बॉलीवुड के कई सेलिब्रेटिज़ के बाद एक्टर एजाज खान हुए गिरफ्तार

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New delhi: ड्रग्स की बात सुनते ही हमारे ज़हन में कुछ आए या ना लेकिन सुशांत सिंह मर्डर केस से जुड़े कुछ तस्विरें सबसे पहले आती हैं कैसे एक के बाद एक बॉलीवुड में किस तरह ड्रग्स माफिया का सफाया हुआ था. बॉलीवुड और ड्रग्स का संबंध कोई नई बात नहीं हैं बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक ड्रग्स माफिया छुपे बैठे हैं और एक-एक कर एनसीबी इन ड्रग पेडलरस का सफाया करते नज़र आ रहें हैंImage

आज सुबह एजाज को गिरफ्तार किया गया

एनसीबी की कार्रवाई लगातार ड्रग्स केस में जारी है. ड्रग्स केस में ड्रग पेडलर शादाब बटाटा की गिरफ्तारी के बाद बीती रात एक्टर एजाज खान का नाम संज्ञान में आया था. जिसके बाद एनसीबी ने एजाज खान को हिरासत में लिया था. अब खबर है कि आज सुबह एजाज को गिरफ्तार हो चुके हैं. एजाज खान इसे पहले कई बार हवालात की हवा खा चुके है और अब इस बार एजाज खान एनसीबी के रडार पर थे और ड्रग्स केस में आज सुबह एजाज को गिरफ्तार किया गया हैं. एजाज खान हमेशा अपने विवादित वयान और कभी लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी को लेकर पुलिस चौकी की चक्कर काटते रहते हैं.Image

आज NDPS कोर्ट में होंगे पेश

एजाज खान को बीती रात राजस्थान से मुंबई लौटने के ठीक बाद एनसीबी ने हिरासत में ले लिया था. NCB ने एजाज खान को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था. अब उनकी गिरफ्तारी के बाद आज एजाज खान को NDPS कोर्ट में पेश किया जाएगा. बॉलीवुड में ड्रग्स रैकेट का खुलासा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के संदिग्ध मौत के बाद हुआ था. इस पूरे रैकेट में कई अभिनेता और अभिनेत्रियों का नाम भी जुड़ा था. अब तक कई ड्रग्स पैडलर्स पकड़े भी गए हैं. फिलहाल एनसीबी इस ड्रग्स रैकेट की जांच कर रही है.

अप्रैल फूल डे क्यों मनाया जाता हैं?

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New delhi: 1 अप्रैल हंसी और ठहाके के इस दिन को सभी लोग बड़े ही उत्साह और मजे में मनाते हैं. दुनिया भर सें हर साल अप्रैल फुल 1 अप्रैल को मनाया जाता है. लोग इस दिन एक दूसरे को अगल-अलग अंदाज में मुर्ख बनाते है और अपने हंसी और ठहाके के इस दिन को खुब आनन्द लेते हैं.

यूरोप में उत्साह के साथ मनाया जाता हैं

दिन को खासकर यूरोपीय देशों में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे के साथ मजाक, प्रेंक और खिंचाई करते हैं। एशियाई देशों में भी अप्रैल फूल मनाया जाता है लेकिन इसे मनाने की परंपरा यूरोप से शुरू हुई थी। लोग इस दिन अपने साथियों और दोस्तों के साथ हल्का मजाक, प्रैंक और बेवकूफ बनाने के खेल खेलते हैं। इस दिन मैसेज और तस्वीरों के माध्यम से दोस्तों और करीबियों को शुभकामनाएं भी देते हैं।

अप्रैल फूल मनाने का कारण

अप्रैल फूल मनाने की संचलन आख़िर कहा से उत्पन्न हुई तो आई जानते है अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत कहां से और कब से हुई जानते हैं फ्रांस में राजा के एक अजीबोगरीब फैसले से अप्रैल फूल मनाने की परंपरा शुरू हुई थी। दअरसल साल 1582 में यूरोप के राजा पॉप ग्रेगरी 13 ने जनता को​ आदेश दिया कि यूरोपियन देश को जूलियन कैलेंडर को छोड़कर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार चलेगा। इससे बहुत बड़ा उल्टफेर हो गया। जनता ही नहीं राजा और प्रशासन के लिए भी नया साल पूरे तीन माह देर से आने लगा।

