आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ग्रीन चैनल से हो रही आवश्यक दवाओं और परिवार नियोजन के साधनों की आपूर्ति

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– जिले के सभी पीएचसी से आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए कुरियर के साथ ही भेजी जाती है दवाइयां और फैमिली प्लानिंग मेथड किट
– पहले एएनएम खुद ले जाती थी आवश्यक दवाइयां और फैमिली प्लांनिग किट

लखीसराय-

जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उप केंद्रों पर ग्रीन चैनल से आवश्यक दवाओं और परिवार नियोजन के साधनों की आपूर्ति की जा रही है। इसके तहत जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से विभिन्न स्वास्थ्य उप केंद्र और आंगनबाड़ी के लिए सप्लाई की जाने वाली वैक्सीन कुरियर के साथ ही उसी बैग में अलग से आवश्यक दवाइयां और परिवार नियोजन के लिए उपयोगी मेथड से संबंधित किट भी भेज दिया जाता है। इससे स्वास्थ्य उपकेंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आवश्यक दवाइयों के साथ ही फैमली प्लानिंग के लिए उपयोगी मेथड की भी अनुप्लब्धता नहीं रहती है।
ग्रीन चैनल से परेशानी दूर हो गई है-
केयर इंडिया के फैमली प्लानिंग कोर्डिनेटर अनुराग ने बताया, केयर इंडिया के द्वारा ग्रीन चैनल की व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में पहले जिले के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर काम करने वाली एएनएम ही अपने साथ पीएचसी और सीएचसी से स्वास्थ्य उपकेंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आवश्यक दवाइयां और परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों को लेकर आती थी। इस दौरान कई आवश्यक दवाइयां छूट भी जाती थी जिसकी वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवाइयां और परिवार नियोजन के अस्थाई साधन समय पर उपलब्ध नहीं होता था। अब ग्रीन चैनल से ये परेशानी दूर हो गई है और उनके ऊपर भी जो पीएचसी से दवाओं और फैमिली प्लांनिग मेथड लाने की ऊपरी जिम्मेवारी थी वो भी कम हुई है। उन्होंने बताया कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच जिले में नियमित रूप से नियमित टीकाकरण के लिए वैक्सीन के साथ ही कोरोना वैक्सीन और आवश्यक दवाइयों, फैमिली प्लानिंग मेथड की आपूर्ति ग्रीन चैनल के माध्यम से की जा रही है।

जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र चौधरी ने बताया, ग्रीन चैनल के माध्यम से जिले में कोविड वैक्सीन के साथ ही, रूटीन वैक्सीनेशन, आवश्यक दवाइयों और फैमिली प्लांनिग मेथड की सप्लाई काफी मजबूत हुई है। इस काम में जिले भर में केयर इंडिया का पूरा सहयोग मिल रहा है।
इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।

अब अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल से होगी गर्भवती महिलाओं, धातृ माताओं, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग

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– सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरहरा में एएनएम को दी गई अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल के बेहतर इस्तेमाल की ट्रेनिंग
– केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर और आईसीटी समन्वयक ने एएनएम को दी ट्रेनिंग

