टीबी उन्मूलन • जीविका दीदियों को दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
किसी से मिलने और हाथ मिलाने से नहीं फैलता है टीबी का संक्रमण
नगर परिषद चुनाव को लेकर प्रचार अभियान तेज
प्रत्याशी घर-घर जाकर लोगों से अपने लिए मांग रहे हैं समर्थन
वार्ड 75 से सपा प्रत्याशी संदीप सिंह सत्या भी लोगों से मिल रहे
इलाहाबाद-
आगामी चार मई को होने वाले नगर परिषद चुनाव को लेकर प्रचार अभियान तेज कर दिया गया है। प्रत्याशी चुनाव में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। जीत के लिए हर तरकीब अपना रहे हैं। लोगों से संपर्क साधकर अपनी जीत की मार्ग को प्रशस्त करने में प्रत्याशी लगे हुए हैं। वार्ड नंबर-75 (झूंसी, कोहना) क्षेत्र में चुनाव पांच मई को है। यहां से सपा प्रत्याशी संदीप सिंह सत्या ने भी अपने अभियान को तेज कर दिया है। वे लगातार लोगों से मिल रहे हैं और अपनी कार्ययोजना के बारे में लोगों को बता रहे हैं। लोगों को जानकारी दे रहे हैं कि अगर मेरी जीत होती है तो मैं क्या-क्यां क्षेत्र के लिए करूंगा। जनसंपर्क के दौरान उनकों लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
संदीप सिंह सत्या कहते हैं, मैं तो क्षेत्र का बेटा हूं। चुनाव जीतूं या हारूं, मैं क्षेत्र में काम करता रहूंगा। लेकिन लोगों को अपने बारे में सोचना चाहिए। उन्हें यह समझना चाहिए कि कौन प्रत्याशी जीतेगा तो उनका भला होगा। क्षेत्र में काम होगा। लोगों को समस्याओं से निजात मिलेगी। मैं लोगों को यही समझाने में लगा हूं। अच्छी बात यह है कि लोग भी मेरी बात को समझने लगे हैं। मैं जब क्षेत्र में भ्रमण करता हूं तो लोग अपनी समस्या से मुझे अवगत कराते हैं और जीतने पर समाधान का भरोसा मुझसे लेते हैं। इसलिए मुझे उम्मीद और विश्वास है कि वार्ड नंबर 75 की जनता मुझे ही चुनेगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में IntelliSmart को 67 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का ऑर्डर मिला
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने राज्य के 14 जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जारी किया।
गुड़गांव। देश में रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत देश की अग्रणी स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल समाधान कंपनी इंटेलीस्मार्ट (IntelliSmart) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड को पर 67 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का ऑर्डर मिला है। सर्विस केबलिंग और सहायक उपकरणों के साथ लाखों प्रीप्रेड स्मार्ट मीटर को राज्य के 14 जिलों के लगाया जाएगा। ये जिले उत्तर प्रदेश के पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के दायरे में आते हैं।
बता दें की रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अधीन ये अब तक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है, जो IntelliSmart को मिला है। स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के तमाम मानकों पर खरा उतरने के बाद कंपनी को यह काम मिल है। IntelliSmart अपनी मूल कंपनी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के साथ 7 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रही है। यही वजह है कि IntelliSmart को उसके अनुभव और दक्षता के आधार देश भर में स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाओं का काम मिलता रहा है।
इस संदर्भ में IntelliSmart के एमडी और सीईओ श्री अनिल रावल कहते हैं, ’हम इस बात से अवगत हैं कि देश में अब तक की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाओं में से एक होने के नाते, इसे समय पर पूरा करना ही आरडीएसएस कार्यक्रम के लिए मानदंड होगा। असम के बाद यह हमारा दूसरा इतना बड़ा स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट है। जब राज्यों द्वारा स्मार्ट मीटर निविदाएं शुरू की जा रही हैं, तो यह डिस्कॉम के परिचालन और वित्तीय दक्षता के आधार पर हमें काम मिलन बेहद अहम है। आवश्यक लागत लाभ सुनिश्चित करते हुए बड़ी परियोजनाओं को तयशुदा समय पर पूरा करने के लिए IntelliSmart की क्षमताओं की जानकारी सभी को है। IntelliSmart डिजाइन बिल्ड फाइनेंस ओन ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOOT) व्यवस्था के तहत प्रोजेक्ट को Totex मोड में लागू करेगा। यह परियोजना पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतमबुध नगर, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सहारनपुर, संभल और शामली जिलों में शुरू की जाएगी।
कोरोना संक्रमण से उबर चुके लोग पुनः हो सकते हैं कोरोना संक्रमित, रहें सावधान
कालाजार उन्मूलन • कालाजार मुक्त जिला निर्माण को लेकर किए जा रहे हैं हर जरूरी प्रयास -सिविल सर्जन
अवैध निर्माण का अड्डा बना डेरा मंडी; बिल्डर माफिया कर रहा है पूरी ग्रीन बेल्ट को बर्बाद
नई दिल्ली:
बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण के परिणामस्वरूप दक्षिण पश्चिम दिल्ली में डेरा मंडी की हरी-भरी पट्टी पूरी तरह से नष्ट हो रही है, बिल्डरों द्वारा सैकड़ों भूखंडों को अवैध रूप से उकेरा गया है और अनजान खरीदारों को बेच दिया गया है।
निवासियों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो डेरा मंडी का अंजाम अरावली जैसा हो जाएगा। “अरावली का विनाश उत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के कारणों में से एक है। अधिकांश वन संपदा लुप्त हो गई है। सबूत के रूप में बड़े खंडित खंड वाक्पटुता से पड़े हैं। हमें डेरा मंडी के इस बेहद संवेदनशील क्षेत्र में इस अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की जरूरत है, जहां एक नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र है।
डेरा मंडी हरी-भरी हरियाली से घिरा एक रिहायशी इलाका है और यहां फार्महाउस और स्वतंत्र आवासों का बोलबाला है। हालांकि, बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण के साथ यह जगह तेजी से कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो रही है क्योंकि बिल्डरों ने अवैध रूप से छोटे भूखंडों को काट दिया है। गुस्साए निवासियों की शिकायत है कि सक्रिय स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से इलाके में बहुमंजिला इमारतें तेजी से बढ़ रही हैं, क्योंकि सैकड़ों ट्रकों को रोजाना कंक्रीट डंप करते देखा जा सकता है, जो पूरे हरित क्षेत्र को बर्बाद कर रहा है।
निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में घरों का निर्माण फार्महाउसों को नियंत्रित करने वाले दिल्ली सरकार के नियमों द्वारा कड़ाई से निर्देशित है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “नियमों के अनुसार, 2.5 एकड़ और 5 एकड़ के बीच के फार्महाउस में केवल 3,000 वर्ग फुट तक का निर्माण हो सकता है, लेकिन यहां क्या हो रहा है कि कई भूखंडों को उकेरा जा रहा है और बेचा जा रहा है, जिससे भारी निर्माण गतिविधि हो रही है।”
“छोटे भूखंडों की बिक्री के लिए जगह-जगह विज्ञापनों का जाल बिछा दिया गया है। आप बिल्डर को फोन करें और वह आपको बताएगा कि पुलिस को एक छोटा सा कमीशन बहुमंजिला इमारत के निर्माण की अनुमति देगा। दिन भर ट्रकों की आवाजाही देखी जा सकती है। पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है,” एक अन्य निवासी ने कहा।
“सभी नियमों का घोर उल्लंघन है। छोटे-छोटे भूखंडों को तराशने के लिए सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत है। धड़ल्ले से हो रहे निर्माण तो सभी को दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सबने आंखें मूंद रखी हैं। सरकार से हमारी अपील अनसुनी कर दी गई है। बिल्डरों और पुलिस के बीच गठजोड़ न सिर्फ फल-फूल रहा है, बल्कि यह और भी खुल्लमखुल्ला हो गया है। वे लाखों कमा रहे हैं और उस जगह को कंक्रीट के नर्क में बदल रहे हैं,” डेरा मंडी में 20 से अधिक वर्षों से रह रहे एक स्थानीय ने कहा।
कर्नाटक में मजबूत होती भाजपा की वजह अमित शाह की रणनीति
नईदिल्ली-
कर्नाटक चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है अमित शाह के मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुट गई है। राज्य की सभी 224 सीटों पर 10 मई को मतदान होगा और नतीजे 13 मई को आएंगे। भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार एवं कर्मठ नेता अमित शाह ने चुनाव में भाजपा की जीत को सुनिश्चित करने व भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कर्नाटक में डेरा डाल दिया है। चुनावी तैयारियों के लिए मशहूर अमित शाह जहाँ दिन भर रोड शो और रैली में व्यस्त रहते हैं, वहीं देर रात पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके पार्टी को एकजुट करने तथा चुनाव में भाजपा का पताका फहराने के लिए रणनीति बनाने का काम करते हैं।
सोमवार को कर्नाटक के चामराजनगर और हासन में दो रोड शो के दौरान उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि मोदी के बाद सबसे बड़े क्राउड पुलर हैं अमित शाह। सोमवार की शाम हुबली में संवाददाता सम्मेलन के दौरान उत्तर कर्नाटक के मुद्दों को उठाते हुए अमित शाह ने कांग्रेस-जेडीएस पर जमकर हमला बोला और कहा कि कर्नाटक की जनता को तय करना है कि मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार चाहिए जो सबको साथ लेकर विकास की राजनीति करती है या फिर कांग्रेस की रिवर्स गियर सरकार चाहिए जो कर्नाटक को दिल्ली का एटीएम बना देगी।
कांग्रेस ने अपने शासन काल में असंवैधानिक तरीके से तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए धर्म के आधार पर आरक्षण दे रखा था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में कर्नाटक की भाजपा सरकार ने उस आरक्षण को रद्द करके एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी के लिंगायत और वोक्कालिगा समाज के आरक्षण में बढ़ोतरी करने का काम किया है। कर्नाटक की जनता के ज़ेहन में यह बस चुका है कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो मोदी जी के नेतृत्व और अमित शाह के मार्गदर्शन में कर्नाटक का सर्वांगीण विकास करते हुए कर्नाटक से गरीबी का शत-प्रतिशत उन्मूलन करेगी।
