परिवार नियोजन सुरक्षित है” के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी स्तर पर चल रहा है अभियान

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– जिले के सभी पीएचसी औऱ आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरोग्य दिवस के दिन ई. रिक्शा के माध्यम से की जा रही है माइकिंग
– 31 मार्च को मिशन परिवार विकास अभियान के समाप्त हो जाने के बाद भी लोगों को किया जा रहा है जागरूक

मुंगेर-

परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिले भर में चल रहे मिशन परिवार एवं विकास अभियान के 31 मार्च को समाप्त हो जाने के बाद भी जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं और घर- घर जाकर नवदम्पतियों और अन्य विवाहित महिलाओं और पुरुषों को परिवार नियोजन के महत्व और आवश्यकता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही केयर इंडिया की टीम विभिन्न जिलों में ई. रिक्शा के माध्यम से आरोग्य दिवस के दिन सभी पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्रों पर माइकिंग कर लोगों को परिवार नियोजन के महत्व, जरूरत और साधनों के प्रति जागरूक करने जागरूक कर रही है।
परिवार नियोजन के अस्थाई साधन अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है –
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कम्युनिटी मोबेलाइज़र ( डीसीएम) निखिल राज ने बताया जिले में टोटल फर्टिलिटी रेट (टीएफआर) को 2.0 पर लाने के लिए आवश्यक है कि नव दम्पतियों को परिवार नियोजन के महत्व और जरूरत दोनों के प्रति जागरूक किया जाय। इसके तहत नवदम्पतियों सहित सभी दम्पतियों को सही समय पर बच्चा पैदा करने और दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखने के लिए परिवार नियोजन के अस्थाई साधन अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है| ताकि बच्चों को सही पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर मिल सके। उन्होंने बताया परिवार नियोजन दाम्पत्य जीवन को सपोर्ट करने, पर्यावरण संरक्षण, एचआईवी/ एड्स जैसी बीमारियों को कम करने, गरीबी को कम करने, शिक्षा को बढ़ावा देने, महिलाओं को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य को बेहतर करने के साथ ही मातृत्व स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बहुत ही आवश्यक है।

केयर इंडिया की फैमिली प्लानिंग कोर्डिनेटर ( एफपीसी) तस्नीम रज़ी ने बताया, परिवार नियोजन की राह में अभी भी कई बाधाएं हैं| जैसे लड़की का कम उम्र में शादी होना, दम्पतियों द्वारा परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का कम उपयोग करना, महिलाओं को प्रजनन पर निर्णय का अधिकार नहीं होना, लोगों के मन में परिवार नियोजन के प्रति कई प्रकार की भ्रांतियों का होना और परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता में कमी होना प्रमुख है। उन्होंने बताया, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई. रिक्शा के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन की आवश्यकता के बारे में बताते हुए महिलाओं को दो बच्चों में अंतराल के लिए अस्थाई विधि के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता को बढ़ाने, सही उम्र में शादी और फिर उसके बाद सोच- समझ कर बच्चे की प्लानिंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया , महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग करने के साथ ही यह समझ भी विकसित कराना है कि परिवार नियोजन सुरक्षित है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत कुछ अन्य गतिविधियां भी-
उन्होंने बताया, परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत कुछ अन्य गतिविधियां भी चल रही हैं जैसे ,
– फिक्स डे सर्विसेज
– आदर्श दम्पति योजना
– गर्भ निरोधक साधन का वितरण
– नई पहल किट का वितरण
– सास बहू सम्मेलन
परिवार नियोजन के प्रति दम्पतियों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘आशा टेक अवे’ के नाम से एक कार्यक्रम चलाया जा रहा है । इसके तहत घर- घर जाकर आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सेविका केयर इंडिया की टीम के साथ नवदम्पतियों सहित अन्य दम्पत्तियों से मिलकर दो बच्चों में अंतर रखने के लिए परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए जागरूक कर रही हैं । इसके साथ ही इनलोगों के द्वारा परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रैली भी निकाली जाती है। उन्होंने बताया, सभी आरोग्य दिवस के दिन सभी पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा कार्यकर्ता सामूहिक रूप से महिलाओं को परिवार नियोजन के महत्व और जरूरत के साथ ही इसके लिए अस्थाई साधनों के इस्तेमाल के प्रति भी जागरूक कर रही हैं । इस कार्यक्रम के तहत दम्पतियों को बास्केट ऑफ च्वाइस की भी जानकारी दी जाती है| जिसमें महिलाओं के लिए महिला बंध्याकरण, कॉपर टी, माला एन, ईसी – पिल, अंतरा गर्भनिरोधक गोली और छाया साप्ताहिक गोली के साथ ही पुरुषों के लिए पुरुष नसबंदी और कंडोम के इस्तेमाल करने की जानकारी दी जाती है।

