नशा एक सामाजिक बुराई है – डॉ. वीरेन्द कुमार

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नशा एक सामाजिक बुराई है इससे न केवल व्यक्ति, उसका परिवार वरन समाज भी किसी न किसी रूप में प्रभावित होता है इसलिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है और हम सबका एक ही लक्ष्य है इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना। यह बात आज अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, दिल्ली में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, भारत सरकार डॉ.वीरेन्द्र कुमार अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे।

समाजिक बुराई को दृढ संकल्प से समाप्त किया जा सकता है

इस अवसर पर डॉ.कुमार ने कहा कि- कहा जाता है कि इस समाजिक बुराई को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन भारत वही देश है जिसने सती प्रथा, बाल विवाह, जाति प्रथा जैसी बुराइयों को समाज से खत्म कर दिखा दिया और जब हम देखते है कि डॉ.चिन्मय पंडया जी जैसे अलौकिक व्यक्तित्व सामाजिक क्रांति के क्षेत्र में काम करने वाले लोग जब इस तरह के कार्य करते हैं और सामाजिक बुराई को खत्म करने कि दिशा में प्रेरणा देते हैं तो यह विश्वास और पक्का हो जाता है। मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत अभियान दृढ़ बनाने की दिशा में कई सालों से कार्य कर रहा है और हमारे साथ कई सामजिक एवं धार्मिक संगठनों का इसमें अहम योगदान मिल रहा है और इस दिषा में अखिल विश्व गायत्री परिवार का साथ मिलना और भी प्रभावी होगा और हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य बुराइयों की तरह इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सफलता प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंनें कहा कि हमारे समाज के द्वारा ही युवाओं को नशे कि गिरप्त में फंसा कर देश को कमजोर करने की साजिश चल रही है, लेकिन ऐसे असमाजिक तत्वों के खिलाफ करोड़ों लोग इसका मुंहतोड़ जबाब देने में सक्षम हो रहे है।

चिन्मय पंडया जी ने गायत्री मंत्र को विश्वव्यापी मंत्र बताया

अखिल विश्व गायत्री परिवार के चिन्मय पंडया जी ने गायत्री मंत्र को विश्वव्यापी मंत्र बताते हुए कहा कि आज हम नशा जैसी कुरितियों के खिलाफ सशक्त काम करने एवं नशा मुक्त भारत अभियान दृढ़ बनाने की दिशा में चर्चा करने के लिए उपस्थित हुए हैं और मैं ईश्वर से मां गायत्री से प्रार्थना करुंगा कि भारत के हर व्यक्ति धर्म, अघ्यात्म के नशे में जकड़ जाए ताकि हमारा देश विश्वगुरु था और सदा ही विश्वगुरु बना रहे। डॉ.पंडया ने कहा कि भारत संतों, महात्माओं एवं अलौकिक व्यक्तित्व का देश है और यहां भगवान भी अवतार लेकर कृतार्थ हुए हैं उस देश में कुहासा इतना गहरा गया है कि देश के पंद्रह प्रतिशत लोग नशे की गिरप्त में आकर अपने साथ अपने परिवार,समाज एवं देश को पतन की राह पर ले जाना चाहते हैं। वे सभी हमारे भाई ही हैं और उन्हें सही दिशा में लाने एवं नशा मुक्त भारत अभियान दृढ़ बनाने की दिशा में अखिल विश्व गायत्री परिवार कृतसंकल्प है।


कार्यक्रम का आयोजक भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार थे और संयोजक युग संस्कृति न्यास के संयोजक धर्मबीर आचार्य जी थे । इस अवसर पर युग संस्कृति न्यास, दिल्ली के संस्थापक धर्मवीर आचार्य ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अवधारणाओं की चर्चा की। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, दिल्ली एवं भारत सरकार के अधिकारी स्तर के काफी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।