मुंगेर –

जिले में अब अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धातृ माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की जाएगी । सरकार के सुरक्षित संस्थागत प्रसव और सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं, धातृ माताओं के साथ ही नवजात शिशु और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल का निर्माण किया गया है। इसको ले धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली एएनएम को अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल के तकनीकी पहलुओं और उसके बेहतर इस्तेमाल के लिए केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर और आईसीटी समन्वयक ने प्रशिक्षण दिया । इस अवसर पर धरहरा सीएचसी के ब्लॉक हेल्थ मैनेजर राजेश कुमार ने भी उपस्थित एएनएम को अनमोल एप के बेहतर इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया।
एएनएम बेहतर तरीके से इस एप का इस्तेमाल करें ताकि मातृ – शिशु स्वास्थ्यय के सटीक आंकड़े मिले –
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धरहरा सीएचसी के ब्लॉक हेल्थ मैनेजर राजेश कुमार ने बताया, मातृ और शिशु स्वास्थ्य टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएचसी धरहरा में प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर काम करने वाली एएनएम को अनमोल एप और आरसीएच वेब पोर्टल के तकनीकी पहलुओं और बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने के लिए केयर इंडिया के आईसीटी कोर्डिनेटर मंजीत कुमार के द्वारा ट्रेनिंग दी गई। मौके पर उपस्थित सभी एएनएम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, सभी एएनएम बेहतर तरीके से इस एप का इस्तेमाल करें ताकि मातृ – शिशु स्वास्थ्य के सटीक आंकड़े प्राप्त हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण केयर इंडिया के आईसीटी कोऑर्डिनेटर मंजीत कुमार ने बताया, अनमोल एप पर गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, एएनसी जांच का विवरण, प्रसव के परिणाम, सीएचसी प्रसवोत्तर देखरेख, शिशु की देखभाल, मातृ मृत्यु सूची, शिशु जन्म का सीधा पंजीकरण के साथ ही शिशु स्वास्थ्य की भी ट्रैकिंग हो सकेगी।
केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर सुनील कुमार ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के साथ ही उनके शिशुओं की पूरी देखभाल संभव हो सके और नियमित टीकाकरण में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए ही अनमोल बनाया गया है। इसमें पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहता है जिससे कार्यों में सही गति आएगी।

जिले में संक्रमण की रोकथाम के लिए तेज हुई कोविड-19 जाँच, बचाव को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता

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– संक्रमण से बचाव को रहें सावधान और सतर्क, नहीं बरतें थोड़ी सी लापरवाही
– बढ़ते संक्रमण की रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग सजग, सेंटरों पर चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान

खगड़िया-

जिले में लगातार कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है| इसको लेकर हर आवश्यक पहल व उपाय भी किए जा रहे हैं | इसके साथ हमें भी इस वैश्विक महामारी के संक्रमण को जड़ से मिटाने, बढ़ते प्रभाव को रोकने एवं खुद के साथ-साथ अपने परिवार व समाज को स्थाई निजात के लिए सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए हमें पूर्व की भाँति बचाव से संबंधित उपायों का पालन करना चाहिए। वहीं, जिले में फिर संक्रमित मरीज मिलने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने जहाँ सतर्कता बढ़ा दी है। कोविड-19 जाँच एवं वैक्सीनेशन अभियान की गति तेज कर दी गई है एवं संक्रमित मरीजों को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया। जहाँ मेडिकल टीम की देखरेख में आवश्यक उपचार जारी है।

– बढ़ते प्रभाव पर रोकथाम के लिए संयम व सतर्कता जरूरी :-
जिला के सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, कोविड-19 संक्रमण वायरस के बढते प्रभाव को रोकने, इस वैश्विक से बचाव एवं स्थाई निजात के लिए संयम और सतर्कता जरूरी है। इसलिए, मैं तमाम जिले वासियों से अपील करता हूँ, एकबार फिर अपने संयम और सतर्कता की ताकत दिखाकर संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए आगे आएं और खुद के साथ परिवार, समाज व राष्ट्रहित के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। इसके लिए पूर्व की भाँति एकबार फिर से बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है।

– बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जरूरी :-
पिछले वर्ष जब हमें कोविड-19 से लड़ने की चुनौती सामने आई थी तो तब हमारे पास इससे बचाव एवं इसे मात देने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन ही एकमात्र हथियार था। बाबजूद इसके हम अपनी संयम, सतर्कता और सावधानी के बदौलत कोविड-19 को काफी हद तक मात देने में सफल रहे थे। इसबार तो हमारे पास वैक्सीन भी है। किन्तु, इस वैश्विक महामारी को जड़ से मिटाने के लिए वैक्सीन के साथ सतर्कता भी जरूरी है। तभी हम एकबार फिर से इसे मात देने में सफल हो सकते हैं।

– 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को दिया जा रहा है टीका :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। इस आयु वर्ग के एक भी व्यक्ति वैक्सीन से वंचित नहीं रहें, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चला कर लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।

सात निश्चय योजना-2 के तहत ‘बाल हृदय योजना’के अंतर्गत सफ़ल ईलाज करकर लौटा बच्चों का पहला दल

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• प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के अहमदाबाद स्थित अस्पताल में हुआ ईलाज
• फरवरी में प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हुआ था हस्ताक्षर
• 2 अप्रैल को 21 बच्चों को दिल में छेद के ईलाज के लिए वायुयान से भेजा गया था अहमदाबाद

भागलपुर, 8, अप्रैल-

कोरोना संक्रमण काल में राज्य के लिए एक अच्छी खबर आई है. सात निश्चय योजना-2 के तहत ‘बाल हृदय योजना’ के अंतर्गत सफ़ल ईलाज करकर लौटा बच्चों का पहला दल गुरूवार को वापस लौटा है. बिहार से दिल के छेद के ईलाज के लिए पटना से अहमदाबाद के लिए भेजे गए 21 बच्चों में 15 बच्चे अपना सफ़ल ईलाज करा कर वापस आ गए हैं. गुरूवार को 15 बच्चों का प्रथम दल दिल के छेद का सफ़ल ईलाज कराने के बाद वायुयान से अहमदाबाद से पटना एयरपोर्ट पर उतरे. सभी ईलाज कर वापस लौटे बच्चों का स्वास्थ्य विभाग की तरफ़ से स्वागत किया गया. बताते चलें प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाऊंडेशन के सहयोग से बच्चों का निःशुल्क ईलाज हुआ है।जबकि बिहार सरकार के सहयोग से बच्चों के आने-जाने का खर्च वहन किया गया है। 2 अप्रैल को बिहार से दिल के छेद की समस्या से ग्रसित 21 बच्चों को पटना से अहमदाबाद ईलाज के लिए भेजा गया था. लौटे हुए सभी 15 बच्चों में 14 बच्चों का पूर्ण ईलाज हो चुका है. जबकि मधुबनी जिले का 1 बच्चा( अविनाश कुमार, उम्र 5 वर्ष) का आंशिक ईलाज हुआ है. 3 महीने के बाद फिर से अविनाश कुमार को ईलाज के लिए अहमदाबाद भेजा जाएगा . शेष बचे 6 बच्चों का ईलाज चल रहा है, जिन्हें शल्य चिकित्सा की जरूरत है. इनके सहयोग के लिए उनके साथ एक-एक अभिभावक एवं 1 समन्वयक वहाँ मौजूद रहेंगे.

बच्चों के साथ एक-एक अभिभावक भी थे साथ:
ईलाज के लिए भेजे गए सभी बच्चों के साथ उनके एक-एक अभिभावक को भी साथ रखा गया था. साथ ही समन्वन के लिए दो समन्वयक भी भेजे गए थे. सभी बच्चों का ईलाज प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के अहमदाबाद स्थित अस्पताल में संपन्न हुआ है.

बाल ह्रदय योजना के तहत मिली सुविधा:

बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या है. सुशासन के कार्यक्रम के अंतर्गत सात निश्चय-2 के तहत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के निशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नई योजना बाल हृदय योजना पर 5 जनवरी, 2021 को मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति दी गई है. योजना 1 अप्रैल,2021 से लागू है। इसी योजना के तहत बच्चों को निःशुल्क ईलाज मिला है. इसके लिए 13 फरवरी, 2020 को बिहार सरकार ने प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया था. प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाऊंडेशन राजकोट एवं अहमदाबाद आधारित एक चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल है तथा इसके द्वारा बाल हृदय रोगियों की पहचान कर मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.

इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान एवं इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भी हुयी थी जाँच:
प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाऊंडेशन के साथ एमओयू साइन होने के बाद 10 मार्च, 2021 इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान, पटना में 126 बच्चों तथा 11 मार्च, 2021 को इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में 73 बच्चों की जाँच को प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाऊंडेशन संस्थान के चिकित्सकों द्वारा की गयी थी.

इन 15 बच्चों का हुआ सफल ईलाज:

1. शिवानी कुमारी , उम्र 6.5 वर्ष, गोपालगंज
2. अनवी कुमार, उम्र 4 माह, जहानाबाद
3. कंचन कुमारी, उम्र 14 वर्ष, गया
4. अशोक कुमार, उम्र 15 वर्ष, गया
5. अविनाश कुमार, उम्र 5 वर्ष, मधुबनी
6. रितिका वर्मा, उम्र 3 वर्ष, नालंदा
7. रितेश कुमार, उम्र 6 वर्ष, जमुई
8. प्रियंका कुमारी, उम्र 11 वर्ष, जमुई
9. मोहम्मद. मुमताज आलम, उम्र 11 वर्ष, सहरसा
10. सत्यम कुमार, उम्र 8 वर्ष, पटना
11. रिंकू कुमारी, उम्र 13 वर्ष, सीवान
12. शिबू कुमार, उम्र 30 माह, नालंदा
13. प्रियंका कुमारी, उम्र 13 वर्ष, मोतिहारी
14. साक्षी कुमारी, उम्र 2 वर्ष, सहरसा
15. आइरा प्रवीण, उम्र 6 साल, बेगूसराय

अब सरकारी व निजी दफ्तरों में होगा कोविड-19 का टीकाकरण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया निर्देश

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• 100 योग्य लाभार्थियों वाले जगहों पर आयोजित होगा टीकाकरण्र
• 11 अप्रैल से शुरू हो सकती है सुविधा
• फिलहाल 45 वर्ष के उपर के व्यक्तियों का हो रहा है टीकाकरण

भागलपुर/ 8 अप्रैल-

कोरोना महामारी के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लोगों को तेजी से वैक्सीन लगाई जा रही है। वर्तमान में 45 से ऊपर के उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. लेकिन अब सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने सार्वजनिक और निजी काम करने की जगहों में कोविड-19 टीकाकरण की इजाजत दे दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 11 अप्रैल से उन जगहों के लिए अनुमति दी है, जहां करीब 100 योग्य लाभार्थी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार विकास मंत्रालय के द्वारा जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र में 45 साल और ज्यादा उम्र की आबादी का पर्याप्त हिस्सा है और दफ्तरों (सरकारी और निजी) में औपचारिक व्यवसाय या मैन्युफैक्चरिंग या सेवाओं में शामिल है। यहां पर टीकाकरण किया जा सकता है।

100 लाभार्थी मौजूद होना जरूरी:
जारी गाइडलाइन के अनुसार इन आबादी को वैक्सीन की पहुंच बढ़ाने के लिए कोविड-19 टीकाकरण सत्र काम करने की जगहों (दोनों सरकारी और निजी) में आयोजित किए जा सकते हैं, जहाँ करीब 100 योग्य और इच्छुक लाभार्थी मौजूद हों। ऐसा मौजूदा कोविड टीकाकरण केंद्र के साथ इन्हें टैग करके किया जा सकता है। निजी/ सार्वजनिक क्षेत्र के नियोक्ता और प्रशासन के साथ टीकाकरण के लॉन्च की तैयारी करने को लेकर परामर्श शुरू कर सकते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे काम करने की जगह वाले टीकाकरण केंद्र राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में 11 अप्रैल 2021 से इसे लॉन्च किया जा सकता है।

सिर्फ 45 वर्ष तक कर्मचारियों को टीका लगाने का निर्देश:

गाइडलाइंस के मुताबिक, केवल 45 साल या ज्यादा उम्र के कर्मचारी काम करने की जगह पर टीकाकरण के लिए योग्य होंगे और कोई बाहरी को टीकाकरण की इजाजत नहीं होगी। जिसमें उनके योग्य परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। कार्यालय या संगठन का एक वरिष्ठ कर्मचारी नोडल अफसर के तौर पर काम करेगा, जो जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण/ निजी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर्स के साथ समन्वय करेगा और टीकाकरण के काम को समर्थन करेगा।

दफ्तर में ही मिलेगी रजिस्ट्रेशन की सुविधा:
दफ्तरों में किसे टीका लेना है, इसके बारे में कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के नोडल ऑफिसर फैसला लेंगे। सीवीसी के माध्यम से ही लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। इन कर्मचारियों का दफ्तर में ही रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा सिर्फ दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगी। हालांकि यह वैक्सीनेशन सेंटर तभी बनाया जाएगा जब किसी दफ्तर में कम से कम 50 कर्मचारी टीकाकरण के लिए खुद को रजिस्टर करेंगे।

15 दिन पहले करनी होगी तैयारी पूरी:
दफ्तर में वैक्सीनेशन की पूरी तैयारी टीका दिए जाने की तारीख से 15 दिन पहले किए जाएंगे। इस बारे में दफ्तर को पहले सूचित किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा लोग दफ्तर में हाजिर हों, इसके लिए उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। इससे अधिकांश लोगों को टीका दिया जा सकेगा और कोरोना संक्रमण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार के मुताबिक, अधिकांश सरकारी दफ्तरों में 15 दिन के भीतर टीकाकरण का काम संपन्न कर लिया जाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने एम्स में कोरोना वायरस के टीके की दूसरी खुराक ली

