मालदीव में दिखी Sara Ali Khan और Janhvi Kapoor की दोस्ती, बन गई हैं ‘पार्टनर’

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नई दिल्ली: मालदीव इन दिनों बॉलीवुड के लिए बेस्ट वेकेशन डेस्टिनेशन बन गया है. काम से फ्री होते ही बॉलीवुड स्टार्ट मालदीव पहुंच जाते हैं और इनके इंस्टाग्राम पेज मालदीव की तस्वीरों से भर जाते हैं. मुंबई में लॉकडाउन लगने के बाद भी कई बॉलीवुड स्टार्स मालदीव पहुंच गए हैं. सारा अली खान और जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) भी इन दिनों मालदीव में हैं.

सारा और जाह्नवी साथ-साथ 

जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) मालदीव में पहले से ही थीं. वहीं दो दिनों पहले सारा अली खान (Sara Ali Khan) भी मालदीव पहुंच गई हैं. ये दोनों एक ही रिसॉर्ट में रुके हैं और साथ में काफी वक्त बिता रहे हैं. अब साथ में दोनों का एक वीडियो भी सामने आया है. दोनों इस वीडियो में साथ में एक्‍सरसाइज करते नजर आ रही हैं और दोनों कई एक्‍सरसाइज में एक दूसरे की पार्टनर्स भी हैं. वीडियो में आप देख सकते हैं कि दोनों स्पोर्ट्स गेयर में नजर आ रही हैं. दोनों ने ही शॉर्ट्स और स्पोर्ट्स ब्रा पहनी हैं. वहीं जाह्नवी ने अपने बालों में दो प्लेट्स बनाई हैं. वहीं सारा ने भी पोनी बनाई है.

सारा ने शेयर किया वीडियो

इस वीडियो को सारा (Sara Ali Khan) ने उपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है. दोनों स्विमिंग पूल के साइड में वर्कआउट करती दिख रही हैं. वीडियो को पोस्ट करते हुए सारा ने लिखा, ‘फ्लो के साथ चलें, आराम और धीरे से चलें…’ इस वीडियो को देखकर साफ पता चल रहा है कि मालदीव में एन्जॉय करने के साथ ही दोनों एक्ट्रेस अपने फिटनेस रूटीन को भी फॉलो कर रही हैं.

ये सभी सेलेब्स पहुंचे मालदीव

बता दें, इन दिनों कई बॉलीवुड सेलेब्स मालदीव में हैं. सारा अली खान (Sara Ali Khan) और जाह्नवी (Janhvi Kapoor) के अलावा, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ और दिशा पाटनी भी मालदीव में ही है. दिशा ने तो मालदीव पहुंचते ही समुद्र किनारे रेत में बैठ कर अपनी बिकिनी फोटो क्लिक कराई, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया था.

दो गज की दूरी मास्क है जरूरी,मास्क का करें हमेशा इस्तेमाल

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मास्क का सही तरीके से करें उपयोग ,नहीं तो आ सकते हैं संक्रमण की चपेट में

लखीसराय-

हम सब इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि कोविड-19 की दवा के साथ मास्क इस संक्रमण से बचने का सबसे कारगर रास्ता है । लेकिन मास्क को सही तरीके से इस्तेमाल करने की भी जरूरत है| सही ढंग से मास्क न पहनने का कोई मतलब नहीं रह जाता है| जिला सिविल सर्जन डॉ देवेंद्र चौधरी ने बताया अभी तक कोविड 19 संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन तो आ गई है पर उसके साथ मास्क के इस्तेमाल और उचित शारीरिक दूरी का पालन करने से ही हम कोरोना से बच सकते हैं| इस बात का आभास सभी लोगों को हो गया है| किन्तु सही तरीके से मास्क नहीं पहनने से लोग संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं| इसलिए लोगों को सही तरीके से मास्क कैसे पहनना चाहिए, यह बताना जरूरी है, जिससे लोग संक्रमण से बच सकें।

गंदा मास्क नहीं पहने:
सबसे पहले तो मास्क को साफ सुथरा रखना जरूरी है| गंदा मास्क पहनने से आपका बचाव नहीं होगा| इस बात का ध्यान रखें कि एक निश्चित समय के बाद मास्क को साफ करना जरूरी होता है| इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने पास एक से अधिक मास्क रखें|

गीला होने पर मास्क को तत्काल बदलें:
डॉ चौधरी ने बताया गीला होने पर मास्क मुंह से चिपक जाता है| ऐसे में बाहर से पड़ने वाली गंदगी मास्क के अंदर जाने का खतरा रहता है| इसलिए गीला मास्क नहीं पहने| गीला होने पर मास्क को तुरंत बदल लें|