जापान और जर्मनी प्रैंक डे के रूप में मनाते है

वहां के लोगों को 1 जनवरी को ही नया साल मनाने की आदत थी और इसके चलते लोगो के बीच विरोध प्रदर्शन शुरु हुआ और जनता एक दूसरे के बीच ही राजा का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। लोग एक दूसरे को राजा बताकर उसके साथ प्रैंक करते, और इससे ही अप्रैल फूल मनाने की परंपरा शुरू हो गई। जिसे कई लोगों ने मानने से इंकार कर दिया, लेकिन नया साल एक अप्रैल को मनाया जाने लगा। फ्रांस में अप्रैल फूल डे को फिश डे के नाम से मनाया जाता है। इस दिन बच्चे कागज की मछली बनाकर दूसरे बच्चों की पीठ पर चिपका कर उन्हें बेवकूफ बनाते हैं। जबकि जापान और जर्मनी के लोग इस दिन को प्रैंक डे के रूप में मनाते है।

 

बहन कैटरीना की तरह इसाबेल भी सीख रही हैं हिंदी

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New delhi: फिल्मी दुनिया को बाहर से देखने वाले हर एक आदमी पसंद करता हैं लेकिन बाहर से चौंक चांध से भरे इस फिल्मी दुनिया का सच्चाई हर वह व्यक्ति जानता हैं जो इस इंडस्ट्री के बेहद करिब हैं और यहां सालों से अपने लगन और पूरें मन से अपना काम कर रहा हैं लेकिन कभी-कभी अपनी एक छोटी सी खामियों को लेकर पिछे छुट जाता हैं लेकिन कठिन मेहनत और सम्पूर्ण लगन एक दिन उस व्यक्ति को उसके मुकाम तक पहुंचा कर उस व्यक्ति का असली हक उसे दिला ही देता हैं जो उसका असल में हकदार होता हैं.

कैटरिना को इंडस्ट्री अपनाने में काफी वक्त लगा

इस कहावत का उदहारण देने के लिए वैसे तो फिल्म इंडस्ट्री में काफी लोग हैं लेकिन अपनी बोल्ड अंदाज़ और ख़ूबसूरत को लेकर हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाली कैटरिना कैफ सबसे बड़ी मिसाल के तौर पर हैं. जब कैटरिना कैफ की फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री हुई थी तब कैटरिना ने अपनी ख़ुबसूरती के वजह से इंडस्ट्री में अपना एक अलग ही पहचान बना ली थी लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कैटरिना को यह इंडस्ट्री अपनाने में काफी वक्त लग गया.katrina isabel 1 - समाचार नामा

 कैटरीना का सफर नहीं था असान

कैटरीना कैफ ने भी जब बॉलीवुड में डेब्यू  कर अपना कदम रखा था तो उनकी कमजोर हिंदी के कारण कई लोग ऐसा मानते थे कि कैटरीना का करियर बॉलीवुड में ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगा. हालांकि कैटरीना ने इस बात को समझा और अपनी हिंदी पर काफी काम किया. बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ की बहन इसाबेल कैफ भी अब बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं.बॉलीवुड में अपने पांव जमाने के लिए इसाबेल काफी तैयारियां कर रही हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा मेहनत हिंदी भाषा सीखने के लिए करनी पड़ रही है.

इसाबेल की मुश्किलें बढ़ी

अब कैटरीना की बहन भी यही कर रही हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ” मैं पिछले कुछ समय से इस भाषा को सीखने की कोशिश कर रही हूं.” उन्होंने यह भी कहा, “मैं पहले से बेहतर महसूस कर रही हूं. मुझे उम्मीद है कि मैं हिंदी ठीक तरह से सीखने के अपने टारगेट को जल्द ही पूरा करूंगी.”

