‘सीईजीआर’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने ‘सूर्यदत्ता’ के प्रो. डॉ. संजय चोरडिया

0

सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा डॉ संजय चोरडिया की

सेंटर फॉर एज्युकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च के (सीईजीआर) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति

 

पुणे : नवी दिल्ली मे सेंटर फॉर एज्युकेशन ग्रोथ अँड रिसर्च के (सीईजीआर) राष्ट्रीय उपाध्यक्षपद पर सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया को नियुक्त किया गया. नियुक्ति अगले पांच वर्षों के लिए है और हाल ही में हुए ‘सीईजीआर’ की बैठक में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई. ‘सीईजीआर’ यह संस्था देश में शिक्षा क्षेत्र के लिए काम करनेवाली अकेली संस्था है. यह शिक्षा क्षेत्र की प्रगति के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए शिक्षकों, मीडिया और नीति निर्माताओं को एक मंच प्रदान करता है. इसी समय, यह अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से शिक्षा का विस्तार करना चाहते है.

 

‘सीईजीआर’में 10,000 से अधिक शिक्षक, उद्यमी और रिसर्चर शामिल हैं. ‘सीईजीआर’ नेशनल काउंसिल में केरल के गवर्नर, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन (NBA), ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (NBA), ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE), 50 चांसलर, देश के विभिन्न हिस्सों के कुलगुरु शामिल हैं. एक ही दिन में 14 राज्यों में 56 कार्यक्रम आयोजित करने वाला एकमात्र शैक्षिक सोच समूह है। इसे भारतीय शैक्षिक महोत्सव कहा जाता है।

प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने उनकी नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा की, “यह इस राष्ट्रीय स्तर के संगठन के उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करने का जो अवसर मिला है ,जो शिक्षा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देता है। हम आने वाली पीढ़ियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिएके ‘सीईजीआर’ माध्यम से काम करना जारी रखेंगे।”

 

“हम सूर्यदत्त शिक्षा संस्थान के माध्यम से गुणवत्ता, मूल्य-आधारित और कुशल शिक्षा प्रदान करने के लिए पिछले दो दशकों से प्रयास कर रहे हैं. यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी स्तरों के छात्रों के लिए आसानी से उपलब्ध है, तो छात्रों, परिवारों, समाज और वैकल्पिक रूप से देश का विकास वर्तमान में होगा,ऐसा ”प्रा डॉ संजय चोरडिया ने कहा

 

सीपीजे कॉलेज नरेला ने किया 5वीं राष्ट्रीय मूटकोर्ट और राष्ट्रीय बहस प्रतियोगिताओं का आयोजन

0

नईदिल्ली- सीपीजे कॉलेज नरेला ((गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली से संबद्ध) ने विद्यार्थियो को व्यावहारिक शिक्षा प्रदान के लिए शैक्षणिक और संबद्ध कार्यक्रमों के आयोजन की समृद्ध परंपरा के अनुसरण में अपनी 5 वीं राष्ट्रीय मूट कोर्ट और राष्ट्रीय बहस प्रतियोगिताओं का आयोजन “परिवार कानून: समकालीन चुनौतियां और समाधान” विषय पर 9 और 10 अप्रैल, 2021 को वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया। लगभग 350 छात्र और संकाय सदस्य इन प्रतियोगिताओं में दर्शकों के रूप में शामिल हुए और पूरे भारत से अच्छी संख्या में टीमों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया। आयोजन का उद्घाटन न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, डॉ. अभिषेक जैन, महासचिव, और श्री युगांक चतुर्वेदी, महानिदेशक की सम्मानित उपस्थिति में हुआ। अपने स्वागत भाषण में श्री चतुर्वेदी ने कहा कि अच्छे सामाजिक और पारिवारिक कानून; क़ानून की सही व्याख्या और उनके उपयुक्त अनुप्रयोग एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करने में सक्षम हैं। अपने उद्घाटन भाषण में जस्टिस जी.एस. सिस्तानी ने प्रतिभागियों को कानूनी पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में मूट कोर्ट अभ्यास के महत्व के बारे में बताया और उम्मीद की कि प्रतिभागी छात्र अपनी क्षमताओं को उजागर करने और प्रतियोगिता जीतने के लिए अपने कानूनी कौशल का उपयोग करने में सफल होंगे।