कालाजार उन्मूलन • जिले में एसपी पाउडर  छिड़काव का अभियान शुरू 

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– प्रभारी सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर की अभियान की शुरुआत
– घर-घर जाकर गठित टीम द्वारा किया जाएगा छिड़काव और बचाव के लिए किया जाएगा जागरूक
शेखपुरा, 17 अगस्त।
कालाजार उन्मूलन को लेकर गुरुवार से जिले में एसपी पाउडर (सिंथेटिक पैराथाइराइड) के छिड़काव का अभियान  शुरू हो गया है। प्रभारी सिविल सर्जन डाॅ अशोक कुमार सिंह ने कालाजार रथ को हरी झंडी दिखाते हुए रवाना कर अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर सिविल सर्जन ने मौजूद सभी कर्मियों को अभियान के सफल संचालन सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक और जरूरी निर्देश दिए। अभियान के दौरान गठित टीम द्वारा घर-घर जाकर छिड़काव किया जाएगा और एक भी घर भी छूटे नहीं, इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा। साथ ही इस बीमारी के शुरुआती लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की भी जानकारी दी जाएगी। ताकि लोग शुरुआती दौर में बीमारी की पहचान कर समय रहते आवश्यक उपाय कर सकें। इस मौके पर वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार, भीबीडीएस मनोज कुमार, केबीसी अभिषेक कुमार आदि मौजूद थे।
– कालाजार मुक्त जिला निर्माण को लेकर किए जा रहे हैं हर जरूरी प्रयास :
प्रभारी सिविल सर्जन डाॅ अशोक कुमार सिंह ने कहा, कालाजार मुक्त जिला निर्माण को लेकर हर जरूरी और आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि कालाजार का पूरी तरह जड़ से खात्मा हो सके और जिले में मरीजों की संख्या  शून्य हो सके। इसके लिए छिड़काव दल में शामिल कर्मियों को गौशाला, पूजा घर, पाठशाला, सोने वाला कमरे में अनिवार्य रूप से 06 फीट की ऊँचाई तक छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उन्होंने बताया, अभियान को हर हाल में सफल बनाने के लिए हर दिन चिकित्सा पदाधिकारी एवं सुपरवाइजर द्वारा संध्याकालीन समीक्षा की जाएगी। जिसमें दिन भर में कितने घरों में छिड़काव हुई समेत अन्य चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया, 17 अगस्त से 28 अक्टूबर तक जिले के शेखपुरा एवं बरबीघा प्रखंड में छिड़काव अभियान चलेगा। इस दौरान शेखपुरा प्रखंड के कोसरा, जयनविगहा, प्रभुविगहा, घखड़ा, दानीविगहा एवं बरबीघा प्रखंड के पिजंडी व पिजंडीबिगहा के कुल 3705  घरों में छिड़काव किया जाएगा।
– कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने बताया, कालाजार से बचाव के लिए लगातार कालाजार प्रभावित गाँव और क्षेत्रों में एसपी पाउडर से छिड़काव कराया जा रहा है। इस बीमारी से बचाव के लिए छिड़काव तो सबसे बेहतर उपाय है ही, पर इसके अलावा लोगों को सावधान और सतर्क रहने की भी जरूरत है। इसलिए, इस बीमारी से बचाव के लिए सभी लोग  खुद भी सतर्क और सावधान रहें और लक्षण महसूस होने के साथ तुरंत जाँच करानी चाहिए। यही आपके लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। छिड़काव के दौरान भी लोगों को सतर्क रहने एवं साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने समेत अन्य जानकारियाँ दी जाएगी।
– बालू मक्खी के काटने से होता है कालाजार :
कालाजार बालू मक्खी के काटने से फैलता है। एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार छिड़काव कराया जा रहा है। जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके। कालाजार के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाँच कराएं और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार इलाज कराएं। सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही इस बीमारी  से बचने के जमीन पर नहीं सोएं। मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं । छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