कर्नाटक के अलग-अलग क्षेत्र के लिए अमित शाह की अलग-अलग रणनीतियों की वजह से पिछले 4 वर्षों से कर्नाटक में राजनीतिक स्थिरता और विकास की नई कहानी लिखी जा रही है।
जमुई में लैब टेक्नीशियन का दो दिवसीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण शुरू
– जमुई सहित लखीसराय और शेखपुरा के लैब टेक्नीशियन प्रशिक्षण में हुए शामिल
– मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की दी हुई जानकारी
जमुई-
जमुई सदर अस्पताल में मंगलवार को लैब टेक्नीशियन का दो दिवसीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण शुरू हो गया। जिसका समापन बुधवार को होगा। प्रशिक्षण का उद्घाटन सिविल सर्जन डाॅ कुमार महेंद्र प्रताप ने किया। स्वास्थ्य विभाग एवं फाइंड संस्था द्वारा आयोजित उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त डाॅ श्रीधन गणेशन एवं डाॅ मनीष कुमार द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मौजूद प्रतिभागियों को प्रशिक्षक द्वारा मरीजों की किस प्रकार स्वास्थ्य जाँच करनी (बेहतर डायग्नोसिस), बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुविधा मुहैया कराने समेत अन्य आवश्यक और जरूरी जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। साथ ही साथ अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को बेहतर तरीके से ख्याल रखने आदि की भी जानकारी दी गई। उक्त प्रशिक्षण में जमुई सहित लखीसराय और शेखपुरा के चार-चार लैब टेक्नीशियन शामिल हुए।
– प्रशिक्षण प्राप्त सभी प्रतिभागी अपने-अपने जिले के लैब टेक्नीशियनों को देंगे प्रशिक्षण :
सिविल सर्जन डाॅ कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया, आयोजित प्रशिक्षण के दौरान मौजूद सभी प्रतिभागियों को अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की जानकारी दी गई। इसके अलावा अपने जिले के सभी लैब टेक्नीशियनों को भी प्रशिक्षित करने की भी विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं, उन्होंने बताया, प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी प्रतिभागी अपने-अपने जिले में जाकर सभी लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित करेंगे। ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर व मजबूत बनाया जा सके एवं मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
– सभी प्रतिभागियों को दिया गया जाएगा प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षक डाॅ श्रीधन गणेशन ने बताया, प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र सिविल सर्जन के हाथों दिया जाएगा। जिसके पश्चात् सभी प्रतिभागी अपने-अपने जिला में मास्टर ट्रेनर का कार्य कर जिले के सभी लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित करेंगे। ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को मिलने वाली डायग्नोसिस की सुविधा और विकसित एवं मजबूत हो सके तथा मरीजों को सुविधाजनक तरीके से बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा सके। इससे ना सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत और विकसित होगी, बल्कि मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।
विश्व मलेरिया दिवस • जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों को मलेरिया से बचाव को किया गया जागरूक
– जागरूकता कार्यक्रम में मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की दी गई विस्तृत जानकारी
– सदर अस्पताल में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कार्यक्रम का हुआ आयोजन
लखीसराय-
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सब की होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। वहीं, सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डाॅ बीपी सिन्हा की अध्यक्षता में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। इस मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी भगवान दास, गौतम प्रसाद, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार नरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण की ली गयी शपथ :
सिविल सर्जन डाॅ बीपी सिन्हा ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मंगलवार को शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी सेविका, आशा, जीविका समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण की शपथ ली गई और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिए गए ।
– किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित :
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया, मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के के लोगों को हो सकता है। इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता । फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
– मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग : मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का दिन में सोने के दौरान भी ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसापस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।