समापन समारोह  को वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजीव बंसल, श्री आर.एस. गोस्वामी, और श्री मुरारी तिवारी ने संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। उन्होंने अपनी अच्छी बहस और मूटिंग क्षमता, सॉफ्ट कौशल और कानूनी ज्ञान को बेहतर प्रदर्शित किया।माननीय अतिथियों ने वैश्विक महामारी और समाज में इसके सामाजिक-आर्थिक और कानूनी प्रभाव के कारण समकालीन चुनौतियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण की दिशा में जागरूकता बढ़ाने के लिए सीपीजे कॉलेज के प्रयासों की सराहना की। विजेता टीमों और सभी प्रतिभागियों के लिए क्रमश: पुरस्कार और ई-प्रमाणपत्र की घोषणा की गई।महानिदेशक श्री युगांक चतुर्वेदी के वोट ऑफ़ थैंक्स के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 102 नए जगहों पर बनेगा माइक्रो कंटेनमेंट जोन

0

जिले में 97 माइक्रो कंटेनमेंट जोन पहले से बनाए गए हैं
सभी मेट्रो कंटेनमेंट जोन की 11 अधिकारी कर रहे निगरानी

भागलपुर-

कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बीच जिले में सतर्कता भी बढ़ा दी गई है. अब 102 नए जगहों पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा. जिले में 97 माइक्रो कंटेनमेंट जोन पहले से बने हुए हैं. इस तरह से कुल 199 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हो जाएंगे. सभी कंटेनमेंट जोन में बैरिकेडिंग की जाएगी और लोगों के निकलने पर रोक रहेगी. आवश्यक सामान लोगों को घर पर पहुंचाया जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग से आई है सूची:
उपनगर आयुक्त सत्येंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया किन किन जगहों पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जाना है, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग से सूची आई है. जिन-जिन क्षेत्रों में कोरोना के नए मरीज मिले हैं, उन- उन जगहों पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा. इसे लेकर नगर निगम के कर्मियों को सूची सौंपी गई है.

नगर निगम में बनेगा सैनिटाइजेशन और माइक्रो कंटेनमेंट सेल:
उपनगर आयुक्त ने बताया कंटेनमेंट जोन की निगरानी के लिए नगर निगम में सेल बनाया जाएगा. इसी तरीके से सैनिटाइजेशन पर भी निगरानी रखने के लिए सैनिटाइजेशन सेल का गठन किया जाएगा. मालूम हो कि जिला प्रशासन के 11 अधिकारी पहले से ही माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर नजर रख रहे हैं. वहां पर किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो, इसे लेकर लगातार जायजा ले रहे हैं.

लोगों से सहयोग की अपील:
उपनगर आयुक्त ने कहा माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने जा रहे कर्मियों को स्थानीय लोगों को सहयोग करना चाहिए. बैरिकेडिंग उन्हीं की सुरक्षा के लिए की जा रही है. कई जगहों पर स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए.

कई जगहों पर कराया गया सैनिटाइजेशन:
उपनगर आयुक्त ने बताया शुक्रवार को सभी माइक्रो कंटेनमेंट जोन और शहर के अन्य हिस्सों में भी सैनिटाइजेशन का काम कराया गया. नगर निगम के कर्मी दिन भर इस काम में लगे रहे. सैनिटाइजेशन के दौरान लोगों ने लोगों से घरों से कम से कम निकलने की अपील की गई.

अपनी जिम्मेदारी जब तक नहीं समझेगें तब तक कोरोना को हराना होगा मुश्किल

0

शारीरिक दूरी का पालन और मास्क का उपयोग ही है कोरोना संक्रमण को भगाने का सफल रास्ता