जिले के 20 सत्र स्थलों पर चल रहा कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान

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– 45 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके शिक्षकों, जीविका कर्मियों समेत सभी लोगों को दिया जा रहा है टीका

– चौथा चरण शुरू होते ही वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार में आई तेजी

लखीसराय-

कोविड-19 संक्रमण से बचने एवं इस वैश्विक महामारी से स्थाई निजात पाने के लिए पूरे जिले में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस अभियान को पूरा करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से कटिबद्ध है । ताकि हर हाल में इस वैश्विक महामारी से पूरे समाज को स्थाई निजात मिल सके। वहीं, जिले में 20 सत्र स्थल (सेशन साइट) पर वैक्सीनेशन अभियान को चलाया जा रहा है। सभी सेशन साइट पर वैक्सीनेशन अभियान का चौथा चरण भी शुरू हो चुका है। जिसके तहत 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को टीका दिया जा रहा है।

शिक्षकों एवं उनके माता-पिता तथा पेंशनरों व जीविका दीदियों को दी जा रही है वैक्सीन :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, सभी सेटरों पर 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को टीका दिया जा रहा है। सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार 45 वर्ष की आयु पूरा करने वाले शिक्षकों एवं उनके माता-पिता तथा पेंशनरों को भी टीका दिया जा रहा है। इसके अलावा जीविका दीदियों को भी टीका दिया जा रहा है।
रजिस्ट्रेशन के बाद दिया जा रहा है टीका :-
जिले के सभी सेशन साइट पर निःशुल्क रजिस्ट्रेशन की सुविधा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी है। जहाँ आधार कार्ड के द्वारा विभाग द्वारा जारी कोविन-एप पर योग्य व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन कर टीका दिया जा रहा है। इसलिए, वैक्सीन लेने वाले सभी इच्छुक व्यक्ति आधार कार्ड के साथ के वैक्सीनेशन सेंटर पर आयें । ताकि कोविड-19 संकर्मण से बचने के लिए वैक्सीन जरूर ले सकें ।

– चौथा चरण शुरू होते ही तेज हुआ वैक्सीनेशन अभियान:-
वैक्सीनेशन अभियान का चौथा चरण शुरू होते ही जिले के सभी सेशन साइट पर लोगों की भीड़ दिखने लगी है। साथ ही वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार में भी इजाफा हुआ है। जो सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

– वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार और हो तेज, इसके लिए लोगों को किया जा रहा है जागरूक :-
वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार और तेज हो, इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। ताकि सामाजिक स्तर पर लोगों में वैक्सीन के प्रति जागरूकता आ सके और शत-प्रतिशत योग्य व्यक्तियों का वैक्सीनेशन हो सके। इससे ना सिर्फ वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार तेज होगी। बल्कि, सामाजिक स्तर पर लोग भी इस वैश्विक महामारी से सुरक्षित होंगे।