एक दूसरे के साथ शेयर नहीं करें:
मास्क निहायत ही निजी तौर पर इस्तेमाल होने वाली वस्तु है| इसका लेन-देन नहीं करें| आप अपना मास्क दूसरे को नहीं दें और दूसरे का मास्क आप नहीं लगाएं| ऐसा करने से एक दूसरे की गंदगी आ- जा सकती है| इससे संक्रमण की भी संभावना हो सकती है|

सर्जिकल मास्क को 8 घंटे बाद के बाद बदल लें :
सर्जिकल मास्क का 8 घंटे के इस्तेमाल के बाद बदल लेना जरूरी होता है| इसके बाद उसमें गंदगी को रोकने की क्षमता नहीं रह जाती है| इसकी जगह सूती मास्क ज्यादा उपयोगी रहता है। वह बार-बार साफ कर उपयोग में लाया जा सकता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार मास्क पहनने का सही तरीका :
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है, 60 से ऊपर के लोगों को सूती मास्क तथा 60 से ऊपर बीमारियों से ग्रस्त लोग मेडिकेटेड मास्क पहनें। वहीं, खेल-कूद करने वाले बच्चों और शारीरिक श्रम करने वालों को उस वक्त मास्क न पहनने की सलाह दी है। वहीं, कहा है, कोविड 19 से बचाव के लिए मास्क को ऐसे लगाएं कि नाक और मुंह दोनों ढके रहें। एक बार मास्क लगा लिया है तो बाहर जाने पर मास्क को उतारें नहीं। उससे संक्रमण की संभावना बनी रहती है। अगर मास्क गीला हो जाए तो उसे सावधानी से उतार कर दूसरा मास्क पहन लें और घर आकर मास्क को साबुन पानी से धो लें। अगर अस्पताल जाना है या किसी संक्रमित के पास जाना है तो ऐसे में सर्जिकल मास्क का प्रयोग करें और प्रयोग के बाद उसे नष्ट कर दें।

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें।

मुंगेर जिले में कोरोना के मामलों को देखते हुए अब निर्धारित समय सारणी के अनुसार खुलेंगी दुकानें

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– मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में जिलाधिकारी मुंगेर ने जारी किया आदेश

– जिले में 15 मई तक रात 09 बजे से सुबह 05 बजे तक लागू रहेगा नाइट कर्फ्यू

मुंगेर-

18 अप्रैल को पटना में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में 15 मई तक राज्य में सभी सभी स्कूल- कॉलेज, कोचिंग संस्थान सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को पूर्णतः बंद करने का निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही 15 मई तक सभी शॉपिंग मॉल,क्लब, स्वीमिंग पूल, स्टेडियम , जिम, पार्क के साथ ही उद्यानों को भी पूर्णतः बंद करने का निर्णय लिया गया। इसी निर्णय के आलोक में जिलाधिकारी मुंगेर रचना पाटिल ने आदेश जारी कर जिले के सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान के खुलने के दिन और समय – सारणी निर्धारित कर दिया है।

जिला स्वास्थ्यय समिति के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नसीम रजि ने बताया, जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिलाधिकारी मुंगेर रचना पाटिल ने आदेश जारी कर जिले भर में दुकानों के खुलने के लिए दिन और समय- सारणी निर्धारित कर दी है। इसके अनुसार,
फल- सब्जी, मांस- मछली , अंडे की दुकान प्रतिदिन सुबह 06 बजे से 10 बजे तक खुल सकेंगी।

: आवश्यक जैसे खाद्यान, खाद्य तेल, चीनी, दूध एवं दुग्ध उत्पाद की दुकान, किराना दुकान, कृषि में प्रयुक्त सामग्री की दुकानें भी प्रतिदिन सुबह 06 बजे से 10 बजे तक खुल सकेंगी।

: निर्माण सामग्री जैसे, सीमेंट- बालू, स्टील, स्टोन इत्यादि, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिक, मोटर एवं पंप, मशीनरी यंत्र, सेनेटरी सामग्री, पम्पिंग सेट, प्लास्टिक आदि कि दुकानें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक ही खुल सकेंगी।

: कपड़े, रेडीमेड, परिधान, वस्त्र प्रतिष्ठान, आभूषण, मनिहारी, रूई, गद्दा, छाता, बर्तन, जूता- चप्पल खेलकूद की सामग्री की दुकानें मंगलवार, गुरुवार, और शनिवार को दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक खुल सकेंगी।

: इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिक गुड्स, बर्तन, स्टूडियो, मोबाइल, चश्मा, कंप्यूटर ऑटोमोबाइल शोरूम, कॉपी- किताब कि दुकान, साइकिल, फर्नीचर की दुकान एवं ब्यवसायिक प्रतिष्ठान बुधवार, शुक्रवार और रविवार को दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक ही खुल सकेंगी।

: दवा दुकानें प्रतिदिन हर समय खुली रहेंगी।

उन्होंने बताया जिले के अनुमंडलवार फल एवं सब्जी की अस्थाई दुकाने भी निर्धारित समय – सारणी के अनुसार निर्धारित स्थान लग सकती है।

सदर अनुमंडल के टाउन हॉल के कैंपस में फल की अस्थाई दुकानें एवं आरडीएंडडीजे कॉलेज के कैंपस में सुबह 06 से सुबह 10 बजे तक सब्जी की दुकानें सजेंगी। इसी तरह तारापुर अनुमंडल क्षेत्र के गाजीपुर और जिला परिषद बस स्टैंड संग्रामपुर में सुबह 06 से 10 बजे तक फल की दुकानें सजेंगी और आरएस कॉलेज मैदान तारापुर सब्जी और मछली तथा जिला परिषद बस स्टैंड संग्रामपुर और रहमतपुर में सब्जी की दुकानें सजेंगी। इसी तरह हवेली खड़गपुर में मणि नदी के किनारे गौशाला की ज़मीन पर फल- सब्जी, मांस- मछली की दुकानें सजेगी।

उन्होंने बताया, ये सभी दुकानें कंटेन्मेंट ज़ोन के बाहर ही खुल सकती है। कंटेंटेन्मेंट जोन में सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहेंगे । यहां कोई गतिविधियां नहीं होगी।

कोविड-19 संक्रमण वायरस • संक्रमण पर रोकथाम के लिए सख्त हुआ स्वास्थ्य विभाग, जाँच का दायरा बढ़ाने का निर्देश

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– संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी होगी कोविड-19 जाँच

– जिलाधिकारी ने शाम 06 बजे के बाद बाजार एवं दुकान को पूर्णतः बंद कराने का दिए निर्देश

खगड़िया, 20 अप्रैल-

कोविड-19 संक्रमण वायरस के दायरे में लगातार इजाफा हो रहा है। जो भविष्य के लिए सुरक्षा के लिहाज से शुभ संकेत नहीं है। इसलिए, इस वैश्विक महामारी को बढ़ते प्रभाव को रोकने का एकमात्र उपाय सतर्कता और सावधानी ही है। इसलिए, इस महामारी के दायरे से दूर रहने के सतर्क और सावधान रहें तथा शासन-प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। हालाँकि, इस महामारी के रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सख्त और सतर्क है और लगातार आवश्यकतानुसार जरूरी फैसले भी ले रहें हैं। ताकि इस महामारी को हर हाल में रोका जा सकें। किन्तु, हमें भी गाइडलाइन का पालन कर प्रशासन का सहयोग करने की जरूरत है।

– संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से पूरी तरह चौकस है और आवश्यकतानुसार हर जरूरी कदम भी उठाये जा रहे हैं। किन्तु, इस महामारी की चेन को तोड़ने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी है। इसलिए, मैं सभी लोगों से अपील करता हूँ, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाव से संबंधित जारी एहतियात जाती रखें। तभी इस महामारी को हम मात देने में सफल हो सकते हैं। इसे रोकने के जो भी जरूरी कदम लेना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर पूरी तरह से तैयार है एवं जिले सभी पीएचसी प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी होगी कोविड-19 जाँच :-
बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर जरूरी कदम उठा रही है। इसके लिए जाँच का दायरा बढ़ाने के लिए संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों को चिह्नित कर उनका भी कोविड-19 जाँच करने का निर्णय लिया गया है। ताकि जाँच अभियान की रफ्तार तेज हो सके और बढ़ते संक्रमण पर काबू पाया जा सके। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि संक्रमण को रोकने के लिए जाँच की दायरा बढ़ाना ही सबसे बेहतर और आसान उपाय है।

