मुंगेर को टीबी मुक्त जिला बनाने को अप्रैल – मई महीने में होंगे कई कार्यक्रम
मैंने तो कोरोना का टीका ले लिया, आपने लिया क्या
मैंने तो कोरोना का टीका ले लिया, आपने लिया क्या
जिले में संक्रमित मरीज मिलने के बाद तेज हुई कोविड-19 की जाँच, बढ़ाई गई अन्य सतर्कता
– वैक्सीनेशन अभियान भी तेज, जाँच के पश्चात दी जा रही है वैक्सीन
– जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले लोगों को दिया जा रहा है टीका
खगड़िया-
जिले में भी लगातार कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है| इसको लेकर हर आवश्यक पहल व उपाय भी किए जा रहे हैं । किन्तु, इसके साथ हमें भी संक्रमण को जड़ से मिटाने, बढ़ते प्रभाव को रोकने एवं खुद के साथ-साथ अपने परिवार व समाज को स्थाई निजात के लिए सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए हमें पूर्व की भाँति बचाव से संबंधित उपायों का पालन करना चाहिए। वहीं, जिले में फिर संक्रमित मरीज मिलने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने जहाँ सतर्कता बढ़ा दी है वहीं, कोविड-19 जाँच एवं वैक्सीनेशन अभियान की गति तेज कर दी गई है| संक्रमित मरीजों को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया। जहाँ मेडिकल टीम की देखरेख में आवश्यक उपचार जारी है।
– संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, कुछ दिनों पूर्व तक हमारा जिला कोरोनामुक्त था तथा संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य थी। किन्तु, देश के विभिन्न प्रदेशों में कोविड-19 की दूसरी लहर ने एकबार फिर से दस्तक दे दी। ऐसे में बढ़ते संक्रमण की ताकत को तोड़ने के लिए सभी लोगों को पूर्व की भाँति बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। ताकि एकबार फिर से बढ़ते संक्रमण को विराम लगाया जा सके। इसलिए, मैं पूरे जिले वासियों से अपील करता हूँ कि पूर्व की तरह फिर से गाइडलाइन का पालन कर संक्रमण को रोकने के लिए आगे आएं और अपनी जिम्मेदारी निभाएँ।
– जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर तेज हुआ अभियान :-
कोविड-19 संक्रमण वायरस को पूरी तरह जड़ से मिटाने, इस वैश्विक महामारी की रोकथाम एवं स्थाई निजात के लिए जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर चल रहे कोविड-19 वैक्सीनेशन एवं जाँच की रफ्तार तेज कर दी गई है । सभी जगह जाँच के पश्चात ही योग्य व्यक्तियों को वैक्सीन दी जा रही है।
– 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को दिया जा रहा है टीका :-
सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीन दी जा रही है। जिसमें शिक्षक, जीविका दीदी, विद्यालय में नामांकित बच्चों के वैक्सीन के लिए योग्य अभिभावकों को वैक्सीन दी जा रही है। वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन लेने वाले योग्य व्यक्तियों की भीड़ देखी जा रही है।
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।
– बाहर से आने पर कोविड-19 जाँच कराएं।
ये अहम खिलाड़ी दिलायेंगे आरसीबी को जीत की पहली ख़िताब?
नई दिल्ली: 14वें सीजन इंडियन प्रीमियर लीग की अब उलटी गिनतियां शुरू हो चुकी हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इस साल अपना पहला आीपीएल खिताब हर हाल में जीतना चाहेगी. भारत के 6 शहरों में 9 अप्रैल से इस साल की यह बड़ी लीग खेली जाएगी. सभी टीमों ने आईपीएल 2021 से पहले अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.
ये खिलाडियां इसबार दिला सकते है आरसीबी को जीत
आईपीएल दो साल बाद इस साल भारत में दोबारा आयोजित किया जा रहा है. हर साल अपनी प्रदर्शन बेहतरीन देने के बाद भी आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाने के बाद ऐसे में आरसीबी की इस बार पूरी कोशिश होगी की पहली बार आईपीएल का खिताब अपने नाम करें. आरसीबी की टीम में इस साल की स्टार खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जोकि खिताब जीताकर आरसीबी का खाता खोल सकते हैं. तो आइए एक नजर डालते हैं ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों हैं जिनके कंधों पर आरसीबी को जीत हासिल करवाने की पूरी दावेदारी होगी. 