ख़ुद भी रहें सतर्क और दूसरों को भी करें जागरूक

लखीसराय –

हम अभी भी कोरोना संक्रमण की संकट से उबरे नहीं हैं। कोरोना की दूसरी लहर फ़िर से हमारी चुनौतियाँ बढ़ाने को आतुर है। ऐसे में महामारी से बचाव के लिए सबसे बेहतर आसान तरीका शारीरिक दूरी का पालन और मास्क का उपयोग ही है। इसलिए, इन दोनों सबसे आसान और बेहतर कारगार उपाय पालन करना बेहद जरूरी है। यूँ कहें कि समाज में, बाजार में या फिर किसी चौक–चौराहे पर कम निकले और अगर जरूरत पड़ने पर निकले भी तो शारीरिक दूरी का पालन और मास्क का उपयोग निश्चित रूप से करें और यही बात हमें अपने अंदर आत्मसात करने की जरूरत है। जब तक हम इस बात को नहीं समझेंगे तब तक इस बीमारी के चक्रव्यूह को तोड़ नहीं पायेंगे ।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, कोविड-19 संक्रमण आदमी से आदमी में फैलने वाली बीमारी है। इस कारण इस बीमारी से निजात पाने एवं वायरल को फैलने से रोकने के लिए शारीरिक दूरी का पालन और मास्क का उपयोग महत्वपूर्ण कड़ी है। घर, गाँव या शहर हो हर जगह शारीरिक दूरी का शत-प्रतिशत पालन हो। साथ ही जो लोग बाहर से आ रहे है वह अपनी पहचान न छुपाएँ क्योंकि आपकी एक गलती आपके परिवार के साथ पूरे गाँव और मुहल्ले को अनजाने खतरे के चपेट मे ले सकता है। इसलिए, बचाव के लिए एहतियात जारी रखें और पानी व साबुन उपलब्ध नहीं रहने पर सेनेटाइजर का भी उपयोग करें।
11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक मनाया जाएगा टिकाकरण उत्सव :
डॉ भारती ने बतया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नितीश कुमार के आदेशानुसार 11 अप्रैल से 14 तक जिले में ज्योतिबा फुले जी के जंयती पर पुर जिले में टिकाकरण उत्सव के रूप में मनाया जाएगा । इस अवसर पर में उन सारे लाभार्थी से अपील करना चाहूँगा कि वो अपने नजदीकी टिकाकरण स्थल पर जा कर कोविड-19 से बचाव के लिए टीका जरूर लगवाएँ ।
उन्होने ये भी बतया कि कीविड-19 कि जाँच पर भी फोकस किया जा रहा है ताकि इस करोना इस दूसरी लहर को लोगों के दिलो –दिमाग पर एक बार फिर से हावी ना होने दें । पर इसके साथ जरूरी है कि हम सब कोविड -19 के गाइड –लाइन का पालन भी करें।
इस संकर्मण से बचने के लिए हम सभी को अपने व्यवहार परिवर्तन पर भी बल देने कि आवश्यकता है ।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– खान-पान का ख्याल रखें।
– अधिक समय तक खाली पेट नहीं रहें और समय पर खाना खाएं।
– यात्रा के दौरान मास्क जरूर पहनें एवं सेनेटाइजर भी साथ रखें।

दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की कोविड-19 जाँच के लिए खगड़िया रेलवे स्टेशन पर मेडिकल टीम की हुई तैनाती

0

– शत-प्रतिशत लोगों की जाँच सुनिश्चित करने के लिए टीम की हुई तैनाती

– कोविड-19 जाँच के बाद ही गंतव्य जाने की दी जाएगी अनुमति

खगड़िया-

जिले में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्तर से पूरी तरह तैयार है और हर आवश्यक कदम भी उठा रहा है। ताकि जिले में संक्रमण की संभावना खत्म हो सके और लोग इस वैश्विक महामारी के संक्रमण से सुरक्षित रह सकें। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की कोविड-19 जाँच सुनिश्चित करने को लेकर खगड़िया रेलवे स्टेशन परिसर स्थित वेटिंग हाॅल में जाँच सेंटर बनाया है और जाँच के लिए मेडिकल टीम की तैनाती की है। ताकि बाहर से आने वाले सभी लोगों की शत-प्रतिशत जाँच हो सके और बढ़ते संक्रमण पर विराम लग सके।

– कोविड-19 जाँच के बाद ही गंतव्य जाने की मिलेगी इजाजत :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, बाहर आने वाले शत-प्रतिशत लोगों की कोविड-19 जाँच सुनिश्चित हो, इसके मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर जाँच के लिए मेडिकल टीम की तैनाती की गई। जहाँ बाहर से आने वाले लोगों को जाँच के पश्चात ही गंतव्य जाने की इजाजत दी जाएगी। इससे ना सिर्फ वह खुद सुरक्षित रहेगा। बल्कि, उनके साथ उनका पूरा परिवार और समाज भी सुरक्षित रहेगा। वहीं, उन्होंने बताया, संक्रमण को खत्म करने के लिए हर आवश्यक तैयारियाँ की जा रही है।