शहर विमोचन शृंखला की पहली कड़ी में रास बिहारी की पुस्तकों का हावड़ा में हुआ विमोचन

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31मार्च/हावड़ा: हावड़ा के शरत सदन में नागरिक सचेतन मंच और साप्ताहिक पांचजन्य द्वारा आयोजित “बंगाल- कल और आज” विषय पर  आयोजित संगोष्ठी में पांचजन्य के सम्पादक हितेश शंकर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शांति और विकास के लिए राजनीतिक हिंसा बन्द होनी आवश्यक है। वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी की बंगाल की खूनी राजनीति पर लिखी गई पुस्तकें रक्तांचल-बंगाल की रक्तचरित्र राजनीति, रक्तरंजित बंगाल-लोकसभा चुनाव 2019 और बंगाल-वोटों का खूनी लूटतंत्र  के शहर विमोचन शृंखला की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों में बहुत ही निर्भीकता के साथ तथ्यों को उजागर किया गया गया है। राजनीतिक इतिहास की जानकारी देने के साथ ही राजनीतिक हिंसा के कारणों का उल्लेख किया गया है। 

वोटों के लालच में बाहरी का नारा दिया जा रहा है

श्री शंकर ने कहा कि देश में वाद-विवाद को छोड़कर राष्ट्रभाव जगाने की आवश्यकता है। वन्देमातरम यानी भारतमाता की. जय का मंत्र देने वाले बंगाल की पवित्र भूमि से वोटों के लालच में बाहरी का नारा दिया जा रहा है। आज हमें बंगाल की बेहतरी के लिए संकल्प लेना है।

ममता सरकार में राजनीतिक हिंसा बढ़ रही है

लेखक और पत्रकार रास बिहारी ने पुस्तकों का विवरण देते हुए कहा कि राजनीतिक हिंसा की बड़ी वजह बंगाल में सत्तारूढ़ रहे दलों द्वारा सत्ता पर काबिज होने के लिये माफिया और सिंडिकेट राज को प्रश्रय देना है। सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस की गुटबाजी में बड़ी संख्या में लोगों की हत्या के पीछे वसूली, सिंडिकेट पर कब्जा, ठेके हड़पने आदि के लिये इलाका दखल की होड़ है। उन्होंने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हत्याओं को छिपाने का पहले से सिलसिला चल रहा है। प्रशासन और पुलिस सत्ताधारी दलों के आगे नतमस्तक होकर विरोधी दलों के खिलाफ काम करते हैं। ममता सरकार में राजनीतिक हिंसा तेज़ी से बढ़ी है।

लोगों पर जबरन राजनीतिक विचारधारा थोपी जाती है

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी सुनील सिंह ने कहा कि बंगाल में लोगों पर जबरन राजनीतिक विचारधारा थोपी जाती है। उन्होंने कहा कि रासबिहारी ने पुस्तकों में तमाम तथ्य रखकर बंगाल की रक्तरंजित राजनीति को उजागर किया है। राजनीतिक दवाब के कारण मीडिया में जो सच्चाई सामने नहीं आ पाई थी, वह इन पुस्तकों के माध्यम से सामने आई हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील दौलाई ने की। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब राष्ट्रीय संस्कार बढाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आनंद राणा, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के कोषाध्यक्ष डॉ अरविंद सिंह तथा राष्ट्रीय भाव जगाने वाली पुस्तकों के प्रकाशन के लिये सदैव तत्पर यश पब्लिकेशन के निदेशक जतिन भारद्वाज का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बंगाल में बदलाव की बयार विषय पर साप्ताहिक पांचजन्य के विशेष अंक पर भी चर्चा की गई।

कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान के चौथे चरण की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

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– चौथा चरण में 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को दिया जाएगा टीका
– वैक्सीन लेने को इच्छुक व्यक्तियों का विभाग के एप पर होगा रजिस्ट्रेशन, फिर दिया जाएगा टीका

खगड़िया, 30 मार्च-

अगले माह में चौथे चरण के तहत शुरू होने वाले कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग आवश्यक तैयारी में जुट गया है। इस चरण में 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को टीका दिया जाएगा। ऐसे लोगों को चिह्नित कर सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अभियान शुरू होने के साथ ही इस आयु वर्ग के दायरे वाले बीमार एवं सामान्य सभी लोगों को पिछले चरण की भाँति रजिस्ट्रेशन कर टीका देने का कार्य शुरू हो जाएगा।