-कालाजार उन्मूलन को लेकर प्रशिक्षण का आयोजन, दी गई जरूरी और आवश्यक जानकारी 

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– छिड़काव अभियान के दौरान कालाजार से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी करेंगे कर्मी
शेखपुरा-
कालाजार उन्मूलन अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए  मलेरिया कार्यालय में  सोमवार को छिड़काव अभियान की सफलता को लेकर कर्मियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें जिले के सभी प्रखंडों के कर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान मौजूद कर्मियों को छिड़काव कैसे करनी है, छिड़काव के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना है आदि समेत अन्य आवश्यक और जरूरी जानकारी दी गई। इस दौरान मौजूद कर्मियों को यह भी बताया गया कि कालाजार उन्मूलन को प्रत्येक छः माह पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का  छिड़काव कराया जाता है। ताकि जिले में कालाजार का प्रभाव खत्म हो सके और लोग सुरक्षित रह सकें। उक्त प्रशिक्षण वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को कालाजार के लक्षण, कारण, बचाव एवं उपचार की भी विस्तृत जानकारी दी गई।  मौके पर केबीसी अभिषेक कुमार, विनोद कुमार आदि मौजूद थे।
– जिले में मरीजों की संख्या में लगातार आ रही गिरावट :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया, सभी के सहयोग से जिले में कालाजार मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही और हमारा जिला पूर्ण रूप से कालाजार मुक्त होने के निकट पहुँच चुका है। इसलिए, संपूर्ण जिला को कालाजार मुक्त बनाने में सभी लोगों का सकारात्मक सहयोग जरूरी है। वहीं, उन्होंने बताया, वर्ष 2019 में जिले में जहाँ मरीजों की संख्या 05 थी वहीं, वर्ष 2020 में 01 हो गई। वर्ष 2021 में भी 05 एक्टिव केस थे। वर्ष 2022 में 02 एक्टिव तथा 2023 मे अभी तक कोई केस नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया, 10 हजार की आबादी पर एक मरीज मिलने पर, वह क्षेत्र कालाजार मुक्त माना जाता है। इसलिए, हमारा जिला कालाजार के प्रभाव से नियंत्रण में है। वहीं, उन्होंने बताया, जिले में 57 दिनों तक छिड़काव अभियान चलेगा। जिसमें शेखपुरा प्रखंड में 39 दिन और बरबीघा प्रखंड में 18 दिनों तक छिड़काव होगा।
– कालाजार से बचाव के सतर्कता और सावधानी जरूरी :
वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने बताया, अभी भी कालाजार के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। क्योंकि, इस बीमारी से बचाव के लिए हमेशा सर्तक और सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, हमारे यहाँ के बड़ी संख्या में लोग बाहर रहकर मजदूरी कर जीवन-यापन करते और छः माह-साल भर में घर आते हैं। इस कारण भी कालाजार का प्रभाव बढ़ सकता है। इसलिए, सभी लोगों को हमेशा बीमारी से बचाव के लिए सजग रहना चाहिए और जिस व्यक्ति में लक्षण दिखे, उन्हें तुरंत जाँच कराने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं । छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

लखीसराय जिले के कालाजार प्रभावित चार प्रखंड के चार गाँवों में चलेगा छिड़काव अभियान 

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– अभियान की सफलता को लेकर कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
– लखीसराय, सूर्यगढ़ा, पिपरिया एवं बड़हिया प्रखंड के कालाजार प्रभावित गाँव में चलेगा अभियान
लखीसराय-
पूरे प्रदेश में कालाजार उन्मूलन को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में  जिले के  कालाजार प्रभावित चार प्रखंडों, लखीसराय, सूर्यगढ़ा, पिपरिया एवं बड़हिया में शुरू होने वाले एस.पी छिड़काव की सफलता को लेकर कर्मियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण भीबीडी सलाहकार नरेंद्र कुमार के द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान छिड़काव कर्मियों को घर-घर जाकर कैसे छिड़काव करनी है, छिड़काव के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना आदि तमाम जानकारियाँ विस्तार पूर्वक दी गई। इस मौके पर भीडीसीओ भगवान दास,  भीडीएस विनोद कुमार चौबे, दिलीप कुमार मालाकार,शंकर कुमार एवं केयर इंडिया की केबीसी ललिता कुमारी आदि मौजूद थी।
– द्वितीय चक्र के तहत 60 दिनों तक चलेगा छिड़काव अभियान :
भीबीडी सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया, जिले के  कालाजर प्रभावित चार प्रखंडों के पाँच गाँव एवं लखीसराय क्षेत्र के दो वार्डों में शुरू होने वाले  द्वितीय चक्र का छिड़काव अभियान 60 दिनों तक चलेगा। इस छिड़काव करने वाली स्वास्थ्य टीम लखीसराय के रजौना चौकी के वार्ड न.1,एवं वार्ड न.10महिसोना, सूर्यगढ़ा के रामपुर एवं उरेन पिपरिया के रामचंद्रपुर एवं बड़हिया के आदर्श लक्ष्मीपुर गाँव में घर-घर जाकर छिड़काव करेगी। इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा कि एक भी घर छिड़काव से छूटे नहीं और हर हाल शत-प्रतिशत घरों में छिड़काव सुनिश्चित रूप से हो।
– सदर अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की सुविधा है उपलब्ध :
कालाजार मरीजों की जाँच की सुविधा जिले के सभी पीएचसी में नि:शुल्क उपलब्ध है। जबकि, सदर अस्पताल में समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध है। जिसके कारण संक्रमित मरीज मिलने पर उन्हें संबंधित पीएचसी द्वारा सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने का प्रावधान है।  साथ ही पाॅजिटिव मरीजों का सहयोग करने पर प्रति मरीज 500 रूपये संबंधित आशा कार्यकर्ता को दी जाती है। 15 दिनों से अधिक समय तक बुखार का होना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। भूख की कमी, पेट का आकार बड़ा होना, शरीर का काला पड़ना कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। वैसे व्यक्ति जिन्हें बुखार नहीं हो लेकिन उनके शरीर की त्वचा पर सफेद दाग व गांठ बनना पीकेडीएल के लक्षण हो सकते हैं।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– व्यापक त्वचा घाव जो कुष्ठ रोग जैसा दिखता है।
– प्लीहा में नुकसान होता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं। छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिससे  कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।

नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम: शिशु मृत्यु दर को कम करने को ले जिलाभर की 32 एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण 

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: इंडियन एसोसियेशन ऑफ पीडियाट्रिक , जिला स्वास्थ्य समिति और  पाथ के संयुक्त तत्वावधान में एएनएम का प्रशिक्षण
: प्रशिक्षण  में हिस्सा ले रही हैं  जिला के सभी सीएचसी और पीएचसी की  एएनएम
खगड़िया-
नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शिशु मृत्यु दर को सिंगल डिजिट में लाने के उद्देश्य से जिलाभर से आई एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उक्त बात बुधवार को खगड़िया सदर अस्पताल परिसर स्थित नवनिर्मित फेब्रिकेटेड हॉस्पिटल में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला के सिविल सर्जन डॉ अमिताभ सिन्हा ने कही। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले प्रसव के पश्चात करीब 10% नवजात शिशुओं के लिए कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेंशन (सीपीआर) आवश्यक होता है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाली एएनएम को प्रसव के पहले और पश्चात आने वाली जटिलताओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें बताया जा रहा है कि प्रसव के पश्चात तत्काल नवजात शिशु की धड़कन की गति, सांस लेने की गति के साथ यह देखना आवश्यक होता है कि जन्म के बाद शिशु रोया या नहीं। उन्होंने बताया कि प्रसव के पश्चात नवजात शिशु की धड़कन 100 से ऊपर और सांस लेने की गति 30- 40 के करीब होना चाहिए । प्रसव के बाद शिशु यदि देर से रोता है तो चमकी सहित अन्य परेशानी होने का खतरा रहता है।
इंडियन एसोसियेशन ऑफ पीडियाट्रिक (आईएपी), जिला स्वास्थ्य समिति और डेवलपमेंट पार्टनर प्रोग्राम फॉर अप्रोप्रिएट टेक्नोलॉजी इन हेल्थ (पाथ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण।
जिला स्वास्थ्य समिति खगड़िया के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीएम प्रभात कुमार राजू ने बताया कि इंडियन एसोसियेशन ऑफ पीडियाट्रिक , जिला स्वास्थ्य समिति और डेवलपमेंट पार्टनर प्रोग्राम फॉर अप्रोप्रिएट टेक्नोलॉजी इन हेल्थ (पाथ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को जिलाभर से आई कुल 32 एएनएम ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिला भर के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव का कार्य करने वाली एएनएम को प्रसव के दौरान आने वाली जटिलताओं और बाधाओं से निपटने के लिए दक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि रेफरल मामलों में कमी आए और जिला मुख्यालय में कार्यरत एसएनसीयू में भर्ती होने वाले कमजोर नवजात शिशुओं की संख्या में कमी हो । इसके साथ ही नवजात शिशु मृत्यु दर को कम से कम किया जा सके । उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने सन 2009 में नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया ताकि प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा का सही तरीके से देखभाल करने वाले डॉक्टर और नर्सों का क्षमतावर्धन किया जा सके ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पाथ संस्था के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद डॉ चंदन और सिद्धांत कुमार ने बताया कि आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में  आईएपी की प्रतिनिधि के रूप में आई डॉ नीता कलवानी और डॉ सुमन मिश्रा की देखरेख में  सभी एएनएम को तीन अलग- अलग ग्रुप में बांट कर सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सदर अस्पताल खगड़िया की डॉ शशिबाला ने प्रशिक्षक के रूप में सभी एएनएम को प्रशिक्षण दिया । उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के सभी 38 जिलों में तीन चरणों में दिया जाना है। प्रशिक्षण के पहले चरण में मेडिकल ऑफिसर, दूसरे चरण में स्टाफ नर्स और तीसरे चरण में बुधवार को एएनएम को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति खगड़िया की जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) हेमलता जोशी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे ।

संसद में राहुल ने बुलंद की मणिपुर की आवाज, स्मृति ने किया पलटवार

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-रितेश सिन्हा
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। खचाखच भरी लोकसभा में सभी सदस्य के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठक पत्रकार व राजनीतिक दलों के लोग भी इस पर नजर बनाए हुए थे। मंगलवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगई ने सरकार पर मणिपुर मामले में हमला बोला था। बाद में निशिकांत दुबे लीपापोती करते नजर आए लेकिन गोगई के सवालों का सीधा जवाब देने से सदन में बचते रहे। आज लोकसभा में मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पिछली बार जब बोला, तब आपको शायद कष्ट पहुंचा। जब मैंने इतनी जोर से अदाणी के बारे में बोला तो प्रधानमंत्री के साथ सत्ता पक्ष के सभी नेताओं को बेहद कष्ट हुआ। राहुल गांधी जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, सदन में भारत छोड़ो के नारे लगे। राहुल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का लोकसभा के सांसद के रूप में बहाल करने के लिए धन्यवाद किया। पिछली बार मैंने अपने सवालों से सत्ता पक्ष को परेशानी किया था, लेकिन मैंने सच बोला था। राहुल ने आगे कहा कि आज मेरा भाषण अडानी पर केंद्रित नहीं है जिस पर सदन में शोर-शराबा हुआ।
राहुल ने अपने भाषण में कहा कि आज मैं दिमाग से नहीं बोलना चाह रहा, दिल से बोलना चाह रहा हूं। आज सत्ता पक्ष पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा। कांग्रेस सांसद ने भारत जोड़ो यात्रा के संस्मरण सदन के समक्ष साझा करते हुए कहा कि जब मैंने यात्रा शुरू की थी दो तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हो गया। हर कदम में दर्द। पहले दो तीन दिनों में जो अहंकार था, भेड़िया जो निकला था वो चींटी बन गया। राहुल ने कहा कि भारत यानी इंडिया इस देश के सब लोगों की आवाज है। हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा।  राहुल ने सदन में सवालिया अंदाज में पूछा कि कहा कि कुछ ही दिन पहले मैं मणिपुर गया था, हमारे प्रधानमंत्री अब तक नहीं गए, क्या मणिपुर हिंदुस्तान में नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज की सच्चाई यह है कि मणिपुर नहीं बचा, मणिपुर को आपने दो भाग में बांट दिया है, तोड़ दिया है। मैं मणिपुर में राहत शिविरों में गया। वहां महिलाओं से बात की, बच्चों से बात की, जो प्रधानमंत्री ने आज तक नहीं की। मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई है, भाजपा की राजनीति ने मणिपुर को नहीं, हिंदुस्तान को मणिपुर में मारा है। इसके बाद राहुल के बयान पर लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। कई सांसदों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। राहुल को भाषण में बीच में रोकना पड़ा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने आज सदन में जो बातें कहीं हैं, मैं उस पर सवाल पूछना चाहता हूं। सात दशक तक यह होता रहा, इसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। पूर्वोत्तर को इन्होंने बर्बाद किया है। आज वहां सारी दिक्कत कांग्रेस पार्टी की वजह से है।
लोकसभा अध्यक्ष सदन में सांसदों के व्यवहार से बेहद नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि आप जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, उससे सदन नहीं चलेगा। स्पीकर ने सत्ता पक्ष के सांसदों से कहा कि आप भी बैठिए। सांसद के रूप में बहाल होने के बाद राहुल गांधी का लोकसभा में पहला भाषण अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दूसरे दिन बुधवार को आया। लोकसभा में उस समय हंगामा शुरू हो गया जब अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने को कहा। आज लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण का लेकर संशय की स्थिति थी। कांग्रेस में भ्रम की स्थिति थी जिसे लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान ने हवा दी कि राहुल गांधी दोपहर में लोकसभा को संबोधित करेंगे। जब राहुल गांधी संसद पहुंचे तो मीडिया के सामने उनकी टिप्पणियों ने इस भ्रम को और बढ़ा दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आज बोलेंगे, उन्होंने जवाब दिया-मैं रोज बोलता हूं। धैर्य रखें।
उसके बाद सदन में अपने धारदार शैली से राहुल ने जमकर सरकार पर हमला बोला। लोकसभा में जवाबी हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया कि कांग्रेस का इतिहास खून से सना है। स्मृति ने कहा कि जो आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन हम लोग बार-बार आपातकाल की गाथा याद करते हैं। आपातकाल में साधारण महिलाओं का कांग्रेस ने क्या हाल किया, इस बार बात करना जरूरी है। उन्होंने स्नेहलता रेड्डी की परिस्थितियों को भी बयान किया। वो एक समाजवादी नेत्री थी जिन्हें बेगलुरू में जेल में बंद किया गया था। उन्होंने अपने जेल में लिखी उनकी डायरी में दर्ज है जैसे कोई महिला आती है, उसे सबके सामने नंगा कर दिया जाता था। इसका उन्होंने जेल में विरोध किया और 6 जून 1976 के घटना का उल्लेख किया जिसमें महिला के खिलाफ मारपीट को रोकने में वे कामयाब रही। जेल से रिहा होने के 8 दिन बाद ही उनका निधन हो गया।
राजस्थान का उल्लेख करते हुए स्मृति ने कहा कि वहां भी भीलवाड़ा में 14 साल की नाबालिग महिला के साथ बालत्कार होता है। पीडित महिला के दो महिला सांसदों से मिलने के बाद उसे भट्टी में झोककर मार दिया जाता है। बंगाल में 60 साल की महिला का उनके नाती के सामने रेप किया जाता है। उन्होंने राहुल से सवाल किया कि गिरजा टिक्कू और सरला भट्ट को कब इंसाफ मिलेगा, क्या उनकी आवाज भारत की आवाज नहीं है। मैं उन घटनाओं का जिक्र नहीं करूंगी जिन वादियों में गोली चलती थी, वो वादियां अब शांत हैं। उन्होंने कहा कि आप इंडिया नहीं वंशवादी हैं आपको देश छोड़ना चाहिए। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर दोनों सदनों में बधाई दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गांधी समेत हिरोशिमा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना और श्रद्धांजलि दी।

कालाजार उन्मूलन को लेकर ग्रामीण चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण 

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– मरीजों की पहचान और उपचार के साथ-साथ कालाजार के कारण और लक्षण की भी दी गई जानकारी
– सदर अस्पताल परिसर  स्थित मीटिंग हाॅल में प्रशिक्षण का आयोजन
लखीसराय, 8 अगस्त-
मंगलवार को लखीसराय सदर अस्पताल परिसर स्थित मीटिंग हाॅल में जिला वेक्टर जनित रोग-नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ धीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कालाजार उन्मूलन को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण चिकित्सक शामिल हुए। वहीं, प्रशिक्षण के दौरान कालाजार उन्मूलन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए जनजागरूकता पर बल दिया गया तथा इस बीमारी की रोकथाम को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी गई। वहीं, भीबीडी सलाहकार नरेंद्र कुमार ने प्रशिक्षण में मौजूद प्रतिभागियों को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया, मरीजों की पहचान कैसे करनी, संक्रमित पाए  जाने पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मरीजों का लगातार फॉलोअप करने समेत अन्य विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर भीडीसीओ भगवान दास, भीबीडीएस दिलीप कुमार मालाकार,   विनोद कुमार चौबे एवं केबीसी ललिता कुमारी आदि मौजूद थी ।
– कालाजार से बचाव के लिए जागरूक और  लक्षण वाले  व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की दी गई जानकारी :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, प्रशिक्षण के दौरान मौजूद सभी प्रतिभागियों को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने एवं लक्षण वाले  व्यक्ति को इलाज के लिए प्रेरित करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई। ताकि लक्षण वाले  व्यक्ति का समय पर जाँच के साथ आवश्यक इलाज शुरू हो सके और सामुदायिक स्तर पर भी लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी मिल सके। जिससे शुरुआती दौर में ही लोग सजग हो  आवश्यक कदम उठा सकें । सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, उन्होंने बताया, इस बीमारी से बचाव के लिए जमीन  पर नहीं सोएं । मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें। दिन में भी मच्छरदानी लगाकर ही सोएं। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें ।
– लक्षण वाले  मरीजों को जाँच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान भेजने में करेंगे सहयोग :
जिला भीबीडी सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया, ग्रामीण चिकित्सक अपने क्षेत्र के कालाजार के लक्षण वाले मरीजों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जाँच कराने के लिए प्रेरित करेंगे। ताकि ससमय उन्हें बीमारी की सही जानकारी मिल सके और उचित इलाज शुरू हो सके। इसके अलावा ऐसे मरीजों को जाँच कराने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए ग्रामीण चिकित्सक नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुँचने में भी सहयोग करेंगे। साथ ही ऐसे मरीजों को चिह्नित  कर स्थानीय पीएचसी को भी जानकारी उपलब्ध करेंगे। इससे ना सिर्फ ऐसे मरीजों की समय पर जाँच और सही बीमारी की जानकारी सुनिश्चित होगी बल्कि, मरीजों को गंभीर परेशानियाँ का भी सामना नहीं करना पड़ेगा और सुविधाजनक तरीके से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध करायी  जाएगी ।
– कालाजार के लक्षण :
– लगातार रुक-रुक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– प्लीहा में नुकसान होता है।
– छिड़काव के दौरान इन बातों का रखें ख्याल :
– छिड़काव के पूर्व घर की अन्दरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें।
– घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल के अन्दरूनी दीवारों पर छः फीट तक छिड़काव अवश्य कराएं।  छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें।
– छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री , बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें।
– ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई ना करें, जिसमें कीटनाशक (एस पी) का असर बना रहे।
– अपने क्षेत्र में कीटनाशक  छिड़काव की तिथि की जानकारी आशा दीदी से प्राप्त करें।

