सभी बैंकों का निजीकरण नहीं किया जाएगा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

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New delhi: बैंको के कर्मचारी सोमवार और मंगलवार से लगातार हड़ताल कर रहें हैं. दो सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण के विरोध और कई अन्य मांगों को लेकर बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं. हालांकि निजी बैंकों के कामकाज पर कोई असर नहीं हुआ. इस हड़ताल की वजह से शाखाओं में जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस, लोन मंजूरी जैसे सभी काम बंद रहें. हालांकि एटीएम सेवाएं जारी थी लेकिन ग्राहकों को बैंक से संबंधित अन्य काम काज़ों को करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं.

सभी बैंकों का निजीकरण नहीं होगी

वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में IDBI Bank के अलावा दो अन्य बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में बैंककर्मियों की दो दिन की हड़ताल के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि सरकार पब्लिक सेक्टर के सभी बैंकों का निजीकरण नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ”हमने पब्लिक इंटरप्राइज पॉलिसी की घोषणा की है, जहां हमने चार ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें पब्लिक सेक्टर की उपस्थिति रहेगी। इनमें फाइनेंशियल सेक्टर भी शामिल है. सभी बैंकों का निजीकरण नहीं किया जाएगा.” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन बैंकों का निजीकरण होने की संभावना है, उनके कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी.

कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी

उन्होंने कहा कि ऐसे बैंकों के कर्मचारियों के वेतन, स्केल, पेंशन से जुड़ी सभी चीजों का ख्याल रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन बैंकों का निजीकरण होना है, उनका परिचालन निजीकरण के बाद भी जारी रहेगा और कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जाएगी. वित्त मंत्री का यह बयान काफी महत्व रखता है क्योंकि सार्वजनिक सेक्टर के बैंकों के कर्मचारी पिछले दो दिन से हड़ताल कर रहे हैं. बैंककर्मी पब्लिक सेक्टर के बैंकों के निजीकरण के ऐलान का विरोध कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने IDBI Bank के अलावा दो अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों के प्राइवेटाइजेशन का प्रस्ताव पेश किया था.

बीजेपी के फायर ब्रांड योगी बरसें दीदी पर

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New delhi: चुनावी रैली के दौरान पक्ष-विपक्ष एक दुसरे पर हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ते और ख़ास कर जब बात बंगाल की सियासत कि हो और तृणमूल कांग्रेस बीजेपी जब आमने-सामने हो तो उस वक्त में चुनाव का रुपरेखा तय करना बहुत मुश्किल होता हैं कुछ ऐसा ही देखा गया जब मंगलवार को बंगाल के पुरुलिया में बीजेपी के फायर ब्रांड नेता व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जम कर बरसे.

दीदी पर बरसें योगी

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इस रैली में योगी ने साल 2014 के परिस्तिथी का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि 2014 से पहले लोग मंदिर में जाने से डरते थे, लेकिन अब ममता दीदी भी मंदिर में जाकर चंडी पाठ कर रही हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंदिर में माथा टेक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह बदलाव आया है। रैली में योगी ने कहा कि बंगाल में टीएमसी के गुंडे कानून को नहीं मानते हैं। आगे मुख्यमंत्री ने बंगाल से ममता बनर्जी की विदाई की भी बात कहीं. उन्होंने आगे कहा कि दो मई के बाद टीएमसी की विदाई तय है। योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि टीएमसी के गुंडों को दो मई के बाद चुन-चुन कर सजा दी जाएगी।

मैं कृष्ण और राम की धरती से आया हूं

योगी ने आगे कहा कि मैं कृष्ण और राम की धरती से आया हूं और बंगाल हमेशा से परिवर्तन की धरती रही है। बंगाल ने देश को राष्ट्रगान भी दिया और वंदे मातरम् भी दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अराजकता का दौर अब खत्म होने जा रहा है और भाजपा के आते ही अराजकता को रफा-दफा कर दिया जाएगा। ममता के बाद योगी ने राहुल गांधी को भी नहीं बक्सा. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आदित्यनाथ योगी ने कहा कि राहुल ने भी आजकल मंदिर में जाना शुरू कर दिया है, लेकिन उन्हें मंदिर में बैठना तक नहीं आता। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी भी मंदिर में माथा टेक रहे हैं।