विराट कोहली का 192 मैच और 5878 रन
विराट कोहली आरसीबी के कप्तान अपनी टीम के सबसे बड़े मैच विनर हैं. 2008 से ही विराट इस टीम से जुड़े हुए हैं, लेकिन 3 बार फाइनल में पहुंचने के बाद भी वे एक बार भी आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाए हैं. इस साल विराट अपनी टीम को आीपीएल विजेता बनाने की एक बार फिर से कोश्श करेंगे. कोहली के नाम आईपीएल मैचों में 5878 रन हैं. 
ग्लेन मैक्सवेल
14.25 करोड़ रुपए की मोटी रकम आरसीबी ने खर्च कर अपनी टीम में इसी साल ग्लेन मैक्सवेल को शामिल किया है. आईपीएल में मैक्सवेल का कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा है, लेकिन वो क्या कर सकते हैं इस बात का अंदाजा हर कोई लगा सकता है.
डिविलियर्स की एतिहासिक पारियां
एबी डिविलियर्स कप्तान विराट की ही तरह लंबे समय से आरसीबी के साथ जुड़े हुए हैं. विराट और डिविलियर्स को आईपीएल में कई एतिहासिक पारियां एक साथ खेलते हुए देखा गया हैं. डिविलियर्स के ऐसे ऐतेहासिक पारियों को याद कर ऐसा कयास लगाया जा सकता हैं कि इस साल आरसीबी को चैंपियन बनाने में डिविलियर्स काफी अहम साबित हो सकते हैं. विराट की ही तरह एबी डिविलियर्स भी लंबे समय से आरसीबी के साथ जुड़े हुए हैं. डिविलियर्स विराट के साथ आईपीएल में कई एतिहासिक पारियां खेली हैं. डिविलियर्स इस साल आरसीबी को चैंपियन बनाने में काफी अहम साबित हो सकते हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री के जल्द ठीक होने की PM मोदी ने कामना की
श्रीनगर: देश के किसी भी कोने की बात करें तो कोरोना वायरस से कोई भी देश बचा नहीं हैं चारों तरफ कोरोना का कहर बरपता जा रहा हैं. कोविड-19 का कहर जम्मू-कश्मीर में भी जारी है. राज्य में शुक्रवार को 517 नए मामले दर्ज किए. इस लिहाज से प्रदेश में कुल मरीजों का आंकड़ा 1 लाख 31 हजार 938 पर पहुंच गया है. वहीं, अब तक 2 हजार 3 मरीज माहमारी में अपनी जान गंवा चुके हैं.
Based on the advice of doctors to enable them to better monitor my father, he has been admitted to hospital in Srinagar. Our family remains grateful to everyone for their messages of support & their prayers
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) April 3, 2021
PM मोदी ने स्वस्थ होने की कामना की
हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे. इस बात की जानकारी उनके बेटे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर के जरिए दी है. इसी बीच शनिवार को सावधानी के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब्दुल्लाह के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की थी.
श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया
फारूक के पुत्र उमर ने ट्विटर पर कहा कि लिए श्रीनगर के एक अस्पताल में उनके पिता को डॉक्टरों की सलाह के बाद बेहतर निगरानी के लिए भर्ती कराया गया है. उमर ने कहा, ‘लोगों के दिखाए गए प्यार और दुआओं के लिए हमारा परिवार हर किसी का आभारी है.’ नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक (85) मंगलवार को संक्रमित पाए गए थे. शुरुआत में वह घर पर पृथक-वास में थे लेकिन डॉक्टरों ने बेहतर चिकित्सकीय देखभाल के लिए उन्हें एक अस्पताल में भेजने का फैसला किया. फारूक ने दो मार्च को कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली थी.
उमर ने शुभकामना और प्रार्थना के लिये शुक्रिया अदा किया
मंगलवार को एक ट्वीट कर उमर ने अपने पिता के कोविड-19 से पीड़ित होने की जानकारी दी और हाल में उनके संपर्क में आए लोगों से जांच कराने का अनुरोध किया था. ट्वीट पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू कश्मीर से लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्लाह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘मैं डॉ फारूक अब्दुल्लाह जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. साथ ही मैं उमर अब्दुल्लाह और उनके परिवार के लोगों की अच्छी सेहत की भी कामना करता हूं.’ प्रधानमंत्री के ट्वीट पर जवाब देते हुए उमर अब्दुल्लाह ने कहा, ‘मेरे पिता और पूरा परिवार आपकी शुभकामनाओं और प्रार्थना के लिये आपका शुक्रिया अदा करता है नरेंद्र मोदी जी.’
शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर जानिए उनसे जुड़ी यह रोचक तथ्य
Mumbai: शिवाजी महाराज को भारत के एक महान योद्धा के रूप में भी जाना जाता है. आज देशभर में छत्रपति शिवाजी महाराज की 341वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है. 1680 में बीमारी की वजह से आज ही के दिन छत्रपति शिवाजी की मृत्यु अपनी राजधानी पहाड़ी दुर्ग राजगढ़ में हो गई थी. 19 फरवरी साल 1630 में जन्में वीर शिवाजी महाराज की गौरव गाथा आज भी लोगों को सुनाई जाती है. भारत को विदेशी ताकतों से बचाने के लिए वीर शिवाजी ने अपनी पूरी जिंदगी देश के नाम कुर्बान कर दी थी. शिवाजी की इसी बहादुरी के वजह से इतिहास के पन्नों पर वीर छत्रपति शिवाजी का नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है.
महान योद्धा के रूप में जाने जाते हैं शिवाजी महाराज
शिवाजी महाराज के माता का नाम जीजाबाई थी और उनके पिता शाहजी भोसले थे. शिवाजी महाराज बचपन से बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. वे अपने पिता से युद्धों के बारे में विचार-विमर्श करते रहते थे. कहा जाता है कि बचपन से ही शिवाजी महाराज में सीखने-समझने की ललक बहुत ही अधिक थी. शिवाजी के पिता उन्हें अस्त्र शस्त्र चलाना भी सिखाते थे. मुगलों की सेना के साथ साल 1670 में शिवाजी ने जमकर लोहा लिया था. मुगलों को हराकर सिंहगढ़ के किले पर अपना परचम लहराया था. इसके बाद 1674 में उन्होंने ही पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी. भारतीय इतिहास में कई योद्धाओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई है. कई वीर योद्धाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है. उन्हीं में से एक थे छत्रपति शिवाजी महाराज.
साल 1656-57 में मुगलों से लड़ी थी लड़ाई
साल 1656-57 में मुगलों की लड़ाई पहली बार शिवाजी महाराज से हुई थी. उन्होंने मुगलों की ढेर सारी संपत्ति और सैकड़ों घोड़ों पर अपना कब्जा जमा लिया था. छत्रपति शिवाजी ऐसे शासक थे जिन्हेंने मुगलों को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. जब तक यह हिंदू हृदय सम्राट जीवित रहा, तब तक मराठों का भगवा ध्वज आसमान को चूमता रहा.
साल 1680 में शिवाजी की मृत्यु हो गई थी
आज के दिन पूरा देश अपने वीर सम्राट की याद में उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है. कहा जाता है 1680 में कुछ बीमारी की वजह से छत्रपति शिवाजी की मृत्यु हो गई थी. इसके बाद उनके बेटे संभाजी उत्तराधिकारी घोषित किए गए थे.
क्रिमिनल Charles Sobhraj की मूर्ति के पीछे की क्या है पूरी कहानी?
New delhi: गोवा की राजधानी पणजी के पोरवोरिम में 6 अप्रैल, 1986 तक हाईवे पर स्थित ओ’कोक्वेरो रेस्तरां को अपने खास चिकन आइटम के लिए जाना जाता था। इसके अलावा यहां की एक और खासियत थी कि यहां पर उस समय एक फोन की भी सुविधा थी, जिससे लोग लंबी दूरी पर बैठे किसी व्यक्ति या अंतर्राष्ट्रीय कॉल करने के लिए इसका उपयोग कर सकते थे। उन दिनों में लैंडलाइन फोन भी एक दुर्लभ चीज ही मानी जाती थी और इसकी सुविधा कुछ घरों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों तक ही सीमित थी।
गोवा में हुआ था शोभराज अरेस्ट
जब पुलिस निरीक्षक मधुकर जेंडे के नेतृत्व में मुंबई पुलिस के अधिकारियों की एक टीम ने एक दुबले-पतले दाढ़ी वाले आदमी को पकड़ा तो छह अप्रैल 1986 को कुछ ऐसा हुआ कि अचानक सब कुछ बदल गया, काली टोपी पहने हुए एक व्यक्ति को मुंबई पुलिस के अधिकारियों की एक टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। वह अपनी लग्जरी पद्मिनी कार से उतरकर रेस्टोरेंट गया था और अपनी पसंदीदा मेज के सामने एक सीट पर बैठा था। उसके बैठने के कुछ मिनट बाद ही जेंडे ने इस व्यक्ति को पकड़ लिया, जो हतचंद भाओनानी गुरुमुख चार्ल्स शोभराज उर्फ चार्ल्स शोभराज, उर्फ बिकिनी किलर, उर्फ सर्पेट के रूप में जाना जाता है। इसी शख्स के जीवन पर आधारित नेटफ्लिक्स की प्रतीक्षित वेब सीरीज ‘द सर्पेट’ का निर्माण किया गया है।
अख़बार और टीवी की सुर्खियां बनी शोभराज की गिरफ्तारी
गोवा में अपनी गिरफ्तारी से पहले, शोभराज एक महीने पहले ही नई दिल्ली की तिहाड़ जेल से भाग गया था। कड़ी सुरक्षा वाली इस जेल परिसर में शोभराज ने सुरक्षाकर्मी को नशीला पदार्थ खिलाया और वहां से नौ दो ग्यारह हो गया। जेंडे की ओर से शोभराज की गिरफ्तारी जब अगले दिन अखबार की सुर्खियां बनी और टीवी की स्क्रीन पर खबर दिखाई गई तो गोवा का यह रेस्टोरेंट सुर्खियों में आ गया और चारो तरफ सनसनी फैल गई।
‘बिकनी किलर’ नाम से था मशहूर
सनसनीखेज गिरफ्तारी की विदेशों के विख्यात अखबारों में भी सुर्खियां बनी थी। एशिया के सबसे वांछित अपराधियों में से एक बिकिनी किलर की गिरफ्तारी बहुत बड़ी खबर थी. बिकनी किलर के नाम से मशहूर इस सख्स को बिकनी किलर इसलिए कहा जाता हैं क्योंकि उसके द्वारा की गई हत्याओं में कई लड़कियों की लाश बिकिनी में मिली थी. इसे ब्रिटेन के शीर्ष दैनिक समाचार पत्रों में से एक द टाइम्स के साथ अन्य ने भी प्रमुखता से साथ छापा था। गोवा में रहने के दौरान शोभराज ने अपना लुक पूरी तरह से बदल लिया था, मगर उसकी पहचान छिपाने की योजना लंबे समय तक नहीं टिक पाई और जेंडे ने उसे पहचानने में कोई गलती नहीं की। क्राइम ब्रांच ने शोभराज को मुंबई में इससे पहले भी एक मामले में गिरफ्तार किया था।
एक दशक के बाद शोभराज रिहा हुआ था
लगभग एक दशक तक जेल में रहने के बाद, 1997 में शोभराज को रिहा कर दिया गया, जिसके बाद शोभराज फ्रांस चला गया। उसे 2003 में नेपाल में एक बार फिर से गिरफ्तार किया गया। उसे इस बार उत्तरी अमेरिकी पर्यटकों लॉरेंट कैरिरे और कोनी ब्रोंकिच की दोहरी हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शोभराज फिलहाल नेपाल की जेल में बंद है, जहां उस पर अन्य हत्याओं के आरोप भी लगे हैं। गोवा के इस रेस्टोरेंट ने अब नए प्रबंधन के तहत शोभराज की पसंदीदा कुर्सी पर एक टोपी के साथ बैठे मास्टरमाइंड अपराधी की एक प्रतिमा बनाई है (शोभराज को जब गिरफ्तार किया गया था, तब वह टोपी पहने हुए था)।
लॉकडाउन से इंकार नहीं, धैर्य के साथ लड़ना होगा: उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के लोगों को संबोधित किया। उद्धव ठाकरे ने यह संबोधन एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद दी। उन्होंने लोगों से कहा कि हम सभी को एक होकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। उद्धव ने कहा कि यदि राज्य में कोरोना की यही स्थिति बनी रही तो लॉकडाउन लगाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने लॉकडाउन को लेकर कहा कि इससे आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोग बेहद ही लापरवाह हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में शादियों में लोग इकट्ठे हो रहे हैं। राज्य में 2 लाख 20 हजार आइसोलेशन बेड उपलब्ध है। महामारी हमारी परीक्षा ले रहा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्या लॉकडाउन लगाया जाएगा, इसका उत्तर मै अभी नहीं दूंगा। मै अभी कोरोना की परिस्थिति के बारे में बता रहा हूं। महाराष्ट्र सीएम ने कहा कि अब तक राज्य में 65 लाख COVID19 वैक्सीन की खुराक दी गई है। कोरोना टीकाकरण के बाद भी, कुछ लोग संक्रमित हो रहे हैं क्योंकि वे मास्क पहनना बंद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में, हम रोजाना 2.5 लाख आरटी-पीसीआर परीक्षण करने का लक्ष्य रख रहे हैं। उन्होंने आशांका जताई कि कोरोना की स्थिति बिगड़ने पर स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे की कमी हो सकती है।
महाराष्ट्र में कोविड-19 के 43,183 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या 28,56,163 हो गयी। महामारी की शुरुआत के बाद से राज्य में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले आए हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में संक्रमण से 249 और मरीजों की मौत हो गयी। इस तरह , पिछले साल अक्टूबर के बाद से एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। संक्रमण से राज्य में अब तक कुल 54,898 लोग दम तोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 32,641 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी मिलने के साथ अब तक 24,33,368 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में फिलहाल 3,66,533 मरीजों का उपचार चल रहा है। इससे पहले 28 मार्च को संक्रमण के सबसे ज्यादा 40,414 मामले आए थे। संक्रमण से 249 मौतों में से पिछले 48 घंटे में 140 लोगों की मौत हुई जबकि 109 लोगों की मौत पिछले सप्ताह हुई। मुंबई में संक्रमण के 8646 नए मामले आए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कहा कि महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए हैं।
मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए पौष्टिक भोजन का सेवन जरूरी
– विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी
– रोग-प्रतिरोधक क्षमता रहेगा मजबूत तो संक्रमण से रहेंगे दूर
खगड़िया-
किसी भी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने लगती है तो वह तरह-तरह की बीमारियों से पीड़ित होने लगता है। इसलिए, हर व्यक्ति को अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को लेकर सजग रहने की जरूरत है। ताकि अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। ऐसे में हमें रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने एवं बढ़ाने के लिए पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार (भोजन) का सेवन जरूरी है। जो रोग-प्रतिरोधक क्षमता में तेजी से वृद्धि करता और कई बीमारियों से दूर रखता है।
– विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी : –
खगड़िया सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव कुमार ने बताया, मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए विटामिन, कैल्शियम और आयरनयुक्त आहार का सेवन जरूरी है। साथ ही समय पर खाना खाना चाहिए और खाना खाने के करीब 30 मिनट बाद भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है।
– मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए इन सब्जियां का करें सेवन : –
मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए पालक, पनीर, सोयाबीन, कद्दू, गाजर, बीट समेत अन्य हरी सब्जी व साग का भरपूर मात्रा में सेवन करें।
– इन फलों का करें सेवन : –
रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए केला, पपीता, संतरा, अनार, अनारस आदि मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए।
– नियमित रूप से करें व्यायाम : –
रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने एवं बढ़ाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें और साथ ही भरपूर नींद लें। इससे हमारी रोग – प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है। इसके अलावा साफ-सफाई समेत अन्य रहन-सहन में सकारात्मक बदलाव का ख्याल रखें।
क्या है रोग-प्रतिरोधक क्षमता : –
प्रतिरक्षा प्रणाली में अंग, कोशिकाएं, टिशू और प्रोटीन आदि शामिल होते हैं। ये सभी तत्व मिलकर मानव-शरीर को सही तरीके से काम करने में सहायता करते हैं। साथ में प्रतिरक्षा प्रणाली मानव शरीर को बीमारियों, संक्रमण, वायरस इत्यादि से लड़ने में सहायता करती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बीमारियों से लड़ने की शक्ति है। जो व्यक्ति को सेहतमंद रहने में सहायता करती है।
– प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से होने वाले फायदे : –
रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने से लोग शारीरिक एवं मानसिक रूप से भी मजबूत रहते और संक्रामक बीमारियों से दूर रहते हैं। साथ ही स्वस्थ और मजबूत शरीर का निर्माण होता है।
– रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के लक्षण : –
– तनाव महसूस होना।
– अधिक सर्दी लगना।
– पेट संबंधी परेशानियाँ होना।
– चोट को ठीक होने में समय लगना।
– संक्रमण होना।
– कमजोरी महसूस होना
– रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का कारण : –
– नशीले पदार्थों का सेवन करना।
– पर्याप्त नींद नहीं लेना।
– वजन का अधिक होना।
– व्यायाम नहीं करना।
– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर : –
– हमेशा शारीरिक-दूरी का पालन करें।
– मुँह, नाक और ऑख को अनावश्यक छूने से बचें।
– आवश्यकतानुसार बार-बार साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से उपयोग करें।