– अब बीमार लोगों नहीं देना पड़ेगा मेडिकल रिपोर्ट :-
जिला सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया, तीसरे चरण में 45 वर्ष वाले बीमार लोगों को वैक्सीन लेने के लिए मेडिकल रिपोर्ट देना अनिवार्य था। किन्तु, चौथे चरण के वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के बाद यह अनिवार्यता खत्म हो जाएगी और 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी । चौथे चरण के वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं एवं अभियान शुरू होने के पूर्व ही सारी तैयारियाँ पूरी कर लेने को कहा गया है।

– एप के माध्यम से होगा रजिस्ट्रेशन :-
चौथे चरण के तहत वैक्सीन लेने वाले लोगों का भी विभाग द्वारा जारी एप पर पूर्व की भाँति रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद ही वैक्सीन दी जाएगी । इसके लिए सभी लोगों को आधार कार्ड लेकर वैक्सीनेशन सेंटर पर आना होगा।

– स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक :-
चौथे चरण के वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया जाएगा। ताकि आमलोगों में मन में वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की दुविधा नहीं रहे एवं सभी लोग वैक्सीनेशन कराएं। जिससे कि वैक्सीनेशन अभियान को गति मिल सके और निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा हो सके ।

– जिले में पूरे जोर-शोर के साथ चल रहा है वैक्सीनेशन अभियान :-
वर्तमान में जिले के सभी वैक्सीनेशन सेंटरों पर पूरे जोर-शोर के साथ तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसके तहत 60 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले बुजुर्गों के साथ 45 से 59 वर्ष के बीमार लोगों को टीका दिया जा रहा है। इसके अलावा किसी कारणवश वैक्सीन से वंचित स्वास्थ्य एवं फ्रंटलाइन वर्करों को भी टीका दिया जा रहा है।

– वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार और होगी तेज :-
चौथे चरण के वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के बाद जिले में चल रहे वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार में और तेजी आएगी। जिससे निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा होगा और अधिकाधिक लोगों का वैक्सीनेशन होगा।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– शारीरिक दूरी का हमेशा पालन पालन करें।
– साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– बाहरी और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें।
– अफवाहों से रहें दूर रहें, बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं।

छोटा और सुखी परिवार के लिए परिवार नियोजन आवश्यक

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– मिशन परिवार विकास एवं संचार अभियान के तहत जन जागरूकता को ले आयोजित किए जा रहे हैं कई कार्यक्रम

– परिवार नियोजन के साधन अपनाने से ही मजबूत होगा परिवार का सर्वांगीण विकास

मुंगेर, 30 मार्च 2021 :

हमारे समाज का प्रत्येक परिवार खुशहाल जिंदगी जीने के साथ ही अपने बच्चों को सही शिक्षा और स्तरीय रहन-सहन देने की चाहत रखता है। किन्तु, कुछ परिवारों कि यह हसरत परिवार नियोजन के साधन नहीं अपनाने की वजह से पूरी नहीं हो पाती है। अधिकांश लोगों का परिवार बड़ा होने के कारण वहां बच्चों को अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तो दूर वहां बच्चों का उचित परवरिश भी नहीं हो पाती है। इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को शादी के साथ ही अपने परिवार के लिए जिम्मेदारी भी तय करने की जरूरत है। इसके लिए राज्य सरकार 14 जनवरी से 31 मार्च तक मिशन परिवार विकास एवं संचार अभियान के जरिये परिवार नियोजन के महत्व और जरूरत के बारे में लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। सरकार कि महत्वकांक्षी योजनाओं में शामिल परिवार नियोजन अभियान छोटा और सुखी परिवार के लिए सबसे बेहतर और आसान उपाय है, जिसे अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार के साथ खुशहाल जिंदगी जी सकता है।

– छोटा और खुशहाल परिवार के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरत :-
जिला स्वास्थ्यय समिति के डीसीएम निखिल राज ने बताया छोटा और खुशहाल परिवार के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने की जरूरत है। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक स्तर पर सहयोग जरूरी है। इसलिए जब सामाजिक स्तर पर लोग जागरूक होंगे तभी छोटा और खुशहाल परिवार को बढ़ावा मिल सकेगा और सरकार द्वारा चलाई जा रही मिशन परिवार विकास एवं संचार अभियान सफल हो पाएगी।