राम को हमारे जीवन से कोई अलग नहीं कर सकता

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  हमारे जीवन से कोई राम को अलग नहीं कर सकता। जो राम से हमें अलग करने का प्रयास करेगा उसे सत्ता से वंचित होना पड़ेगा। ममता दीदी ने राम का विरोध करके तय कर लिया है कि अब बंगाल की जनता उन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी। वे पहले भी ऐसा करती रही हैं।  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस, कम्युनिस्टों, और टीएमसी  ने बंगाल को खोखला बना दिया। बंगाल को कांग्रेस कम्यूनिस्टों और टीएमसी के गुंडों का अड्डा नहीं बनने देना है। टीएमसी सरकार गौ तस्करी करके गौ माता को कटने के लिए पहुंचा देती है। यूपी में हम गौ तस्करी नहीं होने देने हैं और गाय को कटने भी नहीं देने हैं.

‘The Big Bull’ कब और कहां किया जाएगा रिलिज़ जाने पूरी ख़बर

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New delhi: आजकल दर्शकों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलिज़ होने वाली सभी फिल्मों और ख़ास कर वेब सिरिज की काफी बेशब्री से इंतजार रहता हैं. इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अभिषेक बच्चन धमाल मचा रहें हैं. अभिषेक ने पिछले साल ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया था। अमेज़न प्राइम वीडियो की वेब सीरीज़ ब्रीद- इनटू द शैडोज़ में अभिषेक ने लीड रोल निभाया था.Breathe: Into the Shadows: A Netflix Fan Review - ChaaiCoffee

पिछले साल उनकी फ़िल्म लूडो नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी, जिसे अनुराग बसु ने निर्देशित किया था। यह फ़िल्म काफ़ी सराही गयी थी। अब दर्शकों को अभिषेक की आने वाली अगली फ़िल्म द बिग बुल की इंतजार हैं. आपको बता दें कि अभिषेक बच्चन की फ़िल्म द बिग बुल के डिज़्नी प्लस हॉटस्टार पर आने का एलान तो पिछले साल ही हो गया था लेकिन अब इस फिल्म की रिलिज़ डेट की पुष्टि कर दी गयी है।

फ़िल्म के निर्माता अजय देवगन ने सोशल मीडिया के ज़रिए इसकी जानकारी दी। द बिग बुल स्टॉक मार्केट के स्कैम पर आधारित फ़िल्म है।  अजय देवगन ने फ़िल्म का टीज़र शेयर करके लिखा- द बिग बुल पेश है। सभी घोटालों की मां। 19 मार्च क ट्रेलर आ रहा है। फ़िल्म डिज़्नी प्लस हॉटस्टार वीआईपी पर 8 अप्रैल को रिलीज़ होगी। बिग बुल एक बायोग्राफिकल क्राइम-थ्रिलर है जो स्टॉक ब्रोकर हर्षद मेहता के जीवन की घटनाओं पर आधारित है। फ़िल्म में 1980 से 1990 तक 10 साल की अवधि में हर्षद मेहता के आर्थिक अपराधों का लेखाजोखा है।Image

फ़िल्म में अभिषेक बच्चन टाइटल रोल में दिखेंगे, जबकि इलियाना डिक्रूज़ और सोहम शाह अहम किरदार निभा रहे हैं। टीज़र अजय देवगन दे वॉइसओवर से शुरू होता है और फिर द बिग बुल बने अभिषेक बच्चन के किरदार हेमंत शाह की झलकियां नज़र आती हैं। द बिग बुल का निर्देशन कूकी गुलाटी ने किया है। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पिछले साल जून में मल्टीप्लेक्स मूवीज़ के तहत सात बड़ी फ़िल्मों का एलान किया था, जिनमें लक्ष्मी, सड़क 2, लूटकेस, ख़ुदा हाफ़िज़ और दिल बेचारा 2020 में ही रिलीज़ हो गयी थीं। द बिग बुल और भुज- द प्राइड ऑफ़ इंडिया अभी बाक़ी हैं। द बिग बुल की रिलीज़ कन्फ़र्म होने के बाद सिर्फ़ भुज- द प्राइड ऑफ़ इंडिया बची है। द बिग बुल अभिषेक की दूसरी ओटीटी रिलीज़ फ़िल्म है।