एआईटीएफ के पदाधिकारियों की बैठक में तीन दिवसीय खेल प्रतिस्पर्धा की ब्लू प्रिंट की विस्तृत चर्चा

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नई दिल्ली-
भारत-नेपाल मैत्री की साझा विरासत को बढ़ाने व तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के मद्देनजर संस्था में संरक्षक व राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल के आधिकारिक आवास दिल्ली के 17 फिरोजशाह रोड स्थित में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक में दिसंबर में होने वाले तीन दिवसीय खेल प्रतिस्पर्धा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई एवं नवोदित पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। संगठन को विस्तार देते हुए अनेक पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए एवं अंग वस्त्र देकर उनका स्वागत किया गया।
संस्था के उपाध्यक्ष व वरिष्ठ राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान रजा ने आयोजन की तैयारियों पर चर्चा के साथ-साथ कार्यक्रम के ब्लूप्रिंट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस खेल प्रतिस्पर्धा में देश-विदेश के 1500 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षक भाग लेने की उम्मीद है। इस आयोजन के लिए 15 नवनियुक्त पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई और उनको उनके कार्यक्षेत्र से भी अवगत कराया गया। जिन लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए उनमें सिक्किम क्षेत्र से वरिष्ठ अधिवक्ता रीना राय को संरक्षक बनाया गया। उनके अलावा वरिष्ठ राजनीतिक कार्यकर्ता व उद्यमी हरिकृष्ण द्विवेदी और मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता मोहन ढकोनिया को संरक्षक बनाया गया।
नेपाल क्षेत्र के लिए मीना पांडेय, जीवन शर्मा, नारायण शर्मा, कविता शर्मा, नियोमी खाती, सैयद वसी इमाम एवं राकेश शाह को जनसंपर्क एवं स्वागत टीम में शामिल किया गया। अब्बास हैदर व युवा राजनीतिक कार्यकर्ता व साफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष मिश्रा को कार्यकारी सदस्य एवं राजदा उर्फ चांदनी को स्पांसरशिप मैनेजर एवं कार्यकारी सदस्य मनोनित किया गया। दार्जिलिंग की दीपांजलि क्षेत्री को भी पब्लिक रिलेशन विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक मानवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा बनायी गई। इस बैठक में विशेष तौर पर संस्था के संरक्षक व किसान नेता अखिलेश शुक्ला, फेडरेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो प्रशिक्षक मास्टर जितेंद्र सिंह, मीडिया विभाग के प्रमुख व राजनीतिक विश्लेषक रितेश सिन्हा, अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी व प्रशिक्षक रेखा सिंह, मीडिया विभाग में समन्वयक सुधीर कुमार सहित उपस्थित रहे। बैठक में युवा ताइक्वांडो प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत परिचय भी दिया।

विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन  पर जिलाभर के सीएचसी और पीएचसी पर  हेल्दी बेबी शो आयोजित 

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–  सबसे हेल्दी तीन बच्चों को फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड प्राइज देकर किया गया सम्मानित
– जिलाभर के  सीएचसी और पीएचसी पर  01 से 07 अगस्त तक मनाया गया विश्व स्तनपान सप्ताह
– धातृ महिलाओं को शिशु के जन्म लेने से छह माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने के लिए किया गया जागरूक
लखीसराय-
  विश्व स्तनपान सप्ताह (1से 07 अगस्त) के समापन के अवसर पर सोमवार को जिलाभर के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया । हेल्दी बेबी शो में उपस्थित धातृ माताओं सहित अन्य लोगों को संबोधित करते हुए जिला के सिविल सर्जन डॉ. बीपी सिन्हा ने बताया कि शिशु के पोषण का सर्वोत्तम आहार मां का दूध ही है।  मानसिक और शारीरिक विकास के लिए शिशु को जन्म के आधा घंटा के बाद से कम से कम छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान ही करवाना चाहिए। इस दौरान शिशु को अलग से पानी भी देने की आवश्यकता नहीं होती है। छह माह तक शिशु को सिर्फ स्तनपान करवाने से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जिससे कई संक्रामक बीमारी से शिशु की रक्षा संभव हो पाती है। छह महीने के बाद ही शिशु को मां की दूध के साथ ऊपरी आहार के रूप में हल्का खाद्य पदार्थ दिया जा सकता है।
लखीसराय पीएचसी में हेल्दी बेबी शो का आयोजन कर  बच्चों को फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड प्राइज देकर किया गया सम्मानित :
लखीसराय पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को  हेल्दी बेबी शो में आठ बच्चों ने हिस्सा लिया । इस प्रतियोगिता में महिसोना लखीसराय की  लगभग पांच महीने की बच्ची आद्या कुमारी को सबसे हेल्दी बेबी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  इस बच्ची को निर्धारित पचास में से पचास अंक प्राप्त हुए। हेल्दी बेबी का चुनाव के लिए इंस्टीट्यूशनल डेलिवरी पर 10 अंक, न्यूट्रिशन पर 10 अंक, इम्युनाइजेशन पर 10 अंक, ब्रेस्ट फीडिंग पर 10 अंक और जेनरल हेल्थ एंड हाइजीन पर 10 अंक निर्धारित किया गया था। इसी तरह लखीसराय सदर की  आठ महीने की आद्याश्री को  हेल्दी बेबी शो में सेकेंड पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस बच्चे को भी निर्धारित 50 में 50 अंक प्राप्त हुआ था । इसके अलावा लखीसराय के पचना रोड के  दो साल के सार्थक आर्या और एक साल की पलक कुमारी को हेल्दी बेबी शो में संयुक्त रूप से थर्ड प्राइज से सम्मानित किया गया। इन दोनों बच्चों ने निर्धारित 50 अंक में से 49 अंक हासिल किए थे ।
लखीसराय पीएचसी में ब्लॉक हेल्थ मैनेजर के पद पर कार्यरत निशांत राज ने बताया कि हेल्दी बेबी शो  में  सभी धातृ माताओं को स्तनपान से होने वाले फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। उन्होंने बताया कि शिशु को नियमित स्तनपान कराने से 5 वर्ष से कम उम्र में होने वाली शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आती है। शिशु को दस्त और निमोनिया से भी काफी सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास भी सही तरीके से होता है। इसके अलावा माताओं में स्तन कैंसर की संभावनाओं को भी शिशु को स्तनपान कराने के बाद दूर किया जा सकता है।

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के आयुष वेलनेस कैम्प्स के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय आयुष मंत्री

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नई दिल्ली, 07.08.2023: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) द्वारा आज सागर मंथन, परिवहन भवन, नई दिल्ली में आयोजित आयुष वेलनेस कैम्प्स के समापन समारोह में केंद्रीय आयुष एवं बंदरगाह, जहाजरानी तथा जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवालमुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री विवेक भारद्वाज, सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार, श्री घनश्याम शर्मा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एचसीएल सहित अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। इस समारोह में कॉर्पोरेट कार्यालय,कोलकाता तथा एचसीएल की पांच इकाइयों के कैम्प वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में, एचसीएल, जो कि भारत सरकार के खान मंत्रालय के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, ने अपनी इकाईयों एवं कार्यालयों में और उसके आस-पास आयुष चिकित्सा के प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ानेके लिए इस वर्ष मार्च से आयुष वेलनेस कैम्पों (75 अदद) की एक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। यह एकेएएम के थीम-आधारित अभियान, “हेल्थ एंड वेलनेस” के अनुरूप रहा। इसके तहत एक ओर जहां राजस्थान के खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स में 21 आयुष वेलनेसकैम्प आयोजित किए गए, तो वहीं झारखंड के इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स में 23, मध्य प्रदेश के मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट में 21, महाराष्ट्र के तलोजा कॉपर प्रोजेक्ट में 5, गुजरात कॉपर प्रोजेक्ट में 3 तथा कोलकाता, जहां कंपनी का मुख्यालय में 2 शिविर आयोजितकिए गए।  इस समापन समारोह में, माननीय केंद्रीय आयुष मंत्री द्वारा देश के दूरदराज के क्षेत्रों में एचसीएल द्वारा आयोजित आयुष वेलनेस कैम्प्स की झलक के साथ एक ब्रोशर जारी किया गया। कंपनी द्वारा आयोजित आयुष वेलनेस कैम्प्स में एक लघु फिल्म के साथ कुछलाभार्थियों के वीडियो प्रशंसापत्रों को भी सम्मानित सभा में दर्शाया गया।इन कैम्पों की पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन पर ध्यान केंद्रित करते हुए एचसीएल द्वारा व्यापक अभियान चलाए गए। लाभार्थियों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए मुफ्त परामर्श प्रदान करने हेतु उच्च कुशल आयुष चिकित्सकों कोलगाया गया था। इन शिविरों में मुफ्त दवाएँ वितरित की गईं जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आए।