– कोविड-19 से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन जरूरी :-
जिला सिविल सर्जन सह मुख्य चिकत्सा पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र चौधरी ने बतया कोविड-19 संक्रमण से स्थाई निजात के लिए सबसे बेहतर और आसान उपाय वैक्सीन ही है। इसलिए, सभी योग्य व्यक्ति अपनी बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। इतना ही नहीं, वैक्सीनेशन के बाद भी स्थाई निजात के लिए एहतियात जारी रखें। तभी इस वैश्विक महामारी से स्थाई निजात मिलेगी।
वैक्सीन के साथ इन मानकों का भी करें पालन
– लक्षण महसूस होने या दूसरे प्रदेशों से आने पर निश्चित रूप से कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें, गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अफवाहों से रहें दूर रहें, बेहिचक वैक्सीनेशन कराएं।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

टीएमबीयू के छात्रावास को किया जाएगा सैनिटाइज,तापमान की भी होगी जांच

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शहर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उठाया कदम

पुरुष और महिला छात्रावास में कोरोना की गाइडलाइन का कराया जाएगा पालन

भागलपुर, 2 अप्रैल

जिले में कोरोना के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई चल रही है. एक तरफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं, तो वहीं दूसरे विभाग भी इसमें पीछे नहीं है. अब तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) भी कोरोना को लेकर गंभीर हो गया है. कॉलेजों और कार्यालयों में तो कोरोना को लेकर सतर्कता बढ़ती ही जा रही है, अब छात्रावास में भी कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जाएगी.

अब छात्रावास को सेनीटाइज किया जाएगा. साथ ही आने वाले हर छात्रा के तापमान की भी जांच होगी. डीएसडब्ल्यू रामप्रवेश सिंह ने बताया छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर है. कॉलेजों और कार्यालयों में तो छात्रों और शिक्षकों से कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाया ही जा रहा है. अब छात्रावास में भी कोरोना को लेकर सख्ती की जाएगी.

डीएसडब्ल्यू ने कहा कि छात्रों को एक दूसरे के बीच 2 गज की दूरी बनाकर रखने को कहा जाएगा. साथ में अनिवार्य तौर पर मास्क लगाने को भी कहा जाएगा. इसके अलावा छात्रावास में भीड़भाड़ लगाने पर मनाही होगी. छात्रावास में कोरोना की गाइडलाइन का पालन हो, इसे लेकर वार्डन को निर्देश दे दिया गया है. वार्डन को हर हाल में छात्र छात्राओं से कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराने का निर्देश दिया गया है.

होली की छुट्टी मना कर लौटने वाले छात्रों पर रहेगी नजर: डीएसडब्ल्यू ने बताया होली की छुट्टी में घर गए छात्र जब वापस आएंगे तो उनकी जांच कराई जाएगी. यह ध्यान रखा जाएगा कि कहीं उनसे दूसरों में संक्रमण नहीं हो, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन व्यवस्था कर रहा है. छात्र छात्राओं को हर हाल में कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रखने के तरीके अपनाए जाएंगे.

स्कूलों में भी रखी जा रही है सतर्कता: दूसरी तरफ जिले के स्कूलों में भी कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जा रही है. गुरुवार से आठवीं तक के स्कूल भी खुल गए हैं. इसके पहले 9वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूल चल रहे थे. सभी स्कूलों में सतर्कता बरती जा रही है. छात्र मास्क पहनकर आ रहे हैं और 2 गज की दूरी का पालन कर रहे हैं. एक दिन में 50% छात्रों को ही बुलाया जा रहा है.