– जाँच कराने के लिए किया जा रहा है जागरूक :-
हर हाल में बाहर से आने वाले शत-प्रतिशत लोगों की जाँच सुनिश्चित हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जाँच कराने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। दरअसल, आशंका है कि कई लोग निजी वाहनों से भी घर आएँगे। ऐसे लोगों को जाँच कराने के लिए जागरूक एवं चिह्नित कर स्थानीय पीएचसी को रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता को दी गई है। ताकि जाँच से एक भी लोग वंचित नहीं रहें।

– जाँच के बाद दी जा रही है वैक्सीन :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पूरे जोर-शोर के साथ वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जहाँ वैक्सीन लेने वाले लोगों का पहले कोविड-19 जाँच एवं उसके बाद ही वैक्सीनेशन किया जा रहा है। ताकि किसी प्रकार के संक्रमण की सम्भावना नहीं हो और सभी लोग वैक्सीनेशन के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी जा रही है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

खगड़िया जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हुई जाँच

0

– प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर का आयोजन कर की गई जाँच
– जाँच के पश्चात सुरक्षित और सामान्य प्रसव को लेकर चिकित्सकों द्वारा दी गई आवश्यक जानकारियाँ

खगड़िया-

शुक्रवार को जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, रेफरल एवं अनुमंडलीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व (एएनसी) जाँच हुई । यह जाँच स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर लगाकर किया गया। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने अपने-अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए एएनसी जाँच करवाई। जाँच के बाद चिकित्सकों द्वारा गर्भवती को रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ, समेत अन्य चिकित्सा परामर्श विस्तार पूर्वक दिया गया ।

– गर्भवती महिलाओं की हुई समुचित जाँच :-
इन शिविरों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं शामिल हुईं और सुरक्षित व सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जाँच करवाई। शिविर में जाँच कर रहे मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती महिलाओं की ब्लड, यूरिन, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, बीपी, हार्ट-बीट आदि की भी जाँच की गई। एएनसी जांच के लिए शिविर में मौजूद महिलाओं को प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने की सलाह दी गई।

– सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए प्रसव पूर्व जाँच जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, प्रसव अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत जाँच करानी चाहिए। दरअसल, समय पर जाँच कराने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाता है| शुरूआती दौर में पता लगने पर ही उसे आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह की नौ तारीख को पीएचसी स्तर पर एएनसी जाँच की व्यवस्था की गई है। ताकि प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक शारीरिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिल सके। साथ ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जाँच कराना जरूरी है।

– शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की है बेहतर व्यवस्था :-
सरकार द्वारा प्रत्येक महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के लिए की गई यह व्यवस्था शिशु-मृत्यु दर में कमी लाने की बेहतर व्यवस्था है। सरकार द्वारा की गई यह व्यवस्था मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में अच्छी पहल है। इससे ना सिर्फ सुरक्षित प्रसव होगा, बल्कि शिशु-मृत्यु दर पर विराम भी लगेगा। इसके साथ ही जच्चा-बच्चा दोनों को अनावश्यक परेशानियाँ का सामना नहीं करना पड़ेगा।

– सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिला को प्रोटीन युक्त आहार जरूरी :-
शिविर के दौरान चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि सुरक्षित और सामान्य प्रसव के लिए गर्भवती महिला को प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना जरूरी है| किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत योग्य चिकित्सकों से जाँच करानी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान शरीर को उचित पोषण बेहद जरूरी है। इससे ना सिर्फ गर्भवती स्वस्थ रहेगी, बल्कि गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ रहेगा। जिससे सुरक्षित प्रसव को भी बढ़ावा मिलेगा।

– संस्थागत प्रसव को लेकर किया गया जागरूक :-
वहीं, एएनसी जाँच के दौरान महिलाओं को संस्थागत प्रसव को लेकर जागरूक किया गया। इस दौरान सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। ताकि महिलाओं में सुरक्षा के दृष्टिकोण से संस्थागत प्रसव को लेकर किसी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं रहे और सभी महिलाएं संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– यात्रा के दौरान निश्चित रूप से सैनिटाइजर पास में रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें और छूने के पूर्व अच्छी तरह हाथों की सफाई करें।

अगर लक्षण दिखे और जांच में कोरोना नहीं निकले तो भी हो जाएं सतर्क

0

घर के सदस्यों और अन्य लोगों से दूरी बनाकर रहें
पानी उबालकर पीने के साथ गर्म भोजन करें

बांका-

कोरोना की दूसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज गति से चल रहा है. जिले में जगह-जगह पर कोरोना की जांच हो रही है. इसके अलावा टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है. ऐसे में आमलोगों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है. जो लोग टीकाकरण के मापदंड को पूरा कर रहे हैं, उन्हें तो नजदीकी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टीका ले ही लेना चाहिए. वहीं जो लोग टीकाकरण के मापदंड को पूरा नहीं कर रहे हैं और अगर उन्हें कोरोना के लक्षण दिखे, जैसे सर्दी, खांसी, बुखार या फिर गले में खरास तो जरूर कोरोना जांच करा लें.जांच में अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी सतर्कता बरतें.
रिपोर्ट निगेटिव आ जाने के बाद भी सावधानी बरतनी चाहिये –
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कोरोना की दूसरी लहर को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं. कई मामलों में में ऐसा देखा जा रहा है कि जिनमें कोरोना के लक्षण हैं और उनकी जांच कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है. कई बार ऐसा सही तरीके से सैंपल नहीं लेने से भी होता है, लेकिन ऐसे लोगों को रिपोर्ट निगेटिव आ जाने के बाद भी सावधानी बरतनी चाहिए. घर और परिवार के सदस्यों से दूर रहना चाहिए. अगर संभव हो तो होम आइसोलेशन में चले जाना चाहिए. ठीक होने तक लोगों के संपर्क में नहीं आना चाहिए. अगर उनमें कोरोना के लक्षण होंगे तो उस व्यक्ति से कई और लोगों में संक्रमण की संभावना रहती है. गर्म भोजन करें और पानी को उबालकर पीएं.

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर काम करें:
डॉ चौधरी कहते हैं कि कोरोना से बचाव में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना बहुत ही जरूरी है. जिसकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उसके कोरोना की चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती और जिसकी मजबूत होती उसके चपेट में आने की आशंका कम से कम रहती है. इसलिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर देना चाहिए. अभी कोरोना का माहौल है, इसलिए घर से निकलने के बजाय घर पर ही कम से कम 45 मिनट तक योग करना चाहिए. योग के तमाम आसन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.

कोरोना के गाइडलाइन का हर हाल में करें पालन:
डॉ चौधरी कहते हैं कोरोना की गाइडलाइन का लोगों को हर हाल में पालन करना चाहिए. कुछ समय पहले तक कोरोना लगभग खत्म हो गया था, लेकिन लोगों ने सावधानी बरतनी छोड़ दी. इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है कि फिर से कोरोना के मरीज जिले में मिलने लगे हैं. इसलिए मास्क पहनना और समाजिक दूरी का पालन करना जिंदगी का हिस्सा बना लें. अगर कोरोना खत्म भी हो जाता है तो भी इन चीजों का पालन करते रहें. बाहर से घर आने पर हाथ की धुलाई 20 सेकंड तक जरूर करें.साथ ही समय-समय पर सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करें. इससे ना सिर्फ कोरोना से बचाव होगा, बल्कि दूसरी बीमारियों से भी आप बचे रहेंगे.

मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना के तहत बेगूसराय की बच्ची का अहमदाबाद में हुआ ह्रदय में छेद का निः शुल्क ऑपरेशन

0

– मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना पार्ट 2 के तहत शामिल किया गया है बाल ह्रदय योजना
– इस योजना के तहत ह्रदय में छेद वाले छोटे बच्चों का राज्य के बाहर निःशुल्क कराया जाता है ऑपरेशन