– सही उम्र में शादी और शादी के दो वर्ष बाद ही हो पहला बच्चा :-
डीसीएम निखिल राज ने बताया कि छोटा और खुशहाल परिवार के लिए सही उम्र में ही शादी करना आवश्यक है। इसके साथ ही शादी के कम से कम दो वर्ष बाद ही पहला बच्चा और दूसरे बच्चे में कम से कम तीन साल का अंतर होना भी जरूरी है। इससे ना सिर्फ जनसंख्या स्थिरीकरण अभियान सफल होगा बल्कि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ भी रहेंगा । क्योंकि स्वस्थ माँ से ही मजबूत बच्चा संभव है।

परिवार नियोजन अपनाने से मजबूत होगा शारीरिक और आर्थिक विकास :

केयर इंडिया कि फैमिली प्लानिंग कोऑर्डिनेटर तस्नीम रजि ने बताया कि परिवार नियोजन अपनाने से ना सिर्फ छोटा और सुखी परिवार होगा, बल्कि, जहाँ महिलाओं का शारीरिक विकास होगा। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी । इससे बच्चों को उचित परवरिश के साथ अच्छी शिक्षा भी मिल पाएगी और परिवार भी समृद्ध होंगा । इसके साथ ही बच्चे को सर्वांगीण विकास के लिए अच्छा माहौल भी मिलेगा। इससे समाज में भी अच्छा संदेश जाएगा और सामाजिक स्तर पर लोग जागरूक होंगे। इसके अलावा जब बच्चों को उचित परवरिश मिलेगा तो वह मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत होंगे।

वैकल्पिक उपाय भी कारगर :
छोटा और खुशहाल परिवार के लिए सरकार द्वारा की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित और कारगर है और वैकल्पिक उपाय को अपनाने से भी किसी प्रकार की साइड इफेक्ट नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सरकार द्वारा पीएचसी स्तर पर काॅपर – टी, छाया, कंडोम, अंतरा समेत अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसलिए, अगर कोई महिला परिवार नियोजन के स्थायी साधन यानी महिला बंध्याकरण को अपनाना चाहती हों किन्तु उनका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे महिला इन वैकल्पिक व्यवस्था को अपना सकते हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था भी है पूरी तरह सुरक्षित, नहीं है किसी प्रकार का साइड इफेक्ट :
सरकार द्वारा परिवार विकास मिशन के तहत की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित है। इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है। किन्तु, किसी भी प्रकार का वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के पूर्व हर हाल में चिकित्सकों से सलाह लें और चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही अपनाएं। ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

परिवार नियोजन को ले जिले में 14 जनवरी से 31 मार्च तक चल रहा है मिशन परिवार विकास एवं संचार अभियान :
तस्नीम रजि ने बताया वर्तमान में जिले में परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 14 जनवरी से 31 मार्च तक मिशन परिवार विकास एवं संचार अभियान चल रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरोग्य दिवस के दिन ई. रिक्शा के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन के महत्व और आवश्यकता के प्रति जागरूक करने के लिए माइकिंग की जा रही है। इसके साथ ही जिले के सभी पीएचसी में परिवार नियोजन की सारी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। ताकि इच्छुक लोगों को ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े और वह अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर आसानी के साथ ऑपरेशन करा सकें। ऑपरेशन के लिए इच्छुक महिलाओं को अफवाहों से दूर रहना चाहिए और निर्भीक होकर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑपरेशन कराना चाहिए। ऑपरेशन के दौरान अस्पतालों में सुरक्षा के हर मानकों का ख्याल रखा जाता है।

सदर अस्पताल सहित सभी सेशन साइट पर 1अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाई जाएगी कोरोना की वैक्सीन

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– राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के कार्यपालक निदेशक ने सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र जारी कर दिया निर्देश

– सदर अस्पताल लखीसराय सहित जिले के सभी प्रखण्डों में गुरुवार से चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान

लखीसराय , 30 मार्च –
सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सेशन साइट पर 1अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। सदर अस्पताल लखीसराय सहित जिले के सभी अस्पताल और सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गुरुवार से 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य लाभुकों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। इस सम्बंध में राज्य स्वास्थ्य समिति पटना के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को पत्र जारी कर निर्देश जारी किया है।

जिले भर के सभी अस्पताल और पीएचसी पर गुरुवार से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया जाना हैं टीका : लखीसराय के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती ने बताया, कोविड 19 वैश्विक बीमारी से बचाव के लिए 01 मार्च से राज्य के आम नागरिक जिनकी उम्र 01 जनवरी 2022 को 60 वर्ष पूर्ण हो रही है या उससे अधिक हो तथा 45 से 59 वर्ष आयु वर्ग के वैसे नागरिक जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं का कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है।राज्य स्वास्थ्य समिति पटना द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार एक अप्रैल से सदर अस्पताल लखीसराय सहित जिले भर के सभी सत्र स्थल (सेशन साइट) पर 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य लाभुकों का कोरोना वैक्सीनेशन किया जाना है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखण्डों में सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य लाभर्थियों को प्रेरित कर कोरोना टीकाकरण के लिए सेशन साइट पर लाने की अपील की गई है।

45 साल से अधिक उम्र के सभी योग्य लाभुकों को अपने साथ लाना है आधार कार्ड :
उन्होंने बताया 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीनेशन के लिए अपने साथ आधार कार्ड सहित अन्य पहचान प्रमाण पत्र लाना है ताकि कोविन 2.0 पर डाटा सत्यापन (वेरिफिकेशन) के दौरान कोई परेशानी न हो।

45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए एक अप्रैल से शुरू रहे टीकाकरण अभियान के तहत व वैक्सीन लेने वाले सभी लोग कोरोना वैक्सीन लेने के साथ ही इन सावधानियों का भी ख्याल रखें :

– घर से बाहर निकलने कि स्थिति में सभी लोग अनिवार्य रूप से अपने नाक और मुंह को ढकने के लिए मास्क, रुमाल,गमछा, दुपट्टा, साड़ी के आँचल या अन्य किसी चीज का इस्तेमाल करें ताकि ड्रॉपलेटस के जरिये फैलने वाले कोरोना संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सके।

– घर जे बाहर भीड़- भाड़ वाले स्थान पर जाने की स्थिति में सभी लोग शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए एक- दूसरे से कम से कम दो गज या छह फीट की दूरी रखें।

– अपने घर से बाहर किसी भी चीज को छूने के बाद सभी लोग साबून या हैंड सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ करें ताकि हाथों के जरिये फैलने वाले कोरोना संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सके।

– कोरोना काल में बेवजह कहीं भी बाहर जाने और खाने- पीने से परहेज बरतें।

– अपने आंख, कान नाक या चेहरे को बेवजह छूने से बचें।

कोरोना न हो जाए बेकाबू, सावधानी आपके हाथ

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सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद है कोरोना जांच की सुविधा

संदेह होने पर निजी सरकारी अस्पताल जाकर कराएं अपनी जांच

भागलपुर, 30 मार्च

जिले में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसे लेकर अब सावधानी बरतने की जरूरत है. अगर अभी सावधानी नहीं बरती गई तो कोरोना की दूसरी लहर गंभीर हो सकती है. शुरुआत में इसे नियंत्रित कर देने से आगे इसका अधिक संक्रमण नहीं हो सकेगा.

सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा ने बताया कोरोना के खिलाफ अभियान को फिर से तेज कर दिया गया है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत शहर में कई जगहों पर कोरोना की जांच हो रही है. इसके अलावा सभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच की सुविधा मौजूद है. अगर किसी व्यक्ति को संदेह हो तो वह तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या फिर जांच शिविर में जाकर अपनी कोरोना जांच जरूर करवा लें.

2 दिनों में मिले दर्जनों मरीज: मालूम हो कि होलिका दहन के दिन भागलपुर में 42 कोरोना मरीज मिलने की पुष्टि हुई है. इसके पहले 27 मार्च को कोरोना के 11 मरीज मिले थे. इस तरह से 2 दिनों में कोरोना के दर्जनों मरीज मिले. इतनी बड़ी संख्या में जिले में 4 महीने बाद मरीज मिले हैं. अब बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है, नहीं तो कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक हो सकती है.

मापदंड को पूरा करने वाले लाभुक टीका लेने के लिए आगे आए: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में कोरोना टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है. इसके अलावा पहले और दूसरे चरण के छूटे हुए स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को भी टीका दिया जा रहा है. वहीं टीका का पहला डोज ले लेने वालों का 28 दिन पूरा हो जाने पर उन्हें बूस्टर डोज भी दिया जा रहा है. इसलिए अगर आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो या फिर 45 से 59 साल के बीच हैं और आप बीमार है तो टीका लेने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. इसके अलावा कल से 45 साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को भी कोरोना का टीका दिया जाएगा.

कोरोना की गाइडलाइन का करें पालन: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि अभी हर हाल में कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें: घर से बाहर कम निकले. अगर निकले तो मास्क जरूर लगा लें. सामाजिक दूरी का पालन करें. एक दूसरे के बीच 2 गज की दूरी बनाकर रखें और बाहर से आने पर 20 सेकंड तक अपने हाथ को जरूर धो लें. ऐसा करने से आप संक्रमण से मुक्त रहेंगे और दूसरे लोग भी बचे रहेंगे.

भाई चारे का संदेश देता होली का पर्व – रिची भार्गव, युवा नेता, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस

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नईदिल्ली-

दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस नेता रिची भार्गव ने देशवासियों को होली पर्व की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व खुशी और सौभाग्य का उत्सव है। जो सभी के जीवन में वास्तविक रंग और आनंद लाता है। रंगों के माध्यम से सभी के बीच की दूरियां मिट जाती है।

रिची भार्गव ने कहा कि यह पर्व भाई चारे का अनूठा संदेश देता है इस पर्व पर हम सारे गिले शिकवे दूर कर उल्लास के साथ मनाते हैं। होली का मूल स्वरूप आपसी प्रेम, मस्ती और हास विलास का है तथा उसका यह रूप प्रांरभ से लेकर अब तक त्यों का त्यों रहा है।

रिची भार्गव ने कहा कि होली का त्योहार आपस में मतभेद भूलकर नई जीवन की शुरुआत के साथ अपने अंदर नई ऊर्जा को भी ले आते हैं। नई ऊर्जा के साथ पूरे मन से अपने कार्य में हम लग जाते हैं।

युवा नेता रिची भार्गव ने कहा कि होली वस्तुत जड़ता को तोड़ता त्योहार है। वह हर तरह की जड़ता के विरोध में है। राजतंत्र की जड़ता हो या समाज तंत्र की जड़ता। वह रूढ़ होती स्थितियों को तरल बनाने का भारतीय रसायन है। यह पर्व भारतीय मानस की स्व उद्भूत सामाजिक समानता है। देशवासियों को होली पर्व की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।

जीवन का सार है फगुआ- सूर्यकांत शुभचितंक, अध्यक्ष, राष्ट्रहित चिंतक मंच

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नईदिल्ली
राष्ट्रहित चिंतक मंच के अध्यक्ष सूर्यकांत शुभचिंतक ने होली पर्व पर देशवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि होली ही ऐसा त्योहार है जो रस्मों और रिवाजों में सिमटा हुआ होने के बावजूद आजादी की अनुभूति देता है। होली पर्व खास संदेश खास मनोभाव देता है। होली मस्ती का भाव लिए पैदा हुआ उत्सव है ऐसा उत्सव जहां मनुष्य किसी वर्जनाओं में बंधना नहीं चाहता।
सूर्यकांत शुभचिंतक ने कहा कि उत्साह से भरा यह त्योहार हमारे लिए एक दूसरे के प्रति स्नेह और निकटता लाती है। इसमें लोग आपस में मिलते हैं, गले लगते हैं और एक दूसरे को रंग और अबीर लगाते हैं। होली हमारे लिए सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव है।
सूर्यकांत शुभचिंतक ने कहा कि होली पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। यह पर्व नई आशा और जोश भर देता है। उन्होंने कहा कि होली खुशी और सौभाग्य का उत्सव है जो सभी के जीवन में वास्तविक रंग और आनंद लाता है। जीवन का सार है फगुआ। राष्ट्रहित चिंतक मंच देशवासियों को महापर्व होली की ढेर साऱी बधाई व शुभकामना देता है।