राज्य टीकौ​षधि भंडार को दिये गये 2 रैफ्रिजेटेड वैक्सीन वैन

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बीएमजीएफ की वित्तीय सहायता से पाथ द्वारा दिया गया वैन

वैक्सीन की आपूर्ति प्रबंधन व भंडारण की सुविधा पर अधिक ध्यान

पटना: राज्य में कोविड संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. 45 वर्ष आयुवर्ग व इससे अधिक उम्र के सभी लोगों सहित गंभीर रोग से ग्रसित लोगों के टीकाकरण कार्य रफ्तार में है. वहीं राज्य में कोविड संक्रमण की पूरी तरह रोकथाम के लिए प्रतिदिन होने वाली आरटीपीसीआर जांच की संख्या को भी बढ़ाया गया है. रेलवे व बस स्टैंड सहित संक्रमण प्रभावित इलाकों में जांच के माध्यम से संक्रमण प्रभावितों का पता लगाने का काम किया जा रहा है. वहीं कोविड टीकाकरण को लेकर आवश्यक ​वैक्सीनों की भी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया है.

टीका के आपूर्ति प्रबंधन व भंडारण पर जोर:
पर्याप्त वैक्सीन की आपूर्ति प्रबंधन व भंडारण को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा इस बात पर जोर दिया गया है कि एक सफल टीकाकरण अभियान के लिए उच्च गुणवत्ता वाले आपूर्ति प्रबंधन और भंडारण की सुविधा होना महत्वपूर्ण है. इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के प्रागंण में गुरुवार को कार्यपालक निदेशक की अध्यक्षता में राज्य टीकौ​षधि भंडार को कोविड 19 महामारी के समय में पाथ संस्था द्वारा बिल एंड मिलिंडा गेट्स फांउडेशन की वित्तीय सहायता के माध्यम से 2 रेफ्रिजेटैड वैक्सीन वैन तथा केयर इंडिया बिहार द्वार वैक्सिन वैन प्रदान किया गया. इस वैक्सिन वैन के माध्यम से राज्य स्तर से जिला स्तर तक वैक्सिन का परिवहन निर्धारित तापमान में सुरक्षित तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा. कोविड 19 महामारी के साथ साथ ये वैन बिहार के लोगों को टीके द्वारा रोके जाने वाले रोगों से बचाने की दिशा में आगे ले जाने में अहम योगदान देगी.

इस कार्यक्रम के दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, उपसचिव सह प्रशासी पदाधिकारी राजेश कुमार, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी पोलियो एवं प्रतिरक्षण रामरतन, सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ एसपी विनायक, राज्य स्वास्थ्य समिति के वरीय परामर्शी खालिद अरशद पाथ संस्था से डॉ सत्यब्रत राउत्रे तथा वरीय परियोजना प्रशासक राकेश कुमार व पाथ के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे

कोरोना के मरीज जिस मोहल्ले में मिल रहे,वहां के लोगों की भी हो रही जांच

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शहरी क्षेत्र में कोरोना के अधिक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हुआ गंभीर

कोरोना जांच करने को लेकर शहर के कई मोहल्लों में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय

भागलपुर 2 अप्रैल

जिले में एक तरफ जहां कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है, वहीँ उसकी रोकथाम को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की तैयारी काफी तेज गति से चल रही है. इसी क्रम में शुक्रवार को शहर के कई मोहल्लों में गाड़ियां भेजकर लोगों की कोरोना जांच की गई. कई गाड़ियों में सवार होकर स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के मोहल्लों में घूमी और वहां पर लोगों की कोरोना जांच की.

सिविल सर्जन डॉक्टर उमेश कुमार शर्मा ने बताया जिस घर में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, उस घर के सभी सदस्यों एवं आसपास के लोगों की भी कोरोना जांच की जा रही है. रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने के बाद उस व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है. साथ में दवा भी दी जाती है. स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाता है.

शहरी क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता: सिविल सर्जन ने बताया कोरोना के अधिकांश मरीज अभी शहरी क्षेत्र में मिल रहे हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है. स्टेशन, बस स्टैंड और तिलकामांझी चौक पर जांच शिविर लगाया गया है, जहां पर कोई भी आता-जाता व्यक्ति अपनी जांच करवा सकता है. इसके अलावा शहर के कई मोहल्लों में जा-जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों की कोरोना जांच कर रही है.