बेगूसराय-

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना पार्ट 2 में बच्चों में जन्मजात ह्रदय में छेद होने पर बच्चे के निः शुल्क इलाज के लिए बाल ह्रदय योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत ही बेगूसराय के तेघड़ा प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत किरतौल गांव के मो. इम्तियाज और माता रुखसार प्रवीण की 6 वर्षीय बच्ची आइरा प्रवीण का राज्य सरकार की मदद से अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल में ह्रदय में छेद का निः शुल्क ऑपरेशन किया गया। ह्रदय का सफल ऑपरेशन होने के बाद बच्ची अपने अभिभावक के साथ अपने घर करतौल लौट आयी है।
बच्ची को सर्दी- खांसी, बुखार, भूख नहीं लगना के लक्षण थे –
सदर अस्पताल बेगूसराय में आरबीएसके कोर्डिनेटर डॉ. रतिश रमण ने बताया, तेघड़ा प्रखण्ड के किरतौल गांव निवासी मो. इम्तियाज और उनकी पत्नी रुखसार प्रवीण अपनी छह साल की बच्ची आर्या प्रवीण का इलाज़ करवाने बेगूसराय आये हुए थे जिसकी जानकारी मुझे मिली। बच्ची को सर्दी- खांसी, बुखार, भूख नहीं लगना के लक्षण थे। मैंने इसे गम्भीरता से लेते हुए तेघड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुस्तैद आरबीएसके की टीम को दिख रहे लक्षण के आधार पर बच्ची की स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट देने को कहा। आरबीएसके टीम के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर मुझे सन्देह हुआ और फिर मैंने बच्ची को एम्बुलेंस के जरिये पटना स्थित इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) स्क्रीनिंग के लिए भेज दिया। जहां अहमदाबाद से आए चिकिसकों की उपस्थिति में की गई जांच में बच्ची के ह्रदय में छेद होने की पुष्टि हुई।
बच्ची और उसके अभिभावक को विमान से अहमदाबाद भेज गया –
इसके बाद पटना से मुझे बच्ची के ह्रदय के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजे जाने को ले बच्ची के अभिभावक से मिलकर जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार करने का निर्देश मिला। इसके बाद मैंने बच्ची के अभिभावक से मिलकर सभी आवश्यक कागजात तैयार कर पटना भेज दिया और पटना से निर्देश मिलने के बाद बच्ची और उसके अभिभावक को विमान से अहमदाबाद जाने के लिए एम्बुलेंस से बेगूसराय से पटना भेज दिया। पटना से बच्ची आर्या प्रवीण सहित राज्य के सभी 21 बच्चों को उसके एक- एक अभिभावक के साथ विमान से पटना से अहमदाबाद भेज दिया गया।
ऑपरेशन के बाद बच्ची आइरा प्रवीण अभी बिल्कुल स्वस्थ्य है-
अहमदाबाद के सत्य साईं ह्रदय रोग अस्पताल में बच्ची के ह्रदय का सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची और उसके अभिभावक सकुशल अहमदाबाद से पटना और फिर एम्बुलेंस से अपने गांव तेघड़ा के किरतौल लौट आये हैं। ऑपरेशन के बाद बच्ची आइरा प्रवीण अभी बिल्कुल स्वस्थ्य है।
बच्ची के पिता पूरा श्रेय राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना को देते हैं –
आइरा प्रवीण के पिता मो. इम्तियाज ने बताया, पटना के इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में हुई स्क्रीनिंग के बाद जब मुझे मालूम हुआ कि मेरी बच्ची के ह्रदय में छेद है तो मैं बिल्कुल ही सन्न रह गया कि ये क्या हो गया। पता नहीं मैं अपनी बच्ची को बचा पाऊंगा या नहीं। ऐसे समय में बेगूसराय के जिला आरबीएसके कोर्डिनेटर डॉ. रतिश रमण ने मुझे हौसला दिया कि आपके बच्ची के ह्रदय का राज्य सरकार की पहल पर राज्य से बाहर निःशुल्क ऑपरेशन किया जा सकता है। उनके सहयोग और सलाह की बदौलत ही आज मेरी बच्ची के ह्रदय का निः शुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है। मेरी बच्ची आज पूरी तरह से स्वस्थ्य है जिसका पूरा श्रेय राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना बाल ह्रदय योजना को जाती है। इस योजना के तहत ही मेरी बच्ची सहित राज्य भर के कुल 21 बच्चों के ह्रदय का निःशुल्क ऑपरेशन सम्भव हो पाया है।

समाहरणालय के 168 कर्मियों की जांच, एक पॉजिटिव

0

एहतियातन कर्मियों और अधिकारियों की कराई गई जांच
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सभी की जांच की

बांका-

कोरोना की दूसरी लहर को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. जगह-जगह लोगों की जांच कराई जा रही है. इसके अलावा दफ्तरों की भी जांच करवाई जा रही है. गुरुवार को समाहरणालय में 168 कर्मियों और अधिकारियों की जांच कराई गई, जिसमें एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. बजरंग, डॉ. आबिद, एएनएम निभा, शर्मिला और लैब टेक्नीशियन रामनंदन और रवि ने सभी लोगों की जांच की. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने बताया कोरोना को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है. दूसरी लहर का असर कम-से-कम हो, इसे लेकर हमलोग लगातार काम कर रहे हैं. गुरुवार को इसी को लेकर समाहरणालय में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने सभी कर्मियों की जांच की. जांच के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया गया.

500 लाभुकों को पड़े टीके:
डॉ. चौधरी ने बताया कि जांच के साथ टीकाकरण अभियान भी जोर-शोर से चल रहा है. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले सात टीकाकरण केंद्रों पर गुरुवार को 500 लाभुकों को कोरोना के टीके दिए गए. टीके देने के बाद सभी लाभुकों की 30 मिनट तक निगरानी की गई. पहला डोज लेने वाले लाभुकों को 28 दिनों के बाद दूसरा डोड लेने के लिए आने कहा गया.

कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित:
डॉ. चौधरी ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. मापदंड को पूरा करने वाले लाभुक अधिक से अधिक संख्या में टीका लेने के लिए अपने नजदीकी केंद्रों पर पहुंचें. अब तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान हो गई है, इसलिए टीका लेने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी. साथ ही टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. किसी तरह के भ्रम में नहीं रहें और अफवाहों से बचें. जितने अधित लोगों को कोरोना का टीका लगेगा, उतना तेजी से कोरोना पर काबू पाया जाएगा.

कोरोना गाइडलाइन का हर हाल में करें पालन:
डॉ. चौधरी ने कहा कि कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में पालन करें. घरों से निकलते वक्त मास्क लगाएं. भीड़भाड़ से बचें और सामाजिक दूरी का पालन करें. एक-दूसरे के बीच दो गज दूरी का पालन करें. घरों से कम-से-कम निकलें. इससे कोरोना की गाइललाइन का पालन करने में आसानी होगी.एहतियात ही कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा कारगर हथियार है

टीएमबीयू में कर्मचारियों की कराई गई कोरोना जांच

0

दो कर्मी मिले संक्रमित, अब तक 4 अधिकारी व कर्मी पॉजिटिव
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यालय को कराया सेनिटाइज

भागलपुर-

कोरोना की रोकथाम को लेकर जिले में हर तरफ प्रयास हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग तो इसकी रोकथाम में लगा हुआ है, लेकिन शिक्षा विभाग में कोरोना का प्रसार नहीं हो इस पर काम कर रहा है. तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में पहले छात्रावास में कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाया, अब विश्वविद्यालय प्रशासनिक कार्यालय में सख्ती बढ़ा दी गई है. इसे लेकर बुधवार और गुरुवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मियों की कोरोना जांच कराई गई. गुरुवार को दो कर्मी पॉजिटिव निकले. इसके पहले 2 लोग निकले थे. इस तरह विश्वविद्यालय के 4 कर्मी पॉजिटिव निकल चुके हैं. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कार्यालयों को सैनिटाइज करवाया.

1 दिन में 50 प्रतिशत कर्मी आएंगे:
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. अब कार्यालय में 1 दिन में 50% कर्मी ही आ सकेंगे. बाकी 50% कर्मी दूसरे दिन आएंगे. कोरोना की गाइडलाइन का पालन हो, इसे देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने यह व्यवस्था की है.

बिना मास्क के एंट्री नहीं:
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों को बिना मास्क पहने विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करने का आदेश जारी किया है. इसके अलावा सभी को सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा गया है. एक से दूसरे कर्मी के बीच 2 गाज की दूरी अनिवार्य तौर पर रखने को कहा गया है. साथ ही सभी कर्मी के पास सैनिटाइजर आवश्यक तौर पर रहेगा. बाहर से आने पर और जाने पर कर्मी सैनिटाइजर का इस्तेमाल करेंगे.

सभी तरह की बैठक रद्द:
टीएमबी यू के डीएसडब्ल्यू प्रो. रामप्रवेश सिंह ने बताया विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी तरह की बैठक को रद्द करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कोरोना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. इसे लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन हर तरह का एहतियात बरत रहा है. आज अगर बैठक होगी तो सभी अधिकारियों को सूचित कर दी जाएगी.
इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें.
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें.
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं.
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें.
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें.
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें