‘थलाइवा’ एक्टर को दिया जाएगा दादा साहब फाल्के पुरस्कार

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New delhi: हिंदी सिनेमा जगत से लेकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक अपना अलग पहचान बनाने वाले ‘थलाइवा’ अभिनेता रजीकांत को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। रजनिकांत को 71साल के उम्र में 51वें दादा साहब ​फाल्के पुरस्कार के ऐलान के साथ ही रजीनकांत का नाम भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है।

स्टार्स ने दी बधाईयां

इतिहास रचने वाले एक्टर रजनीकांत के इस पुरस्कार के ऐलान से उनके फैंस के बीच एक बड़ी खुशी की लहर दौड़ पड़ी हैं. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रजनीकांत को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने की जानकारी दी है। रजनीकांत को इनती बड़ी उपलब्धि हालिस होने पर सभी स्टार्स उन्हें बधाई दी है।

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प्रकाश जावडेकर ने आज घोषणा की

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज घोषणा की है कि सुपरस्टार रजनीकांत को 51वें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. जावडेकर ने रजनीकांत को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे महान अभिनेताओं में से एक बताया. रजनीकांत को यह अवॉर्ड मिलने पर पीएम मोदी ने भी बधाई दी है.

सुभाष घई ने ​ट्विट कर दी बधाई

‘थलाइवा’ अभिनेता रजीकांत को 51वें दादा साहब ​फाल्के पुरस्कार मिलने के ऐलान के बाद ‘थलाइवा’ को बधाईयां देने की लरी लग गई हैं. बॉलीवुड के लोकप्रिय डायरेक्टर सुभाष घई ने मिलने को लेकर बधाई दी है। डायरेक्टर सुभाष घई ने ​ट्विटर पर ​लिखा, ‘मेरे प्रिय मित्र रजनीकांत आप एक सुपरस्टार होने के साथ ही सुपरमैन जिसके पास विनम्र मन भी है उनको दादा साहब ​फाल्के पुरस्कार के लिए बधाई। आप जैसे प्रतिष्ठित अभिनेता को ये पुस्कार मिलना आने वाली पीढ़ी को वास्तव में प्रेरित करेगा। मुझे ज्यूरी मेंबर होने का सम्मान मिला…।’

सभी एक्ट्रेस को पीछे छोड़ उर्वशी रौतेला ने रचा इतिहास

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मुंबई: बॉलीवुड की हॉट और ख़ूबसूरती की क्वीन उर्वशी रौतेला हमेशा अपनी तिखी अदाओं को लेकर सोशल मिडिया पर चर्चा में बनी रहती हैं. खूबसूरत और ग्लैमरस अदाकार उर्वशी रौतेला कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. पहले तो फिल्मफेयर 2021 के रेड कारपेट लुक को लेकर उर्वशी ने खूब तारीफे बटोरी. इसके बाद एक्ट्रेस फिर खबरों में छा गई हैं.

उर्वशी रौतेला ने रचा इतिहास

दरअसल इस बार जब उर्वशी  ख़बरों की सुर्खियों में छाई हुई हैं तो इसका कारण यह हैं कि बॉलीवुड की यह ग्लैमरस अदाकार उर्वशी रौतेला ने इतिहास रच कर इराक के नंबर 1 पत्रिका IQ के पहली कवर पर अपनी जगह बनी ली हैं. ऐसा पहली बार हुआ है जब इराक ने अपनी नंबर 1 IQ पत्रिका के कवर पर किसी भारतीय एक्ट्रेस को जगह दी है. यही वजह है कि भारत के साथ ही उवर्शी पहली एशियाई कलाकार हैं जिन्होंने यह इतिहास रचा है. उर्वशी ने पत्रिका मैगजीन की फोटो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर कर अपने फैंस को इस बात की खुशख़बरी दी हैं.

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फैंस को किया शुक्रिया

उर्वशी अपने इंस्टाग्राम पर IQ पत्रिका के कवर का फोटो शेयर करते हुए इसके साथ ही एक्ट्रेस ने IQ मैगजीन वाले को शुक्रिया किया. उर्वशी ने लिखा कि हमेशा इस तरह से मुझ पर प्यार बरसाने के लिए इराक आपका धन्यवाद. मैं दिल से अपने सभी फैंस का भी शुक्रिया करती हूं.

