कोरोना की गाइडलाइन का हर हाल में करें पालन

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स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने लोगों से की अपील
पटना के बाद भागलपुर में मिल रहे कोरोना के ज्यादा मरीज

भागलपुर, 7 अप्रैल

अधिकारियों के साथ भागलपुर दौरे पर आए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर हाल में मास्क पहने. 2 गज दूरी का पालन करें और बाहर से आने पर हाथ की धुलाई करें. साथ ही उन्होंने सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद उन्होंने कहा कोरोना को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने बहुत ही अच्छा काम किया है. यहां कोरोना की जांच और टीकाकरण बेहतर तरीके से हो रहा है. इसको कैसे और आगे बेहतर करना है, इसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई.

कोरोना से लड़ाई में जांच और सावधानी कारगर हथियार:
प्रत्यय अमृत ने कहा कोरोना से लड़ाई के लिए जांच और सतर्कता ही कारगर है. जितनी अधिक से अधिक जांच होगी, उतने संक्रमण के प्रति लोग सचेत होंगे. इससे कोरोना का प्रसार नहीं बढ़ेगा. साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करने से और सावधानी बरतने से भी इसकी चपेट में आने से लोग बचे रहेंगे.

पटना के बाद भागलपुर में मिल रहे ज्यादा मरीज:
प्रधान सचिव ने कहा पटना के बाद भागलपुर में काफी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं. राज्य के टॉप 3 जिले में भागलपुर शामिल हो गया है. इसलिए यहां पर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है. यहां के वरिष्ठ अधिकारियों से मैंने इस संबंध में बात की है. जो भी सहयोग की जरूरत होगी, उसे किया जाएगा.

जेएलएनएमसीएच का भी लिया जायजा:
प्रधान सचिव ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) का भी जायजा लिया और वहां के अधिकारियों को कोरोना की रोकथाम को लेकर हर उपाय करने को कहा. अस्पताल अधीक्षक और कॉलेज के प्राचार्य को हर तरह के सहयोग का उन्होंने आश्वासन दिया. अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने का उन्होंने निर्देश दिया.

आज लोगों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहने की जरूरत- डॉ. आनंद शुक्ला

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नईदिल्ली-

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर खास संदेश देते हुए डॉ आनंद शुक्ला ने कहा कि आज जब पूरा विश्व कोरोना से पीड़ित है ऐसे में स्वास्थ्य दिवस का महत्व अपने आप और बढ़ जाता है। जहां लोगों को अपने स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत है।

डॉ. आनंद शुक्ला ने कहा कि आज दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग कई बड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसमें मलेरिया, हैजा, टीबी, पोलियो, कुष्ठ, कैंसर और एड्स जैसी घातक बीमारी शुमार है। इस दिवस का उद्देश्य है लोगों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रखना।

डॉ आनंद शुक्ला ने कहा कि इस दिन का मकसद पूरी दुनिया के लोगों को सेहत के प्रति सचेत करना और बताना है कि स्वास्थ्य ही सबकुछ है। आज देशवासियों को कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करने की जरूरत है सरकार ने जो नियम बनाए हैं उसका पालन करना है और अपने आपको स्वस्थ्य रखना है।

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत सबसे पहले साल 1950 में हुई। साल 1947 में सात अप्रैल के दिन के ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई और जब इसकी पहली सभा हुई तो इस बात का निर्णय लिया गया कि हर साल 07 अप्रैल से विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा।

 

 

मुंगेर जिले में 1लाख 56 हजार लोगों का बनाया जा चुका है जन आरोग्य गोल्डन ई. कार्ड

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– 10 से 31 मार्च के बीच जिले के 24531 लोगों का बना गोल्डन कार्ड