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालन: डॉ शर्मा ने बताया कि अभी हर हाल में कोरोना की गाइडलाइन का पालन लोगों को करना चाहिए. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना चाहिए और भीड़भाड़ से बचना चाहिए. बाहर से घर आने पर 20 सेकंड तक हाथ की धुलाई जरूर करें. ऐसा करने से आपको कोरोना के संक्रमण से बचे रहेंगे.

31 नए मरीज मिले: शुक्रवार को जिले में कोरोना के 31 नए मरीज मिले हैं. पिछले 5 दिनों में 100 से अधिक कोरोना के मरीज जिले में मिले हैं. नए मरीजों में अधिकतर शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं. सिविल सर्जन ने बताया कोरोना की रोकथाम को लेकर जिले में जांच की संख्या बढ़ा दी गई है. अभी प्रतिदिन 5000 से अधिक लोगों की जांच हो रही है. जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में अभी कम से कम 150 लोगों की प्रतिदिन जांच की जा रही है.

जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर लगेगा बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का पोस्टर

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– डीपीओ ने जिले के सभी महिला पर्यवेक्षिका के साथ बैठक कर दिए निर्देश, पोस्टर वितरित

खगड़िया-

जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का पोस्टर लगाया जाएगा। इसको लेकर गुरुवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) नीना सिंह ने अपने कार्यालय में जिले के सभी बाल विकास परियोजना कार्यालय में तैनात महिला पर्यवेक्षिका (एल एस) के साथ बैठक की। जिसमें इसे सुनिश्चित करवाने समेत अन्य कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही इस पोस्टर के महत्व एवं उद्देश्य की विस्तृत जानकारी देते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इस संदेश को पहुँचाने के भी निर्देश दिए। बैठक में एनएनएम के जिला समन्वयक अंबुज कुमार समेत एल एस एवं विभाग के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे।

– बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का सन्देश घर-घर पहुँचाया जाएगा:-
आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीना सिंह ने बताया, जिले के सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर इस पोस्टर को लगाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ अभियान का घर-घर संदेश पहुँचाया जा सके। इस अभियान का प्रचार-प्रसार तेज हो, इसके मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, जब ऑगनबाड़ी केंद्रों पर यह पोस्टर लगा रहेगा तो केंद्र पर पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक जब भी केंद्र पर आएँगे तो उन्हें भी पोस्टर के माध्यम से इस संदेश की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा संबंधित केंद्र की सेविका भी उन्हें पोस्टर दिखाकर यह संदेश देंगे। खासकर उन व्यक्तियों को पढ़कर भी सुनाया जाएगा, जो पढ़ने में असमर्थ हैं।

– सभी एल एस के बीच पोस्टर वितरित :-
एनएनएम के जिला समन्वयक राजेश पांडेय ने बताया, बैठक में मौजूद सभी एल एल के बीच पोस्टर वितरण भी किया गया। ताकि वह भी अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी सेविकाओं के बीच समय पर वितरित कर सकें और सभी ऑगनबाड़ी केंद्रों पर पोस्टर लगाने का कार्य सुनिश्चित हो सके। सभी एल एस को इसे सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

– बेटी है तो कल है नारे पर दिया जाएगा बल :-
ऑगनबाड़ी केंद्रों पर पोस्टर लगाने के साथ-साथ लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाकर पोस्टर के संदेश को घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। इस दौरान बेटी है तो कल है नारे पर बल देकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– लक्षण महसूस होने या दूसरे प्रदेशों से आने पर निश्चित रूप से कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें, गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अफवाहों से रहें दूर रहें, बेहिचक वैक्सीनेशन कराएं।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

जिले के सभी 64 सत्र स्थलों पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू

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– कोविड वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीक़े से किया जा रहा रजिस्ट्रेशन
– सभी सत्र स्थलों पर ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की है ब्यवस्था
– सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों व निजी नर्सिंग होम में भी लोगों को दी जा रही है वैक्सीन

मुंगेर, 01 अप्रैल

जिले के सभी 64 सत्र स्थलों (सेशन साइट) पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का कोविड वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो गया। जिला मुख्यालय मुंगेर स्थित सदर अस्पताल, जीएनएम स्कूल कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के अलावा जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उप केंद्र पर गुरुवार से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई।

कोविड वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन के साथ- साथ ऑन स्पॉट भी जारी है रजिस्ट्रेशन :
मुंगेर के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. पंकज सागर ने बताया कोविड वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही जिले के सभी सेशन साइट पर लाभर्थियों के लिए ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा उपलब्ध है।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ निजी नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में भी उपलब्ध है कोविड वैक्सिनेशन की सुविधा :
डॉ. पंकज सागर ने बताया जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा निजी नर्सिंग होम और हॉस्पिटल में भी कोरोना वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध है। बताया सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कोरोना की वैक्सीन लगाई जा रही है|

पहचान के लिए आधार कार्ड भी लाना आवश्यक-
डॉ. पंकज सागर ने बताया वैक्सीनेशन के लिए आने वाले सभी लोगों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड भी लाना आवश्यक है ताकि उसके आधार पर कोविन एप पर लाभुक का मिलान किया जा सके।

कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज लेने के बावजूद भी बरतें ये सावधानी :
– कोरोना संक्रमण के बीच कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके सभी लोग अभी भी अपने- अपने घरों से निकलने पर अनिवार्य रूप से मास्क, रुमाल या गमछे से अपने नाक और मुंह को ढकें ताकि नाक और मुंह से निकलने वाले ड्रॉपलेटस के जरिये फैलने वाले संक्रमण को रोका जा सके।

– सभी लोग घर से बाहर भीड़- भाड़ वाले स्थान पर जाने की स्थिति में अनिवार्य रूप से शारीरिक दूरी के नियम के तहत एक- दूसरे से दो गज य छह फीट की दूरी बरतें।

– सभी लोग एक निश्चित अंतराल के बाद अपने हाथों को कि साफ- सफाई के लिए साबून या हैंड सैनिटाइजर की छोटी डिब्बी रखें ताकि हाथों को साफ रखकर कोरोना के संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सके।

लखीसराय के सूर्यगढ़ा बाजार निवासी एंकर सह कमेंट्रेटर ने कहा – पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन

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कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग की पहल सराहनीय, लोगों के सहयोग की भी जरूरत
– सभी लोगों को लेनी चाहिए वैक्सीन और दूसरों को भी करना चाहिए प्रेरित

लखीसराय, 01 अप्रैल| “कोविड-19 संक्रमण वायरस को पूरी तरह जड़ से मिटाने एवं इसके बचाव व पूरे राज्य में बढ़ते संक्रमण पर रोकथाम के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही आवश्यक पहल व उपाय सराहनीय है। किन्तु, इसके अलावा इस वैश्विक महामारी के संक्रमण पर रोकथाम के लिए आमलोगों का भी सामाजिक सकारात्मक सहयोग बेहद जरूरी है। क्योंकि, यह तभी सफल होगा, जब सामाजिक स्तर पर लोग इसके लिए आगे आकर सहयोग करेंगे।” यह कहना है लखीसराय के सूर्यगढ़ा बाजार निवासी एंकर सह कमेंट्रेटर पूर्णेंदू शेखर का है। उन्होंने कहा, इस वैश्विक महामारी के संक्रमण को जड़ से मिटाने एवं लोगों को इससे स्थाई निजात दिलाने के लिए सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कटिबद्ध और सजग है। साथ ही इसको लेकर लगातार आवश्यक पहल व उपाय भी किये जा रहे हैं , जो सराहनीय है। किन्तु, इसके साथ सामाजिक स्तर पर आम लोगों के सकारात्मक सहयोग की भी जरूरत है। क्योंकि, जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति में इसके लिए सकारात्मक बदलाव होगा। तभी सामुदायिक स्तर पर भी बदलाव आएगा और इस वैश्विक महामारी को मात देने में कामयाबी मिलेगी।