कोरोना का बढ़ता मामला बढ़ा रहा लोगों का चिंता

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नई दिल्ली: कोरोना का खतरा एक बार फिर देश में बढ़ गया है देखते ही देखते कोरोना वायरस अपना भयानक रुप पकड़ता नज़र आ रहा हैं. पिछले साल मार्च महिने कि शुरुआत के साथ ही कोरोना का मार लोगों को दहलाना शुरु किया था और फिर इस साल की तुलना अगर हम बिते साल से करें तो ऐसा देखा जा रहा हैं कि कोरोना का खौफ़ देश में फिर से लौट आया हैं. देश में आज यानि मंगलवार को कोविड-19 के 24,492 मामले और 131 मौतें दर्ज हुईं हैं. मामलों की संख्या पिछले दिन की अपेक्षा 1,800 कम रही, लेकिन मौतों की संख्या में 13 की बढ़ोतरी हुई है. Coronavirus: देश में फिर से दर्ज हुए 24 हजार से ज्यादा मामले, संक्रमण की दर भी बढ़ी

कोरोना संक्रमण फिर बढ़ रहा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को देश में कोरोना वायरस के 26,291 मामले दर्ज हुए थे, जो पिछले 85 दिनों में सबसे बड़ा आंकड़ा था. अब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,14,09,831 और मरने वालों की संख्या 1,58,856 हो गई है. वहीं संक्रमण का स्तर 1.55 % से बढ़कर 1.96 हो गया है. इसके अलावा एक ही दिन में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 4,000 बढ़कर 2,23,432 पर पहुंच गई है. इस दौरान 20,191 लोगों के डिस्चार्ज होने के बाद अब तक डिस्चार्ज हुए कुल लोगों की संख्या 1,10,27,543 हो गई है. सोमवार को 8,73,350 कोरोना टेस्ट होने के साथ ही देश में अब तक कुल 22,82,80,763 कोरोना टेस्ट (Corona Test) हो चुके हैं.

इतने लोगों को दी जा चुकी है कोरोना वैक्सीन डोज 

कोविड-19 मामलों की संख्या में अब तक महाराष्ट्र और पंजाब में देखी जाने वाली बढ़ोतरी अब दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी देखी जा रही है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में सम्पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान भी किया गया हैं. इसे देखते हुए केंद्र ने राज्यों से भी सावधानी और सतर्कता बरतने के लिए कहा है जहां अभी स्थिति नियंत्रण में है. बता दें कि 16 जनवरी से सामूहिक टीकाकरण (Corona Vaccination) अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 3,29,47,432 कोरोना वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं.

बाटला हाउस एनकाउंटर मामला : आतंकी आरिज को अदालत ने  फांसी की सजा  सुनाई 

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2008 में नई दिल्ली में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आतंकी आरिज खान को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत आरिफ खान को पहले ही दोषी करार दे चुकी है। 
अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए फांसी की सजा के साथ 11 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम में से दस लाख रुपये बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के परिवार को दिए जाएंगे।
Batla House Encounter: Court Convicts Ariz Khan For Cop's Murder
अदालत ने सोमवार को सजा पर हुई बहस के बाद यह फैसला सुनाया और आरिज खान को समाज के लिए खतरा बताया। सजा पर बहस दोपहर 12:00 बजे से शुरू हुई।
बहस के दौरान पुलिस ने आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आरिज खान को मौत की सजा दिए जाने का अनुरोध किया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि यह सिर्फ हत्या का मामला नहीं है बल्कि न्याय की रक्षा करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या का मामला है। जबकि आरिफ खान के वकील ने मृत्युदंड का विरोध किया। इसके बाद सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने शाम 4:00 बजे के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
8 मार्च को अदालत ने पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या और अन्य अपराधों के लिए आरिज खान को दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा था कि यह साबित होता है कि आरिज खान और उसके साथियों ने पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई और उनकी हत्या की।
CA Ashutosh Soni on Twitter: "Batla House Encounter: Terr0rist Ariz Khan  Found Guilty Of K¡lling Super Cop Mohan Chand Sharma This is the same Batla  House Encounter after which Sonia Gandhi cried
2008 में दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा की हत्या कर दी गई थी। आरिज खान घटनास्थल से भाग निकला था और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आरिज खान को 2018 में नेपाल से गिरफ्तार करके यहां लाया गया था। आरिज खान को देश के विभिन्न हिस्सों में हुए बम धमाकों की साजिश में शामिल बताया जाता है। आरिज खान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। दसवीं तक उसने आजमगढ़ में ही पढ़ाई की। उसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया लेकिन फेल हो गया। आरिज खान के साथ दूसरे आतंकी आतिफ अमीन, असादुल्लाह अख्तर, मिर्जा शादाब बेग, मोहम्मद हाशिम और अजहर भी थे। वे सब भी फेल हो गए थे।

एक बार फिर जरुरतमंदों की अवाज बने सोनू सूद

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New delhi: यदि आप बेरोजगार हैं आपके पास पैसों की बहुत कमी हैं और आप नौकरी की खोज कर रहें हैं तो अब आपके लिए नौकरी पाना बिल्कुल आसान हो गया हैं. बेरोजगारों को नौकरी देने के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद खुशखबरी लेकर आए हैं। जरुरतमंद लोगों की अवाज बन कर हमेशा सोनू सूद साथ खड़ा रहें है और अब लाखों लोगों की सबसे बड़ी जरुरत को ध्यान में रखते हुए मसीहा बन कर सोनू सूद सामने आए हैं.

एक लाख लोगों के लिए नौकरी की व्यवस्था

सोनू सूद ने एक लाख लोगों के लिए रोजगार की खुद सोशल मीडिया पर शेयर की है। सोनू सूद ने नई नौकरी के अवसर लिखते हुए अपने इस महत्वपूर्ण योजना को लोगों से ट्विटर पर शेयर किया है। अभिनेता सोनू सूद ने इस ट्वीट में बताया है कि उन्होंने एक लाख लोगों के लिए नौकरी की व्यवस्था की है। साथ ही इस ट्वीट में उन्होंने यह भी बताया है कि अपने इस काम के जरिए वह अगले 5 साल के अंदर करीब 10 करोड़ लोगों की जिंदगी बदलने की योजना पर काम कर रहे हैं। अब सोनू सूद देश के लाखों लोगों के लिए नौकरी का भी इंतजाम कर रहे हैं। सोनू सूद ऐसे ही लोगों के लिए रोजगार का ऐप लेकर हाजिर हुए हैं। सोनू सूद ने इस बारे में बताते हुए ट्वीट किया है और कहा है-

सोनू सूद के इस कदम की सराहना

इसी के साथ उन्होंने इस ऐप का लिंक शेयर किया है और इसी के साथ उन्होंने मजेदार हैशटैग भी लिखे हैं। इस हैशटैग में अब इंडिया बनेगा कामयाब (#AbIndiaBanegaKaamyaab), गुड वर्कर (#GoodWorker), नौकरी पाना हुआ आसान (#NaukriPaanaHuaAasaan) शामिल हैं। सोनू सूद के इस ट्वीट ने हजारों-लाखों बेरोजगारों के चेहरे पर खुशी ला दी है। लोग जमकर सोनू सूद के इस कदम की सराहना कर रहे हैं और उनका धन्यवाद कर रहे हैं।

लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर तक पहुंचाया

बता दें कि सोनू सूद की तरफ से इससे पहले दावा किया जा चुका है कि अभी तक इस मिशन के जरिए 1 लाख 20 हजार 52 लोगों को नौकरियां दे दी गई हैं और अब 1 लाख लोगों के लिए वह फिर से नया मौका लेकर हाजिर हुए हैं। सोनू सूद हमेशा से जरुरतमंदों के लिए अपना हाथ आगे किया हैं. कोरोना जैसे वैश्विक महामारी में जब लोगों को सबसे ज्यादा अपनों की आवश्यकता रहीं तब सोनू सूद उस कठिन हालात में लोगों को मद्द पहुंचा हैं. कोरोना को लेकर लॉकडाउन में बाहर फंसे लोगों को अपने-अपने घर और गांव तक पहुंचाने के लिए व्यक्तिगत तौर पर मेहनत की है। सोनू सूद ने देश भर में ही नहीं बल्कि विदेशों में फंसे लोगों को भी अपने घर तक पहुंचने में उनकी काफी मदद की।

दिग्गज़ बल्लेबाज़ों का विकेट लेने वाले इस गेंदबाज को एंकर ने किया क्लीन बोल्ड

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New delhi: जसप्रीत बुमराह ने अपने जिन्दगी की नई पारी की शुरुआत की हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज बुम-बुम बुमराह अब शादी के बंधन सें बंध गए हैं. बड़े बड़े बल्लेबाजों को आउट करने वाले इस गेंदबाज को टीवी एंकर संजना गणेशन ने क्लीन बोल्ड कर दिया है. बुमराह और संजना के शादी की खबरें काफी दिनों से चर्चा में थी. इस बात की जानकारी जसप्रीत बुमराह ने दी थी कि इसी हफ्ते वह शादी के बंधन में बंधेंगे।बुमराह और संजना गणेशन।

गुलाबी रंग के पोषाक में नज़र आए बुमराह और संजना 

दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक बूम बूम बुमराह अब बैचलर नहीं हैं। उनका स्टेटस बदल चुका है वह मैरेड मैन बन चुके हैं। बुमराह ने अपने शादी की जानकारी सोशल मीडिया के द्वारा अपने चाहने वालों तक पहुंचाई। उन्होंने शादी की दो तस्वीर शेयर की है। इसमें गुलाबी रंग के शादी के पोशोक में बुमराह और संजना नजर आ रहे हैं। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और टीवी एंकर के शादी की खबरें तब सामने आई थी जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से अपना नाम वापस लिया था। बुमराह ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच से नाम वापस लिया था।जसप्रीत बुमराह के साथ शादी रचाने वाली संजना टीवी एंकर हैं। वे कई मौकों पर बुमराह का इंटरव्यू ले चुकी हैं। फोटो-सोशल मीडिया - Dainik Bhaskar

पिछले साल से संजना के साथ लिंक-अप की बात

हालांकि उन्होंने जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शादी को लेकर छुट्टी मांगी तो इसे बोर्ड की तरफ से राज रखा गया। मीडिया में यह बताया गया कि उन्होंने निजी कारणों से छुट्टी मांगी है। इसके बाद करीबी लोगों से यह खबरें छनकर बाहर आई कि वह शादी करने जा रहे हैं। बुमराह और टीवी एंकर संजना गणेशन की लिंक-अप की कहानी पिछले साल शुरू हुई थी। संजना पिछले साल IPL के एक फैन शो का भी हिस्सा थीं। संजना ने कई मौके पर बुमराह का इंटरव्यू भी लिया था। संजना ने 2012 में सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया।

मिस इंडिया फाइनलिस्ट रह चुकी हैं संजना 

ग्रेजुएशन के बाद संजना ने एक साल तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। वे 2014 में मिस इंडिया फाइनलिस्ट रह चुकी हैं। संजना ने एमटीवी के शो स्प्लिट्सविला के 14वें सीजन में भी हिस्सा लिया था। इस शो में काम करने के बाद संजना ने फैसला किया कि वह एक स्पोर्ट्स एंकर के रूप में अपना करियर बनाना चाहती हैं। संजना IPL के पिछले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के फैन शो का हिस्सा रहीं थीं।

पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए एनयूजे हर संघर्ष को तैयार : रास बिहारी

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दौसा /14 मार्च: नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक रविवार को सम्पन्न हुई। एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रासबिहारी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून, देश के मीडिया संस्थानों पर बढ़ती पाबंदी, कोरोना महामारी से मीडिया संस्थानों पर आर्थिक संकट व पत्रकारों की छंटनी से बढ़ती बेकारी, नए श्रम कानूनों का मीडिया पर प्रभाव, डिजिटल मीडिया पॉलिसी लागू करने, छोटे व मंझोले समाचार पत्रों को विज्ञापन दायरा बढ़ाने, नेशनल रजिस्टर फॉर जर्नलिस्ट्स बनाने, पत्रकारों को वेजबोर्ड का फायदा दिलवाने के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई।

नेशनल रजिस्टर फॉर जर्नलिस्ट्स बनाने का प्रस्ताव पारित किया

एकजुट होकर पत्रकारों करना होगा संघर्ष

रास बिहारी ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र सरकार और राज्यों की सरकारों को ज्ञापन दिए जाएंगे। मिशन पत्रकारिता और अपने हकों के लिये पत्रकारों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। बैठक में पत्रकारिता को बदनाम करने वाले लोगों पर लगाम लगाने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने और फर्जी पत्रकारों को रोकने के लिए नेशनल रजिस्टर फॉर जर्नलिस्ट्स बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में दौसा की सांसद जसकौर मीना, राजस्थान मानवाधिकार आयोग के सदस्य महेश चंद्र शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव प्रसन्ना मोहंती, राष्ट्रीय संगठन सचिव एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आनंद राणा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप तिवारी, जार राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा, महासचिव संजय सैनी, प्रदेश सचिव महेश बालाहेड़ी, दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष राकेश थपलियाल के अलावा देशभर से आये पत्रकारों ने अपने विचार रखे।

हम पिछले कई सालों से संघर्ष कर रहे हैं

एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा, कि आज पत्रकारों के सामने अपने वजूद को बचाये रखने की चुनौती है। पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया आयोग, मीडिया काउंसिल के गठन के लिए हम पिछले कई सालों से संघर्ष कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान अखबारों से हजारों पत्रकारों व डेस्क कर्मचारियों की छंटनी के विरोध में एनयूजेआई ने दिल्ली में तीन विरोध प्रदर्शन हुए। वेतन कटौती, छंटनी, पत्रकारों पर हमले, कोरोनकाल में फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर विरोध किया।

