जिलाधिकारी ने कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम को जनप्रतिनिधियों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया संवाद

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– जिले के प्रखण्ड एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों को दिये खास निर्देश

– कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत

लखीसराय-

जिले में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने जिले के प्रखंड एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। जिसमें डीएम ने कहा, कोविड-19 संक्रमण के प्रभाव में लगातार इजाफा हो रहा है। जो सुरक्षा के मद्देनजर अच्छा संकेत नहीं है। हालाँकि, संक्रमण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और इस वैश्विक महामारी पर रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ आवश्यक पहल व उपाय भी किये जा रहे हैं। किन्तु, इसके अलावा इस वैश्विक महामारी पर रोकथाम के लिए जनप्रतिनिधियों के भी सहयोग की जरूरत है। इसलिए, आपलोग भी कोविड-19 से बचाव को लेकर किए जा रहे आवश्यक इंतजाम व लोगों को जागरूक करने में स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें। क्योंकि, आप स्थानीय है। इसलिए, आप राष्ट्रहित के इस कार्य में शामिल रहेंगे तो अभियान और कारगर साबित होगा और अधिकाधिक लोग जागरूक होंगे। इस मौके पर जिला सिविल सर्जन डाॅ देवेन्द्र चौधरी, डीआईओ डॉ अशोक कुमार भारती, डीपीएम मो0 खालिद, डीसीएलआर संजय कुमार आदि मौजूद थे।

– वार्ड सदस्य के सहयोग से मुखिया अपने क्षेत्र में करेंगे मास्क वितरण :-
विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी ने शामिल प्रखंड एवं पंचायत प्रतिनिधियों से कहा, इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता ही सबसे बेहतर और आसान उपाय है। इसलिए, आप अपने पंचायत के वार्ड सदस्यों के सहयोग से पंचायत में मास्क का वितरण करें और लोगों को इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए जागरूक करें। इससे ना सिर्फ लोगों को मास्क मिलेगा। बल्कि, लोगों में जागरूकता भी आएगी और समाज सकारात्मक संदेश जाएगा। वहीं, जिलाधिकारी ने इस कार्य में प्रखंड स्तरीय जनप्रतिनिधियों को सहयोग करने को कहा।

– स्वास्थ्य कर्मियों का भी जनप्रतिनिधि करेंगे सहयोग :-
वहीं, जिलाधिकारी ने कहा, इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए जहाँ जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहें हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसलिए, आपलोग भी स्थानीय आशा के साथ जनप्रतिनिधियों की एक टीम तैयार कर अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें एवं जारी गाइडलाइन का पालन के लिए प्रेरित करें। इस दौरान लोगों को वैक्सीन लेने, लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराने एवं अन्य एहतियात की जानकारी देकर उन्हें पालन करने के लिए प्रेरित करें। इस तरह के अभियान से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोगों पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा।

– दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को कोविड-19 जाँच कराने के लिए करें प्रेरित :-
वहीं, जिलाधिकारी ने यह भी कहा, खासकर दूसरे प्रदेशों से आने वाले शत-प्रतिशत लोगों की कोविड-19 जाँच हो, इसके ऐसे लोगों को जागरूक करें और उन्हें जाँच कराने के लिए प्रेरित भी करें। ताकि संक्रमण की सम्भावना नहीं हो और पूरा समाज सुरक्षित रह सके।

– केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ भी कर रहा है सहयोग :-
कोविड-19 से स्थाई निजात एवं बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे आवश्यक पहल व उपाय को गति देने के लिए केयर इंडिया, डब्ल्यूएचओ एवं यूनिसेफ की टीम भी सहयोग कर रहा है और खुद के स्तर से भी हर आवश्यक पहल कर लोगों जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा वैक्सीनेशन एवं कोविड-19 जाँच में सहयोग कर रहे हैं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

जिला मुख्यालय सहित मुंगेर के 36 स्थानों पर जिला प्रशासन के द्वारा बनाए गए हैं माइक्रो कंटेंमेंट जोन

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– जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र में बनाए गए हैं सर्वाधिक 17 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन

– जिले में मंगलवार तक कुल 4468 पाए गए हैं कोरोना संक्रमित मामले जबकि जिले में अभी कुल 1109 लोग हैं कोरोना के मरीज