बंजारन लुक में नज़र आई एक्ट्रेस

आपको बता दें कि उर्वशी सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव रहती हैं और फिल्मों से ज्यादा वह अपने फोटोशूट को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं. महज इंस्टाग्राम पर उर्वशी की करीब 36 मिलियन फैन फॉलोइंग है. उर्वशी रौतेला  की इराक के पत्रिका पर छपे इस फोटोशूट की बात करें तो फोटो में एक्ट्रेस बंजारन लुक में घोड़े के साथ वॉक करती नजर आ रही हैं. इस लुक में उर्वशी बेहद खूबसूरत और आकर्षक नज़र आ रही हैं.

68 साल की दिग्गज अभिनेत्री ब्लड कैंसर से पिडित

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New delhi: चंडीगढ़ से भाजपा सांसद और बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री किरण खेर मल्टीपल मायलोमा नाम की बीमारी से जूझ रही हैं, जो एक तरह का ब्लड कैंसर है। एक्ट्रेस किरन खेर की उम्र 68 साल की है. किरन खेर एक्ट्रेस का इलाज मुंबई में चल रहा है और अब किरन खेर पहले के अपेक्षा रिकवर हो रही हैं। बुधवार को विशेष रूप से बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किरन खेर के इस बिमारी के बारे से चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष अरुण सूद ने मिडिया को दी। उनके मुताबिक, एक्ट्रेस को यह बीमारी पिछले साल नवंबर में डिटेक्ट हुई थी.

हाथ टूटने के बाद डिटेक्ट हुई बीमारी

एक खबर के मुताबिक अरुण सूद ने बताया कि पिछले साल 11 नवंबर को चंडीगढ़ के घर में किरण खेर की एक हाथ टूट गई थी जिसके बाद यहां के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में मेडिकल टेस्ट कराने के बाद, उन्हें मल्टीपल मायलोमा का पता चला था. ये बीमारी बाएं हाथ और दाहिने कंधे तक फैल गई थी. इस वजह से इलाज के लिए उन्हे 4 दिसंबर को मुंबई जाना पड़ा था.Image

ट्रीटमेंट के बाद रिकवर हो रहीं किरण

सोशल मीडिया पर किरण खेर के पति अनुपम खेर ने अपना आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर उनकी सेहत के बारे में बताया है। मशहूर अभिनाता अनुपम खेर ने बेटे सिकंदर और अपने नाम से जारी स्टेटमेंट में लिखा है, ‘फिलहाल उनका ट्रीटमेंट चल रहा है और हमें पूरा यकीन है कि वे पहले से ज्यादा मजबूती के साथ इससे बाहर आ जाएंगी। हम खुशनसीब हैं कि वे बेहतरीन डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। वे हमेशा फाइटर रही हैं।’ अनुपम ने आगे किरण के लिए दुआ कर रहे फैन्स का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा है कि वे रिकवर हो रही हैं।

किरण की पर्सनल लाइफ

किरण की पर्सनल जिंदगी के बारे में बात करें तो हम आपको बता दें की किरन खेर ने अपनी पहली शादी मुंबई बेस्ड बिजनेसमैन गौतम बैरी से की थी, जिनसे उनका बेटा सिकंदर है। शादी के कई साल बाद में अभिनेता अनुपम खेर और किरन के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने बैरी से तलाक लेकर अनुपम खेर से शादी कर ली। अनुपम और किरण की कोई संतान नहीं है। लेकिन सिकंदर उनके साथ ही रहते हैं और अनुपम उन्हें अपने सगे बेटे की तरह ही प्यार करते हैं।

विकास की प्रतिमूर्ति शीला दीक्षित- रिची भार्गव, युवा नेता, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस

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नईदिल्ली

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस युवा नेता रिची भार्गव ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के जयंती पर याद करते हुए उन्हें सरंधाजलि देते कहा कि दिल्ली का चेहरा बदलने में शीला दीक्षित का अहम रोल है। शीला दीक्षित समन्वयवादी राजनीति ओर विकास का चेहरा रही हैं। दिल्ली में मेट्रो का नेटवर्क का विस्तार हो या फिर बारापूला जैसे बड़े रोड नेटवर्क उन्हीं की देन है. रिची भार्गव ने कहा कि शीला दीक्षित मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थीं। दिल्ली के विकास के लिए उन्होंने अभूतपूर्व कार्यकिए। उनका कार्यकाल दिल्ली में बदलाव का दौर था, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

रिची भार्गव ने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री के तौर पर वे राष्ट्रीय राजधानी के लोगों की निः स्वार्थ भाव से सेवा की। शीला जन नेता थी।

रिची भार्गव ने कहा कि शीला दीक्षित ने दिल्ली की तस्वीर बदल दी। दिल्ली उनके कार्यकाल में तेजी से विकास हुआ। आज उनके द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा हर तरफ होती है। शीला को दिल्ली के विकास के लिए हमेशा याद किया जाता है। उन्होंने सदा ही युवाओं को आगे आने का मार्गदर्शन किया जिसके बाद कई युवा राजनीति में  आगे आए हैं। शीला दीक्षित ऊर्जा वान ओर मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थी.

कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान: चौथे चरण का शुभारंभ आज से, 45वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों का शुरू होगा टीकाकरण

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– जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चल रहा है कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान

खगड़िया, 31 मार्च| जिले में कोविड-19 संक्रमण को पूरी तरह जड़ से खत्म करने के लिए वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार तेज कर दी गई है । इसको लेकर जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, अनुमंडलीय व रेफरल एवं जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में संचालित वैक्सीनेशन सेंटरों पर युद्ध स्तर वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। जिसे गति देने में स्वास्थ्य विभाग भी पूरी कटिबद्ध है। वहीं चौथे चरण के तहत वैक्सीनेशन अभियान का 01 अप्रैल से शुभारंभ हो जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सारी तैयारियाँ पूरी कर ली है । इस चरण में 45 वर्ष एवं इससे अधिक उम्र वाले सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी ।

– वैक्सीन से वंचित कर्मियों को भी दी जा रही है वैक्सीन :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों एवं दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्करों का वैक्सीनेशन किया जाना था। किन्तु, किसी कारण वश जो भी कर्मी उस दौरान वैक्सीन नहीं ले सके उन कर्मियों को भी वैक्सीन दी जा रही है। ताकि एक भी लोग वैक्सीन लेने से वंचित नहीं रह जाएँ । क्योंकि, इस वैश्विक महामारी के संक्रमण का तभी जड़ से खात्मा होगा, जब शत-प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन हो जाएगा। इसके अलावा पहला डोज लेने वाले लाभार्थी को भी 28 दिन पूरा करने पर वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा रही है। दरअसल, कोविड-19 संक्रमण वायरस से स्थाई निजात के लिए वैक्सीन की पूरी डोज जरूरी है।

– हार हाल में निर्धारित समय पर होगा लक्ष्य पूरा :-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान ने बताया जिले में पूरे जोर-शोर के साथ तीसरे चरण का वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। हर हाल में निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा होगा। इसे सुनिश्चित करने को लेकर जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

– वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को किया जा रहा है जागरूक :-
वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जुडीं आशा कार्यकर्ता समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति उत्साह के साथ वैक्सीन करा सकें और अभियान का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो सके ।

– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन जारी रखें :-
वैक्सीन लेने के बाद भी कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक एहतियात जारी रखनी चाहिए। इसके लिए पूर्व की भाँति मास्क का नियमित उपयोग, हमेशा शारीरिक दूरी का पालन समेत अन्य गाइडलाइन का पालन जारी रखें।

– इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :-
– मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
– भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें।
– बाहरी खाना खाने से परहेज करें।
– साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं।
– यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।
– गर्म व ताजा खाना का सेवन करें, बासी खाना से बिलकुल दूर रहें।

अनुपूरक आहार की महता को ले आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविकाओं ने माताओं को किया जागरूक

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– आरोग्य दिवस पर छह माह से अधिक उम्र के छोटे- छोटे बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की मुहिम
– आंगनबाड़ी केंद्रों पर नवजात शिशु की माताओं को छह महीने तक सिर्फ स्तनपान कराने की दी गई सलाह
– पोषण पखवाडा में 16 से 31 मार्च तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रम

मुंगेर, 31 मार्च | कुपोषण को लेकर बुधवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नवजात शिशुओं की माताओं को सेविकाओं ने जागरूक किया| उन्हें छह महीने की उम्र के छोटे- छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मां के स्तनपान के साथ ही अनुपूरक आहार की महता बताई गयी | अनुपूरक आहार के रूप में हल्का भोजन के तौर पर दलिया, खिचड़ी, सूजी का हलवा सहित अन्य पोषक तत्व देने की सलाह दी गयी । नवजात शिशु की माताओं को शिशु के छह महीने की उम्र तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने की सलाह दी गयी । समेकित बाल विकास सेवाएं ( आईसीडीएस ) मुंगेर की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) रेखा कुमारी ने बताया , प्रत्येक सप्ताह के बुधवार और शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका और सहायिका के द्वारा नवजात बच्चों की माताओं को शिशु के छह महीने के होने तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने और और छह महीने की उम्र पूरी कर लेने वाले बच्चों की माताओं को उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए स्तनपान के साथ- साथ अनुपूरक आहार देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह के 19 तारीख को अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया जाता-
उन्होंने बताया प्रत्येक महीने की 19 तारीख को छह महीने की उम्र पूरी करने वाले बच्चों को मां के स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार की शुरुआत कराने के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया, नवजात शिशु के जन्म से लेकर कम से कम छह महीने तक धातृ माताओं को सिर्फ और सिर्फ अपना स्तनपान ही कराना चाहिए। इस दौरन बच्चे को अलग से पानी देने की भी कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि मां के दूध में ही 80 प्रतिशत तक पानी मौजूद रहता है। इसके साथ ही छह महीने तक शिशु के सम्पूर्ण विकास के लिए सभी आवश्यक तत्व भी मां के दूध में ही मौजूद रहता है। बताया छह महीने के बाद ही शिशु को मां के स्तनपान के साथ ही अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए अनुपूरक आहार की आवश्यकता होती है। इसके लिए सभी धातृ माताओं को अपने स्तनपान के साथ ही शिशु को अनुपूरक आहार के रूप में हल्का खाना जैसे दलिया, खिचड़ी, खीर, सूजी का हलवा सहित अन्य खाद्य पदार्थ खिलानी चाहिए।

पोषण पखवाडा के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं विभिन्न कार्यक्रम :
उन्होंने बताया जिले भर में अभी पोषण पखवाड़े के तहत 16 से 31 मार्च तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य स्थानों पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत गृह भृमण के दौरान लोगों से मिलकर उन्हें पोषण के पांच सूत्र जैसे पहले हजार दिन एनीमिया, डायरिया से बचाव, स्वच्छता, हाथों की सफाई और पौष्टिक आहार के बारे में गर्भवती और धातृ महिलाओं को उचित सलाह देकर जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर 16 से 31 मार्च तक प्रत्येक लाभार्थी गर्भवती महिलाओं और 3 से 6 वर्ष तक बच्चों का वजन लेने के साथ ही उचित सलाह दी जा रही है । सभी आगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, महिलाओं एवं समुदाय में रहने वाले लोगों को सामान्य योगाभ्यास के लिए जागरूक करने के साथ ही सभी विद्यालयों में किशोर- किशोरियों के साथ पोषण चर्चा भी की जा रही है ।

उन्होंने बताया घर- घर आंगनबाड़ी ( फंडामेंटल लर्निंग एंड न्यूमेरेसी लिटरेसी) कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर माताओं/ पालन कर्ताओं को नई पहल पाठ्यक्रम के तहत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चों में सीखने के आधारभूत, भाषाई कौशल एवं संख्यात्मक योग्यता को बढ़ावा देने के लिए 16 से 20 मार्च तक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।

बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए समझें अपनी जिम्मेदारी

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– मास्क और शारीरिक दूरी को बनाएँ जरूरत, इस वैश्विक महामारी से खुद व समाज को बचाने का यही है समय

लखीसराय, 31 मार्च | हर दिन कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसलिए, जरूरी है हमें इस माहौल में अपने आप को सुरक्षित रखने की| जरूरी है हम कोविड-19 से सुरक्षा के हर मापदंडों को अपनाकर उसे अपनी दिनचर्या के रूप में ढाल लें। तभी इस लड़ाई में हम अपने साथ–साथ अपने परिवार और अपने समाज को जीत दिलवा सकते हैं। इस बीमारी को भगाने का सबसे कारगर रास्ता शारीरिक दूरी एवं मास्क का उपयोग है | यूँ कहे कि समाज में ,बाजार में या फिर किसी चौक – चौराहे पर कम निकलें और अगर जरूरत पड़ने पर निकलें भी तो अपने से दूरी बना कर रहें ,मास्क का हमेशा इस्तेमाल करें और यही बात हमें अपने अंदर आत्मसात करने की जरूरत है। जब तक हम इस बात को नहीं समझेंगे तब तक इस बीमारी के चक्रव्यूह को तोड़ नहीं पायेंगे ।

शारीरिक दूरी का पालन ही है संक्रमण से बचाव का रास्ता :
जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र चौधरी ने कहा, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सुरक्षा के आवश्यक उपायों में शारीरिक दूरी का पालन ही महत्वपूर्ण है। शारीरिक दूरी के पालन के साथ घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग किया जाना भी अब अनिवार्य हो गया है। इसलिए, यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि ऐसे समय में जब कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है, भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचा जाये। घर से बाहर जाने के दौरान अपने साथ सैनिटाइजर भी रखें। साथ ही सुरक्षा के नियमों में बीस सेकेंड से हाथों की नियमित धुलाई आदि भी जरूरी है।
हर जगह शारीरिक दूरी का शत – प्रतिशत पालन हो-
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, राज्य में लगातार दूसरे प्रदेशों से आ रहे प्रवासियों से ही संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है| इसलिए, हमें इस समय सतर्क रहने की काफी जरूरत है । क्योंकि कोविड-19 संक्रमण आदमी से आदमी में फैलने वाली बीमारी है| इस कारण इस बीमारी से निजात पाने एवं वायरल को फैलने से रोकने के लिए शारीरिक दूरी का पालन एवं मास्क का उपयोग महत्वपूर्ण कड़ी है । घर –गाँव या शहर हो हर जगह शारीरिक दूरी का शत – प्रतिशत पालन हो । साथ ही जो लोग बाहर से आ रहे है वो अपनी पहचान न छुपाएँ क्योंकि आपकी एक गलती आपके परिवार के साथ पूरे गाँव और मुहल्ले को संक्रमण की चपेट में ले सकता है ।

कोरोना से खुद को ऐसे सुरक्षित रखें…..
-दिन भर गर्म पानी का सेवन करें।
– प्रत्येक दिन लगभग 30 मिनट योग एवं प्राणायाम का अभ्यास करें।
– भोजन में हल्दी, जीरा एवं धनिया का प्रयोग अवश्य करें।
– सुबह में एक चम्मच च्यवनप्राश जरूर लें।
– हर्बल टी का इस्तेमाल करें या तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरख एवं मुन्नका का काढ़ा बनाकर दिन में एक से दो बार लें
– 150 मिलीग्राम गर्म दूध में आधी चम्मच हल्दी मिलाकर एक से दो बार सेवन करें

भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग कोरोना जांच और टीकाकरण पर दे रहा जोर

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कोरोना की दूसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग
जिले में अधिक से अधिक लोगों की जांच कराने पर जोर दिया जा रहा जोर

भागलपुर, 31 मार्च
कोरोना की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है. कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर जिले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. होली के मौके पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. इसे लेकर रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक में लोगों की कोरोना जांच हो रही है. वहीं टीकाकरण अभियान भी सफलतापूर्वक चल रहा है.

सिविल सर्जन डॉ उमेश कुमार शर्मा ने बताया कोरोना की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है. जांच में तेजी लाई गई है. सभी सरकारी अस्पतालों के अलावा जगह-जगह पर भी शिविर लगाकर लोगों की कोरोना जांच की जा रही है. जांच की संख्या जितनी बढ़ेगी, कोरोना संक्रमण की रफ्तार उतनी कम होगी. इसलिए लोगों से अपील है कि वह अधिक से अधिक संख्या में जांच कराएं.