– सुरक्षा के सभी मापदंडों को परखने के बाद ही दिया जा रहा है टीका :-
एंकर सह कमेंट्रेटर पूर्णेंदू शेखर ने कहा, सुरक्षा के सभी मापदंडों को परखने के बाद ही वैक्सीन तैयार की गई और फिर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करायी गयी है। वैक्सीनेशन के दौरान भी सुरक्षा के हर मानकों का ख्याल रखा जाता है। इसलिए, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। वैक्सीन के प्रति किसी प्रकार का भ्रम ना पालें। बल्कि, बारी आने पर बेहिचक वैक्सीन लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। ताकि अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो जाये । क्योंकि, इस वैश्विक महामारी से बचाव के साथ स्थाई निजात के लिए वैक्सीन ही जरूरी है।

– वैक्सीनेशन के बाद भी बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन जारी रखें :-
उन्होंने बताया , इस वैश्विक महामारी के संक्रमण पर रोकथाम, इससे बचाव एवं स्थाई निजात के लिए स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वैक्सीनेशन के बाद भी बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन जारी रखना चाहिए। क्योंकि, अभी सभी लोगों को वैक्सीन नहीं दी गयी है और ना ही संक्रमण खत्म हुआ है। इसलिए, सभी लोगों को बचाव से संबंधित गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। क्योंकि, वैक्सीन लेने के तुरंत बाद कोविड-19 का खतरा खत्म नहीं हो जाएगा। इसलिए, एहतियात जारी रखना जरूरी है ।

– दूसरे प्रदेशों से आने एवं लक्षण महसूस होने पर करानी चाहिए कोविड-19 जाँच :-
पूर्णेंदू शेखर ने कहा, सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को सकारात्मक सहयोग के लिए खासकर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों के साथ उनलोगों को भी कोविड-19 जाँच करानी चाहिए, जिन्हें कोविड-19 से संबंधित लक्षण महसूस हो रहे हैं । ताकि संक्रमण के दायरे को बढ़ावा नहीं मिल सके और खुद के साथ-साथ पूरा परिवार व समाज भी सुरक्षित रहे ।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– लक्षण महसूस होने या दूसरे प्रदेशों से आने पर निश्चित रूप से कोविड-19 जाँच कराएं।
– बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
– बासी और बाहरी खाना खाने से परहेज करें, गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अफवाहों से रहें दूर रहें, बेहिचक वैक्सीनेशन कराएं।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के 7 केंद्रों पर 520 लाभुकों को पड़े कोरोना के टीके

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बांका, 1 अप्रैल
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 7 टीकाकरण केंद्रों पर गुरुवार को 520 लाभुकों को कोरोना के टीके लगाए गए. 30 मिनट तक निगरानी के बाद सभी लाभुकों को टीकाकरण केंद्र से घर जाने के लिए छोड़ दिया गया. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी केंद्रों पर बड़ी संख्या में लाभुक टीका लेने के लिए पहुंच रहे हैं.

प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि टीकाकरण अभियान काफी तेज गति से चल रही है. बड़ी संख्या में टीका लेने के लिए लोग आ रहे हैं. गुरुवार से 45 साल से अधिक उम्रवाले लोगों को भी कोरोना का टीका दिया गया. पहले सिर्फ 45 साल से अधिक उम्र वाले उन लोगों को टीका दिया जाता है जो भी गंभीर रूप से बीमार होते थे, लेकिन अब 45 साल से अधिक उम्र वाले किसी भी व्यक्ति को टीका दिया जाएगा. इस वजह से भी लाभुकों की संख्या बढ़ रही है.

कोर्ट परिसर में 100 लोगों को पड़े टीके:
डॉ चौधरी ने बताया कि गुरुवार को कोर्ट परिसर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से शिविर लगाया गया था, जिसमें एक सौ लाभुकों ने कोरोना के टीके लिए. टीका लेने वालों में जिला जज श्री बलराम दुबे प्रमुख थे. इनके अलावा कई वकीलों ने भी कोरोना के टीके लिए| उन्होंने बताया शनिवार को भी कोर्ट परिसर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से टीकाकरण को लेकर शिविर लगाया जाएगा.

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया है आसान: डॉ चौधरी ने बताया सभी टीकाकरण केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान है. इस वजह से भी बड़ी संख्या में लाभुक आ रहे हैं. जो लोग खुद से रजिस्ट्रेशन नहीं किए होते हैं, उनका केंद्र पर मौजूद डाटा ऑपरेटर रजिस्ट्रेशन कर देते हैं. उन्हें अपने साथ पैन कार्ड और आधार कार्ड लाना होता है.

कोरोना की गाइडलाइन का कराया जा रहा पालन: डॉ चौधरी ने बताया कि सभी टीकाकरण केंद्रों पर कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराया जाता है. लाभुक और स्वास्थ्यकर्मी मास्क लगाए रहते हैं और सामाजिक दूरी का पालन करते हैं. सभी एक दूसरे से 2 गज की दूरी पर बैठते हैं. इसके अलावा सैनिटाइजेशन की व्यवस्था केंद्र पर रहती है.

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।

टीकाकरण केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का कराया जा रहा पालन

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लाभुक और स्वास्थ्यकर्मी सामाजिक दूरी बनाए रखते हैं
टीकाकरण केंद्र पर सभी लोग मास्क पहने हुए रहते हैं

भागलपुर, 1 अप्रैल
कोरोना की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान रफ्तार में है. जांच के साथ टीकाकरण भी जोर-शोर से चल रहा है. गुरुवार से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीका देने का काम भी शुरू हो गया. इसके पहले स्वास्थ्यकर्मियों फ्रंटलाइन वर्करों, गंभीर रूप से बीमारों और बुजुर्गों को भी टीका दिया जा रहा था. अब 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ-साथ पहले के चरण में छूटे हुए लाभुकों को भी कोरोना का टीका दिया जा रहा है. वहीं टीका लेने के बाद जिनका 28 दिन पूरा हो गया है, उन्हें बूस्टर डोज भी दिया जा रहा है. इन सब के मद्देनजर टीकाकरण केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण केंद्रों पर सख्ती से कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाया जा रहा है.

कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हैं सभी
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी ने बताया टीकाकरण केंद्रों पर पहले से ही बेहतर व्यवस्था की गई है. कोरोना की गाइडलाइन का पालन किया जाता रहा है| टीका लेने और देने वाले सभी लोग मास्क पहने रहते हैं. सभी सामाजिक दूरी का पालन करते हैं. साथ ही वहां पर मौजूद अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हैं.

टीकाकरण अभियान पकड़ने लगा है जोर: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया टीकाकरण अभियान में तेजी आई है. टीका लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. जैसे-जैसे टीका लेने वाले लोग अधिक होते जा रहे हैं, वैसे- वैसे आमलोगों का कोरोना के टीका के प्रति भरोसा बढ़ता जा रहा है.

पूरी तरह से सुरक्षित है कोरोना का टीका: डॉ चौधरी ने बताया कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. इससे किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. जिले में काफी दिनों से टीकाकरण अभियान चल रहा है. अभी तक कोई भी समस्या सामने नहीं आयी है. इसलिए लोग बेफिक्र होकर टीका लेने के लिए केंद्र पर पहुंचे.

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन,-
– एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
– सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें।
– अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं।
– आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
– छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें।