घरों के आसपास साफ- सफाई और मच्छरदानी के नियमित प्रयोग से खुद को रख सकते हैं डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण से सुरक्षित : सिविल सर्जन 

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– एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला भर से आए एमओआईसी सहित अन्य अधिकारियों को दिया गया डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में जानकारी
– स्थिर साफ पानी में भी पनपता है एडीस मच्छर इसलिए कहीं भी नहीं होने दें जलजमाव
खगड़िया, 07 अगस्त 2023 :
थोड़ी सी सावधानी, घरों के आसपास साफ- सफाई और मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करके खुद को डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं। उक्त बातें सोमवार को एसीएमओ कार्यालय  सभागार में डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला भर से आए एमओआईसी, मेडिकल ऑफिसर सहित अन्य लोगों को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ.अमिताभ सिन्हा ने कही। उन्होंने बताया कि मौसम में उतार – चढ़ाव होने और खासकर बरसात के दिनों में डेंगू और चिकनगुनिया का संक्रमण फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसको लेकर प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत ही सचेत और सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए रहन- सहन में सकारात्मक बदलाव के साथ- साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अलावा डेंगू और चिकनगुनिया का लक्षण महसूस होने पर तुरंत ही जाँच करवाने  की भी जरूरत है ताकि शुरुआती दिनों में ही बीमारी की पहचान होने के बाद आसानी से बीमारी को भी मात दी जा सके। इस बीमारी से बचाव के लिए जन – जागरूकता भी बेहद जरूरी है। इस अवसर पर प्रशिक्षक के रूप में मौजूद डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बॉर्न कंट्रोल ऑफिसर डॉक्टर विजय कुमार, जिला के संचारी रोग पदाधिकारी (सीडीओ) राम नारायण चौधरी, एपिडिमियोलोजिस्ट डॉक्टर शशि कुमार, प्रशिक्षक डॉक्टर अशोक प्रसाद, जिला प्रतिक्षण पदाधिकारी डॉक्टर देवेंद्र पासवान, जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंसल्टेंट बबलू सहनी  सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे ।
संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी :
जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉक्टर विजय कुमार  ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया कि बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से ही होता है इसलिए यदि आप दिन में भी सोते हैं तो अनिवार्य रूप से मच्छरदानी लगाएं और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। घर के सभी कमरों को साफ- सुथरा एवं हवादार बनाएं रखें। इसके साथ ही अपने घरों के आसपास भी साफ -सफाई का विशेष ख्याल रखें और इसके लिए अपने पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को भी जागरूक करें ताकि इस बीमारी के दायरे से सामुदायिक स्तर पर सभी लोग दूर रह सकें।  उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए रहन- सहन में बदलाव के साथ-साथ साफ- सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। दरअसल, डेंगू व चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण बुखार से ही शुरू होते हैं। इसके कारण लोगों को बीमारी की पहचान करने में भी काफी परेशानी होती है। इसलिए तनिक भी बीमारी का लक्षण दिखते ही तुरंत जाँच कराने के लिए नजदीकी अस्पताल जाएं।
लक्षण दिखते ही तुरंत कराएं इलाज, अस्पतालों में है समुचित इलाज कि व्यवस्था उपलब्ध :
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार बब्लू साहनी ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया का लक्षण दिखते ही ऐसे मरीजों को तुरंत इसकी जाँच करानी चाहिए और जाँच रिपोर्ट के अनुसार ही इस बीमारी का इलाज करानी चाहिए ताकि उन्हें बाद में बड़ी से बड़ी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े और समय पर इलाज भी संभव हो सके।
उन्होंने बताया कि इन बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है। यह बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है, जो स्थिर साफ पानी में पनपता है। इसलिए घर सहित अपने आसपास में जलजमाव की स्थिति पैदा नहीं होने दें। जलजमाव होने पर उसे यथाशीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था कर हटायें और पानी जमा होने वाले जगहों पर किरासन तेल या कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
– डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण :
उन्होंने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया के कई लक्षण हो सकते हैं जैसे :
– तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द तथा ऑखों के पीछे दर्द होना ।
– त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान ।
– नाक, मसूढ़े से या उल्टी के साथ रक्त श्राव होना ।
– काला पैखाना होना ।
– इससे बचाव के उपाय :
– दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें ।
– पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें अथवा मच्छर भगाने वाली दवा/क्रीम का उपयोग करें।
– टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी/फ्रिज के पानी निकासी ट्रे, पानी टंकी, गमला, फूलदान, घर के अंदर एवं आसपास पानी नहीं जमने दें ।
– जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें अथवा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें ।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की याद में जहांगीपुरी में हुआ कार्यक्रम, पूर्व उपमहापौर विजय भगत ने कही ये बात 