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नयी दिल्ली-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के एम्स में कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक ली और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में टीका लेने के लिए पात्र सभी लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने एक मार्च को टीके की पहली खुराक ली थी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज एम्स में कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक ली। वायरस को हराने के कुछ तरीकों में टीकाकरण भी एक तरीका है। अगर आप टीका लेने के पात्र हैं तो जल्द से जल्द टीका लगवाए।कोविन डॉट जीओवी डॉट इन पर पंजीकरण करायें।’’ प्रधानमंत्री ने टीका लगवाते हुए अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की। मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित स्वदेशी कोवैक्सीन का टीका लगवाया है। जिन दो नर्सों ने प्रधानमंत्री को टीका लगाया वे पुडुचेरी की पी निवेदा और पंजाब से निशा शर्मा हैं। निवेदा एक मार्च को उन्हें टीका लगाने वालों में भी शामिल थीं।

कोविड-19 से बचाव को लेकर आईसीडीएस कर्मियों ने लोगों को किया जागरूक

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– आईसीडीएस के डीपीओ, सीडीपीओ, एनएनएम डीसी, महिला पर्यवेक्षिका समेत अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर लिया जायजा
– विभागीय निर्देश पर किया गया जागरूक, बचाव के लिए दी गई आवश्यक जानकारी

खगड़िया, 07 अप्रैल

कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इससे बचाव के लिए आईसीडीएस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान लोगों को इससे बचाव से संबंधित गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी दी गई और गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। यह कार्य विभागीय निर्देश पर ऑगनबाड़ी सेविका समेत अन्य आईसीडीएस कर्मियों के द्वारा किया। जिसका डीपीओ नीना सिंह, एनएनएम के जिला समन्वयक अंबुज कुमार समेत संबंधित क्षेत्र की सीडीपीओ, एल एस (महिला पर्यवेक्षिका) समेत अन्य पदाधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण कर जायजा लिया एवं इस दौरान मौजूद सेविका-सहायिका को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही ऑगनबाड़ी स्तर पर चलने वाली सरकार की योजनाओं का भी निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद लाभार्थियों से योजना का लाभ मिलने के संबंध जानकारी ली। इसे सुनिश्चित कराने को आईसीडीएस के निदेशक ने पत्र जारी डीपीओ को आवश्यक निर्देश दिए थे।

– ऑगनबाड़ी का भी किया गया निरीक्षण :-
आईसीडीएस की डीपीओ नीना सिंह ने बताया, इस दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के अलावा ऑगनबाड़ी स्तर पर चलने वाली विभिन्न सरकारी सेवाओं का भी निरीक्षण किया गया । इसके लिए संबंधित क्षेत्र के लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ मिल रहा या नहीं, किस तरह सरकारी लाभ मिल रहा , उनकी परेशानी समेत अन्य आवश्यक जानकारी भी ली गई। जिसके पश्चात मौजूद सेविका को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

– पोषाहार, सुधा दूध, टीकाकरण, स्कूल पूर्व शिक्षा, रेफरल सेवा आदि की ली गई जानकारी :-
आईसीडीएस के एनएनएम के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, इस दौरान मौजूद लाभार्थियों से पोषाहार, सुधा दूध, टीकाकरण, स्कूल पूर्व शिक्षा, रेफरल सेवा आदि सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। साथ ही सरकार द्वारा ऑगनबाड़ी स्तर चलाई जा रही है विभिन्न योजनाओं की लाभार्थियों को विस्तृत जानकारी एवं योजना का लाभ लेने की जानकारी दी गई। ताकि सभी लोग आसानी के साथ योजना का लाभ आसानी से लें सकें और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