– जिलाधिकारी ने शाम 06 बजे के बाद बाजार एवं दुकान को पूर्णतः बंद कराने के दिए निर्देश :-
कोविड-19 संक्रमण को रोकने एवं इससे बचाव के लिए जिले में चल रहे वैक्सीनेशन, जाँच समेत अन्य बचाव से संबंधित अभियान की मानिटरिंग जिलाधिकारी डॉ आलोक रंजन घोष अपने स्तर से खुद भी कर रहें हैं और इसे गति देने के लिए पूरी तरह सजग और गंभीर हैं। इसके लिए वह जिले के प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर फीडबैक ले रहे हैं और आवश्यकतानुसार जरूरी निर्देश दे रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार के निर्देशानुसार शाम के 06 बजे के बाद से बाजार एवं दुकान बंद कराने के निर्देश दिए हैं। इसे सुनिश्चित करने को लेकर सभी पदाधिकारियों को अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा है। ताकि शत-प्रतिशत निर्देश का पालन सुनिश्चित हो सके और महामारी को रोकने के लिए कारगर कदम साबित हो सके।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से दूर रहें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

कोरोना की दूसरी लहर के बीच शिशु को डायरिया- निमोनिया से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण के साथ नियमित स्तनपान जरूरी

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– शिशु के जन्म के पहले एक घंटे में स्तनपान कराने से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मजबूत

मुंगेर-

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच छोटे- छोटे बच्चों का नियमित टीकाकरण के साथ ही माता का नियमित स्तनपान भी आवश्यक है। इससे बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक काफी मजबूत होती है। इसके साथ ही बच्चों के पोषण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मालूम हो कि शिशुओं के लिए आधारभूत पोषण में स्तनपान मुख्य रूप से शामिल है। बच्चे के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए माँ का दूध जरूरी है। माँ के दूध के अलावा छ्ह महीने तक के बच्चे को ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती है क्योंकि मां के दूध में शिशु के लिए आवश्यक पानी की मात्रा मौजूद रहता है। स्तनपान कराने से बच्चे में मां के प्रति भावनात्मक लगाव पैदा होता है और उसे यह सुरक्षा का बोध भी कराता है।

निमोनिया- डायरिया से बच्चों को बचाने के लिए शुरुआती स्तनपान जरूरी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पंकज सागर ने बताया डायरिया व निमोनिया से बचाव में स्तनपान बहुत ही कारगर है। माँ के दूध की महत्ता को समझते स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर तकनीक अपनाते हुए बच्चे को माँ की छाती पर रखकर स्तनपान की शुरुआत लेबर रूम के अंदर ही हो जाए । इसके अलावा माँ को स्तनपान की स्थिति, बच्चे का स्तन से जुड़ाव और माँ के दूध निकालने की विधि को समझाने में भी नर्स द्वारा पूरा सहयोग किया जाता है ताकि कोई भी बच्चा अमृत समान माँ के दूध से वंचित न रह जाये।
बच्चे को छ्ह माह तक लगातार केवल माँ का ही दूध दिया जाना चाहिए-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया यदि बच्चे को जन्म के पहले एक घंटे के अंदर माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध पिलाया जाये तो ऐसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। बच्चे को छ्ह माह तक लगातार केवल माँ का ही दूध दिया जाना चाहिए और इसके साथ किसी अन्य पदार्थ जैसे पानी, घुट्टी, शहद, गाय अथवा भैंस का दूध नहीं देना चाहिए, क्योंकि वह बच्चे के सम्पूर्ण मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए सम्पूर्ण आहार के रूप में काम करता है। बच्चे को हर डेढ़ से दो घंटे में भूख लगती है। इसलिए बच्चे को जितना अधिक बार संभव हो सके माँ का दूध पिलाते रहना चाहिए। माँ का शुरुआती दूध कम होता है लेकिन वह बच्चे के लिए पूर्ण होता है। अधिकतर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनका दूध बच्चे के लिए पूरा नहीं पड़ रहा है और वह बाहरी दूध देना शुरू कर देती हैं जो कि एक भ्रांति के सिवाय और कुछ भी नहीं है। माँ के दूध में भरपूर पानी और पोषक तत्व होते हैं इसलिए बच्चे को बाहर का कुछ देने की जरूरत नहीं होती।

कोविड-19 संक्रमण : तेजी के साथ फैल रही है वायरस, इसलिए रहें सतर्क और सावधान

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– जिले में संक्रमण के खिलाफ चल रही है कोविड-19 जाँच व वैक्सीनेशन अभियान

– गर्भवती और छोटे बच्चे भी हो रहे संक्रमित, इसलिए नहीं करें लापरवाही

खगड़िया-

कोविड-19 संक्रमण की रफ्तार में लगातार इजाफा हो रहा है। चिंता का विषय यह है कि पिछले वर्ष की भाँति यानी कोविड-19 की दूसरा लहर में वायरस तेजी के साथ फैल रही है। राहत की खबर यह इस वैश्विक महामारी के खिलाफ इसबार वैक्सीन उपलब्ध हो चुकी है। किन्तु, इस वैश्विक महामारी की चेन को तोड़ने के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता और सावधानी भी बेहद जरूरी है। दरअसल, लगातार कोविड-19 के लक्षण में तब्दीली हो रही है। जिसके कारण लोगों को लक्षण की पहचान करने में काफी परेशानी हो रही और दो से तीन दिनों में लक्षण गंभीर रूप ले लेता है। इसलिए, इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए एकमात्र उपाय है सतर्कता और सावधानी। इसके लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें एवं खुद के साथ अपने परिवार व समाज के लिए एहतियात जारी रखें और राष्ट्रहित में सहयोग कर जिम्मेदार नागरिक बनें।

– संक्रमण पर रोकथाम के लिए लगातार चल रही है जाँच व वैक्सीनेशन अभियान :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, संक्रमण में लगातार इजाफा हो रहा है। किन्तु, इसे हर हाल में रोकने के लिए जिले में लगातार कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चलाया जा रहा है। जिसे गति देने के लिए आवश्यकतानुसार जगह-जगह खासकर दुर्गम इलाके में शिविर भी लगाया जा रहा है। संक्रमण की रफ्तार तेज नहीं हो, इसके मद्देनजर संक्रमित व्यक्ति के एरिया में वैक्सीनेशन व जाँच अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। किन्तु, इसके साथ सतर्कता और सावधानी भी इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए काफी कारगर हथियार है। इसलिए, मैं पूरे जिले वासियों से अपील करता हूँ, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करें एवं बचाव से संबंधित एहतियात जारी रखें।

– गर्भवती और छोटे बच्चे भी हो रहे संक्रमित, इसलिए नहीं करें लापरवाही :-
गर्भवती और छोटे बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए, इस महामारी से बचाव के लिए सभी लोग सतर्क और सावधान रहें। किसी प्रकार का लक्षण दिखने पर तुरंत जाँच कराएं और चिकित्सा परामर्श का पालन करें। तभी इस वैश्विक महामारी की रफ्तार पर विराम संभव है।

– सदर अस्पताल में बनाया गया कोविड-19 केयर सेंटर :-
जिले में बढ़ते संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी अलर्ट मोड में है। जिले में 480 वार्ड वाला सदर अस्पताल परिसर कोविड-19 केयर सेंटर बनाया गया। जिसमें 100 बेड पर एकसाथ ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

– होम क्वारंटाइन में रह रहे मरीजों की लगातार की जा रही है मानिटरिंग :-
होम क्वारंटाइन में भी रह रहे कोविड-19 संक्रमित मरीजों का स्वास्थ्य टीम द्वारा लगातार गृह भ्रमण कर उनका स्वास्थ्य हाल जाना जा रहा है और उन्हें आवश्यकतानुसार जरूरी दवाई एवं अन्य आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि किसी प्रकार की बड़ी परेशानी होने पर उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– गर्म पानी और नींबू का सेवन करें।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।

कोविड-19 संक्रमण वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क

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– संक्रमित मरीज मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंटजोन नहीं, अब बनाया जाएगा कंटेनमेंट जोन
– सामान्य लक्षण वाले संक्रमित मरीजों को भी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी स्वास्थ्य सुविधा
लखीसराय-

कोरोना संक्रमण वायरस के बढ़ते प्रभाव पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से पूरी तरह तैयार और सजग है। मिशन सिर्फ एक ही हर हाल में बढ़ते संक्रमण पर काबू पाना। इसको लेकर प्रत्येक दिन नये-नये कदम व उपाय भी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने बचाव से संबंधित गतिविधि तेज कर दी है। ताकि हर हाल में बढ़ते संक्रमण पर काबू पाया जा सके और सामाजिक स्तर पर लोगों को इस वैश्विक महामारी के दायरे से दूर रखा जा सके। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान के साथ-साथ बचाव से संबंधित किए जा रहे अन्य कार्यों की रफ्तार तेज कर दी गई है। इसके अलावा इस वैश्विक महामारी की लहर को रोकने के लिए सरकार भी पूरी तरह सजग है और आवश्यकतानुसार नित्य नये-नये फैसले भी ले रही है।

– अब माइक्रो कंटेनमेंटजोन नहीं, पूरा क्षेत्र होगा कंटेनमेंटजोन :-
जिला सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, कोविड-19 संक्रमण की वृद्धि में लगातार इजाफा हो रहा है। किन्तु, इससे घबराने नहीं बल्कि सकारात्मक सोच की बदौलत लड़ने की जरूरत है। इसके अलावा सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग भी इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए पूरी तरह सजग है और आवश्यकतानुसार हर स्तर पर नये-नये फैसले भी लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी को गति देते हुए संक्रमित मरीज मिलने पर अबतक माइक्रो कंटेनमेंटजोन बनाया जा रहा था। किन्तु, संक्रमण में लगातार हो रहे इजाफा को देखते हुए अब माइक्रो कंटेनमेंटजोन नहीं, बल्कि बीते वर्ष यानी कोविड-19 की पहली लहर की तरह पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंटजोन बनाने का निर्णय लिया गया है। ताकि हर हाल में इस वैश्विक महामारी पर रोकथाम पाया जा सके।

– सामान्य लक्षण वाले संक्रमित मरीजों को भी उपलब्ध कराई जाएगी स्वास्थ्य सुविधा :-
सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बताया, किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है किन्तु, उनमें सामान्य लक्षण हैं और उन्हें होम क्वारंटाइन होने के लिए उनके पास घर में चिकित्सकों के सलाहानुसार पर्याप्त जगह नहीं है तो ऐसे संक्रमित मरीजों को आईसोलेट होने के लिए तेतरहट के नोमगढ़ स्थित पारा मेडिकल संस्थान को आइसोलेट सेंटर के रूप में चिह्नित किया गया है। जहाँ ऐसे मरीजों को समुचित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जबकि, पाॅजिटिव से साथ अधिक लक्षण से ग्रसित व्यक्ति के लिए सदर अस्पताल परिसर में कोविड-19 केयर सेंटर बनाया गया। जहाँ चिकित्सकों की मौजूदगी से रह रहे मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है।

– शहरी क्षेत्र में सेविका तो ग्रामीण क्षेत्र आशा घर-घर जाकर लोगों को कर रही जागरूक और दी रही है आवश्यक जानकारी :-
कोविड-19 संक्रमण वायरस के बढ़ते प्रभाव पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता एवं आईसीडीएस की ऑगनबाड़ी सेविका भी पूरी तरह मुस्तैदी के साथ लोगों को जागरूक कर रही हैं। एएनएम के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र में आँगनबाड़ी सेविका और ग्रामीण क्षेत्र में आशा घर-घर जाकर ना सिर्फ लोगों कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं। बल्कि, लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराने, बारी आने पर वैक्सीन लेने को भी प्रेरित कर रही हैं। साथ ही होम क्वारंटाइन में रह रहे संक्रमित मरीजों का गृह भ्रमण, लगातार देखरेख और दवाई भी उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा संक्रमित मरीजों को सरकारी सुविधा का शत-प्रतिशत लाभ मिले, इसके लिए आवश्यकतानुसार संक्रमित मरीजों को आवश्यक सहयोग भी कर रही हैं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– शारीरिक दूरी का पालन करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से दूर रहें।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और मास्क का उपयोग एवं सेनिटाइजर पास रखें।

‘बाल ह्रदय योजना’ के तहत बेगूसराय की बच्ची का अहमदाबाद में हुआ ह्रदय में छेद का निः शुल्क ऑपरेशन

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– मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2 के तहत शामिल किया गया है बाल ह्रदय योजना

– योजना के तहत ह्रदय में छेद वाले छोटे बच्चों का राज्य के बाहर निःशुल्क कराया जाता है ऑपरेशन

बेगूसराय-

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2 में बच्चों में जन्मजात ह्रदय में छेद होने पर बच्चे के निः शुल्क ईलाज के लिए बाल ह्रदय योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत ही बेगूसराय सदर प्रखण्ड क्षेत्र के राजापुर डुमरी गांव के रहने वाले मो. फारुख और सहना खातून की 23 महीने की बच्ची रोजी खातून का राज्य सरकार की मदद से अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल में ह्रदय में छेद का निः शुल्क ऑपरेशन किया गया। ह्रदय का सफल होने के बाद बच्ची अपने अभिभावक के साथ 17 अप्रैल को अपने घर सदर प्रखंड के राजपुर डुमरी गांव लौट आई है।

सदर अस्पताल बेगूसराय में आरबीएसके के समन्वयक और बेगूसराय शहरी टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. रतीफ़ रमण ने बताया, सदर प्रखण्ड के राजपुर डुमरी गांव निवासी मो. फारूक और उनकी पत्नी सहना खातून की अपनी 23 महीने की बच्ची रोजी खातून की पहचान सदर प्रखंड क्षेत्र में काम करने वाली आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से हुई। उन्होंने बताया उन्होंने जिले की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को यह बता दिया है कि इस तरह का कोई भी बच्चा यदि उनकी सम्पर्क में आता है तो वह तत्काल इसकी जानकारी उन्हें दें।
उन्होंने बताया बच्ची को सर्दी- खांसी, बुखार, भूख नहीं लगना सहित लक्षण थे। उन्होंने इसे गम्भीरता से लेते हुए बेगूसराय सदर प्राथमिक स्वाथ्यय केंद्र पर कार्ररत आरबीएसके की टीम को दिख रहे लक्षण के आधार पर बच्ची का स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट देने को कहा। रिपोर्ट के बाद उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए बच्ची को एम्बुलेंस के जरिये पटना स्थित इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) स्कीनिंग के लिए भेज दिया। जहां अहमदाबाद से आए चिकिसकों कि उपस्थिति में कई गई जांच में बच्ची के ह्रदय में छेद होने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा इसके बाद पटना से उन्हें बच्ची के ह्रदय की निःशुल्क ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजे जाने को ले बच्ची के अभिभावक से मिलकर जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार करने का निर्देश मिला। इसके बाद उन्होंने बच्ची के अभिभावक से मिलकर सभी आवश्यक कागजात तैयार कर पटना भेज दिया और पटना से निर्देश मिलने के बाद बच्ची और उसके अभिभावक को विमान से अहमदाबाद जाने के लिए एम्बुलेंस से बेगूसराय से पटना भेज दिया। पटना से बच्ची रोजी खातून सहित राज्य के सभी बच्चों को उसके एक- एक अभिभावक के साथ विमान से पटना से अहमदाबाद भेज दिया गया। अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल में बच्ची के ह्रदय का सफल ऑपरेशन के बाद शनिवार को बच्ची और उसके अभिभावक सकुशल अहमदाबाद से पटना और फिर एम्बुलेंस से अपने गांव सदर प्रखंड के राजपुर डुमरी लौट आये हैं। ऑपरेशन के बाद बच्ची रोजी खातून अभी बिल्कुल स्वस्थ है।

रोजी खातून के पिता मो. फारुख ने बताया, पटना के इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में हुई स्क्रीनिंग के बाद जब उन्हें मालूम हुआ कि उनकी बच्ची के ह्रदय में छेद है तो वह बिल्कुल ही घबरा गए थे. उन्हें इस बात का डर भी बुआ कि वह अपनी बच्ची को बचा पाएंगे भी या नहीं. ऐसे समय में बेगूसराय में आरबीएसके के समन्वयक डॉ. रतीन रमण ने उन्हें हौसला दिया कि उनकी बच्ची के ह्रदय का राज्य सरकार कि पहल पर राज्य से बाहर निःशुल्क ऑपरेशन किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘उनके सहयोग और सलाह के बदौलत ही आज मेरी बच्ची के ह्रदय का निः शुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है। मेरी बच्ची आज पूरी तरह से स्वस्थ्यय है जिसका पूरा श्रेय राज्य सरकार कि यह महत्वकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना को जाती है। इस योजना के तहत ही मेरी बच्ची सहित राज्य भर के सभी बच्चों के ह्रदय का निःशुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है।‘’

संक्रमित मरीजों के इलाके में कोविड-19 वैक्सीनेशन और जाँच अभियान को दी जा रही है प्राथमिकता

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– जिले में वैक्सीन उपलब्ध होते ही शुरू हुआ वैक्सीनेशन अभियान
– संक्रमण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

खगड़िया-
कोविड-19 संक्रमण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है| इसके लिए पूरी मुस्तैदी के साथ आवश्यक पहल व उपाय भी किया जा रहे हैं। ताकि हर हाल में बढ़ते संक्रमण की रफ्तार पर विराम लग सके और सामाजिक स्तर लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें । इसके अलावा इस वैश्विक महामारी के खिलाफ जिले में लगातार कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चल रहा है। बढ़ते संक्रमण पर हर हाल में काबू पाने के लिए खासकर संक्रमित एरिया यानी जिस गाँव में संक्रमित मरीज पाए गये हैं उस एरिया में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान चलाया जा रहा है। ताकि बढ़ते संक्रमण की गति तेज नहीं हो सके और समय रहते लोगों की जाँच व वैक्सीनेशन हो सके ।

– संक्रमण का दायरा नहीं बढ़े…इसलिए प्राथमिकता के साथ हो रहा वैक्सीनेशन व जाँच :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया, वैसे तो पूरे जिले में सभी सत्र स्थलों (सेशन साइटों) पर लगातार कोविड-19 वैक्सीनेशन व जाँच अभियान चल रहा है। आवश्यकतानुसार जगह-जगह खासकर दुर्गम इलाके में शिविर आयोजित कर भी वैक्सीनेशन व जाँच अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा उन एरिया में वैक्सीनेशन एवं जाँच अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन एरिया में संक्रमित मरीज मिले हैं। ताकि संक्रमण का दायरा नहीं बढ़े और अधिक से अधिक लोग इस गंभीर महामारी के दायरे से दूर रह सकें।

– वैक्सीन उपलब्ध होते ही शुरू हुआ वैक्सीनेशन अभियान :-
कोविड-19 संक्रमण को हर हाल में रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है और लगातार जिले में वैक्सीनेशन व जाँच अभियान चलाया जा रहा है। किन्तु, शुक्रवार को वैक्सीन खत्म होने के कारण वैक्सीनेशन बंद था, पर जिले में नियमित रूप से वैक्सीनेशन हो, इसके प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है इस बात का अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि देर शाम ही स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन मंगवाई और शनिवार की सुबह पुनः वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो गया।

– मानसी में तीन जगह लगाया गया वैक्सीनेशन शिविर :-
वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति देने के लिए मानसी पीएचसी में तीन जगह वैक्सीनेशन शिविर लगाया गया। जिसमें 45 एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी गई । वहीं, पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव रंजन ने बताया, पीएचसी सहित अमनी हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर एवं अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर में वैक्सीनेशन शिविर लगाया गया।

– संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जरूरी :-
संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तो पूरी सजग है ही। किन्तु, इस वैश्विक महामारी को जड़ से मिटाने के लिए आपका सहयोग भी अपेक्षित है। इसलिए, इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जारी रखें और स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन को सहयोग करें। तभी इस वैश्विक महामारी को मात देने में सफल हो सकते हैं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– गर्म पानी का सेवन करें और नींबू पानी भी पीएं।
– विटामिन-सी युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और यात्रा के दौरान सैनिटाइजर का उपयोग करें।

कोरोना की दूसरी लहर के बीच सदर अस्पताल में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का कराया गया सुरक्षित प्रसव

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– 14 अप्रैल को असरगंज से रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला फूल कुमारी का कराया गया प्रसव
– पिछले वर्ष भी हवेली खड़गपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का कराया गया था सुरक्षित प्रसव

मुंगेर-

जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सदर अस्पताल मुंगेर में असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला फूल कुमारी का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया । इसके लिए जिलाधिकारी मुंगेर रचना पाटील के निर्देशानुसार कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला के सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए सदर अस्पताल के लेबर रूम के ऊपर अलग से सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक लेबर रूम बनाया गया है ।
विशेष कोविड डेडिकेटेड लेबर रूम में संस्थागत प्रसव कराया गया-
सदर अस्पताल मुंगेर के लेबर रूम में कार्यरत डॉ. मंजुला रानी मंडल ने बताया 14 अप्रैल की शाम लगभग सात बजे असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंगेर से रेफर की गई असरगंज के आद्रास गांव पोस्ट ममय निवासी आशीष रंजन की 20 वर्षीय पत्नी फूल कुमारी को सदर अस्पताल के लेबर रूम के पहले तल्ले पर बने विशेष कोविड डेडिकेटेड लेबर रूम में भर्ती कराया गया है। यहां कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए सभी आवश्यक मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं। यहां रात के लगभग 10: 30 बजे जीएनएम नर्स शिखा कुमारी के नेतृत्व में अन्य मेडिकल स्टाफ ने कोरोना संक्रमित महिला का सुरक्षित प्रसव कराया और महिला ने बिल्कुल स्वस्थ 3 किलो वजन की एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। स्वस्थ्य बच्ची के जन्म लेने के बाद 15 अप्रैल को दिन के लगभग 11 बजे बच्ची के साथ उसकी मां को सदर अस्पताल मुंगेर से उसके घर असरगंज भेज दिया गया।

सदर अस्पताल मुंगेर में कार्यरत लेबर रूम इंचार्ज सिस्टर नीतू ने बताया यहां कोरोना संक्रमित मरीजों के सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए लेबर रूम के ऊपरी तल्ले पर विशेष कोविड डेडिकेटेड लेबर रूम बनाया गया है । यहां साफ- सफाई के साथ ही सैनिटाइजेशन की विशेष ब्यवस्था है। उन्होंने बताया पिछले वर्ष भी कोरोना काल के दौरान यहां हवेली खड़गपुर से रेफर की गई कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया गया था। उस गर्भवती महिला की पहली डिलीवरी सिजेरियन हुई थी जबकि दूसरी डिलीवरी यहां नार्मल हुई थी |