जिले में लक्ष्य से 30 प्रतिशत अधिक हो रही कोरोना जांच:
सिविल सर्जन ने बताया जिले में लक्ष्य से अभी 30 प्रतिशत अधिक हो रही है कोरोना जांच. बाहर से आने वाले लोगों को देखते हुए जांच में तेजी लाई गई है. साथ ही कोरोना की दूसरी लहर का असर कम से कम हो, इसलिए भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है. सदर अस्पताल के अलावा पीएचसी, अनुमंडल एवं रेफरल अस्पताल में प्रतिदिन जांच को लेकर लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है.

हर हाल में पहने मास्क:
सिविल सर्जन ने बताया अभी भी लोग बाजारों में बिना मास्क के दिख जा रहे हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए. हर हाल में लोगों को मास्क पहनना चाहिए और सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए. इस तरह की लापरवाही उचित नहीं है. लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. कोरोना पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ आमलोगों की भी सहभागिता जरूरी है.

30 हजार लोग रोज आ रहे हैं टीके लगवाने के लिए: जिले में कोरोना जांच के साथ टीकाकरण अभियान भी सफलतापूर्वक चल रहा है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार चौधरी ने बताया जिले में टीकाकरण को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ता जा रहा है. जितने अधिक लोगों को टीका लगता जा रहा है, उतना ही लोगों का भरोसा भी टीका के प्रति बढ़ता जा रहा है. यही कारण है कि अब टीका लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अभी लगभग 30 हजार लोग टीका लेने के लिए प्रतिदिन आगे आ रहे हैं.

कोर्ट में शिविर लगाकर आज वकीलों को दिए जाएंगे कोरोना के टीके

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45 साल से अधिक उम्र के सभी वकीलों को पड़ेंगे टीके
शिविर में 200 वकीलों और जजों को टीके लगाने का है लक्ष्य

बांका, 31 मार्च
कोरोना के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की तैयारी लगातार तेज होती जा रही है. नई-नई जगहों पर शिविर लगाकर लाभुकों को टीके दिए जा रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार को कोर्ट परिसर में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मी शिविर लगाकर वकीलों और जजों को कोरोना के टीके लगाएंगे.
कोर्ट परिसर में 2 दिन शिविर लगाया जाएगा-
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी ने बताया कोर्ट परिसर में 2 दिन शिविर लगाया जाएगा. गुरुवार को जो शिविर लगेगा उसमें वकील और जज को कोरोना के टीके लगाए जाएंगे. वहीं शनिवार को भी शिविर लगाकर वहां के अन्य कर्मियों को कोरोना के टीके दिए जाएंगे. गुरुवार से 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीके लगाने का काम शुरू हो जाएगा. इस वजह से कोर्ट परिसर में भी 45 साल से अधिक उम्र के लाभुकों को कोरोना के टीके दिए जाएंगे.

10 सदस्यीय स्वास्थ्यकर्मियों की टीम रहेगी मौजूद:
डॉ चौधरी ने बताया कोर्ट परिसर में 10 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम रहेगी, जिसमें डॉक्टर, एएनएम और डाटा ऑपरेटर मौजूद रहेंगे. डाटा ऑपरेटर आने वाले लाभुकों का इंट्री करेंगे, जबकि एएनएम सभी लाभुकों को टीके लगाएंगी. डॉक्टर सभी पर निगरानी रखेंगे. टीके पड़ने के बाद 30 मिनट की निगरानी के बाद सभी लाभुकों को बूस्टर डोज की तिथि बताकर छोड़ दिया जाएगा.

टीकाकरण शिविर के पास लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस रहेगी मौजूद:
डॉ चौधरी ने बताया कोर्ट परिसर में शिविर के पास लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस मौजूद रहेगी. अगर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी होती है तो तत्काल उसे उस एंबुलेंस के जरिए उचित इलाज के लिए पहुंचाया जा सकेगा. उन्होंने कहा इस तरह की कोई समस्या आती नहीं है, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से हमलोग सभी तरह की सुविधा रखते हैं, ताकि किसी भी लाभुकों को कोई परेशानी नहीं हो.

बड़ी संख्या में टीके लगाने के लिए लोग आएं:
डॉ चौधरी ने वकीलों से अपील करते हुए कहा कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. इस टीके को लगाने के बाद आप कोरोना से सुरक्षित रहेंगे. इसके साथ-साथ आपसे दूसरों में भी संक्रमण नहीं होगा. इसलिए अधिक से अधिक संख्या में शिविर में आकर लाभुक टीका लगवाएं.

कोरोना की गाइडलाइन का पालन जरूरी:
डॉ चौधरी ने बताया जब तक सभी लोगों को कोरोना का टीका नहीं लग जाता है, तब तक गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगा लें. भीड़भाड़ से बचे रहें और सामाजिक दूरी का पालन करें. घर से बहुत जरूरत होने पर ही बाहर निकलें. अनावश्यक घरों से निकलने से परहेज करें. साथ में बाहर से आने पर हाथ की धुलाई 20 सेकंड तक अवश्य करें.

लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध महिला ने की आत्महत्या

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New delhi: देश में एक तरफ सरकार बेटियों को उच्च शिक्षा और तमाम कानूनों का प्रबंध और व्यस्था देने की बड़ी-बड़ी बाते कर रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ इन बेटियों को जिस्म के भूखे और नंगे हैवानों और राक्षसों के हाथों ख़ुद को न्यौछावर करना पड़ रहा हैं. लेकिन शिकायत भी कहा करें और किसे करें पुलिस और प्रशासन से जो ख़ुद इंसान के रुप में भेड़िया बन कर पुलिस चौकी में बैठा हैं.Maharashtra 'Lady Singham' found dead, suicide note 'accuses Sr forest  officer' | Maharashtra की 'लेडी सिंघम' Deepali Chavan-Mohite ने खुद को मारी  गोली, 4 पन्नों के सुसाइड नोट में बताई पूरी ...

सरकारी रिवाल्वर से खुद को मारी गोली

महिला रेंज वन अधिकारी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के अमरावती में मेलघाट टाइगर रिजर्व में तैनात आत्महत्या कर ली है. उन्होंने अपने कथित सुसाइड नोट में महिला ने भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट और टॉचर्र का आरोप लगाया. 28 वर्षीय RFO दीपाली चव्हाण-मोहिते  ने गुरुवार की देर रात अपने सर्विस रिवाल्वर से टाइगर रिजर्व के पास हरिसल गांव में अपने सरकारी क्वार्टर में खुद को गोली मार ली और मौके पर ही दम तोड़ दिया.Image

लेडी सिंघम के नाम से थीं प्रसिद्ध

बंदूक के साथ उनका खून से लथपथ शव बाद में रिश्तेदारों और सहयोगियों द्वारा बरामद किया गया. वन माफियाओं के खिलाफ अपनी निडरता के लिए लेडी सिंघम के नाम से प्रसिद्ध एक सख्त अधिकारी, दीपाली के पति राजेश मोहिते चिखलधारा में एक ट्रेजरी ऑफिसर के रूप में पोस्टेड हैं, जब उन्होंने इस घातक कदम को उठाया तो उनकी मां सतारा गई हुई थीं,.

वन विभाग में सदमें का माहौल है

दीपाली के परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को लेने से इनकार कर दिया उनके परिवार वालों का कहना था कि चार पन्नों के सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाने तक वो लोग दीपाली का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. घटना के बाद वन विभाग में सदमें का माहौल है. जिसके बाद पुलिस ने अमरावती पुलिस, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (DCF) शिवकुमार को नागपुर रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया. उस वक्त वे बेंगलुरु के लिए एक ट्रेन में सवार होने के लिए इंतजार कर रहे थे. उन्हें आगे की औपचारिकताओं के लिए अमरावती लाया जा रहा है.Imageन्याय दिलाने वाले ही अन्याय को अंजाम दे रहे

जब किसी लड़की के साथ कुछ गलत होता है या अपने हक की लड़ाई लड़नी होती हैं तो उस लड़की को पुलिस स्टेशन की याद आती हैं और वो वहा न्याय की मांग करने पहुंती हैं और तब पुलिस गलत करने वालों को सजा दे कर उस लड़की को न्याय दिलाते हैं लेकिन जब न्याय दिलाने वाले ही उस अन्याय को अंजाम दे रहे है तो एक लड़की कहां जाएं.