– कोविड-19 संक्रमण वायरस से बचाव के लिए किया गया जागरूक :-
वहीं, एनएनएम के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, इस दौरान लाभार्थियों को कोविड-19 संक्रमण वायरस से बचाव के लिए भी जागरूक किया गया। जिसमें बताया गया, अभी कोविड-19 खत्म नहीं हुआ है। इसलिए, इससे बचाव के लिए आवश्यक एहतियात जारी रखें। जैसे, मास्क का उपयोग, शारीरिक दूरी पालन, साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें, भीड़-भाड़ वाले जगहों से दूर रहें, लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं आदि की जानकारी दी गई।

– वैक्सीनेशन को लेकर भी किया गया जागरूक :-
एनएनएम के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, इस दौरान लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति भी जागरूक किया गया। जिसमें बताया गया, कोविड-19 से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जरूरी है। इसलिए, बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। वैक्सीनेशन के बाद एहतियात जारी रखें। तभी इस वैश्विक महामारी का प्रभाव जड़ से खत्म होगा और स्थाई निजात मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए निर्भीक होकर वैक्सीनेशन कराएं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।

कोरोना संक्रमण कि की दूसरी लहर के दौरान सतर्कता का पालन आत्म सुरक्षा है सबसे बड़ी सेवा

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– देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सभी लोग करें मास्क का प्रयोग

– सभी लोग शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए एक – दूसरे से बरतें कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी

असरगंज, मुंगेर 07 अप्रैल 2021 :

कोरोना संक्रमण कि की दूसरी लहर के बीच असरगंज प्रखंड क्षेत्र सहित पूरे जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों कि संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिला स्वास्थ्यय समिति मुंगेर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी कुल 99 कोरोना संक्रमित मरीज हैं जिसमें से होम आइसोलेशन में सक्रिय मरीजों कि संख्या 76 है। इसके साथ ही 5 कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर रेफर कर दिया गया है और 18 कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजने की तैयारी है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि जिले के सभी लोग अपने सामाजिक जिम्मेवारी को समझें और मास्क का नियमित इस्तेमाल कर करें एवं शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी बरतें। इसके साथ ही किसी चीज को छूने के बाद सभी लोग अपने हाथों कि साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित रूप से इस्तेमाल करें। यह एक ऐसा समय है कि सभी लोग अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए खुद भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें करना होगा तभी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से अपने परिवार, अपने समाज के साथ ही खुद कि भी रक्षा कर सकते हैं। सकेंगे.

असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललन प्रसाद ने बताया, कोरोना कि की दूसरी लहर के दौरान मास्क, शारीरिक दूरी के नियम का पालन और हाथों की नियमित साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर का नियमित इस्तेमाल के जरिये की गई आत्म रक्षा बरती गयी सतर्कता ही आज के समय में समाज और देश की सबसे बड़ी सेवा है।

कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज लेने के बावजूद भी सभी लोग करें कोरोना गाइड लाइन का नियमित पालन :
असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ललन प्रसाद ने बताया, अभी तक जिस किसी ने भी कोरोना वैक्सीन कि एक डोज या फिर उसके 28 दिनों के बाद वैक्सीन का दोनों डोज ले लिया है वो लोग वह कतई भी यह नहीं समझें कि अब उन्हें कोरोना का संक्रमण होगा ही नहीं। इन लोगों को भी कोरोना संक्रमित होने कि संभावना है लेकिन इनके शरीर में वैक्सीन का एंटीबॉडी बन जाने के बाद इनका रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य लोगों की तुलना में काफी मजबूत होता है होगी और इनके ऊपर कोरोना संक्रमण कि की वजह से होने वाली संभावित खतरे की संभावना नहीं के बराबर होगी। ये लोग बहुत ही जल्द कोरोना संक्रमण से सुरक्षित बाहर निकल सकते हैं। इसलिये सभी लोग कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कोविड वैक्सीनेशन के लिए बढ़- चढ़कर आगे आएं और खुद के प्रति, अपने परिवार के प्रति, अपने समाज के प्रति और अंततः अपने देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

कोरोना संक्रमण कि की दूसरी लहर के बीच जिले में लगातार जारी है नियमित टीकाकरण

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– जिले के सभी अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र केन्द्रों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगातार गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे- छोटे बच्चों का किया जा रहा टीकाकरण

– आरोग्य दिवस के दिन बुधवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का किया गया नियमित टीकाकरण

लखीसराय, 07 अप्रैल 2021 : कोरोना संक्रमण कि दूसरी लहर के बीच जिले में नियमित टीकाकरण का क्रम लगातार जारी है। सदर अस्पताल लखीसराय के साथ- साथ जिले के सभी रेफरल अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र के साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के साथ ही छोटे- छोटे बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। बुधवार को आरोग्य दिवस के दिन जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं के साथ नवजात शिशु और छोटे बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचने के लिए नियमित वैक्सीन लगाई गई।

लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया, जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कोरोना गाइड लाइन का पूर्णतः पालन करते हुए जिले भर में नियमित रूप से लाभुकों का नियमित टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया, सदर अस्पताल लखीसराय में नियमित रूप से लाभुकों के बीच शारीरिक दूरी के नियम के तहत कम से कम दो गज या छह फीट कि दूरी रखी जा रही है। इसके साथ ही टीकाकरण के लिए सदर अस्पताल में आने वाले सभी लोगों के मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ यहां आने वाले सभी लोगों का अस्पताल के गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होने बताया , सदर अस्पताल लखीसराय के अलावे जिले के सभी रेफरल अस्पताल, और प्राथमिक स्वास्थ्यय केंद्र पर भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का नियमित टीकाकरण जारी है।

नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना टीकाकरण के लिए भी लोगों को किया जा रहा है जागरूक :
डॉ. अशोक कुमार भारती ने उन्होंने बताया, जिले के सभी टीकाकरण केंद्रों पर नियमित टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों को नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना टीकाकरण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को कोरोना वैक्सीन कि जरूरत के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उन्हें यह बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के दौरान कोरोना वैक्सीनेशन ही एक मात्र उपाय है जिसके जरिये कोरोना के संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही लोगों को मास्क का नियमित प्रयोग, शारीरिक दूरी के नियम का पालन और नियमित साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर के प्रयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।

जगतपुर को बनाया गया माइक्रो कंटेनमेंट जोन, कोरोना मरीज मिलने के बाद बढ़ाई गई सख्ती

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जिले में कोरोना की रोकथाम को लेकर अभियान तेज

बांका, 7 अप्रैल

कोरोना की रोकथाम को लेकर जिले में सख्ती बढ़ा दी गई है. जगतपुर में कोरोना मरीज पाए जाने के बाद उसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है. पूरे क्षेत्र में बैरिकेंडिंग कर दी गई है. लोगों के आने-जाने पर पहरा लगा दिया गया है इस इलाके के लोगों को जरूरत के सामान स्थानीय अधिकारी उपलब्ध कराएंगे. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा कोरोना की दूसरी लहर से बचाने के लिए शहरी क्षेत्र में सख्ती बढ़ा दी गई है. जगतपुर में कोरोना मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है. लोगों से एहतियात बरतने की अपील की जा रही है. कोरोना से बचाव में एहतियात बहुत ही कारगर हथियार है.

जांच और टीकाकरण पर जोर:
डॉ. चौधरी ने बताया कि कोरोना से बचाव को लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच पर जोर दिया जा रहा है. प्रतिदिन 150 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है. साथ ही टीकाकरण भी जोर दिया जा रहा है. अधिक से अधिक लोगों को कोरोना का टीका पड़े, इसे लेकर सिर्फ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत सात टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं.

कोरोना गाइडलाइन का हर हाल में करें पालन:
डॉ. चौधरी ने कहा कि कोरोना की गाइनडालइन का हर हाल में पालन करें. घर से निकलते वक्त मास्क लगाएं. सामाजिक दूरी का पालन करें और भीड़भाड़ से बचने की कोशिश करें.बाहर से घर आएं तो हाथ की धुलाई 20 सेकेंड तक अवश्य करें. ऐसा करने से आप कोरोना की चपेट में आने से बचे रहेंगे और दूसरों में भी आपके जरिये संक्रमण नहीं होगा.

घर से कम निकलें: डॉ. चौधरी ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि घर से कम-से-कम निकलें. बहुत जरूरी होने पर ही घरों से निकलें. घर में रहकर कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना आसान है. बाहर रहने पर थोड़ी मुश्किल होती है. इसलिए घर पर रहने की ही कोशिश करें. अगर घर से बाहर जाएं तो गाइडलाइन का अवश्य पालन करें.