अपने हक के लिए सड़क पर उतरें पत्रकार

पत्रकारों को अपने हक के लिए सड़क पर लड़ाई करनी होगी। अगर हम चुप बैठे रहे तो पत्रकारों व पत्रकारिता को बंधक बनाने का षड्यंत्र कामयाब हो जाएगा। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आनंद राणा ने कहा कि काउंसिल ने पत्रकारों के स्वास्थ्य बीमा एवं डॉक्टरों की तर्ज पर कोरोना योद्धा के तहत आर्थिक मदद एवं सुविधाएं मुहैया करवाने की सिफारिश भारत सरकार और राज्य सरकारों से की है। पत्रकारों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं। पुलिस फर्जी मुकदमे दर्ज करके पत्रकारों को भयभीत कर रही है। ईमानदार व निष्पक्ष पत्रकारों को डराने की कोई भी कोशिश सहन नहीं कि जाएगी।

क्या फिर से होगा एकबार देश लॉक, इन 6 राज्यों में लगा सम्पूर्ण लॉकडाउन

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New delhi: कोरोना वायरस का मामला जिस तेजी के साथ रफ्तार पकड़ता जा रहा हैं उसे देख कर ऐसा अनुमान लगाया जा सकता हैं वो दिन दूर नहीं हैं जब देश में फिर एक बार सम्पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान होगा. पिछले 83 दिनों से हर दिन नए संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वैज्ञानिकों ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण की नई लहर आने की आशंका जताई है।

कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से करना होगा पालन 

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रहीं हैं. भारत में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों से चिंता होना लाजिमी है। हालात की गंभीरता को भांपते हुए वैज्ञानिकों ने कह दिया है कि देश में संक्रमण का कहर एक बार फिर शुरू हो सकता है। इनका कहना है कि इसे रोकने के लिए अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन की खुराक देना होगा और कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।

वीके पॉल ने संक्रमण के मामलों में तेजी को लेकर जाहिर की चिंता

केंद्रीय मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों का आंकड़ा जारी किया है। इस अवधि में नए मामलों की संख्या 24,882 है जो एक दिन पहले 23,285 थी। यह आंकड़ा पिछले 20 दिसंबर के बाद से सबसे अधिक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में 6 राज्यों- महाराष्ट्र, केरल, पंजाब,कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में संक्रमण के नए मामलों में तेजी दर्ज की गई। इन सभी राज्यों में आए मामले देश के कुल मामलों का 85.91 फीसद है। केंद्र ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने इस सप्ताह के शुरुआत में महाराष्ट्र में संक्रमण के मामलों में तेजी को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में वैक्सीनेशन ड्राइव में तेजी लानी होगी।

शताब्दी एक्सप्रेस में लगी भीषण आग से मचा हड़कम्प

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New delhi: नई दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्सप्रेस की एक कोच में हरिद्वार-देहरादून रेलवे ट्रैक पर कांसरो वन रेंज के जंगल में अचानक आग लग गई। आज सुबह दिल्ली से देहरादून के लिए शताब्दी एक्सप्रेस चली थी। जिसमें कुल 12 सवारी डिब्बे थे। जिसमें कुल 316 व्यक्ति सवार थे।Image

 ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित

ट्रेन में आग लगने से हड़कंप मच गया। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को जंगल में ही रोक दिया। तत्काल कोच को खाली कराया गया। इसके साथ ही इस कोच को रेलगाड़ी से अलग कर अन्य डिब्बों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है।Uttarakhand News: Shatabdi Express Train Coach Caught Fire In Dehradun  Photos - दिल्ली से देहरादून आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में लगी भीषण आग,  तस्वीरों में देखें मंजर... - Amar Ujala ...

इमरजेंसी चेन खींचकर लोको पायलट को सूचना दी

शताब्दी एक्सप्रेस जब राजाजी टाइगर रिजर्व की कंसरो रेंज से होकर गुजर रही थी तभी रेलगाड़ी के (सी 5) कोच में अचानक आग लग गई। कोच में मौजूद यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींचकर लोको पायलट को सूचना दी। लोको पायलट में तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रेलगाड़ी को कंसरो रेंज के नजदीक ही रोक दिया।