– इस दौरान जिले के कुल 42 प्रतिशत परिवार और 20 प्रतिशत लाभुक सत्यापित हुए हैं

मुंगेर –

मुंगेर में 6 अप्रैल तक 6 लाख 56 हजार 734 लोगों को गोल्डन ई. कार्ड बनाने के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 1 लाख 56 हजार 665 लोगों का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य गोल्डन ई. कार्ड बनाया जा चुका है । 10 से 31 मार्च तक आयुष्मान भारत पखवाडा के विस्तारित होने के बाद जिले भर में 31 मार्च तक कुल 24531 लोगों का गोल्डेन ई. कार्ड बनाया जा चुका है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक ज्योति कुमारी ने बताया , आयुष्मान पखवाडा के दौरान जिले के कुल 42 प्रतिशत परिवारों को और 20 प्रतिशत लाभुकों को सत्यापित किया गया है। जिले के विभिन्न पंचायत और शहरी क्षेत्र में कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर लोग निःशुल्क आयुष्मान भारत गोल्डन ई. कार्ड बनवा सकते हैं। यहां कार्यरत कार्यपालक सहायक को सभी लाभुकों को पीवीसी कार्ड प्रोवाइड कराना है। उन्होने बताया, सभी लोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कॉमन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर राशन कार्ड, प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए लेटर सहित सबंधित अन्य आवश्यक कागजात लेकर सभी कार्य दिवस के दिन कार्यपालक सहायक या वहां कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर या वीएलई से अपना आयुष्मान भारत गोल्डन ई. कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया , आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आयुष्मान भारत एप पर लाभुक के नाम और पता का वेरिफिकेशन होने के बाद ही उनका कार्ड बनता है। इसलिये कोई जरूरी नहीं है कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी लोगों का वेरिफिकेशन होने के बाद उनका गोल्डन कार्ड बने। इस दौरान कुछ लोगों के नाम और पता का वेरिफिकेशन नहीं होने कि स्थिति में उनका गोल्डन ई. कार्ड नहीं भी बन पाता है। ऐसा इसलिए होता है कि आयुष्मान भारत जन आरोग्य एप पर 2011 की जनगणना के अनुसार ही डाटा लोड किया गया है ।उस डाटा से नाम और पता मैच नहीं होने की स्थिति में उनका कार्ड नहीं बन पाता है।

आयुष्मान भारत गोल्डन ई. कार्ड बनने के लिए काम कर रही है एक संस्था :
उन्होंने बताया जिले में गोल्डन ई. कार्ड बनने के लिए डब्लूटीआईएसएल नाम की एक संस्था भी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र में काम कर रही है। इस काम के लिए इस संस्था का अनुबंध है।

आयुष्मान भारत गोल्डन ई. कार्ड के लिए नया नाम जोड़ने का अभी नहीं है कोई प्रावधान :
उन्होंने बताया आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नया नाम तभी जुड़ सकता है जब उस परिवार में किसी बच्चे का जन्म हुआ तो उसका जन्म प्रमाण पत्र दिखाकर और परिवार में नई बहू आने के बाद उसका विवाह प्रमाण पत्र दिखाकर इसके अलावा किसी अन्य का नाम जोड़ने का अभी कोई प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत एप के अनुसार किसी के नाम में पूरी तरह से अंतर आने के बाद भी उनका नाम वेरिफाई नहीं हो पाता है और उनका गोल्डन ई. कार्ड भी नहीं बन पाता है। उन्होंने बताया पिछले वर्ष आयुष्मान पखवाडा के दौरान आयुष्मान भारत गोल्डन ई. कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले वैसे लाभुक जिन्हें कार्ड नहीं मिल पाया हो वो अपने कार्यापालक सहायक या कॉमन सर्विस में डाटा इंट्री का काम करने वाले से संपर्क कर अपना गोल्डन कार्ड प्राप्त कर लें क्योंकि उनका कार्ड इन्ही लोगों के आईडी से बना होगा और वो ही उपलब्ध करा सकेंगे। इसके साथ ही इस बार भी कार्ड बनवाने वाले लोग कार्ड के लिए इनसे सम्पर्क कर सकते हैं। विशेष परिस्थिति में लोग कार्ड सम्बंधी विशेष जानकारी के लिए सिविल सर्जन कार्यालय स्थित आयुष्मान भारत के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।

कोविड-19 वायरस: वैक्सीनेशन, सतर्कता तथा सावधानी से ही बढ़ते संक्रमण पर विराम संभव

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– संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए जिले में चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान, निर्भीक होकर लें वैक्सीन

– बिना मास्क लगाएं नहीं निकलें घर से बाहर, भीड़-भाड़ वाले जगहों से भी रहें दूर

– संयम और सतर्कता से ही बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम संभव और स्थाई निजात की उम्मीद

खगड़िया-

कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने एवं इस वैश्विक महामारी से स्थाई निजात के लिए भले ही वैक्सीन आ चुकी है और लोगों को दी भी जा रही है। किन्तु, अभी यह वैश्विक महामारी का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसलिए, इस स्थिति में इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ-साथ सतर्कता ही सबसे बेहतर और आसान उपाय है। दरअसल, फिलहाल 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले योग्य व्यक्तियों को वैक्सीन दी जा रही है। जबकि, शेष बड़ी आबादी को अबतक टीका देना शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में इन शेष आबादी के लिए सतर्कता यानी मास्क का उपयोग और दो गज की दूरी का पालन ही वैक्सीन है। इसलिए, वैक्सीन ले चुके योग्य व्यक्तियों समेत सभी लोगों को इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए आवश्यक एहतियात जरूरी है। ताकि हर हाल में बढ़ रहे संक्रमण के दायरे पर विराम लग सके और पूरे समाज के लोग सुरक्षित रह सकें।

– संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए जिले में चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, कोविड-19 की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है और राज्य के साथ जिले में भी संक्रमित मरीज मिलने लगे हैं। ऐसे में इस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए हमारा सबसे बड़ा और एकमात्र हथियार सतर्कता ही है। इसलिए, मैं सभी लोगों से अपील करता हूँ, वैक्सीनेशन के बाद भी सतर्कता जारी रखें। वहीं, उन्होंने बताया, संक्रमण की ताकत खत्म करने के लिए जिले में वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इसके अलावा संक्रमण की ताकत को रोकने के लिए सामाजिक सहयोग की भी जरूरत है। तभी इस वैश्विक के बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम एवं लोगों को स्थाई निजात मिल सकती है।

– घर से मास्क लगाकर ही निकलें बाहर और भीड़-भाड़ वाले जगहों से भी रहें दूर :-
इस वैश्विक महामारी पर रोकथाम के लिए एकबार फिर अपनी ताकत दिखाने की जरूरत है। इसलिए घर से निकलने पर हर हाल में मास्क लगाएं और भीड़-भाड़ वाले जगहों से भी दूर रहें। क्योंकि, सतर्कता और सावधानी ही कोविड-19 से बचाव का सबसे बेहतर और आसान उपाय है। इसलिए, पूर्व की भाँति पूरी तरह सतर्क रहें। इससे ना सिर्फ खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि पूरा समाज भी सुरक्षित रहेगा । दरअसल, अगर एक भी व्यक्ति संक्रमण के दायरे में आता है तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ सकता है। इसलिए, साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक बचाव से संबंधित उपायों का पालन करें।

– खुद के साथ दूसरों को भी करें जागरूक : –
कोविड-19 के संक्रमण से दूर रहने के लिए खुद के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने की जरूरत है। इससे खुद के साथ-साथ पूरा समाज भी सुरक्षित रहेगा | इसके लिए लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देनी चाहिए। जैसे कि, मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना, शारीरिक-दूरी का हमेशा पालन करना आदि की जानकारी देकर लोगों को भी जागरूक करें।

-आपके संयम और सतर्कता से ही बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम संभव और स्थाई निजात की उम्मीद :-
इस वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिए एकबार फिर से आपके संयम और सतर्कता के सहयोग की जरूरत है। दरअसल, इन्हीं की बदौलत बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम संभव है और लोगों को स्थाई निजात दिलाने की उम्मीद टिकी हुई है। इसलिए, आप अपने संयम और सतर्कता की ताकत दिखाकर इस वैश्विक महामारी की ताकत को खत्म करने के लिए खुद के साथ-साथ राष्ट्रहित के लिए भी आगे आएं।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– खान-पान का ख्याल रखें।
– अधिक समय तक खाली पेट नहीं रहें और समय पर खाना खाएं।
– यात्रा के दौरान मास्क जरूर पहनें और पानी, सैनिटाइजर पास रखें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें और गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– जहाँ असुरक्षित महसूस हो, वहाँ खाना नहीं खाएं।
– हमेशा साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।

सदर अस्पताल लखीसराय में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए जारी है सुरक्षित संस्थागत प्रसव

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– अस्पताल के लेबर रूम में कोरोना संक्रमण को देखते हुए की गई है विशेष साफ- सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था

– लेबर रूम में काम करने वाले सभी स्टाफ और नर्स के लिए अनिवार्य किया गया है मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग

लखीसराय –

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सदर अस्पताल लखीसराय में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए लगातार गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित संस्थागत प्रसव जारी है। इसको ले सदर अस्पताल के लेबर रूम में विशेष साफ- सफाई , शारीरिक दूरी के साथ- साथ मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जा रहा है।

मंगलवार को सदर अस्पताल लखीसराय में सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने वाली चमगढ़ा गांव की पूजा कुमारी (पति विपिन कुमार) ने बताया, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मैं घबरा रही थी कि पता नही अस्पताल में कैसी व्यवस्था होगी ।डॉक्टर और नर्स का कैसा सहयोग मिलेगा लेकिन यहां आने के बाद मुझे अस्पतल की व्यवस्था और डॉक्टर नर्स के अलावा अन्य मेडिकल स्टाफ का पूरा सहयोग मिला। इसके साथ ही नियमित रूप से लेबर रूम और वार्ड की साफ- सफाई करने वाली सफाई कर्मियों का पूरा सहयोग मिला।

सदर अस्पताल में ही सुरक्षित संस्थागत कराने वाली लखीसराय के जयनगर काली पहाड़ी वार्ड संख्या 36 की कोमल कुमारी (पति अमित शर्मा) ने बताया, संस्थागत प्रसव के लिए यहां आने से पहले मेरे मन में यहां की व्यवस्था को ले काफी संशय था कि न जाने सरकारी अस्पताल में कैसी व्यवस्था होगी लेकिन यहां आने के बाद मैंने देखा यहां प्रसव के दौरान और उसके बाद भी डॉक्टर ,नर्स के साथ ही सफाई कर्मियों और मेडिकल स्टाफ मरीज के ऊपर पूरा ध्यान देते हैं। यहां मरीजों के खाने- पीने के लिए पोष्टिक आहार के रूप में साधारण खाना के साथ- साथ दूध, अंडा, ब्रेड के अलावा फल भी दिया जाता है। यहां की सभी सेवाओं से मैं पूरी तरह सन्तुष्ट हूँ।

सदर अस्पताल में उपलब्ध फैसिलिटी के बारे में चर्चा करते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच सदर अस्पताल में नियमित रूप से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सुरक्षित संस्थागत प्रसव अनुभवी डॉक्टर और जीएनएम नर्स के द्वारा कराया जा रहा है। इसके लिए लेबर रूम में नियमित साफ- सफाई के साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग सुनिश्चित कराया जा रहा है।

कौन हैं न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना ? 24 अप्रैल को लेंगे शपथ

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नई दिल्ली: न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इनके नाम पर मंजूरी दे दी है। बता दें कि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना के नाम की सिफारिश की थी। जस्टिस रमना वर्तमान चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े के बाद सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठत जज हैं.

24 अप्रैल को एनवी रमन्ना शपथ लेंगे  

23 अप्रैल को सीजेआई एसए बोबडे रिटायर हो रहे हैं और एसए बोबडे  के रिटायर होने के अगले दिन 24 अप्रैल को न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना अगले सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। बता दें कि न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना का पूरा नाम नाथुलापति वेंकट रमन्ना हैं. साल 2014 में एनवी रमन्ना को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। 26 अगस्त 2022 को जस्टिस रमन्ना रिटायर हो जाएंगे इसलिए न्यायमूर्ति रमन्ना का ये कार्यकाल सिर्फ दो साल का होगा.

कौन हैं न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना ?

27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गांव में एक कृषि परिवार में एनवी रमन्ना का जन्म हुआ था। 10 फरवरी 1983 में न्यायमूर्ति रमन्ना ने वकालत शुरू कर दी थी। न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने विज्ञान और वकालत में स्नातक किया है। आंध्र प्रदेश के एडिशनल एडवोकेट जनरल के रूप में भी उन्होंने कार्य किया है. उन्हें 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था.

2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने
10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक जस्टिस एन वी रमना आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे. उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और  भारत और विदेशों में आयोजित और कानूनी महत्व के विभिन्न विषयों पर पेपर्स सबमिट किए. वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में  साल 2013 को नियुक्त हुए थे.

विरोधियों को मिला पीएम का मुंहतोड़ जवाब, चुनाव जीतने की मशीन नहीं है भाजपा- मोदी

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नई दिल्ली: 6 अप्रैल यानी आज भारतीय जनता पार्टी अपना 41वां स्थापना दिवस मना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के 41 वर्ष इस बात के साक्षी हैं कि सेवा कैसे की जा सकती है, कार्यकर्ताओं के दम पर कैसे पार्टी आगे बढ़ती है। आज देश के हर राज्य, जिले में पार्टी के लिए कई पीढ़ियों ने काम किया है।

दिल जीतने का अभियान है भाजपा- पीएम मोदी

विपक्ष और अपने विरोधियों को जवाब देते हुए नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बीजेपी सिर्फ चुनाव जीतने की मशीन नहीं है, बीजेपी लोगो की दिल जीतने का अभियान है, यहीं कारण हैं कि हमें हर संप्रदाय का समर्थन मिल रहा है। मोदी ने सबको भाजपा स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी को भाजपा स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। पार्टी के गौरवशाली यात्रा के आज 41 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ये 41 वर्ष इस बात के साक्षी हैं कि सेवा और समर्पण के साथ कोई पार्टी कैसे काम करती है।

सत्ता छोड़ी, लेकिन नियमों से नहीं किया समझौता- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी ने भाजपा को राह दिखाई, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं ने पार्टी को आगे बढ़ाया है। हमारे यहां व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है। एक वक्त था जब अटल बिहारी ने एक वोट से सरकार गिरने दी, लेकिन नियमों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक स्वार्थ के लिए दल टूटे हैं, लेकिन भाजपा में कभी ऐसा नहीं हुआ।

भाजपा ने दिलाया कश्मीर को संवैधानिक अधिकार 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान भाजपा के कई नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। कोरोना काल में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सेवा की। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। पीएम ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की शक्ति है कि हम वो स्वप्न पूरा कर पाएं। अनुच्छेद 370 हटाकर कश्मीर को संवैधानिक अधिकार दे पाएं। वहां से आतंकवाद का खात्मा कर विकास किया जा रहा है।

दिल्ली में लगा नाइट कर्फ्यू जानें कब तक रहेगा जारी

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दिल्ली : देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। मंगलवार को कोरोना के दैनिक मामलों में हल्की राहत देखने को मिली। मंगलवार को एक दिन पहले के मुकाबले एक लाख से कम मामले सामने आए और मौत का आंकड़ा भी गिरा। मंगलवार को देश में कोरोना के 96,982 मामले सामने आए जबकि 446 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

दिल्ली में रात 10 बजे सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू

दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू का एलान कर दिया है। ये नाइट कर्फ्यू तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और 30 अप्रैल तक जारी रहेगा और रात दस बजे से सुबह पांच तक लागू रहेगा।

24 घंटे में 96,000 से ज्यादा मामले आए

कोरोना के दैनिक मामलों ने सोमवार को सबके होश उड़ा दिए, जब एक दिन में एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए, हालांकि सोमवार की तुलना में मंगलवार को कोरोना के दैनिक मामलों में हल्की राहत है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 96,982 नए मामले सामने आए, जबकि 446 लोगों ने इस वायरस के आगे दम तोड़ दिया। इसके अलावा एक दिन में 50 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ होकर घर वापस गए। मौजूदा समय में देश में सक्रिय मामलों का आंकड़ा आठ लाख के करीब पहुंच गया है।

कोरोना से बचाव के लिए जरुरी ये काम, गूगल ने डूडल बनाकर बताया

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New delhi: कोरोना का रफ्तार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है कोरोना के इस बढ़ते रफ्तार को देखते हुए एक बार फिर से सभी लोग चिंता में नजर आ रहे हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए सरकार लगातार देश के जनता से अपिल कर रही हैं और कोरोना के प्रकोप से बचाव के लिए नये-नये गाइडलाइन का एलान भी कर रहें हैं.

गूगल डूडल में कोरोना वायरस से बचने के निर्देश

अब सरकार के बाद कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए गूगल ने भी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है. गूगल ने डूडल बनाकर लोगों से कोरोना से बचके रहने का संदेश दिया है. आज गूगल ने डूडल बनाकर लोगों को मास्क की अहमियत समझाई है. साथ ही किस प्रकार से कोरोना संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है ये भी बताया है. आज के डूडल की बात करें तो ये मास्क पहनने की जरूरत को लेकर है.

मास्क को लेकर  खास संदेश

इसमें लोगों के लिए मास्क कितना जरूरी है, इस बात की जानकारी दी गई है. यही नहीं डूडल में कोरोना वायरस से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं. डूडल में मास्क को लेकर संदेश दिया गया है- ‘वियर ए मास्क. सेव लाइव्स.’ इसका वाक्य का मतलब है कि मास्क पहने. लोगों की जान बचाएं. संदेश में आगे ये भी बताया गया है कि वियर ए फेस कवर (चेहरे को कवर करके रखें), वॉश योर हैंड्स (अपने हाथों को धोएं), कीप ए सेफ डिस्टेंस (सुरक्षित दूरी बनाकर रखें).