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नई दिल्ली-

 

भारत की पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री और भाजपा की प्रखर नेता रहीं पद्मविभूषण सुषमा स्वराज की पुष्यतिथि के अवसर पर जहांगीपुरी में श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन दिल्ली नगर निगम के पूर्व उपमहापौर श्री विजय भगत के तत्वावधान में किया गया था। उत्तर पश्चिमी जिला भाजपा के जिलाअध्यक्ष श्री सत्यनारायण गौतम सहित काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।
दिल्ली नगर निगम के पूर्व उपमहापौर श्री विजय भगत ने कहा कि भारत की सबसे प्रसिद्ध राजनेताओं में से एक पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म विभूषण स्वर्गीय सुषमा स्वराज जी की पुण्यतिथि के अवसर पर हम सभी ने  उनके व्यक्तित्व और सामाजिक-राजनीतिक कार्यों को याद किया। उनके साथ बिताए पलों और उनके मार्गदर्शन की बातों को सभी के साथ साझा किया। हमारे उत्तर पश्चिमी जिला के जिलाध्यक्ष श्री सत्यनारायण गौतम जी का भी सान्निध्य मिला। उनके साथ ही हमारे जिला और मंडल के पार्टी पदाधिकारियों सहित स्थानीय लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।
एक सवाल के जवाब में श्री विजय भगत ने कहा कि आजीवन मुझे वरीय भाजपा नेता सुषमा स्वराज जी से एक बड़ी बहन का स्नेह मिला है। आज भी हमारा उनके घर आना-जाना पहले की तरह है। जब भी उनकी सुपुत्री बांसुरी स्वराज जी से मिलता हूं, तो वही अपनापन मिलता है। उन्होंने कहा कि हमने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हमने अपने निवास स्थान के सामने मेट्रो अपार्टमेंट, जहांगीरपुरी, नई दिल्ली में आदरणीया बहन पद्म विभूषण सुषमा स्वराज जी की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। हमें बेहद खुशी है कि लोगों ने इसमें अपनी अपनी सहभागिता दी।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए दवा सेवन अभियान 10 अगस्त से 