– जिले भर में मंगलवार तक कोरोना जांच के लिए लिया गया है कुल 425266 लोगों का सैम्पल

मुंगेर-

जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच कोरोना जांच के बाद लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद मुंगेर जिला मुख्यालय सहित जिले के कुल 36 स्थानों माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित करते हुए उस स्थान को बांस- बल्ले से घेर दिया गया है। मुंगेर सदर प्रखंड में सर्वाधिक 17 स्थानों को माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित करते हुए बांस-बल्ले से घेर दिया गया है।
17 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन सदर प्रखंड मुंगेर के साथ ही शहरी क्षेत्र में बनाए गए
जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजि ने बताया, मुंगेर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद उस स्थान को जहां से कोरोना संक्रमित मरीज मिलता है उस स्थान को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित करते हुए बांस- बल्ले से घेरकर रास्ते को बंद कर दिया जाता है| ताकि कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में कोई और न आ जाए। उन्होंने बताया, पूरे मुंगेर जिले में कुल 36 माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन बनाये गए हैं जिसमें सर्वाधिक 17 माइक्रो कंटेन्मेंट जोन सदर प्रखंड मुंगेर के साथ ही शहरी क्षेत्र में बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया, असरगंज प्रखंड के मकवा, कामराज और रहमतपुर कुल तीन स्थानों पर माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन बनाया गया है। इसके साथ ही बरियारपुर प्रखंड के गाँधीपुर, धरहरा प्रखंड के औरा बगीचा में एक- एक माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। जमालपुर प्रखंड के 12 स्थानों चंदनपुरा, वलीपुर, मुगरौरा, बाराट कॉलोनी, रामपुर कॉलोनी, दौलतपुर, नया गांव सिकंदरपुर, छोटी केशोपुर, वलीपुर नया शिव मंदिर, बड़ी दरियापुर, फरीदपुर और वलीपुर मस्जिद के नजदीक को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। मुंगेर सदर प्रखंड के कुल 17 स्थानों फोर्ट एरिया, लाल द्र्रवाज़ा, शास्त्रीनगर, संदलपुर, सुभाष नगर, रायसर, राजीव गांधी चौक, रायसर समर्पण अस्पताल के नजदीक, होटल कर्ण विहार, लाल दरवाजा जुलुस यादव के घर के पास , छोटी मिर्जापुर, शंकरपुर नवादा, माधोपुर विषहरी स्थान, बड़ी बाजार इंडिया मार्ट के पास, लाल दरवाजा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के पास एवं बेकापुर मयूर चौक के पास बांस- बल्ले से घेरकर माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। इसके ही संग्रामपुर प्रखंड के जानकीपुर और तारापुर प्रखंड के दौलतगंज में एक- एक माइक्रोकंटेन्मेंट जोन बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि जिले में मंगलवार कुल 4468 कोरोना संक्रमित केस मिले हैं जबकि जिले में कोरोना के मरीजों की कुल संख्या मंगलवार तक 1109 है। इसके साथ ही जिले भर में मंगलवार तक कोरोना जांच के लिए कुल 425266 लोगों का लिया गया है सैम्पल।

जिले में संक्रमण पर रोकथाम के लिए दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की स्टेशन पर की जा रही है कोविड-19 जाँच

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– संक्रमण वायरस से बचाव के लिए किया जा रहा है जागरूक, दी जा रही है आवश्यक जानकारी

– स्टेशन में तैनात मेडिकल टीम द्वारा गाइडलाइन का पालन के साथ की जा रही है जाँच

खगड़िया-
जिले में संक्रमण पर रोकथाम के कोविड-19 जाँच की गति तेज कर दी गई है। ताकि संक्रमण का प्रभाव में इजाफा नहीं हो., इसके मद्देनजर खगड़िया रेलवे स्टेशन दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों की कोविड-19 जाँच के मेडिकल टीम की तैनाती की गई। टीम द्वारा आने वाले सभी लोगों का कोविड-19 जाँच की जा रही है और इसके बाद ही गंतव्य जाने की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा निगेटिव पाए जाने वाले लोगों भी इस वैश्विक महामारी से सुरक्षा के मद्देनजर सावधान और सतर्क रहने एवं बचाव को लेकर एहतियात जारी रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ताकि किसी प्रकार का संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और लोग इस वैश्विक महामारी से सुरक्षित रहें।