कोरोना के इस तेजी से फैलते संक्रमण को रोकने के लिए गूगल ने लोगों को क्या कुछ संदेश दिया है आइए जानते है विस्तार से-

-अपने हाथों को लगातार साफ करें. हाथों को साफ करने के लिए साबुन और पानी का इस्तेमाल करें. आप इसके लिए अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

खांसने या छींकने वाले किसी भी व्यक्ति से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें.

-मास्क अनिवार्य रूप से पहनें. फिजिकल दूरी संभव न हो सकने वाली जगहों पर मास्क बिल्कुल न उतारें.

-अपने आंख, नाक या मुंह को बिल्कुल न छुएं.

-खांसने या छींकने पर अपने नाक और मुंह को अपनी कोहनी या किसी टिश्यू पेपर से ढक लें.

-अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो घर पर ही रहें, बाहर न निकलें

जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर योग्य व्यक्तियों को दिया गया टीका

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– जिले में फिर से बढ़ने लगा संक्रमण, बचाव के लिए रहें सावधान और सतर्क
– बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध पर आपके सहयोग की भी जरूरत

खगड़िया-

कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने, इस वैश्विक महामारी के बढ़ते रफ्तार पर रोकथाम एवं इससे लोगों को स्थाई निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध और सजग है। इसके लिए नित्य नये-नये आवश्यक पहल व उपाय भी किए जा रहे हैं । ताकि हर हाल में इस संक्रमण की रफ्तार पर विराम लगे और लोगों की सुरक्षा में उठाए जा रहें कदम को गति मिल सके । इसी कड़ी में सोमवार को जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर योग्य व्यक्तियों को टीका दिया गया और इस वैश्विक महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही इस संक्रमण को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए एहतियात जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, सभी लोगों वैक्सीन की पूरी यानी दूसरी डोज भी निर्धारित तिथि पर पुनः लेने की अपील की गई|

– बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बचाव के लिए सावधान और सतर्क रहना जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, कोविड-19 की दूसरी लहर के साथ जिले में भी एकबार फिर संक्रमण बढ़ने लगा है। किन्तु, इससे घबराने नहीं, बल्कि सावधान और सतर्क रहकर इस वैश्विक महामारी को मात देने की जरूरत है। इसलिए, हम समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील करता हूँ, इस वैश्विक महामारी को मात देने के लिए खुद भी सावधान और सतर्क रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। साथ ही इससे बचाव के लिए पूर्व की तरह एहतियात जारी रखें और मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन करें।

– 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले योग्य व्यक्तियों को दिया जा रहा है टीका :-
जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर चल रहे वैक्सीनेशन अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है। सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले योग्य व्यक्तियों के साथ-साथ शिक्षकों, जीविका दीदियों, विद्यालय में नामांकित बच्चों के 45 वर्ष की उम्र करने वाले माता-पिता व अभिभावकों समेत अन्य सभी लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। इसके अलावा वैक्सीन की पहली डोज ले चुके व्यक्ति को दूसरी डोज भी दी जा रही है। वैक्सीनेशन अभियान की गति और तेज हो, इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

– वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जरूरी :-
इस वैश्विक महामारी को पूरी तरह खत्म वैक्सीनेशन के साथ सतर्कता भी जरूरी है। क्योंकि, वैक्सीन लेने के तुरंत बाद इस संक्रमण की ताकत खत्म नहीं हो जाएगी। इसलिए, वैक्सीन लेने के बाद भी एहतियात जारी रखें और खुद के साथ अपने पर पूरे परिवार व समाज को भी सुरक्षित रखें।

– जिले में मास्क चेकिंग अभियान भी हुआ तेज :-
संक्रमण की बढ़ते रफ्तार को देखते हुए विभागीय के निर्देश पर जिले में मास्क चेकिंग अभियान भी तेज हो गया है। जिले के विभिन्न चौक-चौराहे पर बीडीओ, सीओ एवं स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अभियान चलाकर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों से जुर्माना वसूला जा रहा है और मास्क का निश्चित से उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

– जुर्माना के भय से नहीं, कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए लगाएं मास्क :-
मास्क संक्रमण फैलने से रोकता है। इसलिए, मास्क उपयोग करने से ना सिर्फ कोविड-19 संक्रमण से दूर रहेंगे। बल्कि, अन्य संक्रामक बीमारी समेत एलर्जेटिक बीमारी से भी सुरक्षित रहेंगे। इसलिए, जुर्माना नहीं, बल्कि हर संक्रामक से बचाव के लिए मास्क का नियमित रूप से उपयोग करें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– लक्षण महसूस होने पर कोविड-19 जाँच कराएं।