक आश्वासन दिया बल्कि, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी । जिससे नवजात की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा और नवजात अब स्वस्थ भी है। वहीं, केयर इंडिया की टीम स्थानीय आशा कार्यकर्ता के साथ गृह भ्रमण कर नियमित रूप से नवजात का स्वास्थ्य अवलोकन कर रही और आवश्यक चिकित्सा परामर्श दे रही है ।

– नवजात के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे हो रहा है सुधार :-
केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया, नवजात का होम विजिट कर लगातार स्वास्थ्य हाल जाना जा रहा है। आवश्यकतानुसार आवश्यक चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। ताकि नवजात पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सके । वहीं, उन्होंने बताया, नवजात के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वह अब स्वस्थ है।

– कंगारू मदर केयर तकनीक की भी दी गई जानकारी :-
वहीं, केयर इंडिया के सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयक नितेश कुमार ने बताया, इस दौरान नवजात की माँ को कंगारू मदर केयर तकनीक अपनाने की भी सलाह दी गई। अन्य स्वास्थ्य सेवा भी उपलब्ध करायी गयी । इस दौरान स्थानीय आशा रीना कुमारी का भी काफी सहयोग रहा । बताया, आशा भी लगातार होम विजिट कर नवजात का ध्यान रख रही है। इसके बावजूद किसी प्रकार की परेशानी होने पर उन्हें तुरंत सूचना देने को कहा गया है।

– पीएचसी में मिली बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवा :-
आशा कार्यकर्ता रीना कुमारी ने बताया, नवजात के जन्म होने पर परिजनों के साथ-साथ हम भी काफी चिंतित हो गये थे। किन्तु, इस दौरान पीएचसी में बेहतर और समुचित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी गयी । जिसके कारण ना सिर्फ सुरक्षित और सामान्य प्रसव हुआ बल्कि, जच्चा-बच्चा दोनों भी स्वस्थ हैं । इस दौरान एएनएम दीदी और केयर इंडिया के कर्मियों का काफी सहयोग रहा, जो सराहनीय है।

– केयर इंडिया एवं एएनएम दीदी के सहयोग से स्वस्थ है मेरा बच्चा :-
नवजात की माँ रूबी देवी ने बताया, मैं अपने बच्चे की शारीरिक स्थिति देखकर काफी डर गई थी । किन्तु, भगवान की कृपा से सबकुछ ठीक रहा और एएनएम एवं केयर इंडिया की टीम के सहयोग से मेरे बच्चे को पीएचसी में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करायी गई । जिससे मेरा बच्चा स्वस्थ हुआ और शारीरिक स्थिति में भी सुधार हो रहा एवं उनके वजन में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा कंगारू मदर केयर तकनीक को भी अपनाया।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से दूर रहें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता भी करें मजबूत

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हल्दी, लहसुन व अदरक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार
शरीर को पूरा आराम देना भी जरूरी, लें अच्छी नींद

लखीसराय-
कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उभर कर सामने आये हैं| इनमें एक सवाल रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को लेकर है| इम्युनिटी शरीर की वो प्रणाली है जो हमें रोगों से सुरक्षित रखती है| इसके लिए जरूरी है कि हम अपने खानपान का विशेष ख्याल रखें| आयुष मंत्रालय की ओर से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय बताये गये हैं|
सही खानपान से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर सकते हैं
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने लोगों से कहा है सही खानपान से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर सकते हैं लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धोने व सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का भी पालन भी करें| बदलते मौसम में कई तरह के जीवाणु व विषाणु हमारे शरीर पर हमला करते हैं. लेकिन यदि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तो शरीर इन रोगाणुओं से अपना बचाव करने में सक्षम होता है.

हल्दी व लहसुन इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार:
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी व लहसुन का काफी महत्व है| विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी यह मानना है कि लहसुन एक अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ है| यह कई बीमारियों से लड़ने में कारगर है| लहसुन का इस्तेमाल अहले सुबह किया जा सकता है| सुबह सवेरे लहसुन की कुछ डलियां चबा कर खायें| इसके अलावा रात में सोते समय रोजाना एक गिलास दूध को आधा चम्मच हल्दी पाउडर के साथ उबाल लें और इसे पीयें | इसके अलावा अदरक कफ और खांसी के इलाज के लिए रामबाण माना जाता है| अदरक का सेवन कई तरह के संक्रमण और फ्लू से बचाता है| अदरक की चाय व काढ़ा बना कर इसका इस्तेमाल रोजाना सुबह या रात सोते समय कर सकते हैं|

आंवला, मौसमी व नींबू का करें रोजाना इस्तेमाल:
लखीसराय पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, विटामिन सी का इस्तेमाल भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है| विटामिन सी उन फलों में अधिक मात्रा में होते हैं जिनका स्वाद खट्टा होता है| जैसे संतरा, मौसमी, स्ट्राबेरी, जामुन, नींबू व आंवला आदि का इस्तेमाल शरीर में व्हाइट् ब्लड सेल्स को बढ़ाने के लिए किया जाता है| जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है| सुबह सवेरे नींबू की चाय पीना हेल्दी माना जाता है| वहीं, उन्होंने कहा, वर्तमान दौर सभी परिवार में एक पल्स ऑक्सीमीटर जरूर होना चाहिए और सुबह-शाम ऑक्सीजन लेवल जाँच करनी चाहिए।

ताजी हरी सब्जियों में होता है एंटीआॅक्सिडेंट:
ताजी हरी सब्जियां भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार हैं| पालक में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है| इसके साथ ही इसमें मौजूद एंटीआॅक्सिडेंट शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायता करता है| पालक को बहुत अधिक तेज आंच पर नहीं पकाना चाहिए| अन्यथा इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं|

पर्याप्त नींद लेना नहीं भूलें:
इन सबके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे कारगर उपाय पर्याप्त नींद लेना है| तनाव और थकान रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाते हैं| इसलिए रोजाना आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए| इससे शरीर को आराम मिलता है| इस दौरान मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज हो जाती और यह शरीर के लिए बहुत जरूरी है|

आयुष मंत्रालय की है ये राय:
आयुष मंत्रालय द्वारा भी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कुछ उपाये बताये गये हैं| इन उपायों का इस्तेमाल कर हम बेहतर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बना सकते हैं|
गुनगुना पानी पीयें .
तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ व मुन्नका का काढ़ा बनाकर पीयें
हल्दी दूध का नियमित इस्तेमाल.
गर्भवती महिलाएं के लिए मजबूत इम्युनिटी जरूरी:
गर्भवती महिलाओं के लिए भी जरूरी है कि वे अपनी इम्युनिटी का पूरा पूरा ख्याल रखें| पर्याप्त नींद के साथ पौष्टिक आहार लें|चूंकि इस समय शरीर में कई तरह से बदलाव हो रहे होते हैं इसलिए उनका इम्युन सिस्टम भी कमजोर होने लगता है| ऐसे में उन्हें अपने सही खानपान का पूरा ख्याल रखना चाहिए. क्योंकि खराब इम्युन होने से इसका असर गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ता है| संतुलित आहार से शरीर को सभी तरह के विटामिन मिलते हैं| विटामिन डी एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट है और गर्भस्थ शिशु व मां की हड्डियां मजबूत करने के लिए भी फायदेमंद है| अपने खाने में दूध, अंडा, दाल, हरी सब्जी आदि शामिल करें|

कोरोना की दूसरी लहर में सही पोषण से ही मजबूत होगी रोग प्रतिरोधक क्षमता,खानपान का रखें विशेष ख्याल

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– कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए बच्चे और बुजुर्गों के साथ ही किशोर व युवा भी रहें सावधान
– मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए साफ-सफाई का भी रखें विशेष ख्याल

मुंगेर-

जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच लगातार बदल रहे मौसम के कारण तरह-तरह की मौसमी बीमारी होने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। इसीलिए कोरोना के साथ ही इससे भी बचने के लिए हमें और अधिक सावधान रहने की जरूरत है। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही किशोर व युवाओं को भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सही पोषण का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि सही पोषण से ही लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है| जो कोरोना संक्रमण से बचने के साथ ही मौसमी बीमारियों से हमें बचाने में भी संजीवनी साबित होगी । इसके साथ कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों को मास्क और शारीरिक दूरी के नियम का भी अभी पूरी सावधानी के साथ पालन करना आवश्यक है।

कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोग मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को पौष्टिक आहार का करें सेवन:-
सदर अस्पताल मुंगेर के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रामप्रीत सिंह ने बताया, बदलते मौसम में एलर्जी, सर्दी-खाँसी, बुखार सहित अन्य वायरल टाइप की बीमारियों के भी चपेट में लोग आ जाते हैं। इसलिए इससे बचाव के लिए हरी सब्जी, दाल, साग समेत अन्य पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। बच्चों के सही पोषण का उनके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को विशेष ख्याल रखना चाहिए और ससमय खाना खिलाना चाहिए।

कोरोना सहित अन्य मौसमी बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग समय पर खाएं खाना :—-
उन्होने बताया मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए प्रत्येक दिन समय पर खाना खाएं और पर्याप्त मात्रा में उचित व शुद्ध पानी का सेवन करें। हरी सब्जी व साग का ज्यादा उपयोग करें, इससे हमारे शरीर में पोषक तत्व बढ़ता है और हमें बीमारी से लड़ने में सहयोग करता है।

संक्रमण से बचने के लिए साफ -सफाई का भी रखें विशेष ख्याल :
उन्होंने बताया सभी तरह की बीमारियों के संक्रमण से बचने के लिए सभी लोग साफ-सफाई का भी विशेष ख्याल रखें और घर से लेकर आसपास के जगहों पर भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। ब्लीचिंग पाउडर का नियमित रूप से छिड़काव कराएं | साथ ही आसपास के लोगों को भी साफ- सफाई के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा रहन-सहन के तरीके में भी बदलाव लाएं । जो हमें बीमारी के दायरे से बचाएं एवं हम अस्पताल जाने से बचें।

शरीर में पानी की नहीं होने दें कमी:
उन्होने बताया शरीर में पानी की कमी होने के कारण भी तरह- तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। इसके लिए लगातार शुद्ध पानी पीयें | बाहर निकलने यानी यात्रा के दौरान पानी साथ लेकर चलें।

सभी लोग अनिवार्य रूप से करें कोरोना गाइड लाइन का पालन :
– सभी लोग घर से बाहर निकलने की स्थिति में मास्क, गमछा, रुमाल या अन्य कपड़े से अपने नाक और मुंह को ढकें ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को कम से कम किया जा सके।

– सभी लोग भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाने पर शारीरिक दूरी के नियम के तहत कम से कम दो गज या छह फीट के नियम का पालन करें ।
कुछ भी छूने पर साबून या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को एक निश्चित अंतराल के बाद साफ करें ताकि हाथों के जरिये कोरोना वायरस का संक्रमण न फैलने पाए।
– संक्रमण वाली जगहों या जहां पर पर साफ -सफाई नहीं हो वहाँ खाना खाने से बचना चाहिए।
– घर के आसपास गंदगी जमा नहीं होने दें।
– संक्रमण वाले स्थानों से दूर रहें।