– सिफ्ट वाइज मेडिकल टीम की गई तैनात :-
जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, दूसरे प्रदेशों से आने वाले शत-प्रतिशत लोगों की कोविड-19 जाँच हो, इसके लिए मेडिकल टीम में सिफ्ट वाइज स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि जाँच के दौरान कर्मियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और जाँच अभियान को गति मिल सकेसकें।

– जाँच के साथ चल रहा है विशेष वैक्सीनेशन अभियान :-
कोविड-19 संक्रमण वायरस पर रोकथाम के लिए के लिए ना सिर्फ रेलवे स्टेशनों पर जाँच की जा रही है। बल्कि, स्वास्थ्य संस्थानों में भी जाँच की जा रही है। इसके अलावा जिले में विशेष वैक्सीनेशन अभियान भी चल रहा भी चलाई जा रही हैहै। जिसमें 45 एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दिया जा रहा दी जा रही है और. वैक्सीन देने के पूर्व कोविड-19 जाँच भी की जा रही है। ताकि वैक्सीनेशन के दौरान संक्रमण का खतरा उत्पन्न नहीं हो और लोग खुद सुरक्षित महसूस करते हुए वैक्सीन ले सकें। इसके अलावा सभी लोगों को खुद के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

– वैक्सीनेशन की गति की रफ्तार देने के लिए जगह-जगह लगाया जा रहा है शिविर :-
वैक्सीनेशन एवं कोविड-19 जाँच की रफ्तार को और तेज गति देने के लिए आवश्यकतानुसार जिले में जगह-जगह कोविड-19 वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है किए जा रहे हैं। ताकि दुर्गम इलाके के लोग भी सुगमता के साथ वैक्सीन लें सकें और पूरा समाज इस वैश्विक महामारी के खतरा से दूर हो सकें। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

– बाहर से आने वाले लोगों पर रखी जा रही है नजर :-
स्वास्थ्य विभाग द्वारा खासकर निजी वाहनों से घर आने वाले लोगों पर नजर रखी जा है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर स्थानीय पीएचसी को रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ता को दी गई है। ताकि बाहर यानी दूसरे प्रदेशों से आने वाले शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 जाँच संभव हो सकें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सेनेटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष ने ज्योतिबा फुले की 194 वीं जयंती मनाई

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नईदिल्ली-

राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष के तत्वाधान में महात्मा ज्योतिबा फुले की 194 वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्यकांत शुभचिंतक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। महात्मा फुले के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पांजलि से शुरु हुए कार्यक्रम में राष्ट्रहित चिंतक विपक्ष सदस्य व सोशल गुरू संजय भाई ने स्वागत भाषण व फुले जीवनी पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर सूर्यकांत शुभचिंतक ने कहा कि महात्मा फुले ने जीवन पर्यन्त दलितों, शोषितों, वंचितों के हक और अधिकार दिलाने तथा उनके उत्थान के लिए रचनात्मक कार्य किए।

सुर्यकांत शुभचिंतक ने कहा कि विद्यालयों की स्थापना कर शैछणिक व सामाजिक क्रांति की अलख समाज में जगाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। उपस्थित लोगों द्वारा कुछ प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार व प्रदेश सरकार को भेजने का निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न से नवाजा जाए। शिक्षण संस्थानों में फुले दम्पति की जीवनी व कृतित्व पर पाठ्यक्रम तैयार कर बच्चों को पढाया जाए। महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले की स्मृति में शासकीय योजनाओं का नामकरण किया जाए। फुले दम्पति की प्रतिमाएं प्रत्येक राजधानी तथा शहरों के चौराहों एवम् शिक्षण संस्थानों में लगाई जाए। फुले दंपत्ति के नाम पर विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों का नामकरण किया जाए। महात्मा फुले एवं सावित्रीबाई फुले द्वारा लिखित साहित्य को स्थानीय भाषाओं में अनुवाद कर सभी को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाए।

गौरतलब है कि राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष पार्टी ने समाजसेवियों को सदन में भेजने के लिए ये एक व्यवस्था तैयार की है | जो विपक्ष की वर्त्तमान नकारात्मक सोच को सकारात्मक रूप देकर एक जीता हुआ विपक्ष सदन के लिए तैयार कर सकेगी इस प्रयास में ऐसे नागरिक जो अपनी सत्ता की मानसिकता को छोड़कर देश और समाज के प्रति सेवाभाव लेकर आएँगे, राष्ट्रहित चिन्तक विपक्ष पार्टी उन्हें अपने नए विचारों से पोषित कर जनप्रतिनिधि बनाएँगे और जनता से अनुरोध करेंगे की सत्ताधारियों का झंडा छोड़कर स्वयं को मज़बूत करने के लिए ऐसे त्यागी जनप्रतिनिधियों को मतदान कर चुने और श्रेष्ठ भारत बनाने में योगदान करें |

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के शैक्षणिक स्तर में उन्न्यन कार्यक्रम का शुभारंभ

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• प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा कार्यक्रम के तहत शुरू हुआ कार्यक्रम
• समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद व बीबीओएसई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया शुभारंभ

भागलपुर-
अब प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा कार्यक्रम (ईसीसीई) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के शैक्षणिक स्तर में सुधार किए जाएंगे. इसको लेकर बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई) ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के लिए ऑनलाइन कोर्सेज डिजाईन किया है. अब 8 वीं पास सहायिका 10 वीं कर सकेगी. वहीँ 10वीं पास सेविका इंटर कर सकेंगी. साथ ही जो सेविका इंटर पास कर चुकी है, उनके लिए ईसीसीई पर एक साल का डिप्लोमा कोर्स करने का प्रावधान किया जा रहा है. वहीं ग्रेजुएट पास सेविका ईसीसीई पर 6 माह का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इसे अनिवार्य भी किया गया है. सरकार सेविकाओं को डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए पूरा खर्च वहन करेगी. इसको लेकर सोमवार को मुख्य अतिथि समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि बीबीओएसई के कार्यकारी अधिकारी दिनेश सिंह बिस्ट ने सेविका/ सहायिका के शैक्षणिक स्तर में उन्नयन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ किया.

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता:

अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक स्तर के उन्नयन हेतु प्रावधान किया गया है I इसके लिए समाज कल्याण विभाग एवं बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई), के संयुक्त प्रयास से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता के सुदृढ़ीकरण हेतु ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है, जिससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक उत्थान से उनके कौशल में विकास होगा I ऐसी सुशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं समाज के लिए सक्षम संसाधन के रूप में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगी I

शैक्षणिक उन्नयन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका:

बीबीओएसई के कार्यकारी अधिकारी दिनेश सिंह बिस्ट ने कहा कि इस पाठ्यक्रम में निबंधन / नामांकन हेतु संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन फॉर्म भरा जायेगा I राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के आलोक में सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा विषय पर सर्टिफिकेट /डिप्लोमा कोर्स अनिवार्य हैI बीबीओएसई से संबंधित कोर्स करने के लिए विशेष प्रावधान किया जा रहा है ताकि राज्य में कार्यरत सेविकाएं जो इंटर अथवा ग्रेजुएट है वे ये कोर्स कर सकें। वर्तमान में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के चयन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं पास तथा सेविकाओं के लिए 10वीं /मैट्रिक पास अथवा समकक्ष है। बीबीओएसई के माध्यम से राज्य में कार्यरत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाली सहायिकाओं को 10वीं तथा सेविकाओं को 12 वीं पास करने के लिए प्रेरित कर उनकी शैक्षणिक योग्यता को सुदृढ़ करने की योजना है। इच्छुक सहायिकाओं को 10 वीं एवं सेविकाओं को 12वीं के कोर्स करने हेतु बीबीओएसई के समन्वय ऑनलाइन कोर्स करने का प्रावधान किया गया है I

इस दौरान समाज कल्याण निदेशालय के निदेशक राजकुमार, आई सी डी एस के निदेशक आलोक कुमार, बीबीओएसई के पदाधिकारी, आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, राज्य स्तरिये चयनित मास्टर ट्रेनर एवं राज्य स्तरीय आईसीडीएस कंसल्टेंट्स भी ऑनलाइन जुड़े थे. कार्यक्रम का संचालन आईसीडीएस की सहायक निदेशक श्वेता सहाय ने किया।

“बाल ह्रदय योजना” ने दी ऋतिका को नयी ज़िंदगी

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-पिता ने स्वास्थ्य विभाग और आरबीएसके की टीम का किया धन्यवाद
बिहारशरीफ-
“स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार और डॉ. सत्यरंजन ने मेरी बेटी ऋतिका को बचा कर मुझे जीवनदान दिया है। उनका जितना भी आभार मानूँ वह कम है| इनके प्रयासों के कारण आज मेरी 4 साल की बेटी सही सलामत अपनी माँ की गोद में है । “ ये कहते कहते भावुक हो जाते हैं चार वर्षीय ऋतिका के पिता राजेश|
हृदय में छेद की पुष्टि से लगा सदमा:
नालंदा के हिलसा प्रखंड के निवासी राजेश वर्मा पेशे से पैथोलोजिस्ट हैं। उन्होंने बताया ऋतिका जन्म के 6 महीने तक बिलकुल स्वस्थ और सामान्य बच्चों की तरह थी । लेकिन 2017 में जून महीने से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी| थोड़ी देर खेलने से उसकी सांस फूलने और असामान्य रूप से सुस्त पड़े रहने , लगातार सर्दी बुखार जैसे लक्षणों को देख कर काफी चिंता होने लगी।कई स्थानीय डाक्टरों से संपर्क करने के बाद आखिरकार पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज(एनएमसीएच)में उसके हृदय में छेद होने की बात बताई गयी। यह एक पिता के लिए सदमे से कम नहीं था। पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच )में भी इसकी पुष्टि हुई और बच्ची को बचाने का एक मात्र विकल्प ऑपरेशन बताया गया।
अहमदाबाद में हुआ सफल ऑपरेशन :
राजेश बताते हैं हताशा के इन क्षणों में स्वास्थ्य विभाग डूबते को तिनके का सहारा बनकर आया| उन्हें बाल हृदय योजना और उसके अंतर्गत ऋतिका के हृदय के निःशुल्क ऑपरेशन होने के बारे में बताया गया। इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) बच्ची के स्कीनिंग के लिए बुलाया गया और जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने को कहा गया। 2 अप्रैल को पटना से वायुयान द्वारा बच्ची सहित राजेश को अहमदाबाद भेजा गया। जहां केयर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सीआईएमएस )के अंतर्गत 5 अप्रैल को उसका सफल ऑपरेशन हुआ।
निःशुल्क इलाज और सहयोग के लिए विभाग के प्रति जताया आभार :
राजेश कहते हैं, एक तो बच्ची की छोटी उम्र और ऊपर से महंगे इलाज पर आने वाले लाखों के खर्चे, इन सब के बारे में सोच- सोच कर वे काफी हताश हो गए थे। जब उन्हें बताया गया कि खर्चे और इलाज की सारी ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री जी के स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बाल हृदय योजना के तहत उठाई जाएगी तो उन्होंने राहत की सांस ली। वो न सिर्फ अपने तरफ से बल्कि उन प्रत्येक अभिभावक की तरफ से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग का आभार मानते हैं । जिसके कारण आज केवल ऋतिका ही नहीं बल्कि उसके जैसे कई बच्चे स्वस्थ होकर अपनी माँ की गोद में खेल रहे हैं।
इस बार चार बच्चों को मिला योजना का लाभ :
आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. सत्यरंजन ने बताया मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना पार्ट 2 में बच्चों में जन्मजात ह्रदय में छेद होने पर बच्चे के निः शुल्क इलाज के लिए बाल ह्रदय योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत इस बार जिले से चार बच्चों को अहमदाबाद इलाज के लिए भेजा गया है। ऋतिका भी उन्ही दो बच्चों में एक है जो पहली पारी में वापस आए हैं। जब उन्हें ऋतिका के बारे में जानकारी हुई तब आरबीएसके की टीम ने उसके घर जाकर उसकी स्क्रीनिंग की। उसके बाद बच्ची को आईजीआईसी में रेफर किया गया। वहां प्राथमिक उपचार के उपरांत उसके अभिभावक के साथ अहमदाबाद भेजा गया जहाँ उसका निःशुल्क सफल ऑपरेशन हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।

टीका उत्सव पर जिले के सभी 64 सत्र स्थल पर वैक्सीनेशन के लिए जुट रही लोगों की भीड़

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– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 11 से 14 तक देश भर में मनाया जा रहा है टीका उत्सव
– जिले के सभी सत्र स्थल पर लाभुकों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं कुर्सी, पेयजल, पंखा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं

मुंगेर, 12 अप्रैल-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 11 अप्रैल बाबा ज्योतिबा फुले के जन्मदिन से लेकर 14 अप्रैल बाबा भीम राव अंबेडकर के जन्मदिन तक देश भर में टीका उत्सव मनाया जा रहा है। इसके के मद्देनजर मुंगेर के सभी प्रखंडों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र के अलावा शहरी क्षेत्र के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बनाये गए कुल 64 सत्र स्थल पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज दी जा रही है। वैक्सीन लेने के लिए प्रतिदिन लोगों की भारी भीड़ वैक्सीनेशन साइट पर जुट रही है।
जिले में अभी पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है-
मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पंकज सागर ने बताया, जिले के सभी सत्र स्थल पर लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। वैक्सीनेशन को ले लोगों से अपील करते हुए उन्होंने बताया कि वैक्सीन को ले किसी भी प्रकार की भ्रांतियों का शिकार नहीं होते हुए 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगवाना चाहिए ताकि कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे दूसरी लहर पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके। जिले में अभी पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है इसलिए वैक्सीन की उपलब्धता को ले किसी प्रकार की संशय लोग अपने मन में नहीं पालें । वैक्सीनेशन सेंटर पर लोगों की सुविधा के लिए टेंट- कुर्सी के अलावा पंखा, पीने का पानी के साथ ही शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध है।
अब तक कुल 73191 लोगों ने कोरोना की वैक्सीन ली है-
उन्होंने बताया, एक अप्रैल से 11 अप्रैल तक 45 वर्ष से अधिक सभी लोगों में से 28, 448 लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज और 2867 लोगों ने दूसरी डोज ली है। इस प्रकार से कुल 31, 315 लोगों ने 11 अप्रैल तक वैक्सीन ले ली है। इसके साथ ही 16 जनवरी से लेकर 11 अप्रैल तक 62964 लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज और 10227 लोगों ने दूसरी डोज ली है। इस प्रकार से 16 जनवरी से 11 अप्रैल तक कुल 73191 लोगों ने कोरोना की वैक्सीन ली है।

जिले में बनाए गए हैं कुल 64 सत्र स्थल :
उन्होंने बताया असरगंज प्रखंड में 8, बरियारपुर प्रखंड में 6, धरहरा प्रखंड में 6, जमालपुर प्रखंड में 5, हवेली खड़गपुर प्रखंड में 8, सदर प्रखंड में 5, संग्रामपुर प्रखंड में 7, तारापुर प्रखंड में 6, टेटिया बम्बर प्रखंड में 4 सहित शहरी क्षेत्र के 9 सत्र स्थल (सेशन साइट) 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है। इसमें सदर अस्पताल मुंगेर सहित दो प्राइवेट हॉस्पिटल जीवन अवतार और सिटी क्रिटिकल में भी लोगों को वैक्सीन दी जा रही है।

लखीसराय पीएचसी में आशा दिवस पर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की दी गई जानकारी 

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– स्वास्थ्य सेवाओं को सामाजिक स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं आशा कार्यकर्ता
– कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों तक पहुंचा रही है स्वास्थ्य सेवाएँ
लखीसराय, 12 अप्रैल| जिले के लखीसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी ) पर सोमवार को आशा दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ | इसमें पीएचसी में कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ता के अलावा पीएचसी प्रभारी, चिकित्सक, एएनएम सहित कई अन्य पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं को सरकार के द्वारा जनहित में चलाई जा रही है स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत रूप से जानकारी दी गई और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक टिप्स भी दिए गए| ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँच सकें और योग्य लाभुक इससे लाभान्वित हो सकें। दरअसल, स्वास्थ्य सेवाओं को समाजिक स्तर पर पहुँचाने में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम होती है।
– स्वास्थ्य सेवाओं को सामाजिक स्तर पर पहुँचाने में आशा कार्यकर्ता की होती है अहम भूमिका :-
मौके पर मौजूद पीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं को सामाजिक स्तर पर पहुँचाने में आशा कार्यकर्ताओं की अहम योगदान होता है। गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने एवं परिवार नियोजन अभियान को सफल बनाने में भी आशा ने अपनी अहम भूमिका निभायी है । लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले, इसको ले हमेशा आगे रहती हैं । धूप हो या बरसात, ठंड हो या लू बरसती धूप ये किसी भी स्थिति में अपने दायित्व और जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटती हैं । गर्भधारण के साथ ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव हो, इसके लिए पूरे प्रसव अवधि तक गर्भवती की देखरेख में लगी रहती हैं । इसलिए, मैं इनके कार्यों के लिए इन्हें धन्यवाद देता हूँ।
– तमाम चुनौतियों के बाबजूद लोगों तक पहुँचा रही हैं स्वास्थ्य सेवा :-
वहीं, स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत कुमार ने कहा, तमाम चुनौतियों के बावजूद आज आशा की बदौलत ही लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाई जा रही है। ये कभी खुद की परेशानी की चिंता नहीं करती हैं । बल्कि, अपने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले, इसको लेकर हमेशा अग्रसर रहती हैं । स्वास्थ्य विभाग से संबंधित किसी भी कार्य को पूरे मुस्तैदी के साथ निपटारा करने में अहम भूमिका पूरी करती हैं ।
– कोविड-19 के दौर में भी बेहतर कार्य कर रही हैं आशा :-
कोविड-19 के दौर में आशा कार्यकर्ता अपने दायित्व और जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटी बल्कि, मजबूत इच्छाशक्ति के साथ अपने जिम्मेदारी का निर्वहन करने में जुटी रही हैं । शत-प्रतिशत लोगों का कोविड-19 जाँच कराने से लेकर इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए तमाम चुनौतियों के बावजूद लोगों को जागरूक करती हैं । आशा का काम शुरू से ही चुनौती पूर्ण रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना कोई आसान कार्य नहीं है।
– कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन का रखा गया ख्याल :-
उक्त कार्यक्रम में केयर इंडिया का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन का ख्याल रखा गया और गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया| इसके साथ ही कोविड-19 से बचाव को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी गई और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
– इन मानकों का पालन कर कोविड-19 के संक्रमण से रहें दूर :-
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– यात्रा के दौरान निश्चित रूप से सैनिटाइजर पास में रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें और छूने के पूर्व अच्छी तरह हाथों की सफाई करें।

कोविड-19 वैक्सीन को लेकर जिले में चल रहा है विशेष वैक्सीनेशन अभियान

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– वैक्सीनेशन के साथ मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन ही कोविड-19 से बचाव का सबसे कारगर उपाय

– बढ़ते संक्रमण परकी रोकथाम के लिए जारी रखें एहतियात, नहीं बरतें लापरवाही

खगड़िया, 12 अप्रैल, 2021

राज्य समेत जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर की रोकथाम एवं इससे लोगों को स्थाई निजात दिलाने के लिए इस वैश्विक महामारी को पूरी तरह जड़ से मिटाने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध और सजग है। साथ ही इसको लेकर नित्य नये आवश्यक पहल व उपाय भी कर रहें हैं किए जा रहे हैं। ताकि हर हाल में इस वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रभाव पर विराम संभव हो सकें। इसको लेकर सरकार के निर्देशानुसार जिले में विशेष वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। ताकि वैक्सीनेशन अभियान को और तेज गति मिल सकें सके और शत-प्रतिशत योग्य व्यक्तियों का वैक्सीनेशन हो सकें। किन्तु, इसके साथ इस वैश्विक महामारी के संक्रमण पर रोकथाम के लिए हमें सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। तभी इस वैश्विक महामारी को हम मात देने में सफल हो सकते हैं सकेंगे। इसके लिए इससे बचाव से संबंधित एहतियात जारी रखें।

– वैक्सीन उत्सव के तहत चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :-
जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, 11 से 14 अप्रैल तक विशेष वैक्सीनेशन अभियान के तहत वैक्सीन उत्सव मनाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले में विशेष वैक्सीनेशन अभियान चलया जा रहा है और 45 एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी योग्य व्यक्तियों को वैक्सीन दिया जा रहा दी जा रही है। इस दौरान लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के बाद एहतियात जारी रखने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।

– गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने को लेकर तेज हुई जाँच अभियान :-
कोविड-19 का के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने 18 अप्रैल तक सभी शिक्षण संस्थान पूर्णतः बंद रखने एवं शाम के सात बजे दुकान खुला रखने का निर्देश जारी किया है। जिसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले में जाँच अभियान तेज कर दी गई। लगातार पुलिस-प्रशासन अभियान चलाकर इसे लोगों को जागरूक कर रहे हैं.करा रहें। इसके अलावा मास्क चेकिंग अभियान चलाकर मास्क का उपयोग नहीं करने वालों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है। प्रशासन हर हाल में गाइडलाइन का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के लिए प्रयासरत है। किन्तु, इसके साथ गाइडलाइन का पालन कर हमें भी प्रशासन का सहयोग करने की जरूरत है। तभी यह अभियान सफल हो सकता है और कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव पर विराम संभव है। हो सकेगा.

– वैक्सीनेशन के साथ मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन ही कोविड-19 से बचाव का सबसे कारगर उपाय :-
कोविड-19 संक्रमण वायरस के दूसरा की दूसरी लहर ने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी है। जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग हर आवश्यक कदम उठा रही है। किन्तु, इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन सबसे आसान और बेहतर कारगार उपाय है। इसलिए, इन गाइडलाइन का पालन जारी रखें और बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं तथा दूसरों को भी प्रेरित करें।

– बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम के लिए जारी रखें एहतियात, नहीं बरतें लापरवाही :-
जिले में लगातार कोविड-19 संक्रमित मरीज मिल रहें हैं। वर्तमान में जिले में कुल 52 एक्टिव केस हैं। जो शुभ संकेत नहीं है। इसलिए, बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम के लिए एहतियात जारी रखें। क्योंकि, थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– यात्रा के दौरान सेनेटाइजर पास रखें और आवश्यक दूरी का ख्याल रखें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

वैक्सीन के साथ सावधानी भी आवश्यक- डॉ. रेखा ठाकुर, चेयरपर्सन, हेल्थ व योगा कमेटी, बीएनएफटी

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नईदिल्ली-

BNFT (हेल्थ एवं योगा कमेटी) के चेयरपर्सन रेखा ठाकुर ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर बीएनएफटी की एक बैठक की और निर्देश जारी किए। डॉ रेखा ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय  में कोरोना  से निपटने की चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। हर दिन कोरोना और इससे होने वाली मौतों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है।  वैक्सीन के साथ साथ सावधानी बरतने में ही भलाई है। अक्सर देखा जाता है की  कुछ लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करके वे अपनी जान को जोखिम में डालने के साथ ही दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं।

डॉ. रेखा ने कहा है कि जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और बाजार, दुकान, कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर शारीरिक दूरी का जरूर ख्याल रखें। यह भी देखा गया है कि जब दो लोग आपस में बात करते हैं तो अक्सर मास्क उतार देते हैं, जो खतरनाक है। यह सोचना गलत है कि वो मेरा सहकर्मी, मेरा दोस्त या मेरा रिश्तेदार है तो उससे बिना मास्क बात कर सकता हूं। ज्ञातव्य है की संक्रमण किसी को भी किसी से भी हो सकता है।

मास्क लगाते समय नाक को बाहर निकाले रखना भी इसकी उपयोगिता को खत्म कर देता है। ऐसे में इसे लेकर सावधानी बरतें। शरीर को पर्याप्त पोषण मिले इसके लिए अपने भोजन का भी पैटर्न बदलें।

डॉ. रेखा ठाकुर ने कहा है कि अभी के समय में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट समेत सभी प्रकार के पोषक तत्व शरीर को मिलना चाहिए। इसके लिए भारतीय थाली आदर्श है। अच्छा खाने से हमारी इम्युनिटी बढ़ेगी और हम कोरोना से बचे रहेंगे। अच्छे पोषक तत्व के साथ ज्यादा मात्रा में विटामिन लेने से हमारी  रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी! दो गज दूरी है जरूरी ! कोरोना को रोकना है जरूरी !