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10 लाख 98 हजार 283 लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य
अल्बेंडाजोल और डीईसी के साथ दी जायेगी आइवरमेक्टिन दवा
जिला से फाइलेरिया दूर करने सीएस ने की दवा सेवन की अपील
चतरा-
​जिला में दस अगस्त से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए मास ड्रग ए​डमिनिस्ट्रेशन अभियान की शुरुआत होगी. स्वास्थ्य विभाग इस अभियान की पूरी तैयारी में जुटा है. सिविल सर्जन डॉ जगदीश प्रसाद ने बताया कि जिला में प्रांरभ हो रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को लेकर विभिन्न प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग तथा सहयोगी संस्था पीसीआई द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों को दवा सेवन कराने के बारे में आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. लाभुकों को स्वास्थ्यक​र्मी अपने सामने ही दवा का सेवन करायेंगे. दवा सेवन अभियान सभी प्रखंडों में चलाया जाना है. मास ड्रग एडमिनिस्ट्रशेन अभियान में तीन प्रकार की दवा का सेवन कराया जायेगा. इनमें डीईसी और अल्बेंडोजोल के अलावा आइवरमेक्टिन को शामिल किया गया है.
सीएस ने की आमजन से दवा सेवन की अपील:
सिविल सर्जन ने कहा कि जिला में फाइलेरिया को दूर करने के लिए आमजन दवा का सेवन जरूर करें. लोगों की सहभागिता से जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है. जनप्रतिनिधि, समाजसेवी सभी वर्ग के लोग मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता दें.
दस लाख से अधिक लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य:
सिविल सर्जन ने बताया कि इस अभियान में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत आने वाली एक हजार 468 गांवों के दो लाख 56 हजार 87 घरों को कवर किया जायेगा. इन घरों की 10 लाख 98 हजार 283 लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य रखा गया है. दवा सेवन अभियान के लिए पूरे जिला में 1500 बूथ बनाये गये हैं. अभियान में तीन हजार दो स्वास्थ्यकर्मियों को लगाया जायेगा. 153 सुपरवाइजरों को दवा सेवन कार्यों के अनुश्रवण की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. बताया कि दवा सेवन से पूर्व आवश्यक बातों के ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है. दवा का सेवन भूखे पेट नहीं कराया जाना है. साथ ही दो वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोग से बीमार व्यक्ति को दवा नहीं खिलानी है.
हाथीपांव को रोकने के लिए दवा सेवन जरूरी:
वीबीडी कंसल्टेंट अभिमन्यु कुमार ने बताया कि हाथीपांव जैसे गंभीर रोग की रोकथाम के लिए दवा का सेवन जरूरी है. फाइलेरिया से  संक्रमित व्यक्ति के पैर में सूजन आ जाती है. इसे आमभाषा में हाथीपांव भी कहा जाता है. यह मादा मच्छर क्यूलेक्स के काटने से होता है. किसी भी उम्र का व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है. फाइलेरिया मुख्यत: मनुष्य के शरीर के चार अंगों को प्रभावित करता है. जिसमें पैर, हाथ, अंडकोष और महिलाओं के स्तन शामिल हैं. संक्रमण के बाद बीमारी होने में पांच से 15 साल लग सकते हैं. फाइलेरिया दवा सेवन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है.
फाइलेरिया से बचाव के उपाय:
सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें.
घर के आसपास गंदा पानी नहीं जमा होने दें.
साफ—सफाई का ध्यान रखें.

नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मियों का होगा क्षमतावर्धन  

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-नवजात शिशुओं के मृत्यु दर में कमी लाने के लिए चिकित्सकों को किया जा रहा  प्रशिक्षित
-जिले में छह दिवसीय  प्रशिक्षण कार्यक्रम का  हुआ शुभारंभ
बांका-
जिले में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के मकसद से स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष छह दिवसीय  प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार से शहर के एक निजी होटल में शुरू हुआ। इसका उद्घाटन  सिविल सर्जन डॉ रविन्द्र नारायण ने  किया। यह आयोजन दो दिन में  तीन ट्रेनिंग सेशन में होगा। जिसमें पहला सेशन चिकित्सकों का ,दूसरा सेशन स्टाफ नर्स एवं तीसरा सेशन एएनएम् के लिये होगा। कार्यक्रम उद्घाटन करते हुए सिविल सर्जन डॉ रविन्द्र नारायण ने कहा इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक, पाथ संस्था एवं  जिला स्वास्थ्य समिति के साझा सहयोग के साथ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हो रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य जिला ही नहीं राज्य में नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी एवं नवजात देखभाल की गुणवत्ता में क्षमतावर्धन  करना है। यह आयोजन जिला के साथ पूरे राज्य में किया जा रहा है।
नवजात मृत्यु से निपटने को इन विषयों पर हो रही है  ट्रेनिंग:
जिला  प्रतिरक्षण पदाधिकारी  डॉ  योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया  कि नवजात शिशु मृत्यु से निपटने के लिए प्रसव के उपरांत नवजात में होने वाली जटिलताओं के बेहतर प्रबंधन को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चे, बीमारी तथा कमजोर नवजात के लिए हाईपोथर्मिया, शरीर का ठंडा रहना, वजन कम होना आदि जटिलताओं के निवारण के लिए कंगारू मदर केयर तकनीक का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल, नवजात का शीघ्र स्तनपान प्रारंभ कराना इस प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण बिंदू हैं। इसके अलावा नवजात का शरीर नीला-पीला पड़ना, नवजात के द्वारा  स्तनपान नहीं कर पाना, बार-बार उल्टी करना, अच्छी तरह ढके होने के बावजूद शरीर का ठंडा पड़ना, संक्रमण से बचाव आदि  प्रशिक्षण के मुख्य हिस्सा होंगे।
नवजात शिशु मृत्यु दर में आयी है कमीः
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 (2019-20) की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आयी है। एनएफएचएस 4 (2015-16)  के आंकडों की तुलना में बिहार में एक हजार जीवित जन्मों पर नवजात मृत्यु दर में छह प्रतिशत की गिरावट देखी गयी है। एनएफएचएस 5 में बिहार में नवजात शिशु मृत्यु दर प्रति एक हजार जीवित जन्म पर 34.5 है ,जबकि एनएफएचएस 4 में यह प्रति एक हजार जीवित जन्म पर 36.7 था। नवजात मृत्यु दर की गणना प्रति एक हजार जीवित जन्म पर एक वर्ष से कम आयु में मरने वाले बच्चों की संख्या के रूप में की जाती है।
इस आयोजन के मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति  के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार  राजेश कुमार ,पाथ से डॉ .चंदन कुमार और सिद्धांत कुमार  एवं  पिरामल से  डॉ तौसीफ कमर उपस्थित थे।

केजरीवाल का मकसद जनता की सेवा नहीं, करोड़ों रुपये के बंगले का भ्रष्टाचार छिपाना है: शाह

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नईदिल्ली-
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 को पारित कर दिया गया। जहाँ शाह, वहाँ राह को चरितार्थ करते हुए अमित शाह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनके तर्क के सामने कोई टिक नहीं सकता। लोकसभा में बहस की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि, ‘दिल्ली में विधानसभा की शुरुआत 1993 में की गई थी। तब से दिल्ली में कभी भाजपा तो केंद्र में कांग्रेस और दिल्ली में कभी कांग्रेस तो केंद्र में भाजपा की सरकार रही है। आज तक इस मुद्दे पर बिना किसी टकराव के दोनों ही पार्टियों ने शासन किया है। लेकिन साल 2015 में जब केजरीवाल की सरकार बनी तो समस्या की शुरुआत हुई। दरअसल आप पार्टी का मकसद जनता की सेवा करना नहीं है, बल्कि इस बिल का विरोध करके दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार को छिपाना है। विपक्ष के बाकी पार्टियों का विरोध भी महज गठबंधन को बचाना है। विपक्षी कितना भी गठबंधन कर ले, 2024 में मोदी जी का प्रधानमंत्री बनना तय है।’
लोकसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह द्वारा दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 को पेश करने के साथ ही विपक्ष की सभी पार्टियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। हालाँकि इस बिल के पास होने से आप पार्टी के अलावा किसी और पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन विपक्ष का विरोध सिर्फ और सिर्फ महागठबंधन को बचाए रखने के लिए था। महागठबंधन की नींव तो वैसे भी कमजोर है और अब बिल के पास होते ही केजरीवाल निश्चित तौर पर महागठबंधन से बाहर निकल जाएंगे।
शाह का स्पष्ट मानना है कि सदन में जिन नेताओं ने उनके ऊपर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफत का आरोप लगाया, उन लोगों ने शायद अदालत का पूरा फैसला पढ़ा ही नहीं। अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि संसद को अनुच्छेद 239A के तहत किसी भी मसले पर दिल्ली को लेकर कानून बनाने का पूर्ण अधिकार है।
अपने अलग ही अंदाज में अमित शाह ने दिल्ली के गठन का इतिहास बताते हुए कहा कि,  ‘1911 में अंग्रेजों ने महरौली और दिल्ली तहसीलों को पंजाब से अलग करके गठित किया था। बाद में पट्टाभि सीतारमैय्या ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। लेकिन पंडित नेहरू, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद और आंबेडकर जी ने इसका विरोध किया था।’
पूरे बहस के दौरान शाह ने दिल्ली सेवा बिल के पक्ष में जिस तेवर के साथ अपनी बात रखी, उससे तो यह स्पष्ट हो जाता है कि विवाद अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के अधिकारों को लेकर नहीं है, बल्कि विजिलेंस को हाथ में लेकर बंगले पर किए गए खर्च को छिपाने और शराब घोटाले से बाहर निकलने पर है।

कलाम पुण्यतिथि युवा महोत्सव पर दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय कलाम यूथ लीडरशिप कांफ्रेंस के समापन समारोह में युवा डॉ. नयन प्रकाश गाँधी कलाम युवा लाइफटाइम अचीवमेंट से हुए सम्मानित

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 *पैनल वक्ता के रूप में  कलाम यूथ लीडरशिप ट्रेट्स पर दिया प्रेजेंटेशन*
 *_शनिवार को तीन दिवसीय कलाम यूथ लीडरशिप के पांचवे संस्करण  का हुआ समापन*_
 *१२ से अधिक देशो और भारत के २८ से अधिक राज्यों से आमंत्रित युवा प्रतिनिधियों ने की सहभागिता*
भारत की राजधानी नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र मे मिसाइलमैन डॉ. एपीजे कलाम की पुण्यतिथि पर  आयोजित भव्य अंतराष्ट्रीय कलाम यूथ लीडरशिप कांफ्रेंस में राजस्थान   से युवा डॉ.नयन प्रकाश गाँधी को विशिष्ठ अतिथि यु .ऐ .ई .से  पधारे डॉ.शाहजादा सिद्द्की ,भारत के क्रांतिकारी  गाँधीवादी विचारक शुभ्रो रॉय ,अर्चना भट्ट्चार्जी ,कलाम यूथ लीडरशिप कांफ्रेंस के चेयरमेन अंतराष्ट्रीय युवा ब्रिगेडियर मुन्ना कुमार ,ख्वाब फॉउंडेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष युवा प्रेरक अमित आदि की गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. कलाम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड बेज मैडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. गाँधी को पूर्व में भी डॉ.एपीजे कलाम युवा सम्मान से नवाजा जा चूका है ,इस वर्ष कलाम यूथ लीडरशिप कांफ्रेंस में लाइफटाइम अचीवमेंट यूथ  केटेगरी में उनका चयन किया गया था .गाँधी बकानी झालावाड़ मूल के कोटा निवासी है .सामाजिक वैकासिक कार्यो की विभिन्न सरकारी गैर सरकारी आम जनकल्याणकारी  प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इवैल्यूएशन ,युवा क्षमता संवर्धन ,डिजिटल नवोन्मेष , सतत  विकास हेतु विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय लेखन ,रिसर्च नवोन्मेष ,युवा लाइफ कोच ,करियर मार्गदर्शक आदि में उच्च विशेषज्ञता के साथ सतत रूप से सक्रिय है .उनकी लगातार सामाजिक युवा सशक्तिकरण क्षमता संवर्धन कार्यक्रम एवं सामाजिक प्रोजेक्ट में उल्लेखनीय कार्यो हेतु इस बार कलाम फॉउंडेशन लीडरशिप कांफ्रेंस की अंतराष्ट्रीय बोर्ड जूरी  मेंबर्स ने गाँधी का चयन कलाम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चयन किया है .कांफ्रेंस चेयरमेन ने बताया की गाँधी को यह सम्मान अंतराष्ट्रीय बेज मैडल मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र के साथ अंतराष्ट्रीय युवा केंद्र के भव्य सभागार में आयोजित १२ देशो के अंतराष्ट्रीय डेलिगेशन में  कलाम लाइफ टाइम अचीवमेंट गोल्ड प्लेटेड मैडल बेज प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो शील्ड से सम्मानित किया गया .गाँधी को कांफ्रेंस के तकनिकी सत्र में  कलाम युथ लीडरशिप ट्रेट्स के बेहतर प्रेजेंटेशन हेतु मोमेंटो से सम्मानित किया गया .गाँधी के इस चयन पर समाज जनो परिवार जनो में प्रसन्नता की लहर है

फाइलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी : डाॅ धीरेंद्र कुमार 

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– फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं विभिन्न कार्यक्रम
– बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को किया जा रहा जागरूक
लखीसराय-
फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर और सजग है। जिसे सार्थक रूप देने के लिए सरकार द्वारा फाइलेरिया के खिलाफ विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिसके माध्यम से लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी दी जा रही है। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोग जागरूक हो  जाएं और शुरुआती दौर में ही बीमारी की पहचान कर  अपना इलाज शुरू करवा सकें। दरअसल, इस बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता के साथ-साथ सतर्कता भी बेहद जरूरी है। इसलिए, जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित तौर पर लगातार विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही फाइलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी जा रही है। ताकि संबंधित मरीज अपना सुविधाजनक तरीके से  इलाज करवा सकें और बीमारी पर रोकथाम सुनिश्चित हो सके।
– फाइलेरिया से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन जरूरी :
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, फाइलेरिया से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन बेहद जरूरी है। इसलिए, सरकार द्वारा समय-समय पर एमडीए अभियान का आयोजन कराया जाता है। जिसके माध्यम से जिले भर में पखवाड़ा चलाकर लोगों को दवाई का सेवन कराया जाता है। जबकि, फाइलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में शिविर आयोजित कर एमएमडीपी किट उपलब्ध करायी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा एएनएम, आशा कार्यकर्ता समेत अन्य कर्मियों के सहयोग से अभियान चलाकर लोगों को जागरूक भी किया जाता है। वहीं, उन्होंने बताया, एमडीए अभियान  में   लोगों को खुद के सामने अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की दवाएं खिलाई जाती हैं। उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खिलाई जाती है।
– क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया : फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसका कोई पर्याप्त इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इसे शुरुआती दौर में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह स्वच्छ पानी से साफ करना चाहिए। साथ ही सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा का नियमित सेवन करना चाहिए।
– मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं फाइलेरिया :
फाइलेरिया मुख्यतः मनुष्य के शरीर के चार अंगों को प्रभावित करता है। जिसमें पैर, हाथ, हाइड्रोसील एवं महिलाओं के स्तन शामिल हैं। हाइड्रोसील के अलावा फाइलेरिया संक्रमित अन्य अंगों को ऑपरेशन द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता है। संक्रमित व्यक्ति को समान्य उपचार के लिए किट उपलब्ध कराई जाती है, जबकि हाइड्रोसील फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को मुफ्त ऑपरेशन की सुविधा मुहैया कराई जाती।
– साइड इफेक्ट से घबराएं नहीं :
दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते। साइड इफेक्ट सामान्य होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक हो जाते।
– फाइलेरिया क्या है ?
– फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
– किसी भी उम्र का व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
– फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाइड्रोसील (अण्डकोष में सूजन) है।
– किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।
– इन बातों का रखें ख्याल :
– भूखे पेट दवा नहीं खिलानी है।
– किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
– गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
– 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
– गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।
– फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
– सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
– घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
– अल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

गोल्फ को लोकप्रिय बनाने के लिए केटेगरी डी कोचिंग सर्टिफिकेट कार्यक्रम का आयोजन 

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नोएडा गोल्फ क्लब में केटेगरी डी सर्टिफिकेट प्रोग्राम में 60 खिलाड़ियों ने भाग लिया

नोएडा-

 

देश भर में गोल्फ कोचिंग को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय गोल्फ अकादमी (एनजीएआई) ने भारतीय गोल्फ संघ के तत्वावधान में पिछले सप्ताह नोएडा गोल्फ कोर्स में केटेगरी डी कोचिंग सर्टिफिकेट कार्यक्रम का शानदार ढंग से आयोजन किया।
गोल्फ खेल को संपन्न लोगों के लिए एक अवकाश गतिविधि के रूप में देखा जाता है, लेकिन आईजीयू विभिन्न माध्यमों से इस खेल को सामान्य आदमी तक पहुंचाने के लिए इसे सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है।
इसी के तहत नोएडा गोल्फ कोर्स में केटेगरी डी कोचिंग सर्टिफिकेट का आयोजन किया गया था। प्रशिक्षण पैनल का नेतृत्व शीर्ष गोल्फर दीपिंदर कुल्लर और आदित्य कानितकर ने किया। इसमें 60 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
दीपिंदर कुल्लर और आदित्य कांतिकर ने कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रत्येक व्यक्ति को गोल्फ की बारीकियों से परिचय कराया उन्हें इस खेल की तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारियाँ दी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करने के लिए भारतीय गोल्फ संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
गोल्फ के ग्रासरूट लेवल तक ले जाने के लिए आईजीयू राज्यों में जमीनी स्तर के कार्यक्रमों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गोल्फ खिलाड़ियों के लिए अधिक टूर्नामेंट और अवसर पैदा कर और एनजीएआई प्रमाणित कोचों की मदद से पूरे देश में कोचिंग कार्यक्रम शुरू कर आईजीयू आने वाले दिनों में गोल्फ को आम आदमी के लिए एक लोकप्रिय खेल बनाने पर काम कर रहा है।

विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ, पूरे सप्ताह लोगों को किया जाएगा जागरूक, स्तनपान के महत्व की दी जाएगी जानकारी 

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– लखीसराय पीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में शपथग्रहण समारोह  आयोजित
– शिशु के पोषण का आधार है, माँ का दूध ही सर्वोत्तम आहार है…
लखीसराय-
जिले में मंगलवार से  विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ हो गया। इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों में सप्ताहभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को स्तनपान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान इससे होने वाले फायदे की जानकारी दी जाएगी। ताकि सामुदायिक स्तर पर लोगों को स्तनपान के महत्व की जानकारी मिल सके और कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके। वहीं, लखीसराय पीएचसी  में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ धीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज के संचालन में एक शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें चिकित्सक, एएनएम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। इस दौरान सभी ने उक्त साप्ताहिक कार्यक्रम को सफल बनाने तथा स्तनपान को बढ़ावा देने की शपथ ली। साथ ही स्तनपान को लेकर लोगों को कैसे जागरूक करना है, स्तनपान का महत्व एवं इससे होने वाले फायदे समेत अन्य आवश्यक जानकारी देते हुए इसे सामुदायिक स्तर पर लोगों तक पहुँचाकर जागरूक करने को कहा गया। इस दौरान शिशु के पोषण का आधार है, माँ का दूध ही सर्वोत्तम आहार है…समेत अन्य नारे पर बल देते हुए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का भी आयोजन कर लोगों को स्तनपान से होने वाले फायदे, इसका महत्व आदि की जानकारी दी जाएगी।
– शिशु के सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए छः माह तक सिर्फ माँ का दूध जरूरी : डॉ धीरेन्द्र
पीएचसी प्रभारी डाॅ धीरेंद्र कुमार ने बताया, शिशु के सर्वांगीण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए जन्म के पश्चात छः माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का दूध जरूरी है। इससे शिशु का ना सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास होता बल्कि, रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूती मिलती है, जो संक्रामक बीमारी से बचाव करता है। इसलिए, सभी धातृ माताएं शिशु को जन्म के पश्चात छः माह तक सिर्फ और सिर्फ माँ का ही दूध पिलाएं। इसके बाद ही ऊपरी आहार देना शुरू करें। इसके अलावा पुरानी ख्यालातों और अवधारणाओं से बाहर आकर जन्म के एक घंटे के अंदर ही बच्चे को दूध पिलाना शुरू कर दें। माँ यह गाढ़ा-पीला दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है।
– अगले सप्ताह हेल्दी बेबी शो कार्यक्रम का भी होगा आयोजन :
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, अगले सप्ताह सोमवार दिन 7अगस्त को पीएचसी में हेल्दी बेबी शो कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। जिसमें खासकर धातृ माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक किया जाएगा एवं इससे होने वाले फायदे समेत अन्य आवश्यक और जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।
– इन बातों की ली शपथ :
– मैं अपने अस्पताल में प्रसव सेवा लेने वाली सभी माताओं के लिए सक्रिय रूप से स्तनपान कराने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मैं अपने अस्पताल में स्तनपान की सुरक्षा, संवर्धन और समर्थन के लिए अपनी ओर से हर संभव प्रयास करूँगा।
– मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि अस्पताल में रहने के दौरान सामान्य और सिजेरियन दोनों प्रकार के प्रसव के उपरांत माताएं स्तनपान कराने का अभ्यास करें।
– मैं यह सुनिश्चित करूँगा कि जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु को त्वचा से त्वचा के संपर्क में रखा जाय एवं जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान शुरू करने में माँ की हरसंभव सहायता करूँगा। साथ ही स्तनपान के अतिरिक्त किसी भी अन्य पेय पदार्थ या डब्बाबंद दूध के प्रयोग को हतोत्साहित करूँगा।
– स्तनपान से लाभ :
– 05 वर्ष तक की उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी लाता है।
– दस्त के प्रकरणों को रोकता है।
– निमोनिया के प्रकरणों को रोकता है।
– बच्चों की बौद्धिक क्षमता में सुधार करता है।
– स्तन कैंसर से बचाव करता है।
– मोटापा कम करता है।
– टाइप – 2 मधुमेह को कम करता है।

सीपीजे कॉलेज नरेला ने अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विदाई समारोह“ एडीयू-2023” किया आयोजित

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नईदिल्ली-

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से संबद्ध सीपीजे कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज एंड स्कूल ऑफलॉ, नरेला ने बी.ए.एलएलबी/ बीबीएएलएलबी और एलएलएम .के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए 28 जुलाई, 2023 को; और बीबीए(जी)/ बीबीए(सीएएम)/ बीसीए/ बी.कॉम(ऑनर्स) के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए 29 जुलाई, 2023 को फेयरवेल “एडीयू-2023” का आयोजन  किया।दोनों दिन, महानिदेशक श्री युगांक चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर, प्रबंधन और संकाय ने बैच 2023 के उत्तीर्ण छात्रों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ छात्रों ने कॉलेज में आयोजित शैक्षणिक यात्रा, व्यावहारिक प्रदर्शन, खेल और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों के अपने सीखने के अनुभव साझा किए। छात्रों ने समर्पण, स्नेह और उत्कृष्टता के साथ कॉलेज से सहयोग, शिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रबंधन, कर्मचारियों और संकायों के प्रति हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। जैसे ही पूरा वातावरण भावनाओं से भर गया, एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मनोरंजक भांगड़ा और बॉलीवुड नृत्य, प्रतिभा खोज,  गायन, और  रैंप वॉक के साथ सभा को रोमांचित कर दिया। सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और उन्होंने विजेताओं के लिए जोरदार तालियाँ बजाईं। दोनों दिन क्रमशः स्कूल ऑफ लॉ और एमसीआईटी विभाग के छात्रों में से प्रत्येक विजेता पुरुष और महिला छात्र को 3 खिताब प्रदान किए गए, यानी मिस्टर एंड मिस बेस्ट अटायर, मिस्टर एंड मिस हैंडसम/ब्यूटीफुल, मिस्टर एंड मिस “एडीयू-2023” । हमारे दो पूर्व छात्र श्री सुमित राणा और श्री कशिश बजाज दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा, 2022 में उत्तीर्ण होकर जज बने, इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित थे। महानिदेशक ने कॉलेज प्रबंधन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। महानिदेशक श्री युगांक चतुर्वेदी  ने सभी छात्रों को आशीर्वाद दिया और कहा कि प्रिय छात्रों, याद रखें, “यदि आपमें आत्मविश्वास है और आप अपने दिल में एक मजबूत उद्देश्य के साथ कड़ी मेहनत करते हैं, तो आपको अपना लक्ष्य हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता”।अंत में, जैम सेशन के लिए डीजे की तेज धुन से एट्रियम का वातावरण जीवंत हो गया, जिससे उच्च ऊर्जा बढ़ गई और सभी को अपार खुशी मिली। इससे पहले, लंच के समय छात्रों और संकाय सदस्यों ने मिलकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। विदाई समारोह सांस्कृतिक समिति के संयोजक द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव और छात्रों द्वारा मनभावन फोटो सत्र के साथ यादों की झलक कैमरे में संजोते हुए संपन्न हुआ।                                                               **********